Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
छत्तीसगढ़ में इन्फ्लुएंजा-एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को प्रदेश में 24 नए मरीजों की पुष्टि हुई। इसके साथ ही वर्तमान में सक्रिय मरीजों की संख्या 108 हो गई है। इनमें 87 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 21 मरीजों का इलाज घर पर चल रहा है। जनवरी 2026 से अब तक प्रदेश में 454 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।
रायपुर में सबसे ज्यादा एक्टिव मरीज
राजधानी रायपुर फिलहाल संक्रमण के लिहाज से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में है। मंगलवार को रायपुर में 8 नए मरीज मिले, जिसके बाद जिले में 38 सक्रिय मरीज हैं। इनमें 36 मरीज अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं, जबकि 2 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। मंगलवार को मिले नए मामलों में राजनांदगांव में 6, बिलासपुर में 5 और रायगढ़ में 3 मरीज शामिल हैं। बालोद और जशपुर में भी एक-एक नया मामला सामने आया। स्वास्थ्य विभाग ने इस दिन 52 नमूनों की जांच की, जिनमें 24 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
इन जिलों में भी मरीजों का इलाज जारी
ताजा सक्रिय मामलों के अनुसार बिलासपुर और राजनांदगांव में 10-10 मरीज हैं। बिलासपुर में 5 मरीज अस्पताल में और 5 घर पर उपचार ले रहे हैं। राजनांदगांव में 6 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 4 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। कोरबा में 8 सक्रिय मरीज हैं और सभी अस्पताल में भर्ती हैं। दुर्ग में 7 सक्रिय मरीजों में से 6 अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। महासमुंद में 7 सक्रिय मरीज हैं, जिनमें 5 अस्पताल में भर्ती हैं। बालोद में 5 सक्रिय मरीजों में से 4 का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
लगातार बढ़ते मामलों पर निगरानी
इससे पहले सितंबर में भी प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी दर्ज की गई थी। 11 सितंबर तक स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के आधार पर कुल संक्रमितों की संख्या 407 और सक्रिय मरीजों की संख्या 138 रिपोर्ट की गई थी, जबकि 12 सितंबर की रिपोर्ट में कुल मामले 416 और सक्रिय मरीज 134 बताए गए। इससे साफ है कि रोजाना नए मामलों और रिकवरी के साथ आंकड़ों में लगातार बदलाव हो रहा है।
लक्षण दिखें तो जांच में देरी न करें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी गई है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा नहीं लेने की अपील भी की गई है।
