Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। प्रदेश में बारिश का दौर अभी पूरी तरह थमा नहीं है और आने वाले दिनों में कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 19 सितंबर के बाद एक नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना है। सिस्टम मजबूत हुआ तो प्रदेश में बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है। फिलहाल मध्य प्रदेश में मौसमी बारिश सामान्य से करीब 6 फीसदी पीछे है।
17 से 19 सितंबर तक पश्चिमी MP में बढ़ेगी गतिविधि
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 17 से 19 सितंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं 18 से 21 सितंबर के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से तेज बारिश की संभावना जताई गई है। IMD के 15 सितंबर के बुलेटिन में पश्चिमी और पूर्वी दोनों मध्य प्रदेश के लिए 15 से 19 सितंबर तक गरज-चमक और आकाशीय बिजली जैसी गतिविधियों की चेतावनी दर्ज की गई है।
अब तक 33 इंच बारिश, सामान्य आंकड़ा 37.3 इंच
मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 33 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि पूरे सीजन का सामान्य औसत करीब 37.3 इंच है। यानी प्रदेश को सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए लगभग 4.3 इंच और बारिश की जरूरत है। अभी तक प्रदेश में सामान्य मौसमी बारिश का करीब 88.5 फीसदी पानी गिर चुका है। अगर 19 सितंबर के बाद बनने वाला सिस्टम प्रभावी रहा और पर्याप्त बारिश हुई, तो प्रदेश मौसमी औसत के करीब पहुंच सकता है। हालांकि किसी नए सिस्टम की ताकत और उससे होने वाली वास्तविक बारिश का आकलन उसके सक्रिय होने के बाद ही ज्यादा स्पष्ट होगा।
18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश में बारिश का वितरण इस बार एक जैसा नहीं रहा है। भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं। वहीं कई जिलों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। अलीराजपुर में सामान्य की आधी बारिश भी नहीं हुई, जबकि निवाड़ी में सामान्य से करीब 49 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है।
जून-जुलाई की कमी ने बिगाड़ा बारिश का आंकड़ा
इस मानसून सीजन में प्रदेश को शुरुआती महीनों में बारिश की कमी का सामना करना पड़ा। जून में सामान्य से करीब 14 फीसदी कम बारिश हुई थी। जुलाई में भी बारिश सामान्य से करीब 13 फीसदी कम रही। अगस्त में बारिश की गतिविधियां बेहतर हुईं, लेकिन शुरुआती कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे सीजन का आंकड़ा अभी सामान्य से नीचे है।
भोपाल में भी गरज-चमक के साथ बारिश के संकेत
राजधानी भोपाल के लिए IMD के 15 सितंबर के स्थानीय पूर्वानुमान में 16 से 20 सितंबर के दौरान आसमान में आंशिक बादल और बारिश या गरज-चमक की संभावना दर्ज की गई है। 17 से 19 सितंबर तक तापमान में मामूली बढ़ोतरी के साथ स्थानीय स्तर पर मौसम बदलने के संकेत हैं। इंदौर में भी IMD के पूर्वानुमान में 18 और 19 सितंबर को गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना दर्ज की गई है।
सितंबर के आखिरी दिनों में शुरू हो सकती है मानसून की विदाई
मध्य प्रदेश में मानसून की आधिकारिक अवधि 30 सितंबर तक मानी जाती है। इस बार प्रदेश से मानसून की विदाई सितंबर के आखिरी दिनों में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में विदाई से पहले बनने वाला कोई प्रभावी सिस्टम प्रदेश के बारिश के आंकड़े को सामान्य के करीब ला सकता है। फिलहाल मौसम विभाग की निगरानी अगले कुछ दिनों में बनने वाली परिस्थितियों पर बनी हुई है।
