Wednesday, September 16, 2026
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अरब सागर में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी नेवी का जहाज: भारत ने पाक हाई कमीशन के अधिकारी को तलब किया; 2011 में भी हुई थी ऐसी घटना

Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली

उत्तर अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोतों के बीच टक्कर की घटना सामने आई है। यह घटना 15 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत के नियमित निगरानी मिशन के दौरान हुई। रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तानी नौसेना का जहाज PNS Hunain तेज गति से भारतीय पोत के करीब आया और उसके बाद दोनों जहाजों की टक्कर हो गई। भारत ने पाकिस्तानी जहाज की गतिविधि को असुरक्षित और गैर-पेशेवर बताया है। घटना में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है। घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को विदेश मंत्रालय में तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया। भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि उसकी सैन्य इकाइयां समुद्र में पर्याप्त सावधानी बरतें और दोनों देशों के बीच लागू समझौतों का पालन करें। साथ ही, इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय चार्ज डी’अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

तेज रफ्तार में भारतीय जहाज के करीब आया पाकिस्तानी पोत

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक भारतीय नौसेना का युद्धपोत उत्तर अरब सागर में नियमित निगरानी गतिविधि पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का जहाज उसके करीब आया। भारतीय पक्ष के अनुसार पाकिस्तानी पोत ने ऐसी दिशा में बदलाव किया, जिससे दोनों जहाजों के बीच दूरी तेजी से कम हुई और टक्कर हो गई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर’ बताया है। हालांकि अभी तक भारत ने भारतीय युद्धपोत का नाम या घटना की सटीक लोकेशन सार्वजनिक नहीं की है।

टक्कर में शामिल जहाज PNS Hunain

मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी जहाज की पहचान PNS Hunain के रूप में हुई है। यह पाकिस्तान नौसेना का Yarmook-class offshore patrol vessel है, जिसका इस्तेमाल समुद्री सुरक्षा, निगरानी और गश्त जैसी गतिविधियों में किया जाता है। रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि घटना के बाद पोत अपने बंदरगाह की दिशा में बढ़ा। भारतीय नौसेना के जिस युद्धपोत से इसकी टक्कर हुई, उसका नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है।

भारत ने 1991 के समझौते का भी हवाला दिया

भारत ने इस घटना के संदर्भ में 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते के अनुच्छेद 10 का उल्लेख किया है। इस समझौते में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों के संचालन से जुड़ी दूरी और सुरक्षा संबंधी व्यवस्था शामिल है। अनुच्छेद 10 के अनुसार दोनों देशों के युद्धपोत और पनडुब्बियां अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक-दूसरे से 3 नॉटिकल मील से कम दूरी पर नहीं आने चाहिए। इसका उद्देश्य समुद्र में दुर्घटना और गलतफहमी की स्थिति को रोकना है। भारत का कहना है कि समुद्र में सैन्य जहाजों की गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन सुरक्षा नियमों और द्विपक्षीय समझौतों के अनुरूप होनी चाहिए।

2011 में भी भिड़े थे INS Godavari और PNS Babur

भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच समुद्र में टक्कर की यह पहली घटना नहीं है। जून 2011 में भारतीय युद्धपोत INS Godavari और पाकिस्तानी युद्धपोत PNS Babur के बीच भी टक्कर/रगड़ की घटना हुई थी। उस समय INS Godavari सोमाली समुद्री लुटेरों से छुड़ाए गए MV Suez से संबंधित एंटी-पायरेसी मिशन पर था। भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार PNS Babur पीछे से तेज गति से INS Godavari के करीब आया और उसके हेलिकॉप्टर डेक की सुरक्षा जाली को मामूली नुकसान पहुंचा। भारत ने इस मामले में पाकिस्तान के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया था। हालांकि 2011 की घटना को लेकर दोनों देशों के दावे अलग-अलग थे। पाकिस्तान ने उस समय आरोप लगाया था कि INS Godavari की गतिविधियों के कारण टक्कर हुई, जबकि भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए PNS Babur की गतिविधियों को सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बताया था।

MV Suez और समुद्री लुटेरों का मामला क्या था?

2011 की घटना उस समय हुई थी जब मिस्र के स्वामित्व वाले MV Suez को सोमाली समुद्री लुटेरों ने बंधक बनाया था। बाद में जहाज को छुड़ाया गया और PNS Babur उसे एस्कॉर्ट कर रहा था। इसी दौरान INS Godavari और PNS Babur के बीच समुद्र में टकराव हुआ। भारत ने उस समय भी 1991 के समझौते के अनुच्छेद 10 और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नेविगेशन सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए पाकिस्तान के सामने विरोध दर्ज कराया था।

इस बार भारत ने पाकिस्तान से क्या कहा?

मौजूदा घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान से स्पष्ट रूप से कहा है कि उसकी नौसैनिक इकाइयों को समुद्र में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए और द्विपक्षीय समझौतों का सम्मान करना चाहिए। भारत ने यह भी कहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। फिलहाल घटना को लेकर पाकिस्तान की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए टक्कर के पूरे घटनाक्रम, दोनों जहाजों की सटीक स्थिति और पाकिस्तानी पोत की गतिविधियों का स्वतंत्र विवरण सामने आने का इंतजार है।

35 साल पुराने समझौते ने फिर खींचा ध्यान

इस घटना के बाद 1991 का भारत-पाकिस्तान सैन्य गतिविधियों से जुड़ा समझौता फिर चर्चा में आ गया है। दोनों देशों के बीच यह व्यवस्था समुद्र, सैन्य अभ्यास और सैन्य गतिविधियों के दौरान गलतफहमी तथा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बनाई गई थी। उत्तर अरब सागर में हुई ताजा टक्कर के बाद भारत का कूटनीतिक विरोध इस बात का संकेत है कि नई दिल्ली इस घटना को केवल सामान्य समुद्री दुर्घटना के रूप में नहीं देख रही, बल्कि नौसैनिक सुरक्षा और द्विपक्षीय समझौतों के संदर्भ में भी उठा रही है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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