Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
भारत में 12 और 13 सितंबर को आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बाद सोशल मीडिया पर कई बड़े नेताओं की तबीयत खराब होने के दावे वायरल हो रहे हैं। इन दावों में सबसे ज्यादा चर्चा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर है। हालांकि, इन दावों के बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने 17 सितंबर को स्पष्ट किया कि BRICS सम्मेलन में शामिल कई विश्व नेताओं के बीमार पड़ने संबंधी सोशल मीडिया पोस्ट फर्जी और भ्रामक हैं। मंत्रालय ने लोगों से ऐसे पोस्ट पर भरोसा या उन्हें आगे प्रसारित नहीं करने की अपील की है।
शी जिनपिंग को लेकर सोशल मीडिया पर क्या दावा?
शी जिनपिंग की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर यह चर्चा तब तेज हुई, जब चीन के असंतुष्ट नेता वांजुन शिए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दावा किया कि BRICS सम्मेलन के दौरान जिनपिंग बेहोश हो गए थे और उन्हें बाद में बीजिंग के अस्पताल ले जाया गया। पोस्ट में गंभीर बीमारी और स्ट्रोक तक का दावा किया गया। हालांकि, इन दावों की किसी विश्वसनीय स्वतंत्र स्रोत या चीन सरकार की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। ‘एक्स’ पर इस पोस्ट के साथ कम्युनिटी नोट भी जोड़ा गया है, जिसमें दावे को तथ्यों से असंगत बताया गया है। इसलिए फिलहाल इसे प्रमाणित स्वास्थ्य समाचार के तौर पर पेश करना उचित नहीं है।
मोदी से मुलाकात के बाद डिनर में नहीं पहुंचे जिनपिंग
शी जिनपिंग ने 12 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS सम्मेलन में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात भी की। दोनों नेताओं के बीच भारत-चीन संबंधों, सीमा पर शांति, व्यापार, बाजार पहुंच और दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद जिनपिंग प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आयोजित गाला डिनर में शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी ने सोशल मीडिया पर अटकलों को और बढ़ा दिया। कुछ रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि जिनपिंग दिनभर के कार्यक्रमों के बाद होटल लौटकर आराम करने गए थे। हालांकि, उनकी गैरमौजूदगी की आधिकारिक वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई थी।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को लेकर भी चर्चा
सोशल मीडिया पर केवल शी जिनपिंग ही नहीं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा को लेकर भी स्वास्थ्य संबंधी चर्चा सामने आई। उनकी ओर से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाने की जानकारी सामने आई थी और उनके कार्यालय ने स्वास्थ्य कारणों का उल्लेख किया था। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने BRICS नेताओं के सामूहिक रूप से बीमार पड़ने संबंधी सोशल मीडिया दावों को फर्जी और दुर्भावनापूर्ण पोस्ट बताया है। इसलिए अलग-अलग नेताओं से जुड़ी वास्तविक स्वास्थ्य सूचनाओं और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे सामूहिक दावों को एक ही बात मानना सही नहीं होगा।
क्या BRICS समिट के बाद किसी बड़े नेता के बीमार पड़ने की पुष्टि हुई?
फिलहाल ऐसी कोई विश्वसनीय आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, जिससे यह साबित हो कि BRICS सम्मेलन में शामिल कई नेताओं की तबीयत सम्मेलन के कारण खराब हुई। विदेश मंत्रालय ने भी ऐसे दावों को खारिज किया है। विशेष रूप से शी जिनपिंग को लेकर वायरल हो रहे स्ट्रोक या बेहोश होने के दावे की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन दावों को तथ्य के रूप में प्रकाशित करने के बजाय उन्हें ‘अपुष्ट सोशल मीडिया दावा’ कहना अधिक उचित है।
BRICS सम्मेलन में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात क्यों रही अहम?
BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की बैठक भारत-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए और संबंधों को पारस्परिक सम्मान, पारस्परिक संवेदनशीलता और पारस्परिक हित के आधार पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता को भी दोनों देशों के संबंधों के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
BRICS सम्मेलन का बड़ा संदेश
नई दिल्ली में हुए BRICS सम्मेलन की घोषणा में सदस्य देशों ने राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक एवं वित्तीय तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। सम्मेलन की थीम ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ रही।
