Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से मध्य प्रदेश में ग्रामीण आबादी की संपत्तियों को कानूनी रूप से सुरक्षित करने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर से ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ का प्रदेशव्यापी शुभारंभ करेंगे। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर बने मकान, दुकान और अन्य निजी संपत्तियों के अधिकारों को औपचारिक दस्तावेज के रूप में दर्ज कराना है।
क्या है ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख योजना’?
ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर रहने वाले कई परिवारों के पास अपनी संपत्ति से जुड़े ऐसे दस्तावेज नहीं होते, जिनके आधार पर उसका पंजीकृत कानूनी स्वामित्व स्पष्ट हो सके। स्वामित्व योजना के तहत आधुनिक तकनीक और ड्रोन सर्वे के जरिए ग्रामीण आबादी क्षेत्रों की संपत्तियों के अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। अब सरकार इन तैयार अधिकार अभिलेखों को डीड ऑफ कन्वेयंस के निष्पादन और पंजीयन के जरिए अधिक औपचारिक कानूनी दस्तावेज का रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर रही है।
सबसे बड़ी बात—रजिस्ट्री के लिए नहीं देना होगा शुल्क
योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पात्र लाभार्थियों को अधिकार अभिलेखों के पंजीयन के लिए स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं देना होगा। इस पूरी प्रक्रिया का वित्तीय भार मध्य प्रदेश सरकार उठाएगी। इसके लिए करीब 3,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यानी जिन ग्रामीण निजी संपत्तियों का पंजीयन इस अभियान के तहत किया जाएगा, उनके लिए लाभार्थियों पर सामान्य रजिस्ट्री शुल्क का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
कितनी संपत्तियों को मिलेगा लाभ?
सरकार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। इनमें 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं। इन्हीं निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों के नि:शुल्क पंजीयन को अभियान के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार की योजना के तहत करीब 50 लाख निजी संपत्तियों को पंजीयन का लाभ देने की बात कही गई है।
किन्हें मिलेगा फायदा?
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से उन ग्रामीण परिवारों को मिलेगा, जिनकी संपत्ति ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित है और जिनके अधिकार अभिलेख स्वामित्व योजना के तहत तैयार किए जा चुके हैं। इससे संबंधित परिवारों को अपनी संपत्ति के स्वामित्व का अधिक औपचारिक दस्तावेज मिल सकेगा।
संपत्ति के दस्तावेज मिलने से क्या फायदा होगा?
सरकार की योजना के पीछे एक प्रमुख उद्देश्य यह भी है कि ग्रामीण परिवारों के संपत्ति अधिकार अधिक स्पष्ट और सुरक्षित हों। अधिकार अभिलेख के पंजीयन से संपत्ति से जुड़े लेन-देन और स्वामित्व के प्रमाण को औपचारिक आधार मिलने की उम्मीद है। सरकारी दस्तावेजों और रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि ऐसे दस्तावेजों के आधार पर ग्रामीण परिवारों के लिए बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान हो सकती है। हालांकि, ऋण स्वीकृति संबंधित बैंक की अपनी पात्रता और नियमों पर निर्भर करेगी।

गांव-गांव लगाए जाएंगे पंजीयन शिविर
ग्रामीण लोगों को पंजीयन के लिए दूर स्थित कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाने की व्यवस्था की जा रही है। निर्देशों के अनुसार गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को पंचायत स्तर पर नि:शुल्क रजिस्ट्री से जुड़े शिविर आयोजित करने और रोजाना निर्धारित संख्या में पंजीयन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रक्रिया में पटवारी और राजस्व विभाग के अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य अधिकृत अधिकारियों को पंजीयन प्रक्रिया में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इंदौर से होगा प्रदेशव्यापी शुभारंभ
17 सितंबर को योजना का राज्य स्तरीय कार्यक्रम इंदौर के गांधीनगर क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसके साथ ही ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भी शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में राजस्व विभाग के मंत्री करण सिंह वर्मा, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी प्रस्तावित है।
उज्जैन में 25 लाख दीपों का दीपोत्सव
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन में भी विशेष दीपोत्सव आयोजित किया जा रहा है। शिप्रा नदी के रामघाट सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर करीब 25 लाख दीप जलाने की तैयारी है। सरकारी कार्यक्रमों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उज्जैन में शिप्रा तट पर दीपोत्सव और आरती में भी शामिल होंगे।
17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान भी
मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की तैयारी है। इस दौरान सेवा और जनभागीदारी से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस अभियान को प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से भी जोड़ा है।
आसान भाषा में समझिए योजना
किसके लिए?
ग्रामीण आबादी भूमि पर स्थित पात्र निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेख वाले परिवार।
क्या मिलेगा?
संपत्ति के अधिकार का अधिक औपचारिक और पंजीकृत दस्तावेज।
कितनी संपत्तियां?
करीब 50 लाख निजी संपत्तियों के नि:शुल्क पंजीयन का लक्ष्य।
कितना शुल्क?
लाभार्थियों से स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा।
खर्च कौन उठाएगा?
मध्य प्रदेश सरकार—करीब ₹3,800 करोड़।
शुरुआत कब?
17 सितंबर 2026।
शुरुआत कहां से?
इंदौर।
ग्रामीणों को सुविधा कैसे मिलेगी?
पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों के जरिए।
