Anmol Sandesh News Desk, जमुई/पटना
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद मामला अब राजनीतिक विवाद में भी बदल गया है। विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पुराने बयान को लेकर सरकार से जवाब मांगा है और कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। घटना 19 सितंबर की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, कोचिंग से लौट रहे दो नाबालिगों को रास्ते में लोगों के एक समूह ने रोका और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट व बदसलूकी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपियों की पहचान शुरू की। मामले में POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस कार्रवाई तेज, SIT ने संभाली जांच
मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर संदिग्धों की पहचान की है और गिरफ्तारियां शुरू की हैं। 22 सितंबर की रिपोर्टों के अनुसार मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पुलिस कार्रवाई के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। रिपोर्टों के मुताबिक 120 सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने लोगों से पीड़िता से जुड़े वीडियो को शेयर या दोबारा पोस्ट नहीं करने की अपील की है।
पुराने बयान को लेकर विपक्ष का हमला
घटना के बाद कांग्रेस और आरजेडी नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कुछ महीने पुराने बयान को सोशल मीडिया पर साझा किया। उस समय चौधरी बिहार के उपमुख्यमंत्री थे। रिपोर्टों के मुताबिक, पुराने बयान में उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ऐसी घटना होने पर पद से इस्तीफा देने की बात कही थी। अब विपक्षी नेता उसी बयान का हवाला देकर मुख्यमंत्री से उनके कथन पर जवाब मांग रहे हैं। आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य और कांग्रेस नेताओं ने इसी पुराने बयान को आधार बनाकर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भी जमुई घटना को लेकर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल
जमुई मामले को लेकर राहुल गांधी ने बिहार में लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल उठाया। वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए घटना को लेकर सरकार की जवाबदेही का मुद्दा उठाया। दूसरी ओर, सरकार की ओर से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और जांच जारी होने की बात कही गई है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है और पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने वाली सामग्री को हटाने की अपील की है। फिलहाल पुलिस जांच और आरोपियों की तलाश जारी है, जबकि जमुई की घटना को लेकर बिहार में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
