Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में बीते 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। बस्तर संभाग में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। जगदलपुर में 24 घंटे में 246.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस दौर की सबसे प्रमुख बारिश में शामिल है। IMD के आंकड़ों के मुताबिक 26 सितंबर को जगदलपुर में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि 28 सितंबर से कोई विशेष चेतावनी नहीं है।
जगदलपुर में 246.3 मिमी बारिश, कई इलाकों में भारी बारिश
दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दिया। जगदलपुर में 246.3 मिमी, लोहनडीगुड़ा में 230.5 मिमी, बस्तानार में 221.5 मिमी और तोकापाल में 200.1 मिमी बारिश दर्ज की गई।बस्तर में 192.2 मिमी, बड़े बचेली में 178.2 मिमी, सुकमा के छिंदगढ़ में 147.5 मिमी और सुकमा में 115.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। गरियाबंद के देवभोग में 165.7 मिमी तथा धमतरी में 108 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों में जगदलपुर के लिए 25 सितंबर को भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दर्ज थी। 26 और 27 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।

26 सितंबर को भी बारिश और तेज हवाओं का असर
26 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।
आज प्रदेशभर के स्कूल बंद
लगातार बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 26 सितंबर को प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अवकाश रखने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला राज्यभर में लागू है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों को घर पर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। प्रशासन को भी आदेश का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

CM साय ने कलेक्टरों को किया अलर्ट
मुख्यमंत्री साय ने बारिश और संभावित बाढ़-जलभराव की स्थिति को देखते हुए संबंधित जिला कलेक्टरों को राहत और बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास विशेष निगरानी रखने, जरूरतमंद लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने और खतरा बढ़ने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। राहत दलों को भोजन, पेयजल, दवाइयों और आश्रय जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ तैयार रखने को कहा गया है।

नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील
लगातार बारिश के कारण कई नदियों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ रहा है। आकाशवाणी की रिपोर्ट के मुताबिक इंद्रावती, महानदी और शिवनाथ समेत कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है और कुछ शहरों-कस्बों के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले रास्तों, पुल-पुलियों, तेज बहाव वाले क्षेत्रों और उफनते नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
27 सितंबर के बाद बारिश में कमी के संकेत
मौसम विभाग के उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक 27 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। जगदलपुर के सात दिन के पूर्वानुमान में 28 सितंबर से किसी विशेष मौसम चेतावनी का उल्लेख नहीं है और मौसम अपेक्षाकृत कम सक्रिय रहने का अनुमान है।
