Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्यप्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर बढ़ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक इसी सप्ताह प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। इसकी शुरुआत प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से से होगी। सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग से मानसून लौटेगा। इसके बाद धीरे-धीरे इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से भी मानसून की विदाई होगी।
उज्जैन-ग्वालियर से होगी मानसून की वापसी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून वापसी की रेखा राजस्थान और पंजाब के कई हिस्सों से आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तक पहुंच चुकी है। इसी के चलते प्रदेश में मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार पहले उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश से बारिश का दौर कमजोर होगा। इसके बाद मानसून धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य हिस्सों से पीछे हटेगा। उज्जैन और ग्वालियर के बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में मानसून की वापसी होने की संभावना है।
जाते-जाते 19 जिलों में बूंदाबांदी के आसार
मानसून की विदाई शुरू होने के बावजूद अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। बुधवार को 19 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें बैतूल, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और पन्ना शामिल हैं। वहीं, पश्चिमी मध्यप्रदेश में 30 सितंबर से 5 अक्टूबर तक कोई बड़ा मौसम अलर्ट नहीं है, जबकि पूर्वी मध्यप्रदेश में 30 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधि की संभावना दर्ज की गई है। 1 अक्टूबर से दोनों क्षेत्रों में कोई चेतावनी नहीं है।
भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में तेज धूप
मानसून की सक्रियता कमजोर होने के साथ प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम साफ रहने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई शहरों में दिन के समय धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी महसूस हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 और 2 अक्टूबर को पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है, जबकि अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहेगा। इसके बाद 3 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां लगभग पूरी तरह खत्म होने की संभावना है।
मानसून की विदाई के साथ बदलेगा मौसम
मानसून की वापसी के बाद प्रदेश में आसमान साफ होने और बारिश की गतिविधियों में कमी आने के साथ दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि सुबह और रात के तापमान में बदलाव के कारण मौसम में हल्की ठंडक महसूस होना शुरू हो सकता है। IMD के अनुसार मानसून की वापसी तय करने के लिए केवल बारिश रुकना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि लगातार शुष्क मौसम, निचले स्तर पर एंटी-साइक्लोनिक परिसंचरण और वातावरण में नमी में कमी जैसे कई संकेत देखे जाते हैं।
