Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
CJP Press Conference: दिल्ली में वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने साफ कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दिल्ली तक सीमित प्रदर्शन को देशव्यापी स्तर पर ले जाने की भी बात कही।
‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP नेताओं ने ऐलान किया कि उनका विरोध प्रदर्शन अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में आंदोलन किया जाएगा। सौरव दास ने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने ही नागरिकों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। सौरव दास ने आंदोलनकारियों से पीछे नहीं हटने की बात कहते हुए देशवासियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उनके मुताबिक, जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध जारी रहेगा। हालांकि, ये बयान CJP नेताओं के आरोप और राजनीतिक दावे हैं।
हिरासत के दौरान फोन हैक करने और दस्तावेज प्लांट करने का आरोप
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने हिरासत के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके मोबाइल फोन को अलमारी में रखा गया और फोन हैक किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके फोन में कुछ दस्तावेज प्लांट किए गए। सौरव दास ने इस पूरे घटनाक्रम को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कथित हिरासत में हिंसा और दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
बंगला साहिब गुरुद्वारे को लेकर दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरव दास ने दिल्ली पुलिस पर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी जूते पहनकर बंगला साहिब गुरुद्वारे में दाखिल हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मानवाधिकारों के उल्लंघन और पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप सामने आ रहे हैं, तो संबंधित संस्थाएं क्या कदम उठा रही हैं। सौरव दास ने स्वतंत्र पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया और हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की भूमिका पर सवाल किए।
‘एक व्यक्ति को बचाने के लिए हजारों पुलिसकर्मी तैनात’
CJP प्रवक्ता ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए दिल्ली में करीब 40 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था क्यों की जा रही है। सौरव दास ने आरोप लगाया कि सरकार अपने नागरिकों के विरोध को रोकने के लिए ताकत का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि अब सरकार के जाने का समय आ गया है और आंदोलनकारी पीछे हटने वाले नहीं हैं। ध्यान देने वाली बात है कि पुलिस बल की संख्या और तैनाती के उद्देश्य को लेकर किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी का भी किया जिक्र
CJP नेताओं ने अपने आंदोलन को लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताते हुए उन राजनीतिक नेताओं का आभार जताया, जिनके प्रदर्शन में शामिल होने या समर्थन देने का उन्होंने उल्लेख किया। सौरव दास ने अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी और अन्य नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस संघर्ष को आगे भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने समर्थकों से अपने-अपने क्षेत्रों में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अपील की। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर जनता को एकजुट होना चाहिए।
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने क्या कहा?
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को एकजुट होने से रोकने की कोशिश कर रही है। रत्ना सिंह ने दावा किया कि उन्हें लगातार ट्रैक किया जा रहा था और हिरासत में भी लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेशों को दिल्ली में प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है। हालांकि, किन विशिष्ट आदेशों और कथित उल्लंघनों की बात की जा रही है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना जरूरी है, ताकि इन दावों का स्वतंत्र रूप से आकलन किया जा सके।
हिरासत से रिहाई के बाद आंदोलन तेज करने का ऐलान
CJP नेताओं की रिहाई के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस से साफ है कि संगठन अपने विरोध को आगे बढ़ाने की रणनीति बना रहा है। नेताओं ने देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जारी रखने का ऐलान किया है।
