Anmol Sandesh News Desk, इंदौर
Indore Population Growth 2026: मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में आबादी और शहरी विस्तार तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2011 की जनगणना की तुलना में जिले की अनुमानित आबादी करीब 11.64 लाख बढ़कर 44.40 लाख तक पहुंचने की बात सामने आई है। मकान सूचीकरण के दौरान जुटाए गए आंकड़े शहर के विस्तार और नई आवासीय बस्तियों के विकास की तस्वीर पेश करते हैं। हालांकि, जिले की वास्तविक जनसंख्या की पुष्टि आगामी जनगणना के अंतिम आंकड़ों से ही होगी।
इंदौर में बायपास, सुपर कॉरिडोर, एरोड्रम, बिलावली और शहर के बाहरी इलाकों में नई कॉलोनियों तथा आवासीय परियोजनाओं का विस्तार हुआ है। इसके साथ ही नगर निगम की सीमा के आसपास भी आबादी बढ़ी है। आने वाली जनगणना से यह स्पष्ट होगा कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या का वितरण किस तरह बदला है।
नगर निगम के 22 जोन में करीब 28.67 लाख आबादी
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इंदौर जिले की अनुमानित कुल आबादी 44.40 लाख है। इसमें नगर निगम के 22 जोन में लगभग 28.67 लाख लोग रहते हैं, जबकि निगम सीमा के बाहर की आबादी करीब 15.73 लाख बताई गई है।
इन आंकड़ों के मुताबिक, जिले की लगभग 65 प्रतिशत आबादी नगर निगम क्षेत्र में निवास करती है। इससे इंदौर के शहरी स्वरूप और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती बसाहट का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आबादी बढ़ने के साथ पेयजल, सड़क, सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं, स्कूलों, सीवरेज और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाओं की मांग भी बढ़ती है। ऐसे में जनसंख्या के सही आंकड़े प्रशासन को यह तय करने में मदद कर सकते हैं कि किन इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता से किया जाना चाहिए।
15 साल में मकानों की संख्या लगभग दोगुनी
इंदौर जिले में आवासीय निर्माण का विस्तार भी तेजी से हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2011 में जिले में मकानों की संख्या लगभग 6.49 लाख थी, जो मई 2026 में किए गए मकान सूचीकरण के दौरान बढ़कर करीब 12.70 लाख बताई गई।
इस तरह दर्ज मकानों की संख्या में लगभग 6.21 लाख की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि नए आवासीय क्षेत्रों, कॉलोनियों और शहर की सीमा के आसपास विकसित हुई बसाहट की ओर संकेत करती है।
हालांकि, मकानों की संख्या में बढ़ोतरी और आबादी में वृद्धि एक ही बात नहीं है। खाली मकान, निर्माणाधीन भवन और प्रति परिवार रहने वाले लोगों की संख्या जैसे कारक भी जनगणना के अंतिम आंकड़ों को प्रभावित कर सकते हैं।
पांच नए जोन में 10.49 लाख लोग
नगर निगम के पांच नए जोन में आबादी का विस्तार विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया गया है। इन क्षेत्रों में बायपास, सुपर कॉरिडोर, बिलावली, एरोड्रम और अन्य विकसित होते आवासीय इलाकों में बसाहट बढ़ी है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन पांच जोन की कुल आबादी लगभग 10.49 लाख है।
- जोन-19: करीब 2.47 लाख आबादी
- जोन-13, बिलावली: करीब 2.36 लाख आबादी
- जोन-16, एरोड्रम: करीब 2.05 लाख आबादी
- जोन-21, राजेंद्र नगर-प्रगति नगर: करीब 1.84 लाख आबादी
- जोन-10, साकेत: करीब 1.77 लाख आबादी
इन क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं और नई कॉलोनियों के विस्तार के कारण बुनियादी सुविधाओं की जरूरत बढ़ सकती है। विशेष रूप से सड़कों, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सार्वजनिक परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं की योजना बनाते समय इन इलाकों की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
महू सबसे अधिक आबादी वाली तहसील
जिले की तहसीलों के उपलब्ध आंकड़ों में महू सबसे अधिक आबादी वाली तहसील बताई गई है। यहां करीब 4.42 लाख लोग रहते हैं। इसके बाद देपालपुर, सांवेर और राऊ का स्थान है।
- महू: करीब 4.42 लाख
- देपालपुर: करीब 2.79 लाख
- सांवेर: करीब 2.64 लाख
- राऊ: करीब 1.63 लाख
इन क्षेत्रों में जनसंख्या और आवासीय विकास की स्थिति के अनुसार प्रशासन को सड़क संपर्क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार की जरूरत का आकलन करना होगा।
जनगणना के आंकड़े तय करेंगे विकास की दिशा
जनगणना केवल आबादी की गिनती तक सीमित नहीं होती। इससे परिवारों, आवास, बुनियादी सुविधाओं और जनसंख्या के वितरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जाती है। यह जानकारी सरकारी योजनाओं और भविष्य की विकास रणनीति बनाने में उपयोगी होती है।
इंदौर जैसे तेजी से विस्तार करते शहर के लिए यह आंकड़े खास महत्व रखते हैं। बढ़ती आबादी के अनुसार सार्वजनिक परिवहन, आवास, जलापूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं, स्कूलों और पर्यावरण संरक्षण की योजनाओं को तैयार करना जरूरी होगा।
मकान सूचीकरण से मिले आंकड़े फिलहाल जिले की जनसंख्या वृद्धि और शहरी विस्तार के संकेत दे रहे हैं। लेकिन इंदौर की वास्तविक आबादी, विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के वितरण और पिछले वर्षों में हुए बदलावों की आधिकारिक तस्वीर जनगणना के अंतिम परिणाम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
