Anmol Sandesh News Desk | रायपुर, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में आम जनता की शिकायतों के निराकरण को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री आज महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। दोपहर 3 बजे से होने वाली इस बैठक में प्रदेश के सभी 33 जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। बैठक में शिकायतों के निराकरण की स्थिति, अधिकारियों की कार्यप्रणाली और आम लोगों को मिल रहे समाधान की विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
4 महीने में करीब 2 लाख शिकायतें, अब जवाबदेही तय करने की तैयारी
सीएम हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत 9 जून 2026 को हुई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शुरुआती चार महीनों में इस हेल्पलाइन पर करीब 2 लाख शिकायतें दर्ज की गईं। इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इनमें से कितनी शिकायतों का समाधान हो चुका है और कितने मामले अब भी लंबित हैं। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में शिकायतों के निपटारे की प्रगति के साथ-साथ यह भी देखा जाएगा कि लोगों को वास्तव में राहत मिली है या नहीं। शिकायतों का केवल पोर्टल पर निराकरण दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि समाधान की गुणवत्ता और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि भी महत्वपूर्ण मानी जाएगी।
खराब प्रदर्शन वाले जिलों के कलेक्टरों से हो सकता है जवाब-तलब
बैठक में जिलावार प्रदर्शन की समीक्षा होने की संभावना है। जिन जिलों में शिकायतों का निराकरण धीमा है या बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं, वहां के अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है। मुख्यमंत्री अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दे सकते हैं। बैठक में कलेक्टरों की जिम्मेदारी तय करने, लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने और शिकायतकर्ताओं को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है। हालांकि, संबंधित जिलों के खिलाफ किसी कार्रवाई या फटकार की आधिकारिक पुष्टि बैठक के नतीजों के बाद ही हो सकेगी।
क्या है सीएम हेल्पलाइन 1076?
सीएम हेल्पलाइन 1076 छत्तीसगढ़ सरकार की ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को एक ही मंच पर दर्ज कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं, जिन्हें संबंधित विभाग और अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है। इस व्यवस्था का मकसद सरकारी सेवाओं को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनहितकारी बनाना है। अब मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि शिकायत निवारण व्यवस्था किस स्तर पर काम कर रही है और किन जिलों में सुधार की आवश्यकता है।
जनता को क्या है उम्मीद?
सीएम हेल्पलाइन पर बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज होना बताता है कि नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस व्यवस्था का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में लोगों की अपेक्षा है कि सड़क, बिजली, पानी, राजस्व, स्थानीय प्रशासन और अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे। अब सभी की नजर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस समीक्षा बैठक पर टिकी है। बैठक में लंबित शिकायतों को लेकर क्या निर्देश दिए जाते हैं और जिलों के अधिकारियों की जवाबदेही किस तरह तय होती है, यह आगे की कार्रवाई से स्पष्ट होगा।
