Anmol Sandesh News Desk, मुंबई
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुंबई में वारदात को अंजाम देने के बाद कथित तौर पर फरार हो रहे तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों में दो हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर कोटा पुलिस ने ट्रेन में तलाशी अभियान चलाया और करीब 15 मिनट के भीतर तीनों को पकड़ लिया।
इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंध और अनिल पंडित की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों ने वारदात से पहले टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रखी थी। हालांकि, फायरिंग की पूरी साजिश, आरोपियों की अलग-अलग भूमिका और कथित गैंग कनेक्शन की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कोटा रेलवे स्टेशन पर कैसे पकड़े गए आरोपी?
पुलिस के अनुसार, मुंबई में फायरिंग की घटना के बाद आरोपी शहर से निकल गए थे। उन्हें पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में यात्रा करते हुए कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया। कोटा की एसपी तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, मुंबई पुलिस से आरोपियों के ट्रेन से कोटा पहुंचने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और लगभग 15 मिनट में ट्रेन की तलाशी लेकर तीनों को हिरासत में ले लिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपियों की योजना पहले जयपुर पहुंचने और फिर दिल्ली के रास्ते नेपाल जाने की थी। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के चलते वे अपने कथित भागने के प्लान को पूरा नहीं कर सके। गिरफ्तारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने मामले की आगे की जांच के लिए आरोपियों को अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की।

कौन हैं गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी?
मीडिया रिपोर्टों में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
- ऋतिक कुमार उर्फ रोशन: 22 वर्षीय ऋतिक मूल रूप से बिहार के बेगूसराय का रहने वाला बताया गया है। वह मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके में रहता था और बाइक टैक्सी चलाता था।
- रेहान: 18 वर्षीय रेहान हरियाणा के सोनीपत जिले का निवासी बताया गया है।
- फूल सिंह: तीसरा आरोपी 17 साल का नाबालिग बताया गया है। वह भी हरियाणा के सोनीपत जिले का रहने वाला है।
पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है, ताकि फायरिंग में उनकी वास्तविक भूमिका, हथियारों की उपलब्धता और घटना के पीछे के लोगों का पता लगाया जा सके। नाबालिग आरोपी से संबंधित कानूनी प्रक्रिया किशोर न्याय के प्रावधानों के अनुसार होगी।
लॉरेंस गैंग और अनिल पंडित के कनेक्शन की जांच
इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंधों को लेकर भी चर्चा है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में गैंग से जुड़े लोगों की भूमिका और हमले के पीछे संभावित साजिश की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। आपके दिए गए विवरण में अनिल पंडित द्वारा कथित तौर पर कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने का दावा भी है।
फिलहाल इस दावे को जांच के निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। पुलिस की जांच में यह पता लगाया जाना बाकी है कि कथित कॉन्ट्रैक्ट किसने दिया, आरोपियों को किस उद्देश्य से भेजा गया और इस हमले के पीछे असली वजह क्या थी।
जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर चली थीं गोलियां
फायरिंग की घटना रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई। रिपोर्टों के अनुसार, टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद अपनी कार से निकल रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उनकी BMW कार को निशाना बनाकर गोलीबारी की। शुरुआती जानकारी में करीब पांच राउंड फायरिंग किए जाने की बात सामने आई।
अचानक हुई गोलीबारी से घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। पुलिस को संदेह है कि हमलावरों ने वारदात से पहले अभिनेता की गतिविधियों और उनके आने-जाने के समय की जानकारी जुटाई थी। इस एंगल से भी जांच की जा रही है।

टाइगर को गोली नहीं लगी, हाथ में आई चोट
फायरिंग के दौरान टाइगर श्रॉफ को गोली लगने की पुष्टि सामने नहीं आई है। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, उनके बाएं हाथ में बारूद और कांच के टुकड़ों से चोट आई थी। उनके साथ मौजूद ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुए। घायलों को अस्पताल में उपचार दिया गया।
घटना के बाद टाइगर ने घायल ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। उनकी कार को भी जांच के लिए पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। इस घटना ने फिल्म जगत की हस्तियों की सुरक्षा और मुंबई में संगठित अपराध से जुड़े खतरे को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हमले से पहले रेकी किए जाने का शक
जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्टों में आशंका जताई गई है कि हमलावरों को टाइगर श्रॉफ के रविवार के फुटबॉल रूटीन की जानकारी थी। माना जा रहा है कि उन्होंने अभिनेता के आने-जाने के समय का पता लगाया और उसी के आधार पर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है। हमले में इस्तेमाल की गई बाइक को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, हमलावर बाइक को अंधेरी रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर फरार हुए थे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बाइक कहां से आई थी और घटना के बाद आरोपी किस रास्ते से रेलवे स्टेशन पहुंचे।
महाराष्ट्र सरकार ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले को गंभीर और निंदनीय बताते हुए पुलिस कार्रवाई का भरोसा दिया। वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टाइगर श्रॉफ से मुलाकात कर उन्हें सुरक्षा और सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी गैंग की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक और फिल्म जगत की कई हस्तियों ने भी घटना पर चिंता जताई। नेताओं और फिल्मी हस्तियों की प्रतिक्रियाओं के बीच अब सबसे अहम सवाल यही है कि टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग किसके इशारे पर हुई और इसके पीछे वास्तविक मकसद क्या था।
सलमान खान की सुरक्षा भी चर्चा में
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा बढ़ाए जाने की खबरें भी सामने आईं। कुछ रिपोर्टों में इस घटना को सलमान खान से जुड़े लोगों को दी गई कथित धमकियों से जोड़कर देखा गया है।
हालांकि, दोनों मामलों के बीच संबंध और किसी भी धमकी की प्रामाणिकता की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा किया जाना जरूरी है। पुलिस फिलहाल फायरिंग की साजिश, आरोपियों के संपर्कों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों की पड़ताल कर रही है।
