Anmol Sandesh News Desk | भोपाल/रायपुर
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से देश के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ने, पुल-सड़कें क्षतिग्रस्त होने और जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दोनों राज्यों में अब तक पांच लोगों की मौत हुई है।
चक्रवात के प्रभाव से मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। मौसम में आए बदलाव के कारण कई क्षेत्रों में तापमान गिरने और ठंड बढ़ने के आसार हैं।
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ के 12 और ओडिशा के 16 जिलों में स्कूल बंद रखने की जानकारी दी गई है। वहीं, ओडिशा में करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की बात सामने आई है।
चक्रवात कमजोर पड़ा, लेकिन कई राज्यों में बारिश का खतरा बरकरार
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ मंगलवार देर रात करीब 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। इस दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश होने की जानकारी दी गई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के हवाले से बताया गया है कि चक्रवात कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है। इसके बाद इसके डिप्रेशन और फिर कम दबाव वाले क्षेत्र में कमजोर होने की संभावना जताई गई थी।
हालांकि, किसी चक्रवात के कमजोर पड़ने का मतलब यह नहीं है कि उसका बारिश पर असर तुरंत समाप्त हो जाता है। इसके अवशेषों और नमी के कारण कई क्षेत्रों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।

मध्य प्रदेश: भोपाल-ग्वालियर समेत 12 जिलों में बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में चक्रवात के प्रभाव से कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की जानकारी है। बुधवार को सतना, कटनी और छतरपुर समेत कई इलाकों में बारिश हुई। गुरुवार को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम खराब रहने की आशंका जताई गई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मौसम केंद्र ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बैतूल, हरदा और ग्वालियर समेत 12 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया था।
बारिश के कारण तापमान में गिरावट आ सकती है। सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने की संभावना है। हालांकि, सभी जिलों में तापमान और बारिश का प्रभाव एक जैसा नहीं होगा।
मध्य प्रदेश के लोगों के लिए सलाह:
- घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम का पूर्वानुमान देखें।
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें।
- तेज हवाओं में पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
- जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
राजस्थान: 27 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट, रात का तापमान 10°C तक
राजस्थान में भी मौसम बदलने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 27 जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया था। भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की खबर है।
बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सीकर और फतेहपुर में रात का तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का उल्लेख किया गया है।
मौसम में इस बदलाव से सुबह और रात के समय ठंड बढ़ सकती है। किसानों को भी स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि संबंधी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
उत्तराखंड: 5 जिलों में बारिश, केदारनाथ में बर्फबारी
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी का असर देखने को मिला है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी में रुक-रुककर बारिश हुई।
केदारनाथ में बर्फबारी के बाद बारिश होने और मौसम खराब रहने के कारण हेलीकॉप्टर सेवा रोके जाने की जानकारी दी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून की ओर से 10 जिलों में गरज-चमक और आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किए जाने का भी उल्लेख है।
पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में यात्रियों और श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन तथा संबंधित सेवा प्रदाताओं से स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए।
हरियाणा: 15 जिलों में अलर्ट, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका
हरियाणा के पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और यमुनानगर समेत कई इलाकों में बारिश होने की जानकारी है। बारिश के बाद आसमान में बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 15 जिलों के लिए बारिश और तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। करनाल और यमुनानगर में आंधी चलने की संभावना का उल्लेख किया गया है।
तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों, पेड़ों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों और आम नागरिकों को मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
बिहार: पटना समेत कई जिलों में बारिश, 26 जिलों में चेतावनी
बिहार में भी बारिश का दौर शुरू होने की जानकारी सामने आई है। पटना, समस्तीपुर और आरा में हल्की बारिश होने, जबकि नालंदा और बेगूसराय में बादल छाए रहने की खबर है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मौसम विभाग ने 26 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया था। भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और बक्सर में भारी बारिश की चेतावनी का उल्लेख किया गया है।
कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। लोगों को आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
पंजाब-चंडीगढ़: दो दिन आंधी-बारिश का अनुमान, ओले गिरने की संभावना
पंजाब और चंडीगढ़ में भी मौसम बदलने का पूर्वानुमान दिया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, दो दिनों तक कई इलाकों में आंधी और बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है।
रिपोर्ट में बुधवार को पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 0.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी और फरीदकोट में 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज होने का उल्लेख है।
बारिश के बाद तापमान में बदलाव संभव है। लोगों को स्थानीय मौसम बुलेटिन देखकर ही अपनी यात्रा और बाहरी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।
छत्तीसगढ़: बारिश का दौर जारी, 12 जिलों में स्कूल बंद रखने की जानकारी
छत्तीसगढ़ में भी चक्रवात के प्रभाव से बारिश होने की आशंका जताई गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, भारी बारिश की संभावना को देखते हुए राज्य के 12 जिलों में गुरुवार को स्कूल बंद रखने की जानकारी दी गई थी।
बस्तर संभाग समेत प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का खतरा हो सकता है। रायपुर और अन्य जिलों में भी मौसम की स्थिति के अनुसार बारिश देखने को मिल सकती है।
अभिभावकों और विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल बंद होने की पुष्टि संबंधित जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेश से करें। छुट्टी के आदेश जिले और तारीख के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
ओडिशा-आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा असर, राहत कार्य जारी
चक्रवात के तटीय प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में नुकसान होने की खबर है। उपलब्ध रिपोर्ट में पांच लोगों की मौत, पेड़ों के उखड़ने और पुल-सड़कों के क्षतिग्रस्त होने का उल्लेख किया गया है।
ओडिशा में करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की जानकारी भी दी गई है। ऐसे हालात में राहत एवं बचाव कार्य, बिजली आपूर्ति बहाल करना और क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती हो सकती है।
तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए और खतरे वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचना चाहिए।
क्या अगले दिनों में बढ़ेगी ठंड?
बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है। रात के तापमान में बदलाव के साथ सुबह और शाम को ठंडक महसूस हो सकती है। राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में कम रात के तापमान की जानकारी भी सामने आई है।
हालांकि, बारिश के बाद पूरे देश में एक साथ ठंड बढ़ना तय नहीं है। तापमान में बदलाव क्षेत्रीय परिस्थितियों, हवा की दिशा, बादलों और स्थानीय मौसम प्रणाली पर निर्भर करेगा।
मौसम खराब होने पर इन बातों का रखें ध्यान
- बिजली गिरने से बचाव: गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- तेज हवा से सुरक्षा: बिजली के खंभों, लटकते तारों और कमजोर ढांचों से दूर रहें।
- सड़क सुरक्षा: बारिश में धीमी गति से वाहन चलाएं और जलभराव वाली सड़कों पर जाने से बचें।
- पहाड़ी यात्रा: बर्फबारी या खराब मौसम में यात्रा करने से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह लें।
- स्कूल और ट्रेन अपडेट: छुट्टियों और परिवहन सेवाओं की जानकारी आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त करें।
- मौसम अलर्ट: IMD और जिला प्रशासन के नवीनतम बुलेटिन पर नजर रखें।
