Anmol Sandesh News Desk, रायपुर।
Amit Shah Challenges Rahul Gandhi: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में शाह ने नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा, वहीं संसद में एसआईआर (SIR) को लेकर होने वाली चर्चा के संदर्भ में राहुल गांधी को खुली चुनौती दे दी।
अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। अगर राहुल गांधी में हिम्मत है तो संसद में चर्चा करके दिखाएं। इससे साफ हो जाएगा कि सच कौन बोल रहा है और झूठ कौन बोल रहा है। उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया।
एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे अमित शाह ने राज्योत्सव के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण के तहत प्रदेश की प्रतिभाओं और विभूतियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त भी जारी की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास, नक्सलवाद के खात्मे और आदिवासी क्षेत्रों में बदलाव को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
राहुल गांधी को अमित शाह की खुली चुनौती, बोले- चर्चा से भागने की जरूरत नहीं
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने संसद में विपक्ष के विरोध और एसआईआर के मुद्दे को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर विषय पर चर्चा करने को तैयार है।
शाह ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो संसद में चर्चा करके दिखाएं। चर्चा होने पर देश के सामने सच और झूठ का अंतर स्पष्ट हो जाएगा।
उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस के रवैये के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है।
अमित शाह ने संसद में एसआईआर पर विशेष चर्चा का भी जिक्र किया। उनके इस बयान को चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नकली संसद बनाकर असली संसद का मजाक उड़ाया- अमित शाह
अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए संसद की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने नकली संसद बनाकर वास्तविक संसद का मजाक उड़ाया है।
शाह ने कहा कि लोकतंत्र में हर मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही है, लेकिन विपक्ष को भी सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि विपक्ष संसद को राजनीतिक प्रदर्शन का मंच बना रहा है, जबकि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के रास्ते पर- अमित शाह
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में अमित शाह ने प्रदेश के विकास और नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की थी। उस समय इस क्षेत्र के विकास की बड़ी संभावनाएं थीं, लेकिन कई चुनौतियों के कारण प्रदेश अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को विकास और सुशासन के नए दौर में आगे बढ़ाने का काम किया गया है। आज प्रदेश नक्सलवाद की चुनौती से बाहर निकलकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई देते हुए कहा कि राज्य अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।
कांग्रेस की नक्सलवाद खत्म करने की मंशा नहीं थी- अमित शाह
नक्सलवाद के मुद्दे पर अमित शाह ने कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकारों के दौरान नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए।
शाह ने कहा कि हमारी सरकार ने नक्सलवाद के उन्मूलन को प्राथमिकता दी और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर इस चुनौती के खिलाफ लगातार कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर जैसे आदिवासी क्षेत्रों में विकास की रफ्तार प्रभावित हुई। जिन बच्चों के हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए थी, उनके हाथों में बंदूक थमा दी गई। जहां स्कूलों की घंटियां बजनी चाहिए थीं, वहां स्कूलों का अस्तित्व ही खत्म हो गया।
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद ने आदिवासी समाज की कई पीढ़ियों को विकास की मुख्यधारा से दूर रखा। अब सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और रोजगार की सुविधाएं पहुंचाना है।
आदिवासियों के मानवाधिकार की बात, बस्तर आने का दिया न्योता
अमित शाह ने अपने संबोधन में आदिवासी समाज के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि गरीब आदिवासियों के भी मानवाधिकार होते हैं और उन्हें भी सम्मान के साथ जीवन जीने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से डर छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। शाह ने भरोसा दिलाया कि अब बस्तर में शांति और विकास का माहौल बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
उन्होंने लोगों को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि वहां जाकर विकास के बदलाव को देखा जा सकता है। सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर की पहचान अब हिंसा और नक्सलवाद से नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और विकास से हो।
महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी, राज्य की विभूतियां हुईं सम्मानित
राज्योत्सव के समापन समारोह में अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर राज्य की विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण से सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी की गई। इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
समारोह में प्रदेश सरकार के विकास कार्यों, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को भी प्रमुखता से सामने रखा गया।
अमित शाह के बयान से छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक सियासी हलचल
रायपुर के राज्योत्सव मंच से अमित शाह ने एक साथ कई राजनीतिक संदेश दिए। एक तरफ उन्होंने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार की कार्रवाई को अपनी बड़ी उपलब्धि बताया, तो दूसरी तरफ राहुल गांधी को संसद में चर्चा की चुनौती देकर राष्ट्रीय राजनीति में नया मुद्दा खड़ा कर दिया।
अब देखना होगा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अमित शाह की इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। वहीं, एसआईआर और संसद की कार्यवाही को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।
अमित शाह के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या संसद में एसआईआर पर विशेष चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा?
