Wednesday, November 4, 2026
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MP Weather Update: मुरासु तूफान का असर 5 जिलों तक सीमित, अगले 4 दिन में गिरेगा पारा, धनतेरस-दीपावली पर खिलेगी धूप

Anmol Sandesh News Desk, भोपाल।

Madhya Pradesh Weather Update: मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का असर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मंगलवार को बादल छाने के साथ कुछ जगहों पर बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलीं। हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार से तूफान का प्रभाव कम होने लगेगा। अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के पांच जिलों में ही आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम साफ रहने और धूप खिलने का अनुमान है।

मौसम में बदलाव के बीच प्रदेशवासियों के लिए राहत की खबर यह है कि धनतेरस और दीपावली के दौरान बारिश की संभावना नहीं है। 5, 6 और 7 नवंबर को आसमान साफ रहने का अनुमान है। हालांकि, अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। यानी दिन में धूप और रात में ठंड का असर बढ़ेगा।

इन 5 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के पांच जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। इनमें सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। इन जिलों में आंधी के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दूसरी ओर, राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। यहां दिन के समय धूप निकलेगी और फिलहाल बारिश से राहत मिलेगी।

धनतेरस और दीपावली पर मौसम रहेगा साफ

त्योहारी सीजन में मौसम को लेकर लोगों के लिए अच्छी खबर है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 5, 6 और 7 नवंबर को प्रदेश में आंधी-बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में धनतेरस और दीपावली के दौरान मौसम त्योहारों के आयोजन में बाधा नहीं बनेगा।

हालांकि, दिन और रात के तापमान में अंतर बना रहेगा। दिन में धूप के कारण हल्की गर्माहट महसूस होगी, जबकि सूर्यास्त के बाद ठंड बढ़ सकती है। खासकर खुले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में रात का मौसम ज्यादा ठंडा रहने की संभावना है।

अगले चार दिनों में 2 डिग्री तक गिरेगा पारा

मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट का अनुमान जताया है। इससे रात के समय ठंड का असर बढ़ने लगेगा।

बीती रात प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाजापुर के गिरवर में 14.4 डिग्री, भोपाल में 15.1 डिग्री, नीमच के मरुखेड़ा में 15.4 डिग्री और कटनी के करौंदी में 15.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

पचमढ़ी में दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। यहां दो दिनों के भीतर अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अमरकंटक, मलाजखंड, बैतूल, नरसिंहपुर और सिवनी प्रदेश के ठंडे इलाकों में शामिल रहे। वहीं मंडला में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में दिन के तापमान में भी करीब 2 से 3 डिग्री की गिरावट आई है।

नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर और तेज हो सकता है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के प्रभाव से रात के तापमान में तेजी से गिरावट आने की संभावना है।

ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में नवंबर के महीने में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। उज्जैन में भी 53 साल पहले न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने का रिकॉर्ड बताया गया है।

वहीं भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के दौरान बारिश का पुराना ट्रेंड रहा है। इस बार भी महीने की शुरुआत में बारिश का अलर्ट देखने को मिला है। मौसम विभाग के मुताबिक, नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम प्रणाली सक्रिय होने पर कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

भोपाल: नवंबर में 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है पारा

राजधानी भोपाल में नवंबर के दौरान रात का तापमान सामान्य तौर पर 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाता है। पिछले दस वर्षों के मौसम के आंकड़ों में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला है। इस बार भी दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी से गिरावट आने का अनुमान है।

भोपाल में नवंबर महीने का न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा चुका है। यह रिकॉर्ड 30 नवंबर 1941 का है। राजधानी में नवंबर के दौरान बारिश भी असामान्य नहीं है। पिछले दस वर्षों में तीन बार इस महीने बारिश दर्ज की गई है। वहीं 1936 में नवंबर के दौरान साढ़े पांच इंच से अधिक बारिश हुई थी।

इंदौर: 5.6 डिग्री तक पहुंच चुका है न्यूनतम तापमान

इंदौर में नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर बढ़ने लगता है। रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंडी हवाएं चलती हैं और न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है।

हालांकि, शहर में नवंबर महीने का ऐतिहासिक न्यूनतम तापमान इससे काफी नीचे जा चुका है। 25 नवंबर 1938 को इंदौर में पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन के समय अधिकतम तापमान सामान्य तौर पर 31 से 33 डिग्री के बीच रहता है। इस महीने कभी-कभी बारिश भी देखने को मिलती है।

ग्वालियर: उत्तरी हवाओं से तेजी से बढ़ सकती है ठंड

ग्वालियर में नवंबर के दौरान ठंड का असर तेजी से बढ़ने की संभावना रहती है। पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का रिकॉर्ड है। वहीं ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 1970 में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

दिन के तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। 2 नवंबर 2001 को अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि सामान्य तौर पर नवंबर में दिन का तापमान 33 से 35 डिग्री के आसपास रहता है। ग्वालियर में नवंबर के दौरान बारिश का रिकॉर्ड भी रहा है। वर्ष 1927 में पूरे महीने तीन इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।

जबलपुर: नवंबर में 3.9 डिग्री तक गिर चुका है पारा

जबलपुर में नवंबर के दौरान रातें ठंडी होने लगती हैं। पिछले दस वर्षों में वर्ष 2022 के दौरान न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं शहर का ऐतिहासिक न्यूनतम तापमान 12 नवंबर 1989 को 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

बारिश के लिहाज से भी नवंबर का महीना महत्वपूर्ण रहा है। वर्ष 1946 में जबलपुर में नवंबर के दौरान छह इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। पिछले दस वर्षों में भी दो बार इस महीने बारिश हो चुकी है। दिन के समय अधिकतम तापमान सामान्य तौर पर 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।

उज्जैन: नवंबर में 2.8 डिग्री तक पहुंच चुका है तापमान

उज्जैन में भी नवंबर के दूसरे सप्ताह से रात की ठंड बढ़ने लगती है। पिछले दस वर्षों में न्यूनतम तापमान सामान्य तौर पर 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा है। वहीं दिन का तापमान 33 से 35 डिग्री तक पहुंच सकता है।

शहर में 30 नवंबर 1974 को न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। वहीं 6 नवंबर 2008 को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

फिलहाल दिन में धूप, रात में ठंड का दौर

कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में मुरासु तूफान का असर अब सीमित होता दिखाई दे रहा है। अगले 24 घंटे में सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में आंधी-बारिश की संभावना है, जबकि प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम साफ रह सकता है। धनतेरस और दीपावली पर भी बारिश से राहत मिलने का अनुमान है। इसके बाद अगले चार दिनों में पारा गिरने और नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड बढ़ने के संकेत हैं।

 

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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