Saturday, June 13, 2026
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शवों पर आपत्तिजनक टिप्पणी पड़ सकती है भारी! डॉक्टर सेजल पवार के खिलाफ बैठी इनक्वायरी, मेडिकल समुदाय में नाराजगी

Anmol Sandesh News Desk,मुंबई

कॉमेडियन प्रणित मोरे से जुड़े विवाद के बीच डॉक्टर सेजल पवार की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। शवों को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। मामले ने तूल पकड़ने के बाद मुंबई के प्रतिष्ठित केईएम अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर सेजल पवार के खिलाफ हाई लेवल जांच समिति गठित कर दी है।अस्पताल प्रशासन की ओर से गठित यह समिति पूरे मामले की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि वायरल वीडियो में की गई टिप्पणियां मेडिकल आचार संहिता और संस्थान के मानकों के अनुरूप थीं या नहीं।

विवाद बढ़ने पर मांगी माफी

मामले के तूल पकड़ने के बाद डॉक्टर सेजल पवार ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था।उन्होंने स्वीकार किया कि उनसे गलती हुई है और भविष्य में ऐसी टिप्पणी करने से बचेंगी। सेजल पवार ने पूरे घटनाक्रम को अपने लिए एक सीख बताया और कहा कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी बात रखते समय अधिक संवेदनशील होना चाहिए।

प्रणित मोरे समेत कई लोगों पर केस दर्ज

यह विवाद अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा है। महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने कथित रूप से आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री के प्रसार के मामले में एफआईआर दर्ज की है।जांच के दायरे में स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे, वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा समेत अन्य लोग भी शामिल हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित वीडियो और सामग्री किस प्रकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हुई।

मेडिकल छात्रों के संगठन ने जताई आपत्ति

ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।संगठन का कहना है कि मेडिकल शिक्षा में उपयोग किए जाने वाले शवों के प्रति सम्मान बनाए रखना हर डॉक्टर और मेडिकल छात्र की नैतिक जिम्मेदारी होती है। एसोसिएशन ने संबंधित टिप्पणी को संवेदनहीन बताते हुए कहा कि इससे चिकित्सा पेशे की गरिमा और समाज में डॉक्टरों की छवि प्रभावित होती है।

जांच रिपोर्ट के बाद हो सकती है कार्रवाई

फिलहाल केईएम अस्पताल की जांच समिति पूरे मामले की समीक्षा कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई पर फैसला ले सकता है।इस बीच सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर बहस जारी है। एक पक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बता रहा है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा और शवदान जैसी संवेदनशील प्रक्रियाओं का मजाक उड़ाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।मामले की जांच जारी है और सभी की नजरें अब अस्पताल प्रशासन तथा जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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