Monday, June 15, 2026
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MP की पारंपरिक कला को मिली वैश्विक पहचान, भोपाल बटुआ जरदोजी समेत 4 उत्पादों को मिला GI टैग

Anmol Sandesh News Desk,भोपाल

मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हस्तशिल्प को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने जा रही है। राज्य के चार विशिष्ट उत्पादों और कलाओं को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग प्रदान किया गया है। इनमें भोपाल बटुआ जरदोजी क्राफ्ट, खजुराहो मेटल क्राफ्ट, मालवा पेंटिंग और सारंगपुर हैंडलूम साड़ी एवं फैब्रिक्स शामिल हैं।GI टैग मिलने से इन उत्पादों की विशिष्ट पहचान को कानूनी संरक्षण मिलेगा और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनके प्रचार-प्रसार को नई गति मिलेगी।

भोपाल बटुआ जरदोजी क्राफ्ट को मिली नई पहचान

भोपाल का बटुआ जरदोजी क्राफ्ट अपनी बारीक कढ़ाई और आकर्षक डिजाइन के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। इस कला की शुरुआत नवाबी दौर में हुई थी। बटुए, बैग, पर्स और अन्य वस्तुओं पर रंग-बिरंगे धागों और जरी से की जाने वाली कारीगरी इसकी विशेषता है।

खजुराहो मेटल क्राफ्ट की चमक दुनिया तक पहुंचेगी

बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रसिद्ध धातु शिल्प कला खजुराहो मेटल क्राफ्ट को भी GI टैग मिला है। इसमें पीतल, तांबा और कांसे पर उत्कृष्ट नक्काशी कर बर्तन, घंटियां, कलश और देवी-देवताओं की प्रतिमाएं तैयार की जाती हैं।

मालवा पेंटिंग को मिला सम्मान

धार जिले की पारंपरिक मालवा पेंटिंग अपनी अनूठी शैली के लिए जानी जाती है। रामायण, भागवत पुराण, रसिकप्रिया और अन्य धार्मिक ग्रंथों से प्रेरित चित्रों के माध्यम से यह कला मालवा की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है।

सारंगपुर हैंडलूम साड़ी की बढ़ेगी मांग

राजगढ़ जिले के सारंगपुर में तैयार होने वाली हैंडलूम साड़ियां और फैब्रिक्स भी अब GI टैगधारी उत्पाद बन गए हैं। सूती और रेशमी धागों से तैयार इन साड़ियों की गुणवत्ता और डिजाइन देशभर में सराही जाती है।

पहले से GI टैग प्राप्त उत्पाद

मध्यप्रदेश में इससे पहले भी कई उत्पादों को GI टैग मिल चुका है। इनमें चंदेरी साड़ी, महेश्वरी साड़ी, बाग प्रिंट, रतलामी सेव, मुरैना गजक, कड़कनाथ मुर्गा, शरबती गेहूं, रीवा का सुंदरजा आम, नागपुरी संतरा, जावरा लहसुन और पन्ना का हीरा प्रमुख हैं।

क्या होता है GI टैग?

जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग किसी विशेष क्षेत्र से जुड़े उत्पाद, कला या हस्तशिल्प को उसकी विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। यह टैग Geographical Indications of Goods (Registration and Protection) Act, 1999 के तहत दिया जाता है। इससे उत्पाद की मौलिकता सुरक्षित रहती है और नकली उत्पादों पर रोक लगाने में मदद मिलती है।

प्रमुख बातें:

✔ भोपाल बटुआ जरदोजी को GI टैग
✔ खजुराहो मेटल क्राफ्ट को मिली वैश्विक पहचान
✔ मालवा पेंटिंग और सारंगपुर साड़ी भी सूची में शामिल
✔ पारंपरिक कलाकारों और कारीगरों को मिलेगा लाभ
✔ अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ेगी मांग और पहचान

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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