Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली /भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना
देशभर में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले 6 दिनों से तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में ठहरा हुआ है, जिसके कारण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इन राज्यों में मानसून की एंट्री के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।वर्ल्ड मेट्रोलॉजी ऑर्गनाइजेशन की हाइड्रो-मेट्री टीम के सदस्य डॉ. पंकज कुमार के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में मानसून अगले 4 से 5 दिनों में पहुंच सकता है, जबकि मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री करीब एक सप्ताह बाद होने की संभावना है। हालांकि सप्ताह के अंत तक बारिश की गतिविधियों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
जेट स्ट्रीम बनी रफ्तार में बाधा
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की धीमी गति के पीछे समुद्र में नमी की कमी नहीं, बल्कि ऊपरी वायुमंडल में बहने वाली जेट स्ट्रीम का बदला हुआ पैटर्न जिम्मेदार है। पश्चिमी जेट स्ट्रीम सामान्य से अधिक दक्षिण की ओर खिसक गई है, जिससे मानसूनी हवाओं की गति प्रभावित हो रही है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में पर्याप्त नमी होने के बावजूद बादलों का पर्याप्त विकास नहीं हो पा रहा है।
सामान्य से 64 प्रतिशत कम बारिश
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 4 जून से 15 जून के बीच देश में सामान्य 53.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 19.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। यानी इस अवधि में वर्षा सामान्य से 64 प्रतिशत कम रही।
सात राज्यों में गर्मी का प्रकोप
मानसून की धीमी प्रगति के कारण राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र के कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। सोमवार को उत्तर प्रदेश के बांदा में सर्वाधिक 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
अगले दो दिनों का मौसम पूर्वानुमान
17 जून
- बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना।
- बिहार में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान।
- राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
18 जून
- सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना।
- राजस्थान और मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
- झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान।
- महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
राज्यों का हाल
मध्य प्रदेश
18-19 जून के बीच मानसून के प्रवेश की संभावना है। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 29 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
राजस्थान
आज 26 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी है। चूरू, सीकर, जयपुर और अलवर में सोमवार को तेज धूलभरी आंधी चली। खराब मौसम के कारण दिल्ली की चार उड़ानों को जयपुर डायवर्ट करना पड़ा।
बिहार
24 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कई क्षेत्रों में 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
पंजाब और हरियाणा
दोनों राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी है। कई जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड
पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
सप्ताह के अंत तक राहत की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि जेट स्ट्रीम का प्रभाव कमजोर पड़ता है तो मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है। ऐसे में अगले 4 से 7 दिनों के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में मानसून की प्रगति तेज होने की संभावना है।

