Anmol Sandesh News Desk,भोपाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार अगले वर्ष जनवरी 2027 में दूसरी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की योजना बना रही है। उद्योग विभाग और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (MPIDC) ने इसकी प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं।गौरतलब है कि फरवरी 2025 में आयोजित पहली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को करीब 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इस बार सरकार को उम्मीद है कि निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा पिछली बार की तुलना में और अधिक रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी भी हो सकते हैं शामिल
पहली GIS का शुभारंभ प्रधानमंत्री Narendra Modi ने किया था, जिसमें देश और विदेश के कई प्रमुख उद्योगपतियों ने भाग लिया था। सूत्रों के अनुसार, आगामी समिट में भी प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किए जाने की संभावना है।

आयोजन स्थल के लिए कई विकल्पों पर विचार
पिछली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में किया गया था। इस बार आयोजन स्थल के लिए लाल परेड ग्राउंड, नीलबड़-रातीबड़ क्षेत्र, ज्यूडिशियल एकेडमी के आसपास का क्षेत्र और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय सहित कई स्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। अंतिम निर्णय आमंत्रित उद्योगपतियों और निवेशकों की संभावित संख्या को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
पिछली कमियों को दूर करने पर जोर
सरकार इस बार आयोजन को और अधिक व्यवस्थित एवं तकनीकी रूप से बेहतर बनाने पर फोकस कर रही है। हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में पिछली समिट के दौरान सामने आए तकनीकी व्यवधानों और ध्वनि संबंधी समस्याओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
नया औद्योगिक क्षेत्र बनेगा निवेश का केंद्र
निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से MPIDC कोलार रोड स्थित सतगढ़ी क्षेत्र में 172 एकड़ भूमि पर नया मल्टी-प्रोडक्ट औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है। यहां टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और रेडीमेड गारमेंट उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना है। सरकार का मानना है कि यह क्षेत्र भविष्य में बड़े निवेशकों को आकर्षित करेगा।

अडाणी समूह का था सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव
पिछली GIS में प्राप्त 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में सबसे बड़ा प्रस्ताव Adani Group का था, जिसने करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की इच्छा जताई थी। इस बार सरकार को उम्मीद है कि निवेश प्रस्तावों का स्तर और ऊंचा जाएगा।
सौंदर्यीकरण खर्च जांच के घेरे में
इधर, पिछली GIS से पहले किए गए शहर के सौंदर्यीकरण कार्यों को लेकर जांच जारी है। नगर निगम द्वारा विभिन्न स्थानों पर लगाए गए फाउंटेन और अन्य सजावटी कार्यों में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जांच में कई स्थानों पर रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया है। शिकायत लोकायुक्त तक पहुंचने के बाद मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।राज्य सरकार का मानना है कि दूसरी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट मध्य प्रदेश को निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

