Anmol Sandesh News Desk,दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना
देशभर में मानसून की रफ्तार थम गई है। दक्षिण भारत से तेजी से आगे बढ़ने वाला मानसून 8 जून से तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में अटका हुआ है, जिसके कारण मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में मानसून की एंट्री तय समय से पीछे खिसक गई है। मौसम विभाग के अनुसार अब इन राज्यों में मानसून 22 जून के बाद ही पहुंचने की संभावना है।आमतौर पर मानसून 15-16 जून तक मध्य प्रदेश, 18-20 जून तक उत्तर प्रदेश और 20 जून तक राजस्थान पहुंच जाता है, लेकिन इस वर्ष इसकी गति धीमी पड़ गई है। 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून 19 राज्यों तक तो पहुंचा, लेकिन पिछले कई दिनों से आगे नहीं बढ़ पाया है।
लगातार तीसरे साल जून में लंबा ब्रेक
लगातार तीसरे वर्ष जून माह में मानसून ने लंबा ब्रेक लिया है। हालांकि 2024 और 2025 में शुरुआती देरी के बावजूद बाद में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन इस बार स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। 17 जून तक देशभर में सामान्य से 37.8 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 4 से 5 दिनों में परिस्थितियां अनुकूल होने पर मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। ऐसे में कुल मिलाकर 13 से 15 दिनों का लंबा ब्रेक दर्ज हो सकता है।
अल नीनो जैसी परिस्थितियां बढ़ा रहीं चिंता
अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) की उपग्रह आधारित रिपोर्ट के अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ) अपेक्षित गति से सक्रिय नहीं हो पाया है। इसके चलते मानसूनी हवाओं की प्रगति धीमी बनी हुई है।विशेषज्ञों का कहना है कि अल नीनो जैसी परिस्थितियां भी विकसित हो रही हैं, जिससे लंबे समय तक सूखे और असमान बारिश की आशंका बढ़ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी भारत में गरज-चमक की गतिविधियां सक्रिय हैं, जबकि मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और पश्चिमी भारत में बादलों का घनत्व अपेक्षाकृत कम बना हुआ है।


कई राज्यों में गर्मी का कहर जारी
मानसून की देरी का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं वाराणसी और महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.8 डिग्री, ओडिशा के बौध में 42.7 डिग्री, झारखंड के डाल्टनगंज में 42.4 डिग्री तथा मध्य प्रदेश के खजुराहो में 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मध्य प्रदेश में 22 से 24 जून के बीच दस्तक की उम्मीद
मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार अभी और बढ़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून पहले छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के रास्ते आगे बढ़ेगा, जिसके बाद 22 से 24 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।प्रदेश में 1 से 17 जून के बीच सामान्यतः 41.6 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक केवल 25 मिलीमीटर के आसपास ही वर्षा दर्ज हुई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि पर्याप्त वर्षा होने तक बोवनी करने में जल्दबाजी न करें।

अगले दो दिनों का मौसम
19 और 20 जून को मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।वहीं बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर बढ़ेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली तेज हवाएं यानी जेट स्ट्रीम फिलहाल मानसून की प्रगति को प्रभावित कर रही हैं। जैसे ही इनका प्रभाव कमजोर होगा,मानसूनी हवाएं तेजी से आगे बढ़ेंगी और महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ जाएंगी।


