Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों को मानसून का बेसब्री से इंतजार है, लेकिन इस बार प्रदेश में मानसून की एंट्री सामान्य से काफी देरी से होने जा रही है। आमतौर पर 15 जून के आसपास मध्य प्रदेश पहुंचने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार करीब 10 दिन पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल तेलंगाना क्षेत्र में अटका हुआ है और उसे आगे बढ़ाने वाले मौसमीय सिस्टम कमजोर पड़ गए हैं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून 8 जून से लगभग एक ही क्षेत्र में स्थिर बना हुआ है। हालांकि अब परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल होती दिखाई दे रही हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुमान के अनुसार मानसून 23 जून तक छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है और इसके बाद 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश में दस्तक दे सकता है।
बारिश की कमी ने बढ़ाई चिंता
मानसून की देरी का असर प्रदेश में बारिश के आंकड़ों पर साफ दिखाई दे रहा है। इस सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 48 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर महाकौशल और विंध्य क्षेत्रों में देखने को मिला है।जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में सामान्य से करीब 69 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से लगभग 24 प्रतिशत कम है।
कई जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी
मानसून भले ही अभी प्रदेश में नहीं पहुंचा हो, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। रविवार को भोपाल, सतना, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव और सिवनी सहित कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान झाबुआ, अलीराजपुर, रीवा, सतना, शहडोल, अनूपपुर, कटनी और दमोह जिलों में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
किसानों की बढ़ी चिंता
मानसून में देरी का असर खेती-किसानी पर भी पड़ने लगा है। प्रदेश के कई हिस्सों में किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। यदि मानसून अगले कुछ दिनों में सक्रिय हो जाता है तो खेती कार्यों को गति मिल सकती है, लेकिन देरी बढ़ने पर किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।फिलहाल पूरे प्रदेश की नजरें 25 जून पर टिकी हैं, जब मानसून के मध्य प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है। यदि मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है तो प्रदेशवासियों को जल्द ही गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।
