Anmol Sandesh News Desk,भोपाल
मध्य प्रदेश को मछली उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा है कि प्रदेश को मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हर जिले में आधुनिक हैचरी (मछली बीज उत्पादन केंद्र) विकसित की जाएगी, ताकि भविष्य में प्रदेश को दूसरे राज्यों से मछली बीज खरीदने की जरूरत न पड़े।
❄ 9 हजार करोड़ से अधिक का निवेश
मंत्रालय में आयोजित मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026 के तहत प्रदेश में मत्स्य क्षेत्र में 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। इससे मछली पालन उद्योग को नई गति मिलेगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में प्राप्त 2 लाख 91 हजार 938 केज (Fish Cage) प्रस्तावों के लिए कार्यादेश भी जारी किए जा चुके हैं, जिससे जलाशयों में बड़े पैमाने पर मछली उत्पादन बढ़ाया जा सकेगा।
❄ हर जिले में बनेगी हैचरी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले ढाई वर्षों में ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि मध्य प्रदेश को मछली बीज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े।उन्होंने कहा:”हर जिले में कम से कम एक हैचरी विकसित की जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर मछली बीज आसानी से उपलब्ध हो सके और उत्पादन में लगातार वृद्धि हो।”इस पहल से मछुआरों और मत्स्य पालकों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध होगा।
❄मोती उत्पादन को भी मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बैठक में मोती उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों में चल रही सफल योजनाओं और बेस्ट प्रैक्टिसेस का अध्ययन कर उन्हें मध्य प्रदेश में लागू किया जाए।सरकार का मानना है कि मोती उत्पादन से मत्स्य क्षेत्र में आय के नए स्रोत विकसित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
❄कोल्ड चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत
बढ़ते मछली उत्पादन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन नेटवर्क और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि:
- मछली उत्पादन के साथ-साथ उसकी सुरक्षित भंडारण व्यवस्था भी जरूरी है।
- ब्रांडिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विशेष नेटवर्क तैयार किया जाए।
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए रणनीति तैयार की जाए।
नदियों के संरक्षण पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य विकास के साथ-साथ नदियों और जल स्रोतों का संरक्षण भी जरूरी है। इसके लिए मत्स्य, वन, जल संसाधन और अन्य संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा।उन्होंने जलीय जीवों के संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

मछुआ क्रेडिट कार्ड में MP देश में दूसरे स्थान पर
बैठक में बताया गया कि मछुआ क्रेडिट कार्ड योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। इससे प्रदेश के हजारों मछुआरों को आर्थिक सहायता और आसान ऋण सुविधा मिल रही है।
मुख्य बातें
✔ हर जिले में बनेगी आधुनिक हैचरी
✔ 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा
✔ 2.91 लाख से अधिक केज प्रस्तावों को मंजूरी
✔ मोती उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
✔ कोल्ड चेन और निर्यात नेटवर्क होगा मजबूत
✔ मछुआ क्रेडिट कार्ड में MP देश में दूसरे स्थान पर
✔ अगले ढाई साल में मछली बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य
