Anmol Sandesh News Desk,पुणे
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं, जिससे मामला और भी पेचीदा होता जा रहा है। पुलिस जांच, गवाहों के बयान और आरोपियों के दावों के बीच अब कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जो कथित साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं।

कैब ड्राइवर के बयान से बड़ा खुलासा
केतन और सिया को एयरपोर्ट छोड़ने वाले कैब ड्राइवर वैभव जाधव ने पुलिस को दिए बयान में कई अहम बातें बताई हैं। उनके अनुसार—
- सिया बाली (इंडोनेशिया) यात्रा पर नहीं जाना चाहती थी।
- यात्रा के दौरान उसकी अपने भाई साहिल से बहस भी हुई थी।
- रास्ते में कार कुछ देर के लिए रुकी, जहां अन्य लोग भी वाहन में सवार हुए।
- बाद में फूड कोर्ट पर रुकने के दौरान सिया ने कुछ सामान गाड़ी से निकालकर अपने बूट में छिपाया।
ड्राइवर ने यह भी बताया कि एयरपोर्ट पहुंचने के बाद पता चला कि केतन का पासपोर्ट कैब में ही छूट गया है, लेकिन तलाशी के बावजूद वह नहीं मिला।
₹1 करोड़ और प्रेमी को पैसे देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, सिया ने केतन से शादी की शॉपिंग के नाम पर करीब ₹1 करोड़ रुपए लिए थे, लेकिन इन पैसों का उपयोग कथित रूप से शॉपिंग में न करके अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी को दे दिया गया।

पुलिस के अहम दावे
पुलिस जांच में सामने आए कुछ प्रमुख बिंदु—
- सिया और चेतन ने हत्या से एक दिन पहले लुल्लानगर के एक कैफे में मर्डर प्लान बनाया था।
- दोनों ने लोहगढ़ किले पर रेकी और रिहर्सल भी की थी।
- चेतन स्कूटर से पुणे से लगभग 90 किलोमीटर दूर किले तक गया था ताकि किसी तरह का डिजिटल रिकॉर्ड न बने।
- घटना के दौरान चेतन ने हूडी पहनकर पहचान छिपाई और बाद में उसे बदल दिया।
- पुलिस के अनुसार, सिया ने 18 जून को केतन को बैठकर संकेत दिया, जिसके बाद चेतन ने उसे खाई में धक्का दिया।
घटना का पूरा क्रम (पुलिस के अनुसार)
31 मई – हत्या की योजना का विचार
केतन के ट्रैकिंग शौक और लोहगढ़ किले की यात्रा के दौरान कथित तौर पर सिया के मन में हत्या की साजिश का विचार आया।
5-6 जून – बाली ट्रिप से जुड़ी साजिश
पुलिस के मुताबिक, बाली यात्रा से बचने के लिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा दिया।
14 जून – पहली कोशिश असफल
किले पर पहले भी धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन केतन पेड़ का सहारा लेकर बच गया।
18 जून – कथित हत्या
लोहगढ़ किले पर केतन को पीछे से धक्का दिया गया, जिसमें चेतन भी मौजूद था। केतन की मौके पर ही मौत हो गई।
आरोपी एक-दूसरे को बता रहे मास्टरमाइंड
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आमने-सामने पूछताछ की है। हालांकि, दोनों एक-दूसरे को मामले का मुख्य साजिशकर्ता बता रहे हैं।

बचाव पक्ष का बयान
सिया के वकील ने कहा है कि—
- पुलिस हिरासत में दिए गए बयान अदालत में सीधे सबूत नहीं माने जा सकते।
- मामले को पहले दुर्घटना मानकर बाद में हत्या में बदलने पर सवाल उठाए जाएंगे।
- पुलिस ने पर्याप्त समय तक पूछताछ की है, इसलिए और रिमांड की जरूरत नहीं है।
केतन अग्रवाल मर्डर केस अब एक गंभीर और जटिल जांच का रूप ले चुका है। पुलिस के दावे, गवाहों के बयान और आरोपियों के विरोधाभासी बयान इस मामले को और रहस्यमय बना रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच से और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

