Anmol Sandesh News Desk,विक्टोरिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के अंतिम दिन भारतीय समुदाय से मुलाकात की और राजधानी विक्टोरिया में प्रवासी भारतीयों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अरुल मिहु नवशक्ति विनायकर मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा पीस पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। सभी कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
भारतीय समुदाय से किया संवाद
दौरे के अंतिम दिन प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स में बसे भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने प्रवासी भारतीयों के योगदान की सराहना की और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
भारत-सेशेल्स के बीच 19 बड़े समझौते
दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच 19 महत्वपूर्ण समझौतों और विकास परियोजनाओं की घोषणा की गई। इनमें शामिल हैं—
- UPI आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली की शुरुआत
- ₹1,250 करोड़ की लाइन ऑफ क्रेडिट (Loan)
- साइबर सुरक्षा में सहयोग
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- स्वास्थ्य और शिक्षा
- कृषि क्षेत्र
- अंतरिक्ष सहयोग
- समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग
इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
भारत ने सेशेल्स को दी कई बड़ी सौगातें
भारत ने मित्र देश सेशेल्स को कई महत्वपूर्ण सहायता सामग्री भी सौंपी, जिनमें शामिल हैं—
- फास्ट पेट्रोल वेसल (Fast Patrol Vessel)
- 10 यूटिलिटी वाहन
- 5 नौकाएं
- 6 एम्बुलेंस
- 500 मीट्रिक टन चावल
- 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट
इन सहयोग परियोजनाओं को दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लागू किया गया।
गोल्डन जुबली नेशनल डे में मुख्य अतिथि बने प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। वह सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।राष्ट्रीय दिवस पर आयोजित परेड में असम राइफल्स, भारतीय नौसेना और नौसेना के मार्चिंग बैंड ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर भारतीय युद्धपोत INS तरकश और INS इक्षाक भी पोर्ट विक्टोरिया पहुंचे।
175 मिलियन डॉलर के आर्थिक पैकेज की घोषणा
भारत ने सेशेल्स के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब ₹1,651 करोड़) के आर्थिक पैकेज की घोषणा की।इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल ‘PS Lespoir’ सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को भेंट किया, जिससे देश की समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमता मजबूत होगी।
कोको डी मेर का पौधा लगाया
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के प्रसिद्ध और दुर्लभ कोको डी मेर (Coco de Mer) पौधे का रोपण भी किया।यह पौधा केवल सेशेल्स में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसका बीज दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे भारी बीज माना जाता है, जिसका वजन 15 से 30 किलोग्राम तक हो सकता है। यह पेड़ फल देने में 20 से 40 वर्ष और एक फल के पूरी तरह तैयार होने में 6 से 7 वर्ष का समय लेता है।

सेशेल्स जाने वाले दूसरे भारतीय प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सेशेल्स का दौरा करने वाले भारत के दूसरे प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले इंदिरा गांधी ने वर्ष 1976 और 1981 में सेशेल्स की यात्रा की थी। लगभग 34 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस द्वीपीय देश का दौरा किया है।
भारत-सेशेल्स संबंधों को मिली नई मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सामरिक, डिजिटल और समुद्री सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। 19 समझौतों, आर्थिक सहायता और रणनीतिक साझेदारी के साथ भारत और सेशेल्स के रिश्ते पहले से अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
