Anmol Sandesh News Desk,भोपाल
मध्य प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने ‘राज्य दिव्यांगजन निधि‘ के संचालन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।इस नई योजना का उद्देश्य खेल, कला, संगीत, नृत्य, शिक्षा, शोध और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि प्रतिभा आर्थिक अभाव के कारण पीछे न रह जाए।

क्यों शुरू की गई यह योजना?
पिछले कई वर्षों से ऐसे प्रतिभाशाली दिव्यांगजन विभाग के पास सहायता के लिए आवेदन कर रहे थे, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया, लेकिन एक व्यवस्थित आर्थिक व्यवस्था न होने के कारण उन्हें सहायता प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।इसी आवश्यकता को देखते हुए विभागीय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, प्रमुख सचिव सोनाली पोंक्षे वायंगणकर तथा आयुक्त के.जी. तिवारी के मार्गदर्शन में इस योजना का खाका तैयार किया गया।
पदक विजेताओं को मिलेगा लाखों का प्रोत्साहन
नई नीति के तहत पैरा खेल, स्पेशल स्पोर्ट्स, कला, संगीत और नृत्य जैसी विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों और कलाकारों को बड़ी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए सहायता
- राज्य स्तरीय प्रतियोगिता: ₹1 लाख तक
- राष्ट्रीय स्तर: ₹2 लाख तक
- अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता: ₹5 लाख तक
यह राशि यात्रा, प्रशिक्षण और प्रतियोगिता में भागीदारी के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
इलाज और उपकरणों के लिए ₹10 लाख तक की मदद
सरकार ने चिकित्सा सहायता को भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
ऐसे दिव्यांगजन जिनकी स्वयं या अभिभावक की वार्षिक आय ₹8 लाख तक है, उन्हें—
- कोक्लियर इम्प्लांट के बाद रखरखाव,
- दिव्यांगता उपकरणों की मरम्मत,
- हाई सपोर्ट नीड से जुड़ी सुविधाओं
के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की वास्तविक व्यय राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
रिसर्च और उच्च शिक्षा को भी मिलेगा बढ़ावा
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, शोध सम्मेलन और रिसर्च पेपर प्रस्तुत करने वाले दिव्यांग शोधार्थियों को—
- यात्रा व्यय
- बोर्डिंग
- पंजीकरण शुल्क
सहित एक वर्ष में अधिकतम ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन
यदि कोई दिव्यांगजन नवाचार या नया प्रयोग करता है, तो जिला कलेक्टर की अनुशंसा पर उसके वास्तविक खर्च की राशि भी इस निधि से उपलब्ध कराई जाएगी।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
योजना को पूरी तरह पारदर्शी और आसान बनाने के लिए आवेदन प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है।पात्र दिव्यांगजन सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर योजना का लाभ ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री का उद्देश्य
राज्य सरकार का मानना है कि आर्थिक सहायता मिलने से दिव्यांगजन खेल, कला, शिक्षा और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में और बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे तथा प्रदेश और देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन करेंगे।
मुख्य बातें एक नजर में
- मध्य प्रदेश में शुरू हुई ‘राज्य दिव्यांगजन निधि‘।
- खेल, कला, संगीत और नृत्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर लाखों की सहायता।
- प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ₹1 से ₹5 लाख तक की आर्थिक मदद।
- चिकित्सा एवं दिव्यांग उपकरणों के लिए ₹10 लाख तक सहायता।
- रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के लिए ₹5 लाख तक का अनुदान।
- पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी।
