Anmol Sandesh News Desk,कवर्धा
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनी सड़क धंसने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। निर्माण कार्य में लापरवाही और तकनीकी खामियां सामने आने के बाद दो इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं कार्यपालन अभियंता के खिलाफ भी निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर हुई राज्य स्तरीय जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और क्षतिग्रस्त सड़क को दोबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

सड़क धंसने का वीडियो हुआ था वायरल
यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब कवर्धा जिले में पीएम जनमन योजना से बनी सड़क पर एक वाहन धंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर सवाल उठाए थे।मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच के निर्देश दिए, जिसके बाद अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क की गुणवत्ता की जांच की।
जांच में सामने आईं कई तकनीकी खामियां
बोड़ला विकासखंड के दलदली मेन रोड से खारिया और अगरी तक बनी सड़क की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आईं।जांच में पाया गया कि सड़क पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया था। करीब 60 से 70 टन तक रेत से लदे वाहन इस सड़क से गुजर रहे थे, जबकि सड़क की डिजाइन क्षमता केवल 10 से 12 टन तक के वाहनों के लिए थी।इसके अलावा सड़क निर्माण में शोल्डर के कॉम्पैक्शन और पुलिया के एप्रोच में बैकफिलिंग से जुड़ी तकनीकी खामियां भी पाई गईं। बारिश का पानी निचली परत तक पहुंचने के कारण सड़क कमजोर हुई और धंसने की स्थिति बनी।
दो इंजीनियर सस्पेंड, कार्यपालन अभियंता पर भी कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कार्रवाई करते हुए:
- सहायक अभियंता सौरभ देशमुख को निलंबित किया गया।
- उप अभियंता जे. रितेश नायडू को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया।
- कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ठाकुर के निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
इसके साथ ही संबंधित निर्माण एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है।
सड़क को दोबारा बनाने के निर्देश
अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर उसे निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार दोबारा बनाया जाए। साथ ही भारी वाहनों के अनधिकृत आवागमन को रोकने के लिए परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग को संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन का कहना है कि विकास योजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
