Anmol Sandesh News Desk,भोपाल
मध्य प्रदेश में मानसून ने अब पूरी रफ्तार पकड़ ली है। जुलाई के शुरुआती दिनों में हुई लगातार बारिश के चलते प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अब तक मध्य प्रदेश में 234.4 मिमी यानी करीब 9.4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि इस अवधि का सामान्य आंकड़ा 212.3 मिमी है।यानी प्रदेश में अब तक करीब 10 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के 32 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

अगले चार दिन जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है। कई जिलों में हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।पन्ना और सतना जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां 24 घंटे में 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, खंडवा, खरगोन और मंदसौर समेत कई जिलों में बारिश के आसार हैं।
कई जिलों में हुई अच्छी बारिश
गुरुवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार:
- मंडला में करीब पौन इंच बारिश हुई।
- सिंगरौली और बालाघाट में आधा इंच के आसपास पानी बरसा।
- बैतूल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना और सीधी में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।
बारिश से किसानों के चेहरों पर राहत नजर आ रही है और खरीफ फसलों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
जुलाई की बारिश ने पूरी की जून की कमी
जून महीने में मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम बारिश हुई थी, जिससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई थी।लेकिन जुलाई के शुरुआती 9 दिनों में हुई अच्छी बारिश ने इस कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया है।मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 9 प्रतिशत कम है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 29 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
इस बार बेहतर रह सकता है मानसून
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो मध्य प्रदेश में इस बार मानसून का प्रदर्शन सामान्य से बेहतर रह सकता है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और मौसम विभाग के अलर्ट का पालन करें।

