Anmol Sandesh News Desk,दतिया
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने के बाद जिले में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। टिकट घोषित होने के बाद उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, जो देखते ही देखते उग्र हो गया। प्रशासन के अनुसार स्थिति पर अब नियंत्रण है, लेकिन पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन और अनुशासनहीनता के मामले में केंद्रीय नेतृत्व अगले 48 घंटे में बड़ा फैसला ले सकता है।

टिकट कटने के बाद भड़का विरोध
टिकट वितरण के बाद बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद कराने और चक्का जाम करने की कोशिश की, जिससे दतिया शहर में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। प्रशासन ने कई दौर की समझाइश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने।
पुलिस पर पथराव, कई जवान घायल
दतिया के एसपी मयूर खंडेलवाल के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान करीब 3,000 लोगों की भीड़ एकत्र हुई। प्रशासन का कहना है कि सुबह करीब 4 बजे कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें 6 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।एसपी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम समाप्त करने की अपील नहीं मानी, जिससे करीब 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया।
जिले में लागू की गई सख्त पाबंदियां
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। इसके तहत—
- बिना अनुमति सभा, जुलूस और धरना-प्रदर्शन पर रोक।
- सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए प्रशासनिक अनुमति अनिवार्य।
- एक स्थान पर 5 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध।
- पूरे जिले में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती।
नरोत्तम मिश्रा की ओर से अब तक कोई बयान नहीं
टिकट कटने के बाद पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनके दिल्ली जाने की चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
केंद्रीय नेतृत्व की नजर दतिया पर
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि “अनुशासन सर्वोपरि” रहेगा। प्रदर्शन और हिंसा में शामिल लोगों को लेकर संगठन स्तर पर भी समीक्षा की जा रही है। ऐसे में आने वाले 48 घंटे राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।फिलहाल प्रशासन का कहना है कि दतिया में स्थिति सामान्य है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क रखी गई है। अब सभी की निगाहें भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के अगले कदम और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।
