Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह क्रिकेट नहीं, बल्कि उनके खिलाफ लगाए गए नए आरोप हैं। गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी आर.वी.एस. मणि ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि भारत दौरे के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को इन दोनों खिलाड़ियों के संबंध में कथित ड्रग्स तस्करी से जुड़े इनपुट मिले थे।हालांकि, इन दावों के संबंध में किसी अदालत द्वारा दोषसिद्धि नहीं हुई है और न ही इस मामले में कोई आधिकारिक जांच निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से सामने आया है। दोनों खिलाड़ियों की ओर से भी इन नए आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

क्या दावा किया गया है?
पूर्व अधिकारी आर.वी.एस. मणि के अनुसार, भारत दौरे के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को कुछ खुफिया जानकारियां मिली थीं, जिसके आधार पर शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ पर विशेष नजर रखी जाती थी।उन्होंने यह दावा एक इंटरव्यू के दौरान किया। हालांकि, उन्होंने जिन आरोपों का उल्लेख किया, वे अभी तक किसी न्यायिक निर्णय या आधिकारिक निष्कर्ष से प्रमाणित नहीं हैं।
2006 का डोपिंग विवाद फिर चर्चा में
शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ का नाम इससे पहले भी वर्ष 2006 में बड़े डोपिंग विवाद में सामने आ चुका है।उस समय दोनों खिलाड़ियों के डोप टेस्ट में प्रतिबंधित स्टेरॉयड नैंड्रोलोन पाए जाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें टीम से बाहर कर दिया था। यह मामला उस समय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक बना था।
मोहम्मद आसिफ का विवादों से रहा पुराना नाता
मोहम्मद आसिफ का क्रिकेट करियर कई विवादों से प्रभावित रहा। डोपिंग मामले के बाद उनका नाम स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में भी सामने आया, जिसके बाद उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर लगभग समाप्त हो गया।वहीं शोएब अख्तर भी अपने करियर के दौरान चोट, अनुशासन से जुड़े विवादों और डोपिंग प्रकरणों को लेकर कई बार सुर्खियों में रहे।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
पूर्व अधिकारी के हालिया दावों के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, इन नए आरोपों पर शोएब अख्तर या मोहम्मद आसिफ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।फिलहाल यह मामला आरोपों और दावों के स्तर पर है। यदि दोनों पूर्व खिलाड़ियों या संबंधित एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या नया तथ्य सामने आता है, तो मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
