Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली
देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार गुरुवार 16 जुलाई से उत्तर भारत समेत कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश भी हो सकती है।मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण अगले कुछ दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां तेज होंगी।
UP-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश के आसार
मानसून की वापसी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार—
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- हरियाणा
- जम्मू-कश्मीर
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
समेत करीब 15 राज्यों में बारिश की संभावना जताई गई है।
तेज हवाओं के साथ बदलेगा मौसम
कई इलाकों में बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। दोपहर बाद अचानक मौसम बदल सकता है और कई जगहों पर बादल छाने के साथ बारिश शुरू हो सकती है।
दिल्ली-NCR में भी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में बारिश की संभावना बनी हुई है, हालांकि बारिश के साथ उमस भी परेशान कर सकती है। दिल्ली-NCR के—
- नोएडा
- गुरुग्राम
- गाजियाबाद
में 16 से 20 जुलाई के बीच बारिश और तेज हवाओं का अनुमान जताया गया है।
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: 16 से 18 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना।
- जम्मू-कश्मीर: 16 से 21 जुलाई के बीच बारिश बढ़ने के आसार।
पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
किसानों को मिलेगी राहत
मानसून की वापसी से सबसे बड़ी राहत किसानों को मिलने की उम्मीद है। इन दिनों कई राज्यों में खरीफ फसलों की बुवाई चल रही है। अच्छी बारिश से खेती-किसानी को फायदा मिल सकता है।
MP और छत्तीसगढ़ में भी सक्रिय होगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 16 से 18 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मानसून की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कई जिलों में बारिश के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
अगले 7 दिनों का अनुमान
IMD के मुताबिक अगले 7 दिनों में—
- पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश बढ़ेगी।
- ओडिशा में 16 और 17 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
- पश्चिम-मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां कम रह सकती हैं।
मानसून के दोबारा सक्रिय होने से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
