Anmol Sandesh News Desk,उज्जैन
भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होने जा रही है। सावन के आगमन के साथ ही विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगेगी। हर साल की तरह इस बार भी बाबा महाकाल राजसी ठाठ-बाट के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे।

3 अगस्त को निकलेगी पहली शाही सवारी
श्रावण मास के पहले सोमवार यानी 3 अगस्त 2026 को बाबा महाकाल की पहली शाही सवारी निकलेगी। इस दौरान बाबा अपने भक्तों को नगर भ्रमण कर दर्शन देंगे। पूरी उज्जैन नगरी को भव्य रूप से सजाया जाएगा और जगह-जगह श्रद्धालु बाबा का स्वागत करेंगे।
1 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
पिछले वर्ष श्रावण और भाद्रपद में 90 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए थे। इस बार प्रशासन को उम्मीद है कि यह आंकड़ा 1 करोड़ के पार पहुंच सकता है। इसे देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
कुल 6 शाही सवारियां निकलेंगी
परंपरा के अनुसार—
- सावन के हर सोमवार बाबा महाकाल की शाही सवारी निकलेगी।
- भाद्रपद (भादौ) में भी 2 विशेष सवारियां निकाली जाएंगी।
- इस तरह इस वर्ष कुल 6 शाही सवारियां श्रद्धालुओं को दर्शन देंगी।
मान्यता है कि यह परंपरा मराठा काल से चली आ रही है और आज भी पूरे राजसी वैभव के साथ निभाई जाती है।
महाकाल की सवारी का विशेष महत्व
बाबा महाकाल को उज्जैन का राजा माना जाता है। शाही सवारी के दौरान भक्तों को महाकाल के दुर्लभ दर्शन का अवसर मिलता है। पूरा शहर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष से गूंज उठता है।
