Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और प्रधानमंत्री के सामने ‘बस्तर विजन’ रोडमैप रखा।मुख्यमंत्री ने बस्तर के समग्र विकास, किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल और औद्योगिक परियोजनाओं को लेकर केंद्र सरकार से सहयोग की मांग की। बैठक में छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास मॉडल और बस्तर क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर विस्तार से बातचीत हुई।

10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना को लेकर मांग
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री मोदी से राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया।उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है और राज्य सरकार की ओर से जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। इस परियोजना से किसानों को उर्वरक की बेहतर उपलब्धता मिलेगी और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
‘बस्तर विजन’ में 5,542 गांवों पर फोकस
सीएम साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि बस्तर अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुहिम’ के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।इन योजनाओं से करीब 39 लाख लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब राशन, आयुष्मान भारत, जनधन योजना, वनाधिकार और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं का लाभ दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है।इसके अलावा दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है, जिससे दूर-दराज के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
सीएम साय ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और गीदम में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा राज्य में नए मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस बस्तर की पहचान कभी नक्सल हिंसा से होती थी, वहां अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।
उन्होंने बताया कि—
- 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेललाइन का निर्माण जारी है।
- जगदलपुर से हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में लगातार काम हो रहा है।
- रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे का काम अंतिम चरण में है।
- इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना से करीब 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
विकास के नए दौर की ओर बस्तर
बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बस्तर को विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से बस्तर में तेजी से बदलाव लाने की दिशा में काम जारी है।
