Anmol Sandesh News Desk,रांची
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्रों के आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर हुई बातचीत के बाद चार दिन बाद पानी पिया, लेकिन साफ कर दिया कि उनका अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अभी समाप्त नहीं हुआ है।

क्या है पूरा मामला?
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र JPSC, JSSC-CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में पिछले 12 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से आमरण अनशन पर हैं और उन्होंने पानी तक पीना छोड़ दिया था।
सोनम वांगचुक की भावुक अपील
वीडियो कॉल पर सोनम वांगचुक ने महतो से कहा कि आंदोलन का उद्देश्य खुद को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सरकार तक छात्रों की आवाज पहुंचाना है। उन्होंने आग्रह किया कि स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वे कम से कम पानी जरूर पिएं। वांगचुक ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी भी अपने अनशन के दौरान पानी में नींबू मिलाकर लेते थे।
अपील के बाद पिया पानी
लगातार बिगड़ती तबीयत और डॉक्टरों की चेतावनी के बीच सोनम वांगचुक की अपील का असर हुआ और देवेंद्र नाथ महतो ने पानी पी लिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
महतो ने रखी यह शर्त
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वह अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब सोनम वांगचुक स्वयं रांची आकर उनसे मुलाकात करेंगे। उनका कहना है कि वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से छात्र परेशान हैं और अब वे न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे।
छात्रों की मुख्य मांगें
- JPSC और JSSC-CGL सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच।
- पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई।
- पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना।
- दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई।
फिलहाल रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है और अब सभी की नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।
