Anmol Sandesh News Desk, भोपाल/अहमदाबाद
मध्य प्रदेश में औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी रफ्तार मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहमदाबाद में टोरेंट ग्रुप और टोरेंट पावर के चेयरमैन समीर मेहता से मुलाकात कर प्रदेश में चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री के मुताबिक टोरेंट ग्रुप की विभिन्न परियोजनाओं के जरिए मध्य प्रदेश में ₹43 हजार करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है।इस बड़े निवेश से प्रदेश में 15 हजार से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सबसे बड़ा फोकस ऊर्जा क्षेत्र पर है, जिसमें थर्मल पावर, पंप्ड स्टोरेज और विंड एनर्जी जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
अनूपपुर में 1,600 MW का बड़ा पावर प्रोजेक्ट
टोरेंट पावर अनूपपुर जिले में 1,600 मेगावाट क्षमता की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना विकसित कर रहा है।
* अनुमानित निवेश: ₹22,000 करोड़
* क्षमता: 1,600 MW
* रोजगार: करीब 7,000
* पावर परचेज एग्रीमेंट: 27 जनवरी 2026 को MPPMCL के साथ
* भूमि अधिग्रहण: पूरा
* निर्माण कार्य: प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां जारी
परियोजना के लिए L&T और Tata Projects जैसी कंपनियों को काम सौंपा जा चुका है। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की स्वीकृति भी मिल चुकी है।
छिंदवाड़ा में ₹7,500 करोड़ की पंप्ड स्टोरेज परियोजना
हरित ऊर्जा और बिजली भंडारण को बढ़ावा देने के लिए छिंदवाड़ा जिले में 1,500 MW की पातालकोट पंप्ड स्टोरेज परियोजना पर काम चल रहा है।इस परियोजना में करीब ₹7,500 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और इससे लगभग 4,000 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।पंप्ड स्टोरेज तकनीक भविष्य में बिजली की मांग और सप्लाई के बीच संतुलन बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
रतलाम-उज्जैन में विंड एनर्जी प्रोजेक्ट
टोरेंट ग्रुप रतलाम और उज्जैन में कुल 250 MW क्षमता की पवन ऊर्जा परियोजनाएं भी विकसित कर रहा है।
➡ निवेश: ₹2,000 करोड़
➡ क्षमता: 250 MW
➡ रोजगार: करीब 500
वहीं मंदसौर में टोरेंट ग्रुप की 36 MW क्षमता की पवन ऊर्जा इकाई पहले से संचालित है।
800 MW की एक और थर्मल परियोजना
टोरेंट ग्रुप द्वारा प्रदेश में 800 MW क्षमता की एक और अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना पर भी काम किया जा रहा है।इस परियोजना में करीब ₹11,000 करोड़ निवेश और लगभग 3,500 रोजगार का प्रावधान बताया गया है।यानी मध्य प्रदेश में टोरेंट का निवेश सिर्फ एक परियोजना तक सीमित नहीं है, बल्कि थर्मल + विंड + पंप्ड स्टोरेज के जरिए ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा पोर्टफोलियो तैयार किया जा रहा है।
2,800 MW बिजली खरीद के लिए बड़ा टेंडर
मध्य प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने भविष्य की बिजली जरूरतों पर भी तैयारी शुरू कर दी है।केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के आकलन के अनुसार वर्ष 2036-37 तक करीब 1,900 MW अतिरिक्त ताप विद्युत की जरूरत हो सकती है।इसी को देखते हुए सरकार करीब 2,800 MW ताप विद्युत क्षमता की खरीद के लिए DBFOO यानी Design, Build, Finance, Own and Operate मॉडल पर निविदा प्रक्रिया शुरू कर रही है।मुख्यमंत्री ने टोरेंट पावर को भी इस बड़ी निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।
पीथमपुर में फार्मा सेक्टर में भी टोरेंट की मौजूदगी
टोरेंट ग्रुप सिर्फ बिजली क्षेत्र तक सीमित नहीं है। धार जिले के पीथमपुर में समूह की USFDA-अनुमोदित फार्मा विनिर्माण इकाई संचालित है।इस इकाई में करीब ₹300 करोड़ का निवेश किया गया है और यहां 400 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
PM MITRA Park में ₹1,200 करोड़ का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री की अहमदाबाद यात्रा के दौरान PM MITRA Park में टेक्सटाइल निवेश को लेकर भी चर्चा हुई।अरविंद लिमिटेड द्वारा PM MITRA Park में करीब ₹1,200 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। कंपनी को इसके लिए 105 एकड़ जमीन आवंटित की गई है।इंदौर में कंपनी के अनुबंध के तहत हर साल करीब 70 लाख परिधानों का निर्माण किया जाता है।सरकार की ओर से निवेशकों को पूंजी अनुदान, ब्याज अनुदान, स्टांप एवं पंजीयन शुल्क प्रतिपूर्ति समेत विभिन्न निवेश प्रोत्साहनों की जानकारी भी दी गई।
उद्योगों में ‘Circular Water Economy’ पर जोर
औद्योगिक क्षेत्रों में पानी के दोबारा इस्तेमाल को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। Zero Liquid Discharge (ZLD) सिस्टम और कॉमन वॉटर ट्रीटमेंट मॉडल के जरिए औद्योगिक पानी को अधिक से अधिक पुनः उपयोग करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।प्रदेश में विकसित किए जा रहे 90 से अधिक औद्योगिक पार्कों में टेक्सटाइल, फार्मा और अन्य क्लस्टरों के लिए ऐसे मॉडल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
सिंहस्थ-2028 में हाईटेक कम्युनिकेशन नेटवर्क!
अहमदाबाद बैठक में सिंहस्थ-2028 को लेकर भी तकनीकी तैयारियों पर चर्चा हुई।पुलिस, सुरक्षा बल, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और आयोजन प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल के लिए Mission-Critical Communication Network, Walkie-Talkie Network और PMR जैसी तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने पर विचार किया गया।
GIS-2027 के लिए निवेशकों को न्योता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को मध्य प्रदेश में नए उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित किया। साथ ही उन्हें Global Investors Summit (GIS)-2027 में शामिल होने का न्योता भी दिया गया।
एक नजर में बड़ा निवेश
₹43,000+ करोड़ — टोरेंट ग्रुप का MP में निवेश
15,000+ — संभावित प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार
1,600 MW — अनूपपुर थर्मल प्रोजेक्ट
₹22,000 करोड़ — अनूपपुर परियोजना का निवेश
1,500 MW — पातालकोट पंप्ड स्टोरेज
₹7,500 करोड़ — पंप्ड स्टोरेज निवेश
250 MW — रतलाम-उज्जैन विंड प्रोजेक्ट
₹11,000 करोड़ — 800 MW थर्मल प्रोजेक्ट का निवेश
MP के लिए क्यों खास है यह निवेश?
टोरेंट ग्रुप का प्रस्तावित निवेश मध्य प्रदेश के ऊर्जा उत्पादन, ग्रीन एनर्जी, पावर स्टोरेज, फार्मा और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर अनूपपुर, छिंदवाड़ा, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर और पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को इससे फायदा मिलने की उम्मीद है।
