Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 14 अगस्त 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।मौसम विभाग ने खास तौर पर बिलासपुर और सरगुजा संभाग के लिए बारिश को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है।
बिलासपुर-सरगुजा संभाग में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आज सबसे ज्यादा असर बिलासपुर और सरगुजा संभाग में देखने को मिल सकता है। यहां कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।इसके अलावा रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती और जांजगीर-चांपा तथा आसपास के क्षेत्रों में भी एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।लगातार तेज बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी तथा ग्रामीण और आंतरिक मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
रायपुर समेत इन इलाकों में भी बारिश
राजधानी रायपुर में भी शुक्रवार और शनिवार को मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर समेत कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।राजधानी में आज आसमान में बादल छाए रहने और बारिश होने के कारण तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है।
रायपुर का तापमान
- अधिकतम तापमान: करीब 28°C
- न्यूनतम तापमान: करीब 25°C
- मौसम: बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना
- असर: तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना बारिश की वजह
छत्तीसगढ़ में बारिश बढ़ने की सबसे बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र है। इस सिस्टम के कारण प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं।इसके प्रभाव से खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक लोगों को मौसम पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।हालांकि, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले तीन दिनों के बाद मानसून की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।
बस्तर और सरगुजा संभाग के लोगों को खास सावधानी
तेज बारिश और गरज-चमक को देखते हुए मौसम विभाग ने बस्तर और सरगुजा संभाग में लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
खासकर:
- ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग नदी-नालों के आसपास जाने से बचें।
- किसान खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें।
- गरज-चमक के समय पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूर रहें।
- तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश न करें।
- मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखें।
अगले 48 घंटे छत्तीसगढ़ के लिए अहम
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के कारण शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का जोर देखने को मिल सकता है। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
