Thursday, August 20, 2026
Homeअन्य राज्यMP Teacher Recruitment 2025, हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, 5% बोनस अंक...

MP Teacher Recruitment 2025, हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, 5% बोनस अंक हटेंगे, फिर से बनेगी मेरिट !

Anmol Sandesh News Desk, भोपाल

मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया को लेकर हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने 5% बोनस अंक के विवाद से जुड़ी सभी रिट अपीलों को खारिज कर दिया है।कोर्ट ने एकलपीठ के 6 मई 2026 के आदेश को बरकरार रखते हुए साफ कर दिया कि गलत या अपात्र RCI योग्यता के आधार पर मिले बोनस अंकों का लाभ अभ्यर्थियों को नहीं दिया जा सकता।फैसले के बाद अब RCI प्रमाण-पत्रों का सत्यापन होगा, अपात्र दावों पर मिले 5% बोनस अंक हटाए जाएंगे और संशोधित मेरिट सूची तैयार की जाएगी।

13,089 पदों की भर्ती में क्या था विवाद?

प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में कुल 13,089 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही थी।भर्ती नियमों के तहत RCI (Rehabilitation Council of India) से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा डिप्लोमा रखने वाले पात्र अभ्यर्थियों को 5% बोनस अंक देने का प्रावधान था।लेकिन विवाद तब सामने आया जब बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन में RCI योग्यता होने का दावा किया।बताया गया कि करीब 14,964 अभ्यर्थियों को RCI योग्यता के आधार पर 5% बोनस अंक मिले, जबकि RCI रिकॉर्ड की जांच में लगभग 5,271 अभ्यर्थी ही योग्य पाए गए।यहीं से पूरी भर्ती प्रक्रिया की मेरिट पर सवाल उठ गया।

ऑनलाइन फॉर्म में सिर्फ ‘हां’ चुनने से मिल गए बोनस अंक?

मामले में सामने आया कि ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में RCI योग्यता के सामने अभ्यर्थी को हां’ या ‘नहीं’ का विकल्प चुनना था।‘हां’ विकल्प चुनने पर सिस्टम के जरिए बोनस अंक दिए गए, जबकि संबंधित प्रमाण-पत्रों का विस्तृत सत्यापन बाद के चरण में होना था।हाई कोर्ट ने इस प्रक्रिया को देखते हुए अभ्यर्थियों के उस तर्क को स्वीकार नहीं किया कि उनसे फॉर्म भरते समय गलती से ‘हां’ का विकल्प चुन लिया गया था।

कोर्ट ने क्यों खारिज की अपील?

अभ्यर्थियों की ओर से दलील दी गई कि RCI योग्यता का विकल्प गलती से चुन लिया गया था और उन्हें बोनस अंक हटाकर उनके वास्तविक परीक्षा अंकों के आधार पर मेरिट में शामिल किया जाए।कुछ अभ्यर्थियों ने अपनी दिव्यांग श्रेणी से जुड़े आधार पर भी राहत की मांग की।लेकिन हाई कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।कोर्ट ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि अभ्यर्थियों को आवेदन में सुधार करने के लिए तीन अवसर दिए गए थे। इसके बावजूद यदि किसी ने गलत जानकारी को ठीक नहीं किया और परिणाम आने के बाद गलती का हवाला दिया, तो उसे उस आधार पर अनुचित लाभ नहीं दिया जा सकता।

गलत जानकारी से मिला बोनस ‘अधिकार’ नहीं बन सकता

हाई कोर्ट ने माना कि यदि किसी अभ्यर्थी ने गलत जानकारी के आधार पर 5% बोनस अंक हासिल किए हैं, तो वह अनुचित लाभ की श्रेणी में आता है।ऐसे गलत तरीके से मिले लाभ को बाद में अधिकार के रूप में बनाए रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।कोर्ट ने यह भी माना कि अगर अपात्र अभ्यर्थियों के बोनस अंक बरकरार रखे जाते हैं, तो उन उम्मीदवारों की मेरिट प्रभावित होगी जिन्होंने आवेदन में सही और सत्य जानकारी दी थी।यानी अदालत ने भर्ती प्रक्रिया में मेरिट और समान अवसर के सिद्धांत को महत्वपूर्ण माना।

अब आगे क्या होगा?

हाई कोर्ट के फैसले के बाद भर्ती प्रक्रिया में अब अगला महत्वपूर्ण चरण RCI प्रमाण-पत्रों का सत्यापन होगा।एकलपीठ ने 6 मई को चयन सूची कर्मचारी चयन मंडल को वापस भेजते हुए RCI योग्यता का दावा करने वाले अभ्यर्थियों को अपने प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए 15 दिन का समय देने का निर्देश दिया था।

अब सत्यापन के बाद—

* पात्र RCI अभ्यर्थियों का दावा बरकरार रहेगा
* अपात्र दावों को निरस्त किया जाएगा
* गलत तरीके से मिले 5% बोनस अंक हटाए जाएंगे
* सभी अभ्यर्थियों के संशोधित अंक तय होंगे
* नई/संशोधित मेरिट सूची तैयार होगी
* इसके आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी

किन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा असर?

सबसे बड़ा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जिन्होंने RCI योग्यता के आधार पर 5% अतिरिक्त बोनस अंक हासिल किए थे, लेकिन सत्यापन में उनकी योग्यता मान्य नहीं पाई जाती।इन अभ्यर्थियों के बोनस अंक हटने के बाद उनकी रैंक नीचे जा सकती है।दूसरी तरफ, जिन अभ्यर्थियों ने सही जानकारी दी थी और बोनस का लाभ नहीं लिया था, उनकी मेरिट में सुधार होने की संभावना बन सकती है।इसलिए संशोधित मेरिट सूची आने के बाद कई अभ्यर्थियों की रैंक और चयन की स्थिति बदल सकती है।

भर्ती प्रक्रिया पर बड़ा असर

यह फैसला सिर्फ कुछ अभ्यर्थियों के बोनस अंक तक सीमित नहीं है। इसका सीधा असर पूरी चयन सूची की रैंकिंग पर पड़ सकता है।क्योंकि 5% बोनस अंक कई अभ्यर्थियों की मेरिट में महत्वपूर्ण अंतर पैदा कर सकते हैं। जैसे ही अपात्र दावों से जुड़े बोनस अंक हटेंगे, पूरी मेरिट को दोबारा निर्धारित करना पड़ेगा।

एक नजर में पूरा मामला

भर्ती: प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025
कुल पद: 13,089
विवाद: RCI योग्यता पर 5% बोनस अंक
RCI योग्यता का दावा करने वाले: करीब 14,964
RCI रिकॉर्ड में योग्य पाए गए: करीब 5,271
हाई कोर्ट का फैसला: रिट अपीलें खारिज
अगला कदम: RCI प्रमाण-पत्रों का सत्यापन
अपात्र अभ्यर्थी: बोनस अंक हटेंगे/दावा निरस्त होगा
अंतिम असर: संशोधित मेरिट सूची और आगे नियुक्ति प्रक्रिया

अब हजारों अभ्यर्थियों की नजर संशोधित मेरिट पर

हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब सबसे ज्यादा इंतजार नई मेरिट सूची का रहेगा।किस अभ्यर्थी की रैंक कितनी बदलेगी, कितने उम्मीदवार चयन सूची से बाहर होंगे और कितने नए उम्मीदवारों को नियुक्ति का मौका मिलेगा—इसका स्पष्ट जवाब RCI प्रमाण-पत्रों के सत्यापन और संशोधित मेरिट जारी होने के बाद ही सामने आएगा।यानी MP Primary Teacher Recruitment 2025 में 5% बोनस अंक का विवाद अब कोर्ट से आगे निकलकर नई मेरिट और नियुक्ति प्रक्रिया के निर्णायक चरण में पहुंच गया है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular