Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार की मौत हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी मौत हो चुकी थी।फिलहाल उनकी मौत की सटीक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
1984 दंगा मामले में दोषी ठहराए गए थे
सज्जन कुमार 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में लंबे समय तक कानूनी कार्रवाई का सामना करते रहे। उन पर आरोप था कि 1 नवंबर 1984 को दिल्ली में भीड़ को भड़काया गया, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, उनके समर्थकों ने कथित तौर पर सिख परिवारों की पहचान कर उनके घरों और दुकानों में तोड़फोड़ तथा आगजनी की।
पांच सिखों की हत्या का मामला
मामले में आरोप था कि दिल्ली कैंट के राजनगर इलाके में पांच सिखों—केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंद्र सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या भीड़ द्वारा की गई।इस मामले में वर्ष 2002 में निचली अदालत ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया था। बाद में मामले की दोबारा जांच और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी।
उम्रकैद की सजा काट रहे थे
1984 के दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में सज्जन कुमार को दोषी ठहराया गया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके बाद से वह जेल में सजा काट रहे थे।हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज मामलों में अलग-अलग अदालतों में अलग-अलग फैसले भी आए हैं और कुछ मामलों में उन्हें राहत मिली थी।
मौत की वजह अभी साफ नहीं
गुरुवार को उन्हें सफदरजंग अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उनकी मौत किस वजह से हुई। मौत के कारण की पुष्टि मेडिकल जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
कौन थे सज्जन कुमार?
सज्जन कुमार लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे और दिल्ली से लोकसभा सांसद भी रहे। 1984 के दंगों से जुड़े मामलों ने उनके राजनीतिक जीवन पर गहरा प्रभाव डाला।उनकी मौत के बाद एक बार फिर 1984 के सिख विरोधी दंगों, न्यायिक प्रक्रिया और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। 1984 दंगा मामले के दोषी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का निधन — उम्रकैद की सजा काट रहे थे, मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार।
