Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
पाकिस्तान में बैठे कथित गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी के नेटवर्क को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में चलाए गए अभियान में 14 राज्यों से 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, 80 से ज्यादा FIR दर्ज होने और 200 से अधिक गिरफ्तारियों की जानकारी केंद्र सरकार ने दी है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान हथियारों, विस्फोटक सामग्री और निगरानी से जुड़े उपकरणों की बरामदगी भी हुई। सरकार ने इसे सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है।लेकिन सवाल अब भी बड़ा है—शहजाद भट्टी का नेटवर्क भारत में कैसे काम करता था और जांच एजेंसियों को इसकी परतें कैसे मिलीं?
जालंधर से अंबाला तक सामने आए मामले
शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क की जांच सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं है। NIA ने पंजाब और हरियाणा में सामने आए तीन मामलों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई है। इनमें मार्च 2025 में जालंधर में सोशल मीडिया से जुड़े एक व्यक्ति के घर पर ग्रेनेड हमला, नवंबर 2025 में सिरसा महिला पुलिस थाने में विस्फोट और जनवरी 2026 में अंबाला के बलदेव नगर पुलिस थाने में विस्फोट का मामला शामिल है।इन मामलों की जांच में पाकिस्तान स्थित भट्टी से कथित संपर्क और स्थानीय स्तर पर मददगारों की भूमिका की जांच की जा रही है।
NIA ने 18 ठिकानों पर मारे छापे
जून 2026 में NIA ने पंजाब और हरियाणा के 9 जिलों में 18 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया था।जांच एजेंसी ने इस दौरान डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और संचार नेटवर्क तथा वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी जब्त की। NIA के अनुसार, इन सामग्रियों का फोरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण कर कथित सीमा-पार साजिश की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

सोशल मीडिया बना कथित संपर्क का जरिया
जांच से जुड़ी रिपोर्टों में यह आरोप सामने आया है कि नेटवर्क के कथित संचालक सोशल मीडिया के जरिए भारत में युवाओं तक पहुंचने की कोशिश करते थे।जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि किस तरह युवाओं को ऑनलाइन संपर्क में लाया गया, उन्हें धीरे-धीरे नेटवर्क से जोड़ा गया और फिर स्थानीय स्तर पर गैरकानूनी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया गया।यहां सबसे बड़ी चुनौती डिजिटल नेटवर्क की पहचान और उसके पीछे मौजूद वास्तविक हैंडलर्स तक पहुंचना है।
युवाओं को निशाना बनाने का आरोप
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया है कि नेटवर्क आर्थिक रूप से कमजोर और आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को निशाना बनाने की कोशिश करता था। पहले छोटे स्तर के कामों से संपर्क बढ़ाने और बाद में उन्हें गंभीर आपराधिक गतिविधियों में धकेलने का आरोप जांच में सामने आया है।हालांकि, इस नेटवर्क के कथित सदस्यों से जुड़े हर आरोप की पुष्टि अदालत में होना बाकी है और जांच अभी जारी है।
“छोटे हमले, बड़ा डर” वाला मॉडल?
जांच एजेंसियों के अनुसार, भट्टी से जुड़े मामलों में एक पैटर्न दिखाई दिया है—स्थानीय युवाओं की कथित भर्ती, सोशल मीडिया के जरिए संपर्क और फिर लक्षित आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश।NIA की कार्रवाई का उद्देश्य इसी कथित नेटवर्क की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ना है।जून में हुई तलाशी में मिले डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच भी इसी बड़ी तस्वीर को समझने के लिए की जा रही है।
14 राज्यों में बड़ा ऑपरेशन
17 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले 14 राज्यों में व्यापक कार्रवाई की।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक—
* 253 लोग हिरासत में लिए गए
* 80+ FIR दर्ज हुईं
* 200+ गिरफ्तारियों की जानकारी दी गई
* हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद होने का दावा
सरकार ने इसे शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताते हुए कहा कि इससे संभावित हमलों की साजिशों को नाकाम किया गया।

क्या नेटवर्क पूरी तरह खत्म हो गया?
सरकार ने नेटवर्क को ध्वस्त करने की बात कही है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है।क्योंकि कथित नेटवर्क का एक हिस्सा सीमा के बाहर मौजूद बताया जा रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर मौजूद सहयोगियों, डिजिटल संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को पूरी तरह खंगालना जरूरी है।NIA की जून की कार्रवाई भी इसी दिशा में थी और एजेंसी ने साफ किया था कि जब्त सामग्री की तकनीकी व फोरेंसिक जांच के जरिए बड़ी सीमा-पार साजिश का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि विदेश में बैठे कथित हैंडलर्स और भारत में मौजूद स्थानीय नेटवर्क के बीच संपर्क कैसे चलता था।सोशल मीडिया, डिजिटल संचार और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूतों की जांच इस नेटवर्क की वास्तविक संरचना समझने में महत्वपूर्ण हो सकती है।भारत सरकार ने साफ किया है कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति जारी रहेगी।
बड़ी बात एक नजर में
शहजाद भट्टी नेटवर्क पर बड़ा एक्शन
➡ 14 राज्यों में कार्रवाई
➡ 253 लोग हिरासत में
➡ 200+ गिरफ्तारियों की जानकारी
➡ 80+ FIR
➡ NIA ने जून में 18 ठिकानों पर छापे मारे
➡ तीन प्रमुख मामलों की जांच में भट्टी कनेक्शन की पड़ताल
➡ डिजिटल डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जारी
फिलहाल जांच एजेंसियां नेटवर्क की बची हुई कड़ियों और सीमा पार बैठे कथित हैंडलर्स तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं।
