Anmol Sandesh News Desk, भोपाल।
मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक अहम बदलाव के तहत 1995 बैच के रिटायर्ड IPS अधिकारी ए. साईं मनोहर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सलाहकार नियुक्त किया गया है। उनकी नई पदस्थापना मुख्यमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली में की गई है। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से एक वर्ष अथवा आगामी आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। साईं मनोहर ने 31 अगस्त को एडीजी इंटेलिजेंस के पद से सेवानिवृत्ति ली थी। सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद उन्हें मुख्यमंत्री के सलाहकार की जिम्मेदारी मिलना प्रशासनिक और पुलिस क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैबिनेट में रखा गया था प्रस्ताव
ए. साईं मनोहर की नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में रखा गया। इसके बाद सरकार ने उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया। सरकारी आदेश में उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली में सलाहकार के रूप में नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई है। आदेश के अनुसार उनकी सेवा शर्तें अलग से जारी की जाएंगी। नई जिम्मेदारी में उनका प्रमुख कार्य मुख्यमंत्री कार्यालय और दिल्ली के बीच प्रशासनिक समन्वय तथा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने अनुभव के आधार पर सलाह देना हो सकता है।
कौन हैं ए. साईं मनोहर?
ए. साईं मनोहर 1995 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। मूल रूप से आंध्र प्रदेश से संबंध रखने वाले मनोहर ने मध्य प्रदेश कैडर में लंबे समय तक पुलिस और प्रशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, खुफिया तंत्र और साइबर अपराध जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में काम किया। उनकी कार्यशैली और अनुभव के कारण उन्हें प्रदेश पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी मिली।
इंटेलिजेंस से लेकर साइबर क्राइम तक संभाली कमान
सेवानिवृत्ति से पहले साईं मनोहर मध्य प्रदेश में एडीजी इंटेलिजेंस के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वे एडीजी साइबर क्राइम और भोपाल जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी सेवाएं दे चुके हैं। इंटेलिजेंस और साइबर क्राइम जैसे क्षेत्रों में काम करने का उनका अनुभव वर्तमान समय में खास महत्व रखता है, जब शासन-प्रशासन के सामने पारंपरिक कानून-व्यवस्था के साथ-साथ साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा जैसी नई चुनौतियां भी हैं।
राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित
पुलिस सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए ए. साईं मनोहर को विभिन्न सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। उन्हें उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। लंबे पुलिस करियर के दौरान संवेदनशील जिम्मेदारियों पर काम करने का अनुभव अब मुख्यमंत्री कार्यालय में उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
दिल्ली में होगी नई भूमिका
रिटायरमेंट के बाद साईं मनोहर की नई भूमिका मध्य प्रदेश से बाहर, नई दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय का दिल्ली में होना केंद्र सरकार, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकार के बीच समन्वय के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में लंबे प्रशासनिक एवं पुलिस अनुभव वाले अधिकारी की नियुक्ति को मुख्यमंत्री कार्यालय की दिल्ली में कार्यक्षमता बढ़ाने के दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।
रिटायरमेंट के बाद अंशुमन यादव को इंटेलिजेंस की कमान
साईं मनोहर के 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने के बाद 1998 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी अंशुमन यादव को एडीजी इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस तरह एक ओर जहां इंटेलिजेंस विभाग की कमान नए अधिकारी को दी गई है, वहीं साईं मनोहर को उनके अनुभव का उपयोग करते हुए मुख्यमंत्री के सलाहकार की जिम्मेदारी दी गई है।
पत्नी भी वरिष्ठ IFS अधिकारी
ए. साईं मनोहर का पारिवारिक पक्ष भी प्रशासनिक सेवाओं से जुड़ा है। उनकी पत्नी भारतीय वन सेवा यानी IFS अधिकारी हैं और भोपाल स्थित वन भवन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर कार्यरत हैं। अब साईं मनोहर सेवानिवृत्ति के बाद नई दिल्ली में मुख्यमंत्री मोहन यादव के सलाहकार के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
एक नजर में साईं मनोहर
- कैडर: मध्य प्रदेश
- बैच: 1995 IPS
- सेवानिवृत्ति: 31 अगस्त 2026
- अंतिम पद: एडीजी इंटेलिजेंस
- नई जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री मोहन यादव के सलाहकार
- पदस्थापना: मुख्यमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली
- अन्य प्रमुख जिम्मेदारियां: एडीजी साइबर क्राइम, एडीजी भोपाल जोन
- सम्मान: राष्ट्रपति पुलिस पदक एवं पुलिस पदक
साईं मनोहर की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब शासन में प्रशासनिक समन्वय, सुरक्षा, साइबर अपराध और केंद्र-राज्य तालमेल जैसे विषय लगातार महत्वपूर्ण हो रहे हैं। अब उनकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल मुख्यमंत्री कार्यालय किस तरह करता है, इस पर प्रशासनिक हलकों की नजर रहेगी।
