Anmol Sandesh News Desk, जांजगीर,छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा क्षेत्र के परसाही बाना गांव में घर की नींव की खुदाई के दौरान कथित तौर पर दुर्लभ मूर्तियां और ब्रिटिशकालीन सिक्का मिलने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गांव में कौतूहल का माहौल है। खास बात यह है कि घर के मालिक सम्मत कंवर का दावा है कि उन्हें लगातार सपने में जमीन के नीचे खजाना दिखाई दे रहा था। इसके बाद उन्होंने एक स्थानीय बैगा से संपर्क किया और उसकी सलाह पर घर की नींव की खुदाई कराई। खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से प्राचीन दिखाई देने वाली कुछ मूर्तियां और एक सिक्का मिलने की बात सामने आई। सामग्री मिलने की सूचना पुलिस तक पहुंची तो अकलतरा पुलिस मौके पर पहुंची और सभी वस्तुओं को अपने कब्जे में ले लिया।
सपने के बाद शुरू हुई खुदाई
जानकारी के अनुसार परसाही बाना गांव निवासी सम्मत कंवर को लगातार ऐसे सपने आने की बात कही जा रही है, जिनमें जमीन के नीचे खजाना होने का संकेत मिलता था। सपनों को लेकर उन्होंने गांव के एक बैगा से संपर्क किया। बैगा की सलाह के बाद घर की नींव वाले स्थान पर खुदाई शुरू की गई। खुदाई के दौरान कुछ ऐसी वस्तुएं मिलीं, जिन्हें देखने के बाद ग्रामीणों में चर्चा शुरू हो गई। इनमें मूर्तियों के साथ एक सिक्का भी बताया जा रहा है, जिसे ब्रिटिशकालीन माना जा रहा है। हालांकि, मूर्तियां वास्तव में कितनी पुरानी हैं और सिक्का किस काल का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इनकी वास्तविक उम्र और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी विशेषज्ञ जांच के बाद ही सामने आएगी।
खजाना मिलने के बाद हिस्सेदारी को लेकर विवाद
बताया जा रहा है कि खुदाई में वस्तुएं मिलने के बाद घर के मालिक सम्मत कंवर और बैगा के बीच कथित तौर पर हिस्सेदारी को लेकर विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच इस बात को लेकर मतभेद हुआ कि जमीन से मिली सामग्री पर किसका अधिकार होगा। विवाद बढ़ने के बाद सम्मत कंवर ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर खुदाई में मिली वस्तुओं को अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस ने जब्त की मूर्तियां और सिक्का
मामले की जानकारी मिलने के बाद अकलतरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कथित तौर पर मिली सभी मूर्तियों और सिक्के को जब्त कर लिया तथा मामले की जानकारी अकलतरा एसडीएम को दी। अब जब्त सामग्री को संबंधित पुरातत्व विभाग के सुपुर्द किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। विशेषज्ञ ही यह निर्धारित करेंगे कि मूर्तियां कितनी पुरानी हैं, उनका ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व क्या है और सिक्का वास्तव में ब्रिटिशकालीन है या नहीं।
जांच के बाद खुलेगा ‘खजाने’ का राज
फिलहाल गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सपने में खजाना दिखाई देने, बैगा की सलाह पर खुदाई कराने और उसके बाद मूर्तियां व सिक्का मिलने की कहानी ने मामले को और दिलचस्प बना दिया है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अभी इसे किसी वास्तविक प्राचीन खजाने के रूप में प्रमाणित नहीं किया गया है। विशेषज्ञ जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद वस्तुएं कितनी पुरानी हैं और उनका ऐतिहासिक महत्व कितना है।
