Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर तेज बारिश के साथ सक्रिय है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर हैं। मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, जबकि नर्मदा में भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। छतरपुर, सतना, मंडला, मैहर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है।
9 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 138.52 मीटर तक पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए SDRF की टीम ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
छतरपुर में स्कूल बंद, कच्चा मकान ढहा
छतरपुर में बाढ़ की आशंका को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। लवकुशनगर क्षेत्र की गुढ़ाकला ग्राम पंचायत में तेज बारिश के कारण एक कच्चा मकान भी ढह गया। फिलहाल प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
बरगी बांध के 5 गेट खोले गए
जबलपुर के बरगी बांध में जलभराव 93.33% पहुंचने के बाद पांच गेट करीब एक मीटर तक खोले गए। पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा के घाटों पर जलस्तर बढ़ने की संभावना है। नदी और घाटों के आसपास लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
मंडला में भी नर्मदा उफान पर
मंडला में नर्मदा का जलस्तर 436.1 मीटर तक पहुंचने की जानकारी है। उधर मैहर में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है।
4-5 सितंबर को सबसे ज्यादा सक्रिय रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 4 और 5 सितंबर को बारिश कराने वाला सिस्टम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में भी तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इस बीच प्रदेश में मानसून आने के बाद अब तक करीब 29.2 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य कोटे का लगभग 78% बताई गई है।
प्रशासन की अपील
नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को नदी किनारे, पुल-पुलियों और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। तेज बहाव वाली सड़कों को पार करने की कोशिश न करें और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
