Saturday, September 5, 2026
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120 करोड़ के बेशकीमती गहनों से सजेगा ग्वालियर का गोपाल मंदिर, जन्माष्टमी पर राजसी रूप में होंगे राधा-कृष्ण के दर्शन, ग्वालियर में डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान,भोपाल में CM मोहन यादव ने फोड़ी मटकी

Anmol Sandesh News Desk, ग्वालियर/भोपाल

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश में भक्ति और आस्था का रंग गहरा गया है। ग्वालियर का ऐतिहासिक गोपाल मंदिर इस बार अपनी अनूठी परंपरा और बेशकीमती आभूषणों के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। जन्माष्टमी के दिन भगवान राधा-कृष्ण का श्रृंगार 120 करोड़ रुपए से अधिक कीमत के सोने-चांदी, हीरे, पन्ने, मोती और अन्य बहुमूल्य रत्नों से जड़े आभूषणों से किया जाएगा। साल में विशेष अवसरों पर ही लॉकर से निकाले जाने वाले इन दुर्लभ आभूषणों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के ग्वालियर पहुंचने की उम्मीद है।

बैंक लॉकर से निकाले जाएंगे करोड़ों के आभूषण

जन्माष्टमी के दिन सुबह करीब 10 बजे आभूषणों को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के लॉकर से निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए नगर निगम आयुक्त द्वारा गठित समिति बैंक पहुंचेगी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत लॉकर खोला जाएगा। इसके बाद करोड़ों रुपए के इन आभूषणों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गोपाल मंदिर लाया जाएगा। मंदिर पहुंचने के बाद आभूषणों की साफ-सफाई और आवश्यक तैयारी की जाएगी। इसके पश्चात भगवान राधा-कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर में होने वाले इस राजसी श्रृंगार के दर्शन जन्माष्टमी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेंगे।

डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

गोपाल मंदिर में इन दुर्लभ आभूषणों के दर्शन की परंपरा श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण रखती है। जन्माष्टमी पर इस बार करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा, प्रवेश, निकासी और दर्शन व्यवस्था को विशेष रूप से व्यवस्थित किया जाएगा। श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से दर्शन कराने के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए जाएंगे। मंदिर परिसर में पुलिस बल की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी।

62 मोती और 55 पन्नों वाला हार सबसे खास

भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार में शामिल होने वाले आभूषणों में उनका सोने का मुकुट विशेष आकर्षण रहेगा। इस मुकुट में पुखराज, माणिक और पन्ना जैसे बहुमूल्य रत्न जड़े हुए हैं। वहीं राधारानी के लिए करीब तीन तोला वजन का रत्नजड़ित मुकुट भी तैयार किया जाएगा। इन आभूषणों में सात लड़ियों वाला एक बेहद खास हार भी शामिल है, जिसमें 62 असली मोती और 55 पन्ने जड़े बताए जाते हैं। इस हार की कीमत करीब 35 करोड़ रुपए बताई गई है। इसके अलावा रत्नजड़ित मुकुट की अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ रुपए, जबकि सोने के मुकुट की कीमत लगभग 1.25 करोड़ रुपए बताई गई है। यही बेशकीमती आभूषण जन्माष्टमी पर भगवान के श्रृंगार को राजसी भव्यता प्रदान करेंगे।

फूल बंगले से लेकर रोशनी तक खास सजावट

जन्माष्टमी के मौके पर गोपाल मंदिर को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया जाएगा। मंदिर परिसर में विशेष फूल बंगला और रंगोली तैयार की जाएगी। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भीड़ के कारण दर्शन में परेशानी न हो, इसके लिए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भगवान के दर्शन का लाइव प्रसारण किया जाएगा। मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और प्रवेश-निकासी के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित तरीके से हो सके।

1843 में महारानी बैजाबाई ने कराया था मंदिर का निर्माण

ग्वालियर का गोपाल मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका निर्माण सिंधिया राजवंश की महारानी बैजाबाई ने वर्ष 1843 में कराया था। मंदिर की वास्तुकला में मराठा शैली के साथ यूरोपीय स्थापत्य का प्रभाव भी दिखाई देता है। सफेद संगमरमर से निर्मित मंदिर के गर्भगृह में चांदी से मढ़े दरवाजे इसकी भव्यता को और बढ़ाते हैं। जन्माष्टमी पर जब भगवान राधा-कृष्ण का श्रृंगार इन ऐतिहासिक और बेशकीमती आभूषणों से किया जाता है, तो मंदिर का दृश्य श्रद्धा के साथ-साथ राजसी वैभव का भी अनुभव कराता है।

भोपाल में CM मोहन यादव ने फोड़ी मटकी

जन्माष्टमी का उत्साह राजधानी भोपाल में भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित श्रीकृष्ण पर्व कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक मटकी फोड़ आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने भी भाग लेते हुए मटकी फोड़ी। इस दौरान कृष्ण जन्माष्टमी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का उत्सव मनाया गया। भोपाल के विभिन्न कृष्ण मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और जन्माष्टमी को लेकर विशेष सजावट एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

आस्था, इतिहास और वैभव का संगम

ग्वालियर का गोपाल मंदिर इस जन्माष्टमी पर एक बार फिर मध्यप्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र बनने जा रहा है। करोड़ों रुपए के दुर्लभ आभूषणों से सजे राधा-कृष्ण के दर्शन, मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला और विशेष सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र रहेगी। वहीं भोपाल में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में मटकी फोड़ कार्यक्रम ने जन्माष्टमी के उत्सव को और खास बना दिया।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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