Sunday, April 5, 2026
Home Blog Page 11

सरकार तैयार कर रही कलेक्टरों की परफॉर्मेंस कुंडली, 400 से अधिक पैरामीटर और शासन की प्राथमिकताएं तय करेंगी रेटिंग

भोपाल | मध्यप्रदेश सरकार अब कलेक्टरों की कार्यशैली और प्रदर्शन का मूल्यांकन और अधिक वैज्ञानिक व पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। कलेक्टरों के बार-बार किए जाने वाले तबादलों पर नियंत्रण के बाद अब सरकार उनकी परफॉर्मेंस रेटिंग पर फोकस कर रही है। इसके लिए 400 से अधिक स्थायी और डायनामिक पैरामीटर्स तय किए गए हैं, जो कलेक्टरों की रेटिंग का आधार बनेंगे।

क्यों हो रही है रेटिंग प्रक्रिया में बदलाव?

पहले सरकार ने स्टेट कॉल सेंटर से प्राप्त फीडबैक को रेटिंग का आधार बनाया था। हालांकि, इसमें कई ऐसे कलेक्टरों की रेटिंग खराब आई जिन्होंने ज़मीनी स्तर पर बेहतरीन कार्य किया था। इससे संकेत मिले कि मात्र कॉल फीडबैक पर आधारित प्रणाली व्यवहारिक और निष्पक्ष नहीं है। परिणामस्वरूप, अब इस प्रणाली को ज्यादा मजबूत और व्यापक बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री की चेतावनी: “हमारे पास सबकी रिपोर्ट है”

न गंदगी फैलाएंगे और न फैलाने देंगे', CM मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के लोगों को दिलाया संकल्प

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मई 2025 में आयोजित समाधान ऑनलाइन बैठक के दौरान 55 जिलों के कलेक्टरों को यह कहकर चौंका दिया था कि उनके पास प्रत्येक कलेक्टर की परफॉर्मेंस रिपोर्ट उपलब्ध है, लेकिन इस बार इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। इसके बाद जिलों की ग्रेडिंग प्रक्रिया को सरकार ने और गंभीरता से लेना शुरू किया।

अच्छा काम करने वालों की भी रिपोर्ट कमजोर क्यों?

कुछ कलेक्टरों ने जब इस रिपोर्टिंग प्रणाली की जानकारी जुटाई, तो पता चला कि सरकार द्वारा निर्धारित कुछ ग्रेडिंग फॉर्मूलों के कारण अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद वे कमजोर जिलों में शामिल कर दिए गए। इस पर सवाल उठे, जो शासन तक पहुँचे। अब सरकार इस प्रणाली को और सशक्त बनाने की तैयारी में है, जिससे रिपोर्ट पूरी तरह वस्तुनिष्ठ हो और किसी को शिकायत का मौका न मिले।

रिपोर्टिंग प्रणाली की संरचना कैसी होगी?

1. 400 से अधिक पैरामीटर्स पर आधारित रिपोर्ट

एमपीएसईडीसी (MPSEDC) के सीईओ आशीष वशिष्ठ के अनुसार, रिपोर्टिंग प्रणाली में सभी विभागों की योजनाओं और शासन की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए 400+ पैरामीटर शामिल किए गए हैं।

2. डायनामिक पैरामीटर्स की भूमिका

इस प्रणाली में डायनामिक पैरामीटर्स को भी जोड़ा गया है, जो समय और स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं, जैसे:

  • गर्मी के मौसम में गेहूं खरीदी

  • बारिश में बाढ़ राहत कार्य

  • त्योहारों में कानून व्यवस्था

  • शिक्षा सत्र के समय स्कूल-कॉलेज में प्रवेश व्यवस्था

डेटा कहां से आएगा?

वशिष्ठ के मुताबिक, रिपोर्ट तैयार करने के लिए अलग से कोई जानकारी नहीं मंगाई जा रही है। सभी विभागों के पोर्टल पहले से आपस में इंटीग्रेटेड हैं। सरकार इन्हीं पोर्टलों से डेटा लेकर प्रत्येक योजना का औसत निकालती है और उसी के आधार पर जिलावार परफॉर्मेंस रिपोर्ट बनाई जाती है।

अभी यह प्रारंभिक चरण में है, इसलिए फिलहाल जिलों को सामूहिक रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है।

शासन की प्राथमिकता भी तय करेगी स्कोरिंग

हर महीने कलेक्टरों की परफॉर्मेंस रेटिंग करते समय शासन की प्राथमिकताएं एक प्रमुख घटक होंगी।
उदाहरण के लिए:

  • ग्रीष्मकाल में गेहूं की खरीदी

  • मानसून के दौरान बाढ़ प्रबंधन और राहत कार्य

  • त्योहारी सीज़न में कानून व्यवस्था बनाए रखना

  • उद्योग स्थापना के लिए ज़मीन आवंटन और प्रक्रिया की तेजी

इन जैसे पैरामीटर लगातार अपडेट होते रहेंगे और रिपोर्टिंग में प्राथमिक भूमिका निभाएंगे।

IIT इंदौर में प्लेसमेंट पैकेज 1 करोड़ के पार, ग्रेजुएट बैच को करीब 400 प्लेसमेंट ऑफर

आईआईटी इंदौर में ग्रेजुएट होने वाले स्टूडेंट्स के लिए प्लेसमेंट का यह सीजन शानदार रहा। इस साल प्लेसमेंट के आंकड़े नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए है। 1 दिसंबर से प्लेसमेंट सीजन शुरू हुआ था। इस बार 130 से ज्यादा कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया।

IIT इंदौर के डायरेक्टर प्रो. सुहास जोशी ने बताया कि IIT इंदौर में इस साल प्लेसमेंट अच्छा रहा है। दुनिया की जानी मानी कंपनियां IIT इंदौर में आ रही है। इसकी वजह यह है कि पिछले साल से IIT इंदौर फर्स्ट जनरेशन आईआईटीस के साथ जुड़ गया है। उसी कारण बेहतर कंपनियां और पीएसयू भी IIT इंदौर में आने लगे हैं।

जिसके कारण उन्हें प्लेसमेंट मिलने में ओर आसानी हो जाएगी। हम स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट सीजन की तैयारी करने के लिए बहुत सारे प्रोग्राम कर रहे है, जिसके फायदा स्टूडेंट्स को बेहतर जॉब मिलने में होगा।

85% से ज्यादा बी.केट स्टूडेंट्स को मिला प्लेसमेंट

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर - विकिपीडिया

IIT इंदौर से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रेजुएट होने वाले बैच को लगभग 400 प्लेसमेंट ऑफर मिले, जिसमें आज तक 85% से अधिक बी.टेक छात्रों को प्लेसमेंट मिल चुका है। चूंकि अभी भी कई कंपनियां प्लेसमेंट करने वाली हैं, इसलिए प्लेसमेंट दर और भी अधिक बढ़ने की उम्मीद है।

शानदार जॉब ऑफर के साथ-साथ, कुछ स्टूडेंट्स ने ग्लोबल यूनिवर्सिटीस में पढ़ने का विकल्प चुका है जबकि कुछ उद्यमशीलता के उपक्रमों में शामिल हो रहे हैं। इस प्लेसमेंट सीजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषताओं में से एक स्टूडेंट्स को दिए जाने वाले सैलरी पैकेज में पर्याप्त वृद्धि है।

पिछले साल की तुलना में ऑफर किया गया हाईएस्ट सैलरी पैकेज दोगुना हो गया है, जो कि पहली बार 1 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया है। औसत सैलरी में भी 13% की अच्छी बढ़ोतरी देखी गई, जो 27 लाख रुपए प्रति वर्ष तक पहुंच गई।

130 से ज्यादा कंपनियों ने लिया हिस्सा

इस प्लेसमेंट प्रोसेस में 130 से ज्यादा कंपनियों ने हिस्सा लिया है, जो कई क्षेत्रों में अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभा रही हैं। इनमें आईटी, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा और पर्यावरण, परामर्श, बैंकिंग, सेमीकंडक्टर, कंस्ट्रक्शन और बहुत कुछ शामिल हैं। गूगल, डाटाब्रिक्स, डीई शॉ, बीपीसीएल, एचपीसीएल आदि जैसी कई कंपनियों ने IIT इंदौर से सक्रिय रूप से भर्ती की है।

MP News: मध्यप्रदेश के 58 UPSC टॉपर्स का सम्मान समारोह, कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भव्य कार्यक्रम

मध्यप्रदेश के 58 UPSC उम्मीदवारों को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित एक भव्य समारोह में सम्मानित किया गया। इसमें 15 महिलाएं भी शामिल थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने इस अवसर पर उपस्थिति दर्ज की।

सीएम ने लॉन्च किया ‘ई-ज्ञान सेतु’ पोर्टल

मुख्यमंत्री ने ‘ई-ज्ञान सेतु’ पोर्टल का शुभारंभ किया, जो छात्रों को यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ऑनलाइन स्टडी मटेरियल प्रदान करेगा। इसमें मेडिकल, इंजीनियरिंग, और बिजनेस से संबंधित कोर्स, वीडियो ट्यूटोरियल्स और अन्य शैक्षिक सामग्री शामिल हैं। प्रदेश के 10 जिलों में डिजिटल स्टूडियो स्थापित किए गए हैं।

प्रमुख UPSC 2024 टॉपर्स की सफलता की कहानियां

1. आयुषी बंसल – ग्वालियर (7वीं रैंक)

आयुषी ने तीसरी बार UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उन्होंने IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में प्राइवेट सेक्टर में काम किया। पिता के निधन के बाद, उन्होंने प्रशासनिक सेवा में करियर बनाने का निर्णय लिया। वर्तमान में, वह हैदराबाद में आईपीएस ट्रेनिंग ले रही हैं।

2. माधव अग्रवाल – ग्वालियर (16वीं रैंक)

माधव ने पहले CA में टॉप रैंक हासिल की थी। अब उन्होंने UPSC में 16वीं रैंक प्राप्त की है। उनके पिता राकेश अग्रवाल चाय व्यवसायी हैं।

3. रोमिल द्विवेदी – रीवा (27वीं रैंक)

रोमिल के पिता केके द्विवेदी सहकारिता विभाग में जॉइंट कमिश्नर हैं। वह पिछले साल ऑल इंडिया रेलवे सर्विस में चयनित हुए थे।

4. ऋषभ चौधरी – मंदसौर (28वीं रैंक)

ऋषभ ने बिना कोचिंग के घर पर 8 घंटे पढ़ाई करके UPSC परीक्षा में 28वीं रैंक हासिल की। उनके पिता का 2023 में निधन हो गया था। परिवार का ट्रांसपोर्ट और बीमा व्यवसाय है।

सरकारी संस्थानों से शिक्षा प्राप्त 31 उम्मीदवार

इनमें से कई उम्मीदवारों ने सरकारी संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की है। उदाहरण के लिए, यतीश अग्रवाल ने संस्कृत विषय से पढ़ाई की है, जबकि चंदेरी के विवेक हिंदी मीडियम से पढ़े हैं।

एमपी बोर्ड ने घोषित की द्वितीय परीक्षा की तारीखें, फेल छात्रों को मिलेगा एक और मौका

मध्यप्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (MPBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा (Supplementary Exam) की तारीखों की घोषणा कर दी है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए है जो मुख्य परीक्षा में एक या दो विषयों में असफल रहे हैं। उन्हें इस परीक्षा के माध्यम से पुनः अवसर मिलेगा।

परीक्षा की तारीखें और समय

एमपी बोर्ड की द्वितीय परीक्षा 17 जून से शुरू होकर 5 जुलाई 2025 तक चलेगी। परीक्षाएं प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी। व्यावहारिक परीक्षाएं 17 से 25 जून 2025 के बीच निर्धारित की गई हैं। छात्रों को परीक्षा केंद्र पर सुबह 8 बजे तक उपस्थित होना अनिवार्य है।

आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि

The Madhya Pradesh Board of Secondary Education (MPBSE) has declared the  Class 10 results

द्वितीय परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए छात्रों को MP Online पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 21 मई 2025 है। सभी छात्रों से अनुरोध है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करें ताकि वे परीक्षा में सम्मिलित हो सकें।

परीक्षा का उद्देश्य और महत्त्व

यह द्वितीय परीक्षा छात्रों को एक और अवसर प्रदान करती है ताकि वे अपने अकादमिक प्रदर्शन में सुधार कर सकें। इससे उनका शैक्षिक वर्ष बर्बाद नहीं होगा और वे आगामी कक्षाओं के लिए तैयार रहेंगे। MPBSE ने इस पहल के माध्यम से छात्रों को बेहतर प्रदर्शन करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर प्रदान किया है।

अधिक जानकारी के लिए

अधिक जानकारी और आवेदन के लिए MPBSE की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in पर जाएं। यहां से आप परीक्षा समय सारणी, प्रवेश पत्र और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त कर सकते हैं।

“राहवीर योजना”: मध्यप्रदेश में सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को मिलेगा ₹25,000 का पुरस्कार

मध्यप्रदेश सरकार ने सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों को अस्पताल तक पहुंचाने वाले मददगारों के लिए एक नई और सराहनीय पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 20 मई 2025 को राजवाड़ा, इंदौर में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इस बैठक का आयोजन लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर हुआ, जो राज्य सरकार की सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

क्या है राहवीर योजना?

राहवीर योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर इलाज दिलाने के लिए आम नागरिकों को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत यदि कोई व्यक्ति सड़क पर दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति को अस्पताल तक सुरक्षित रूप से पहुंचाता है, तो उसे ₹25,000 की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि “गोल्डन ऑवर” (पहले एक घंटे) में इलाज मिलने से घायल की जान बचाई जा सकती है, और यह पहल उस समय सीमा के भीतर मदद पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

योजना के लाभ

  • घायल की जान बचाने में मदद: समय पर इलाज मिलने से घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।

  • मददगार को सम्मान राशि: अस्पताल तक घायल को पहुंचाने वाले व्यक्ति को ₹25,000 की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।

  • सामाजिक जिम्मेदारी में वृद्धि: यह योजना समाज में एकजुटता और मानवीयता की भावना को बढ़ावा देगी।

  • कानूनी सुरक्षा: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी नागरिकों को दुर्घटना में मदद करने के लिए कानूनी सुरक्षा देने की बात की है, जिससे लोग बिना डर के मदद कर सकेंगे।

कैबिनेट बैठक की प्रमुख बातें

MP CM Mohan Yadav holds cabinet meeting at Rajwada palace, a first since  independence | Latest News India - Hindustan Times

राजवाड़ा, इंदौर में आयोजित इस विशेष कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके मंत्रिमंडल ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। बैठक में राज्य के विकास, सार्वजनिक कल्याण और शासन की योजनाओं पर चर्चा की गई। बैठक के बाद पारंपरिक मालवी भोजन का आयोजन भी किया गया, जिसमें दाल-बाफले, दही-बड़े और मावा-माटी जैसे स्थानीय व्यंजन शामिल थे।

कैसे मिलेगा इनाम

राहवीर योजना के तहत मदद करने वाले नागरिकों को सम्मान राशि प्राप्त करने के लिए संबंधित जिला अस्पताल या राज्य स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करना होगा। अधिक जानकारी और मार्गदर्शन के लिए राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

राहवीर योजना मध्यप्रदेश सरकार की एक सराहनीय पहल है, जो समाज में मानवीयता और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देती है। यह योजना न केवल सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों की जान बचाने में मदद करेगी, बल्कि समाज में एकजुटता और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित करेगी। सरकार की यह पहल नागरिकों को प्रेरित करेगी कि वे बिना किसी डर के दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करें, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।

IDBI बैंक में 676 जूनियर असिस्टेंट मैनेजर पदों पर भर्ती: आवेदन की अंतिम तिथि आज, जल्दी करें आवेदन

IDBI बैंक ने जूनियर असिस्टेंट मैनेजर (JAM) ग्रेड ‘O’ के 676 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यदि आप बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक हैं, तो यह आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। आवेदन की अंतिम तिथि आज, 20 मई 2025 है।

पदों का विवरण

श्रेणी पदों की संख्या
सामान्य (UR) 271
ओबीसी (OBC) 124
अनुसूचित जाति (SC) 140
अनुसूचित जनजाति (ST) 74
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) 67
कुल 676
  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक डिग्री।

  • सामान्य, ओबीसी, और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 60% अंक।

  • एससी, एसटी, और पीडब्ल्यूडी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 55% अंक।

आयु सीमा (1 मई 2025 के अनुसार)

  • न्यूनतम: 20 वर्ष

  • अधिकतम: 25 वर्ष

  • आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • आवेदन प्रारंभ तिथि: 8 मई 2025

  • आवेदन अंतिम तिथि: 20 मई 2025 (आज)

  • ऑनलाइन परीक्षा की तिथि: 8 जून 2025 (रविवार)

चयन प्रक्रिया

  1. ऑनलाइन टेस्ट (ऑब्जेक्टिव प्रकार)

  2. दस्तावेज़ सत्यापन

  3. व्यक्तिगत साक्षात्कार (PI)

  4. प्रारंभिक चिकित्सा परीक्षा (PRMT)

वेतनमान

  • वेतनमान: ₹8-10 लाख प्रति वर्ष (श्रेणी ‘A’ शहरों में)

परीक्षा पैटर्न

Know The 5 Free Apps for Job Alerts in India

विषय प्रश्नों की संख्या अधिकतम अंक समय सीमा
तार्किक अभ्यासन, डेटा विश्लेषण और व्याख्या 60 60 40 मिनट
अंग्रेज़ी भाषा 40 40 20 मिनट
मात्रात्मक अभ्यासन 40 40 35 मिनट
सामान्य/अर्थशास्त्र/बैंकिंग जागरूकता/कंप्यूटर/आईटी 60 60 25 मिनट
  • आधार कार्ड

  • 10वीं और 12वीं की मार्कशीट

  • पासपोर्ट साइज फोटो

  • रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी

  • स्थायी निवासी प्रमाण पत्र

  • सिग्नेचर

  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

आवेदन प्रक्रिया

  1. आधिकारिक वेबसाइट idbibank.in पर जाएं।

  2. “Recruitment” सेक्शन में जाकर “Apply Online” पर क्लिक करें।

  3. आवश्यक दस्तावेज़, फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें।

  4. अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदन शुल्क का भुगतान करें।

  5. फॉर्म पूरा भरने के बाद उसे सबमिट करें।

  6. आवेदन का प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रखें।

यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो बैंकिंग क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। यदि आप पात्र हैं, तो आज ही आवेदन करें और इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं।

तुर्की कंपनी ‘असिस’ की जांच पर विजयवर्गीय का बयान: ‘राष्ट्र सर्वोपरि, भारत विरोधी मानसिकता का कोई स्थान नहीं’

मध्यप्रदेश के सीनियर मिनिस्टर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि राष्ट्रधर्म सर्वोपरि है और जो भी भारत की संप्रभुता के विरुद्ध खड़ा होगा, उसके साथ सहानुभूति या सहयोग असहनीय है। मंत्री विजयवर्गीय ने X पर असिस गार्ड कंपनी को लेकर पोस्ट किया है। जिसमें लिखा है तुर्किये की इस कंपनी के बने ड्रोन का हाल ही में भारत विरोधी गतिविधियों में प्रयोग किया गया। यह कंपनी भोपाल-इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में डिजिटल प्रणाली के कार्य के लिए अनुबंधित है।

तुर्किये की ड्रोन निर्माण कंपनी “Asis Guard” पर आरोप है कि इसके बनाए गए ड्रोन हाल ही में भारत विरोधी गतिविधियों में उपयोग किए गए। यह गंभीर मामला तब और संवेदनशील हो जाता है जब यह सामने आया है कि असिस गार्ड वर्तमान में भोपाल और इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट्स में डिजिटल प्रणाली से जुड़ी सेवाएं दे रही है।

गहन एवं निष्पक्ष जांच के निर्देश

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले की गहन एवं निष्पक्ष जांच की जाए। यदि यह पाया गया कि कंपनी का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत विरोधी तत्वों से संबंध है या इसके उपकरणों का उपयोग भारत की सुरक्षा के विरुद्ध हुआ है, तो इसका अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया जाएगा।

राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी पोस्ट में लिखा कि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकार राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और आत्मगौरव के साथ कोई भी समझौता नहीं करेगी। इस मामले में सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर अमल कर रही है।

केंद्र सरकार ने की यह कार्रवाई

यह जानकारी सामने आई है कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान तुर्किये (Turkey) ने पाकिस्तान का खुलकर साथ दिया। केंद्र ने देश के एयरपोर्ट पर काम करने वाली तुर्किये के कार्गो ऑपरेटर सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेस इंडिया का सिक्योरिटी क्लीयरेंस कैंसिल कर दिया। भोपाल-इंदौर मेट्रो स्टेशन का काम अब तक तुर्किए की कंपनी असिस इलेक्ट्रॉनिक वे बिलिशिम सिस्तेमलेरी के पास ही है। इसे लेकर एमपी के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।

असिस को मार्च 2024 में दिया था 230 करोड़ा का ठेका

After the PC department, the Asus commercial department has also been laid  off - Allelco

कंपनी को मार्च 2024 में 230 करोड़ रुपए का ठेका मिला है, जिसमें 53 स्टेशनों पर टिकट फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाना है। कंपनी भोपाल में 8 और इंदौर में 5 स्टेशनों पर काम कर रही है। इंदौर का काम पूरा हो चुका है, जबकि भोपाल में 5 स्टेशनों पर सिस्टम लगा दिया गया है। अभी भी 43 स्टेशनों पर काम बाकी है। एमडी मेट्रो रेल एस. कृष्णा चैतन्य ने बताया कि इंदौर-भोपाल में पहले चरण का काम खत्म हो गया है। शासन स्तर पर कोई फैसला होगा तो उसका पालन करेंगे। इसका मतलब है कि मेट्रो रेल कंपनी अपने स्तर पर कोई पहल नहीं करेगी।

तुर्किये की कंपनी क्या काम कर रही ?

  • ठेका कंपनी को एंड-टू-एंड ओपन लूप ईएमवी, एनसीएमसी कार्ड-आधारित एएफसी सिस्टम और क्यूआर कोड-आधारित टिकटिंग का डिजाइन, निर्माण, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग करने की जिम्मेदारी दी गई है।
  • इस सिस्टम का हर डिवाइस एक केंद्रीय बैंक-ऑफिस एएफसी सिस्टम से जुड़ा होगा।
  • तुर्की की कंपनी असिस इलेक्ट्रॉनिक वे बिलिशिम सिस्तेमलेरी ने मार्च 2022 में अनुबंध के लिए निविदाएं आमंत्रित की थीं, जिसकी समय सीमा 4 साल और अनुमानित लागत 230 करोड़ रुपए थी।

12वीं पास के लिए सुनहरा अवसर, सीआईएसएफ में 403 पदों पर निकली हेड कांस्टेबल की भर्ती

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने खेल कोटे के तहत हेड कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) के 403 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती पुरुष और महिला दोनों खिलाड़ियों के लिए है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट cisfrectt.cisf.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

शैक्षणिक योग्यता

  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 12वीं पास।

  • राज्य, राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में प्रतिनिधित्व का अनुभव होना चाहिए।

वेतनमान

  • ₹25,500 से ₹81,100 प्रति माह (लेवल-4)

  • अन्य भत्तों का भी प्रावधान।

आयु सीमा

  • न्यूनतम: 18 वर्ष

  • अधिकतम: 23 वर्ष (01.08.2025 के अनुसार)

  • आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु में छूट दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया

  1. ट्रायल टेस्ट

  2. प्रोफिशिएंसी टेस्ट

  3. फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST)

  4. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

  5. मेडिकल एग्जाम

आवेदन शुल्क

  • सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस: ₹100/-

  • महिला, एससी, एसटी: नि:शुल्क

आवेदन कैसे करें

  1. आधिकारिक वेबसाइट cisfrectt.cisf.gov.in पर जाएं।

  2. “हेड कांस्टेबल (स्पोर्ट्स कोटा) 2025” लिंक पर क्लिक करें।

  3. आवश्यक विवरण भरकर लॉगिन क्रेडेंशियल प्राप्त करें।

  4. जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करें।

  5. आवेदन शुल्क भरकर फॉर्म सबमिट करें।

  6. आवेदन का प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • आवेदन प्रारंभ: 11 मई 2025

  • आवेदन की अंतिम तिथि: 30 मई 2025 (रात 11:59 बजे तक)

यदि आप खेलों में रुचि रखते हैं और सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, तो यह अवसर आपके लिए उपयुक्त हो सकता है। आवेदन प्रक्रिया में किसी भी सहायता के लिए आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं।

31 मई को भोपाल में प्रधानमंत्री मोदी का दौरा, महारानी अहिल्याबाई की 300वीं जन्मजयंती पर आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल

भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई 2025 को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल आएंगे, महारानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, जो रानी अहिल्याबाई की शासन नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में एक बैठक आयोजित की, जिसमें कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण

  • महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित आयोजन: भोपाल में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित होगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए शुरू की गई योजनाओं और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को प्रदर्शित किया जाएगा।

  • इंदौर मेट्रो को हरी झंडी: प्रधानमंत्री मोदी इंदौर मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 के बीच मेट्रो सेवा को वर्चुअली हरी झंडी दिखा सकते हैं। हालांकि, मेट्रो के व्यावसायिक संचालन की तारीख अभी तय नहीं हुई है।

  • सीएम की बैठक: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, राव उदय प्रताप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बीजेपी का अहिल्याबाई पर केंद्रित अभियान

इंदौर की होल्कर वंश की रानी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती के अवसर पर बीजेपी एक विशेष अभियान चला रही है। यह अभियान 21 से 31 मई तक चलेगा, जिसमें रानी अहिल्याबाई की शासन नीति, सामाजिक सुधार और सांस्कृतिक योगदान को उजागर किया जाएगा। इस दौरान बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता अहिल्याबाई के जीवन मूल्य, उनके दूरदर्शी शासन और धार्मिक-सांस्कृतिक योगदान के बारे में जनता के बीच जागरूकता फैलाएंगे। अभियान का उद्देश्य बीजेपी की समावेशी सुशासन की नीति को भी प्रचारित करना है।

विशेष कैबिनेट बैठक और सांस्कृतिक कार्यक्रम

Madhya Pradesh Cabinet Meeting CM Mohan Yadav taken important decisions ANN  | एमपी कैबिनेट की बैठक में इन प्रस्तावों को मिली हरी झंडी, इंडस्ट्री और  सिंचाई के क्षेत्र में अहम ...

महारानी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में 20 मई को इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा महल में एक विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। यह पहली बार होगा जब राज्य कैबिनेट इस धरोहर स्थल पर बैठक करेगी। बैठक में अहिल्याबाई की शासन नीति, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक के बाद पारंपरिक मालवी भोजन का आयोजन भी किया जाएगा।

शिक्षा में अहिल्याबाई की विरासत

राज्य सरकार ने रानी अहिल्याबाई की शासनकाल से संबंधित दस्तावेजों को मोधी लिपि से हिंदी में अनुवादित कर पुस्तक रूप में प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। यह पुस्तक स्कूल और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में शामिल की जाएगी, ताकि युवा पीढ़ी को उनकी शासन नीति और सामाजिक योगदान के बारे में जानकारी मिल सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा और बीजेपी द्वारा आयोजित अभियान रानी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती को एक ऐतिहासिक अवसर बना रहे हैं, जो महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुधार और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मध्यप्रदेश सरकार की ऐतिहासिक पहल: कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए ‘सीएम केयर’ योजना से मिलेगा 20 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज

मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने राज्य के कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘सीएम केयर’ योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत कर्मचारियों को 20 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा, जबकि पेंशनर्स को 5 लाख रुपये तक की सुविधा प्रदान की जाएगी। यह योजना राज्य के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभान्वित करेगी।

योजना की मुख्य विशेषताएँ:

Mohan Yadav's reliance on bureaucrats increases

  • कैशलेस इलाज: कर्मचारियों को 20 लाख रुपये तक और पेंशनर्स को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।

  • सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू: इसमें नियमित, संविदा, शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, नगर सैनिक, पंचायत सचिव, आशा-उषा कार्यकर्ता, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम रोजगार सहायक, सहायक, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, नगर सैनिक, कर्मचारी जो राज्य के स्वायत्त संस्थानों में कार्यरत हैं, को शामिल किया गया है।

  • कैबिनेट से मंजूरी की प्रक्रिया: वित्त और स्वास्थ्य शिक्षा विभाग ने योजना को अंतिम रूप दे दिया है और मुख्यमंत्री के साथ प्रस्ताव पर आखिरी बातचीत के बाद इसे जल्दी ही कैबिनेट से मंजूरी दिलाई जाएगी।

वर्तमान व्यवस्था में सुधार:

वर्तमान में, कर्मचारियों को इलाज के खर्च का रिफंड पाने के लिए विभाग में आवेदन करना पड़ता है, जो समय लेने वाली प्रक्रिया है। नई योजना से कर्मचारियों को तुरंत इलाज की सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी पुरानी मांग पूरी होगी।

योजना की आवश्यकता:

कर्मचारियों को इलाज के लिए पहले विभाग में आवेदन करना पड़ता है, जिससे रिफंड पाने में समय लगता है। कई बार बजट की कमी के कारण कर्मचारियों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। नई योजना से कर्मचारियों को तुरंत इलाज की सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी पुरानी मांग पूरी होगी।

यह योजना कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी राहत है, जो लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे।