E-Paper
E-Paper
Home Blog Page 13

मध्यप्रदेश में बदला मौसम का मिज़ाज, 38 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

मध्यप्रदेश में मंगलवार को मौसम ने करवट ली, और राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। भोपाल में दोपहर 2 बजे के बाद करीब आधे घंटे तक तेज़ और हल्की बारिश का सिलसिला चला। रायसेन और विदिशा में भी लगभग 10 मिनट तक तेज़ बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तीन सक्रिय सिस्टम—वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन—की वजह से आंधी और बारिश का दौर जारी है।

38 जिलों में आंधी का अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के 38 जिलों में आंधी का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा शामिल हैं। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है।

अगले कुछ घंटों का मौसम पूर्वानुमान

अगले कुछ घंटों में बड़वानी, छिंदवाड़ा, सिवनी, धार, पांढुर्णा, अलीराजपुर, देवास, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, डिंडोरी, अनूपपुर और सागर में मौसम बदला रहेगा। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।

मानसून की दस्तक

Monsoon Updates: मध्य प्रदेश में 15 जून को पहुंचेगा दक्षिण-पश्चिम मॉनसून,  जानें आपके राज्य में कब होगी एंट्री - southwest monsoon likely to arrive in  MP by 15 june said by imd

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून की आमद 15 जून को हो सकती है। मंगलवार को मानसून ने अंडमान द्वीप में दस्तक दे दी है, और अब यह धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। 15 जून तक यह प्रदेश के दक्षिणी हिस्से—जैसे बालाघाट, सिवनी, मंडला, बैतूल, बुरहानपुर—में प्रवेश कर सकता है। इसके 10 दिन के अंदर मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर सकता है।

उत्तरी हिस्से में बढ़ेगी गर्मी

मौसम विभाग के अनुसार, 16 मई तक प्रदेश में आंधी और बारिश का अलर्ट है। जिन जिलों में सिस्टम की एक्टिविटी नहीं रहेगी, वहां गर्मी बढ़ जाएगी। उत्तरी हिस्से—जैसे ग्वालियर-चंबल—में आंधी-बारिश के साथ गर्मी का असर भी बना रहेगा।

अगले 4 दिन ऐसा रहेगा प्रदेश का मौसम: 

13 मई: भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड,मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में आंधी-बारिश का अलर्ट है।

14 मई: भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी, मंडला, बालाघाट, अशोकनगर, गुना, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बुरहानपुर,, खंडवा, देवास, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़ में आंधी चलने के साथ बारिश हो सकती है।

15 मई: इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, आगर-मालवा, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में तेज आंधी का अलर्ट है। यहां बारिश भी हो सकती है।

16 मई: भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़,शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना में आंधी, बारिश का अलर्ट है।

मौसम विशेषज्ञ की टिप्पणी

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में सक्रिय सिस्टम की वजह से प्रदेश में मौसम बदला है। 16 मई तक हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। इसके बाद गर्मी का असर बढ़ सकता है।

मौसम की स्थिति में बदलाव के कारण किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। कृषि कार्यों और यात्रा से संबंधित निर्णय लेते समय मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें

UPPSC की 50 पदों पर भर्ती: आवेदन की अंतिम तिथि 24 मार्च, वेतन ₹67,700 से ₹2,08,700 तक

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक पदों के लिए 50 रिक्तियों की घोषणा की है। इन पदों में असिस्टेंट डायरेक्टर, फाइलेरिया कंट्रोल ऑफिसर, प्रिंसिपल, रीडर और लेक्चरर शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है, और इच्छुक उम्मीदवार uppsc.up.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 24 मार्च 2025 है, जबकि आवेदन में सुधार की अंतिम तिथि 2 अप्रैल 2025 निर्धारित की गई है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, साक्षात्कार, दस्तावेज़ सत्यापन और चिकित्सा परीक्षा शामिल हैं। वेतनमान पद के अनुसार ₹67,700 से ₹2,08,700 प्रति माह तक है।

5 job portals to help you find the right job in 2022 - India Today

पदों की सूची

  • असिस्टेंट डायरेक्टर

  • फाइलेरिया कंट्रोल ऑफिसर

  • प्रिंसिपल

  • रीडर

  • लेक्चररUPPSC

शैक्षिक योग्यता

  • संबंधित विषय में ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री।

  • कुछ पदों के लिए कार्य अनुभव आवश्यक।

आयु सीमा

  • न्यूनतम: 21 वर्ष

  • अधिकतम: 45 वर्ष

  • आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी।

आवेदन शुल्क

  • सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस: ₹105

  • एससी/एसटी: ₹65

  • दिव्यांग (पीएच): ₹25

चयन प्रक्रिया

  1. रिटन परीक्षा

  2. इंटरव्यू

  3. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

  4. मेडिकल परीक्षा

वेतनमान

  • पद के अनुसार ₹67,700 से ₹2,08,700 प्रति माह।

आवेदन कैसे करें

  1. UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

  2. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (OTR) करें।

  3. रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होने में 72 घंटे तक का समय लग सकता है।

  4. ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।

  5. आवेदन शुल्क का भुगतान करें।

  6. आवेदन फॉर्म सबमिट करें और इसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।

कांग्रेस का ‘इंदिरा तेरी याद आई’ अभियान, मध्य प्रदेश में मोदी सरकार पर हमला

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान के साथ युद्धविराम की घोषणा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के बाद “इंदिरा तेरी याद आई” अभियान की शुरुआत की है। कांग्रेस का उद्देश्य यह जताना है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह दृढ़ नेतृत्व की आवश्यकता है।

जीतू पटवारी का बयान: ट्रंप ने युद्ध की परिस्थितियों को नियंत्रित किया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की परिस्थितियों को नियंत्रित किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के संबोधन से पहले ट्रंप की बयानबाजी से यह स्पष्ट होता है कि भारत की विदेश नीति कमजोर हुई है।

मप्र सरकार पर हमला: “यह सर्कस है, सारे मंत्री जम्हूरे हैं”

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को शिवसेना पंजाब, शिवसेना टकसाली, शिव सेना  राष्ट्रहित ने किया याद, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ...

पटवारी ने मध्य प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का नैतिक दायित्व समाप्त हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अर्थव्यवस्था सुधारने, बहनों की राशि बढ़ाने और युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए।

“इंदिरा तेरी याद आई” अभियान की शुरुआत

कांग्रेस ने “इंदिरा तेरी याद आई” अभियान की शुरुआत की है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ता इंदिरा गांधी के नेतृत्व की याद दिलाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। यह अभियान पार्टी की रणनीति का हिस्सा है, जो आगामी चुनावों में मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए है।

कांग्रेस का यह नया अभियान और पटवारी के बयान यह दर्शाते हैं कि पार्टी वर्तमान सरकार की विदेश नीति और राज्य सरकार के कार्यों को लेकर गंभीर चिंताओं में है। “इंदिरा तेरी याद आई” अभियान के माध्यम से कांग्रेस अपने पुराने नेतृत्व की याद दिलाकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

MP News: मोहन कैबिनेट बैठक हुई सम्पन्न, कई महत्वपूर्ण फैसलों को मिली मंजूरी

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने 13 मई 2025 को आयोजित कैबिनेट बैठक में किसानों, पर्यटकों और वन्यजीवों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। इन निर्णयों से राज्य की कृषि, पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहर और वन्यजीव सुरक्षा को नया दिशा मिलेगा।

जंगली हाथियों से बचाव के लिए ₹47 करोड़ की योजना

राज्य सरकार ने जंगली हाथियों के कारण होने वाली फसलों और मानव जीवन की हानि को रोकने के लिए ₹47 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत हाथियों की गतिविधियों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, रैपिड एक्शन टीमों का गठन होगा और ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे हाथियों के हमलों में कमी आएगी और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

किसानों को गेहूं की खरीदी पर ₹2,600 प्रति क्विंटल मूल्य

MP Cabinet Meeting: मोहन कैबिनेट की बैठक आज, कई महत्वपूर्ण फैसलों को मिलेगी मंजूरी

किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की नीति में बदलाव किया गया है। अब किसानों को ₹2,600 प्रति क्विंटल मिलेंगे, जिसमें ₹2,425 MSP और ₹175 बोनस शामिल हैं। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और बिचौलियों से बचाव होगा। इसके लिए सरकार ने ₹1,400 करोड़ का बजट निर्धारित किया है और 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है।

मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र के ज्योर्तिलिंगों का धार्मिक सर्किट

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकारों ने मिलकर महेश्वर, ओंकारेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर और घृणेश्वर जैसे प्रमुख ज्योर्तिलिंगों को जोड़ने वाले धार्मिक सर्किट की योजना बनाई है। इससे श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा में इन सभी स्थानों की यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर विशेष कैबिनेट बैठक

20 मई को इंदौर के राजवाड़े में देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती के अवसर पर विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी। इसके तहत उनकी लिपि “मोड़ी” के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

किसानों को धान पर ₹4,000 प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन

किसानों को धान की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर ₹4,000 का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे लगभग 6.70 लाख किसानों को लाभ होगा और 12.20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए सरकार ने ₹480 करोड़ का बजट निर्धारित किया है।

राजस्व भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण के लिए ₹138.41 करोड़ की स्वीकृति

राजस्व भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण के लिए ₹138.41 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इससे भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। डिजिटलीकरण कार्य मध्य प्रदेश भू-अभिलेख प्रबंधन समिति के माध्यम से खुले निविदा प्रक्रिया से किया जाएगा।

सागर कॉलेज में बड़ा स्कॉलरशिप घोटाला, ₹76.25 लाख की राशि फर्जी खातों में ट्रांसफर

सागर जिले के बंडा स्थित शासकीय राजीव गांधी कॉलेज में छात्रवृत्ति के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। कॉलेज के तीन पूर्व प्राचार्य और एक कंप्यूटर ऑपरेटर ने मिलकर गांव की बेटियों को मिलने वाली ₹5000 की सालाना स्कॉलरशिप को हड़पने के लिए ₹76.25 लाख का घपला किया। यह घोटाला 2019 से 2023 के बीच हुआ।

घोटाले का खुलासा कैसे हुआ?

सरकार की योजना के तहत, 60% अंक लाकर 12वीं पास करने वाली गांव की लड़कियों को कॉलेज में एडमिशन लेने पर हर साल ₹5000 की स्कॉलरशिप मिलती है। यह रकम सीधे छात्रा के बैंक अकाउंट में जाती है। लेकिन कॉलेज के तीन प्राचार्य डॉ. एचजी सेन, डॉ. एसएच गणवीर, और डॉ. बीडी अहिरवार ने कंप्यूटर ऑपरेटर नीलेश खरे के साथ मिलकर इस योजना में भारी गड़बड़ी की।

फर्जी खातों में ट्रांसफर की गई राशि

गांव की बेटी स्कॉलरशिप योजना में 1500 छात्राओं ने आवेदन किया था, लेकिन 2061 को भुगतान दिखाया गया। 561 अपात्र लड़कियों के नाम जोड़कर ₹28.5 लाख रुपये फर्जी खातों में डाले गए। 964 पात्र छात्राओं को आज तक स्कॉलरशिप नहीं मिली। 2019, 2020 और 2021 में 364, 327 और 273 छात्राओं को क्रमशः ₹18.20 लाख, ₹16.35 लाख और ₹13.65 लाख रुपये नहीं दिए गए।

एक ही दिन में कई बार ट्रांसफर

KYC Fraud: 7 strategies to prevent KYC fraud

नीलेश खरे, उसके पिता, दादा और कुल मिलाकर 27 लोगों के बैंक खातों में स्कॉलरशिप की राशि ट्रांसफर की गई। कई खातों में एक ही दिन में कई बार ₹5000 की राशि जमा की गई, जबकि नियम के अनुसार एक छात्रा को एक साल में सिर्फ एक बार ₹5000 मिलते हैं।

कुछ उदाहरण

  • उज्मा कुरैशी ने 2018 में कॉलेज में एडमिशन लिया, लेकिन उसे 2021 तक एक भी स्कॉलरशिप नहीं मिली। 2023 में उसके खाते में एक बार ₹5000 रुपये जमा हुए। लेकिन सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार उसके नाम पर ₹55,000 रुपये ट्रांसफर दिखाए गए, वो भी जिस खाते में ट्रांसफर हुए वह नीलेश खरे के नाम का है।

  • ज्योति सेन के नाम पर एक ही दिन में 9 बार ₹5000 करके ₹45,000 रुपये ट्रांसफर किए गए। अभिलाषा अहिरवार के नाम पर 26 बार ₹5000 करके ₹1.30 लाख रुपये जमा किए गए। दोनों ट्रांजैक्शन भी नीलेश खरे के खाते में ही हुए।

जिम्मेदारों के बयान

  • वर्ष 2015–20 तक प्राचार्य रहे डॉ. एचजी सेन ने कहा कि कोरोना काल में देरी हुई थी, बाद में स्कॉलरशिप दी गई।

  • वर्ष 2020–21 तक प्राचार्य रहे डॉ. एसएच गणवीर ने कहा कि अपात्रों के नाम नहीं जांचे, पात्रों की राशि खातों में नहीं डलवाई।

  • वर्ष 2021 से अब तक प्राचार्य डॉ. बीडी अहिरवार ने कहा अगर कोई पात्र है तो स्कॉलरशिप दिला देंगे। जिन्हें स्कॉलरशिप नहीं मिली, वे आवेदन करें।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

उच्च शिक्षा विभाग की अधिकारी का कहना है कि उन्हें इस घोटाले की जानकारी नहीं है। जबकि कलेक्टर ऑफिस से 9 अप्रैल को ही इस मामले की शिकायत भेजी जा चुकी है। यानी अब तक मामले को दबाने की कोशिश हो रही है।

कार्रवाई की दिशा

इस मामले में जांच जारी है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। आशा है कि दोषियों को जल्द ही सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

भोपाल स्कूल बस हादसा: सीएम मोहन यादव का सख्त एक्शन, आरटीओ निलंबित, अनफिट वाहनों पर विशेष जांच अभियान शुरू

भोपाल के बाणगंगा चौराहे पर स्कूल बस हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस और परिवहन विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे आज से बिना फिटनेस प्रमाणपत्र वाले वाहनों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई करें। इस हादसे में डॉक्टर आयशा खान की मौत हो गई थी, और बस का ब्रेक फेल होने से यह दुर्घटना हुई थी।

हादसे का विवरण

सोमवार को बाणगंगा चौराहे पर एक स्कूल बस ने ट्रैफिक सिग्नल पर खड़ी गाड़ियों को पीछे से टक्कर मारी। इसमें डॉक्टर आयशा खान की मौत हो गई, जबकि अन्य पांच लोग घायल हो गए। चश्मदीदों के अनुसार, बस का ब्रेक फेल हो गया था, जिससे यह हादसा हुआ।

सीएम का सख्त रुख

article-image

सीएम मोहन यादव ने डीजीपी कैलाश मकवाना और परिवहन अधिकारियों से कहा है कि वे स्कूल बसों की फिटनेस, परमिट और रजिस्ट्रेशन की जांच करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आरटीओ निलंबन और एफआईआर

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हादसे वाली बस का फिटनेस प्रमाणपत्र पांच महीने पहले समाप्त हो चुका था। भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह ने आरटीओ जितेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, बस मालिक और चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

विशेष जांच अभियान

सीएम के निर्देश पर पुलिस और परिवहन विभाग ने आज से अनफिट वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू किया है। इसमें स्कूल बसों की फिटनेस, परमिट और रजिस्ट्रेशन की जांच की जाएगी।

न्यायालय के दिशा-निर्देश

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्कूल बसों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें बसों का पीला रंग, “School Bus” या “On School Duty” का स्पष्ट उल्लेख, ग्रिल्स, फर्स्ट ऐड किट, फायर एक्सटिंग्विशर और स्पीड गवर्नर की अनिवार्यता शामिल है। इसके अलावा, बसों की उम्र 12 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए और ड्राइवरों के पास पांच साल का अनुभव और साफ-सुथरी रिकॉर्ड होना चाहिए।

इस हादसे ने स्कूल बसों की सुरक्षा मानकों की आवश्यकता को उजागर किया है। सरकार और न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करके भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

CM मोहन यादव का बालाघाट में बड़ा ऐलान, 64 पुलिस जवानों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन, मेडिकल कॉलेज और विकास कार्यों की सौगात

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार, 12 मई 2025 को बालाघाट जिले के लांजी में आयोजित एक विशेष समारोह में 64 पुलिसकर्मियों को ‘आउट ऑफ टर्न प्रमोशन’ प्रदान किया। यह प्रमोशन उन जवानों को दिया गया जिन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में अद्वितीय साहस और वीरता का प्रदर्शन किया।

वीरता का सम्मान: 64 जवानों को पदोन्नति

इस समारोह में 62 हॉकफोर्स के जवानों, एक पुलिस बल के जवान और 36वीं बटालियन के एक जवान को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान किया गया। इन जवानों ने 19 फरवरी 2025 को लांजी के पितकोना क्षेत्र में एक नक्सली मुठभेड़ में भाग लिया था, जिसमें दो महिला नक्सलियों को मार गिराया गया था। इस साहसिक कार्रवाई के लिए उन्हें यह विशेष पदोन्नति दी गई।

मुख्यमंत्री का संदेश

Image

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा, “बालाघाट को देश के 12 सबसे नक्सल प्रभावित जिलों की श्रेणी से बाहर निकालने का श्रेय हमारे बहादुर पुलिस जवानों को जाता है। उनकी वीरता और समर्पण से सरकार और समाज दोनों गौरवान्वित हैं।” उन्होंने नक्सलियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, “अब जो भी निर्दोषों का खून बहाएगा, झूठे लाल सलाम के नाम पर आतंक फैलाएगा, उसके लिए इस धरती पर कोई जगह नहीं बची है। या तो सरेंडर करो या मारे जाओगे।”

आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की सौगात

Image

समारोह में मुख्यमंत्री ने बालाघाट में 69.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन भी किया। उन्होंने बताया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में अब तक 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जा चुके हैं, और इस साल 8 नए मेडिकल कॉलेज भी शुरू होने वाले हैं।

169.80 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने 169.80 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इनमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण और अन्य विभागों के कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।

इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, डीजी कैलाश मकवाना, सांसद, विधायक और पूर्व विधायक भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बालाघाट के लांजी बावड़ी का भी निरीक्षण किया, जो जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तैयार की गई है। यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बालाघाट का छठा दौरा था।

यह समारोह न केवल पुलिसकर्मियों की वीरता का सम्मान था, बल्कि प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं और नक्सलवाद के खिलाफ जारी संघर्ष की भी एक महत्वपूर्ण झलक प्रस्तुत करता है।

Government Job: ग्रेजुएट्स के लिए सुनहरा अवसर, IOB में लोकल बैंक ऑफिसर के पद पर निकली भर्ती

इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने लोकल बैंक ऑफिसर (LBO) के 400 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भर्ती तमिलनाडु, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल और पंजाब राज्यों में की जाएगी।

Indian Overseas Bank (IOB) revises savings account rates going to be in force from 10 April | Mint

भर्ती विवरण

  • कुल पद: 400

  • पदों का वितरण:

    • तमिलनाडु: 260

    • ओडिशा: 10

    • महाराष्ट्र: 45

    • गुजरात: 30

    • पश्चिम बंगाल: 34

    • पंजाब: 21

  • कुल पद: 400

शैक्षणिक योग्यता

  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से स्नातक की डिग्री।

आयु सीमा

  • न्यूनतम: 20 वर्ष

  • अधिकतम: 30 वर्ष

  • आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

आवेदन शुल्क

  • जनरल, OBC, EWS: ₹850/-

  • SC, ST, PWD (दिव्यांग): ₹175/

चयन प्रक्रिया

  1. लिखित परीक्षा

  2. भाषा दक्षता परीक्षण

  3. व्यक्तिगत साक्षात्कार

वेतनमान

  • ₹48,840 से ₹85,920 प्रति माह

  • इसके अतिरिक्त अन्य भत्तों का लाभ भी मिलेगा।

परीक्षा पैटर्न

  • परीक्षा अवधि: 3 घंटे

  • प्रश्नों की संख्या: 140 (MCQ)

  • अनारक्षित वर्ग के लिए उत्तीर्ण अंक: 35%

  • आरक्षित वर्ग के लिए उत्तीर्ण अंक: 30%

  • गलत उत्तर पर 1/4 अंक की नकारात्मक अंकन।

आवेदन कैसे करें

  1. आधिकारिक वेबसाइट iob.in पर जाएं।

  2. “Recruitment” सेक्शन में जाएं।

  3. राज्य के अनुसार दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

  4. रजिस्ट्रेशन करें और आवेदन पत्र भरें।

  5. आवेदन शुल्क का भुगतान करें।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • आवेदन प्रारंभ: आज से

  • आवेदन की अंतिम तिथि: जल्द ही घोषित की जाएगी।

निजी क्षेत्र के सहयोग से वन्यप्राणी संरक्षण की तैयारी: एमपी सरकार ने तैयार की नई नीति, कैबिनेट की मंजूरी बाकी

मध्यप्रदेश सरकार अब वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए निजी क्षेत्र की मदद लेने की योजना बना रही है। वन विभाग ने इसके लिए एक नई नीति का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया है। प्रस्तावित नीति के तहत, सरकार कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड के माध्यम से वन्यजीवों के संरक्षण, उनके रहवास और सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए निजी संस्थानों से आर्थिक सहयोग ले सकेगी।

बैकग्राउंड: वनों में निजी दखल पहले से विवादों में

दो माह पहले प्रदेश सरकार ने बिगड़े वनों के सुधार के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी वाली नीति पेश की थी, जिसका आरएसएस से जुड़े वनवासी विकास संघ और कई आदिवासी संगठनों ने तीखा विरोध किया था। संगठनों का कहना था कि इससे वनों की पारंपरिक संरचना प्रभावित होगी और वनवासी समुदायों का अधिकार खतरे में पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपे ज्ञापन में संगठनों ने स्पष्ट किया था कि निजी दखल वनों को लाभ नहीं, बल्कि और अधिक नुकसान पहुंचाएगा मुख्यमंत्री ने तब नीति पर पुनर्विचार का आश्वासन दिया था, जिसके बाद सुधार कार्यक्रम फिलहाल रोक दिया गया है।

अब वन्य प्राणियों के लिए CSR का रास्ता

18 Photos of Mp Jungle Safari Tours and Travels in Bandhavgarh National  Park, Umariya - Justdial

इन विरोधों को देखते हुए वन विभाग ने अब एक बदलाव किया है — इस बार फोकस बिगड़े वनों की बजाय वन्यप्राणियों के संरक्षण पर रखा गया है। विभाग का तर्क है कि टाइगर फाउंडेशन कमेटी जैसी संस्थाओं में CSR से फंड लेने का प्रावधान तो है, लेकिन इसे लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। अब इस नीति के जरिए उस कमी को दूर किया जाएगा।

नीति को लेकर क्या होगा आगे?

कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद, वन विभाग निजी कंपनियों और संस्थाओं से CSR या अन्य मदों के तहत अनुदान लेकर संरक्षण परियोजनाओं पर काम कर सकेगा। इसमें वन्यजीवों के रहवास स्थलों का विकास, सुरक्षा उपाय, मॉनिटरिंग सिस्टम, और संरक्षित क्षेत्रों की व्यवस्थाएं शामिल हो सकती हैं।

विवाद फिर लौट सकता है?

हालांकि इस नीति का दायरा वन्यप्राणी संरक्षण तक सीमित रखा गया है, लेकिन निजी दखल को लेकर उठे पुराने विरोध दोबारा सामने आ सकते हैं। विशेषकर तब, जब आदिवासी संगठन और पर्यावरण कार्यकर्ता इसे प्राकृतिक संसाधनों के निजीकरण की दिशा में एक और कदम मानें।

सरकार जहां साझेदारी के जरिए संरक्षण की नई राह खोलना चाहती है, वहीं स्थानीय समुदायों और पारंपरिक संरचनाओं को भरोसे में लेना इसके लिए बेहद जरूरी होगा। कैबिनेट से नीति को हरी झंडी मिलने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि इसका जमीनी असर कितना सकारात्मक होता है।

उज्जैन में सीएम मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की समीक्षा की कहा – सिंहस्थ सिर्फ मध्यप्रदेश नहीं, पूरे विश्व की शान; धार्मिक पर्यटन और विकास को मिलेगा बढ़ावा

उज्जैन पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह पूरे विश्व की सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। राज्य सरकार ने आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए कई योजनाओं को स्वीकृति दी है, जिनमें इंदौर, ओंकारेश्वर, महेश्वर, भोपाल समेत पूरे मालवा क्षेत्र को शामिल किया गया है।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ से जुड़ी योजनाएं धार्मिक पर्यटन, अधोसंरचना विकास और आमजन के दीर्घकालिक लाभ को ध्यान में रखते हुए बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि यह आयोजन प्रदेश की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करे और इसके माध्यम से धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बल मिले।”

केंद्र और राज्य की साझेदारी से होगी विकास योजनाओं की पूर्ति

सीएम यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ योजनाएं राज्य स्तर पर पूरी की जाएंगी जबकि कुछ के लिए केंद्र सरकार से सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्यों को गति दी जाए।

समीक्षा बैठक में शामिल रहे प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि

Simhastha 2028: सिंहस्थ की तैयारियां, 18 हजार करोड़ के 523 कार्य प्रस्तावित  - Simhastha 2028 Preparations for 523 works worth Rs 18 thousand crore  proposed

इस अहम बैठक में सांसद अनिल फिरोजिया, महापौर मुकेश टटवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, कमिश्नर संजय जैन, उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह, इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बीजेपी पदाधिकारियों के स्वागत समारोह में भी हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने उज्जैन प्रवास के दौरान भाजपा नगर संगठन द्वारा आयोजित नव नियुक्त मंडल पदाधिकारियों के परिचय एवं स्वागत समारोह में भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में शहर के तमाम जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

खेलों को मिलेगा बढ़ावा, हर विधानसभा में बनेगा आधुनिक मैदान

रविवार देर रात मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय फिरोजिया ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने खेलों के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए बताया कि अब ओलंपिक पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। साथ ही, प्रदेश की हर विधानसभा में सर्वसुविधायुक्त खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।

तिरंगा यात्रा में भी हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने शहीद पार्क से फव्वारा चौक तक निकाली गई तिरंगा यात्रा में भी भाग लिया और नागरिकों से देशभक्ति व एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।