Sunday, April 5, 2026
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Government Job: ग्रेजुएट्स के लिए सुनहरा अवसर, IOB में लोकल बैंक ऑफिसर के पद पर निकली भर्ती

इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने लोकल बैंक ऑफिसर (LBO) के 400 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भर्ती तमिलनाडु, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल और पंजाब राज्यों में की जाएगी।

Indian Overseas Bank (IOB) revises savings account rates going to be in force from 10 April | Mint

भर्ती विवरण

  • कुल पद: 400

  • पदों का वितरण:

    • तमिलनाडु: 260

    • ओडिशा: 10

    • महाराष्ट्र: 45

    • गुजरात: 30

    • पश्चिम बंगाल: 34

    • पंजाब: 21

  • कुल पद: 400

शैक्षणिक योग्यता

  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से स्नातक की डिग्री।

आयु सीमा

  • न्यूनतम: 20 वर्ष

  • अधिकतम: 30 वर्ष

  • आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

आवेदन शुल्क

  • जनरल, OBC, EWS: ₹850/-

  • SC, ST, PWD (दिव्यांग): ₹175/

चयन प्रक्रिया

  1. लिखित परीक्षा

  2. भाषा दक्षता परीक्षण

  3. व्यक्तिगत साक्षात्कार

वेतनमान

  • ₹48,840 से ₹85,920 प्रति माह

  • इसके अतिरिक्त अन्य भत्तों का लाभ भी मिलेगा।

परीक्षा पैटर्न

  • परीक्षा अवधि: 3 घंटे

  • प्रश्नों की संख्या: 140 (MCQ)

  • अनारक्षित वर्ग के लिए उत्तीर्ण अंक: 35%

  • आरक्षित वर्ग के लिए उत्तीर्ण अंक: 30%

  • गलत उत्तर पर 1/4 अंक की नकारात्मक अंकन।

आवेदन कैसे करें

  1. आधिकारिक वेबसाइट iob.in पर जाएं।

  2. “Recruitment” सेक्शन में जाएं।

  3. राज्य के अनुसार दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

  4. रजिस्ट्रेशन करें और आवेदन पत्र भरें।

  5. आवेदन शुल्क का भुगतान करें।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • आवेदन प्रारंभ: आज से

  • आवेदन की अंतिम तिथि: जल्द ही घोषित की जाएगी।

निजी क्षेत्र के सहयोग से वन्यप्राणी संरक्षण की तैयारी: एमपी सरकार ने तैयार की नई नीति, कैबिनेट की मंजूरी बाकी

मध्यप्रदेश सरकार अब वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए निजी क्षेत्र की मदद लेने की योजना बना रही है। वन विभाग ने इसके लिए एक नई नीति का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया है। प्रस्तावित नीति के तहत, सरकार कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड के माध्यम से वन्यजीवों के संरक्षण, उनके रहवास और सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए निजी संस्थानों से आर्थिक सहयोग ले सकेगी।

बैकग्राउंड: वनों में निजी दखल पहले से विवादों में

दो माह पहले प्रदेश सरकार ने बिगड़े वनों के सुधार के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी वाली नीति पेश की थी, जिसका आरएसएस से जुड़े वनवासी विकास संघ और कई आदिवासी संगठनों ने तीखा विरोध किया था। संगठनों का कहना था कि इससे वनों की पारंपरिक संरचना प्रभावित होगी और वनवासी समुदायों का अधिकार खतरे में पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपे ज्ञापन में संगठनों ने स्पष्ट किया था कि निजी दखल वनों को लाभ नहीं, बल्कि और अधिक नुकसान पहुंचाएगा मुख्यमंत्री ने तब नीति पर पुनर्विचार का आश्वासन दिया था, जिसके बाद सुधार कार्यक्रम फिलहाल रोक दिया गया है।

अब वन्य प्राणियों के लिए CSR का रास्ता

18 Photos of Mp Jungle Safari Tours and Travels in Bandhavgarh National  Park, Umariya - Justdial

इन विरोधों को देखते हुए वन विभाग ने अब एक बदलाव किया है — इस बार फोकस बिगड़े वनों की बजाय वन्यप्राणियों के संरक्षण पर रखा गया है। विभाग का तर्क है कि टाइगर फाउंडेशन कमेटी जैसी संस्थाओं में CSR से फंड लेने का प्रावधान तो है, लेकिन इसे लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। अब इस नीति के जरिए उस कमी को दूर किया जाएगा।

नीति को लेकर क्या होगा आगे?

कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद, वन विभाग निजी कंपनियों और संस्थाओं से CSR या अन्य मदों के तहत अनुदान लेकर संरक्षण परियोजनाओं पर काम कर सकेगा। इसमें वन्यजीवों के रहवास स्थलों का विकास, सुरक्षा उपाय, मॉनिटरिंग सिस्टम, और संरक्षित क्षेत्रों की व्यवस्थाएं शामिल हो सकती हैं।

विवाद फिर लौट सकता है?

हालांकि इस नीति का दायरा वन्यप्राणी संरक्षण तक सीमित रखा गया है, लेकिन निजी दखल को लेकर उठे पुराने विरोध दोबारा सामने आ सकते हैं। विशेषकर तब, जब आदिवासी संगठन और पर्यावरण कार्यकर्ता इसे प्राकृतिक संसाधनों के निजीकरण की दिशा में एक और कदम मानें।

सरकार जहां साझेदारी के जरिए संरक्षण की नई राह खोलना चाहती है, वहीं स्थानीय समुदायों और पारंपरिक संरचनाओं को भरोसे में लेना इसके लिए बेहद जरूरी होगा। कैबिनेट से नीति को हरी झंडी मिलने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि इसका जमीनी असर कितना सकारात्मक होता है।

उज्जैन में सीएम मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की समीक्षा की कहा – सिंहस्थ सिर्फ मध्यप्रदेश नहीं, पूरे विश्व की शान; धार्मिक पर्यटन और विकास को मिलेगा बढ़ावा

उज्जैन पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह पूरे विश्व की सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। राज्य सरकार ने आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए कई योजनाओं को स्वीकृति दी है, जिनमें इंदौर, ओंकारेश्वर, महेश्वर, भोपाल समेत पूरे मालवा क्षेत्र को शामिल किया गया है।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ से जुड़ी योजनाएं धार्मिक पर्यटन, अधोसंरचना विकास और आमजन के दीर्घकालिक लाभ को ध्यान में रखते हुए बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि यह आयोजन प्रदेश की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करे और इसके माध्यम से धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बल मिले।”

केंद्र और राज्य की साझेदारी से होगी विकास योजनाओं की पूर्ति

सीएम यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ योजनाएं राज्य स्तर पर पूरी की जाएंगी जबकि कुछ के लिए केंद्र सरकार से सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्यों को गति दी जाए।

समीक्षा बैठक में शामिल रहे प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि

Simhastha 2028: सिंहस्थ की तैयारियां, 18 हजार करोड़ के 523 कार्य प्रस्तावित  - Simhastha 2028 Preparations for 523 works worth Rs 18 thousand crore  proposed

इस अहम बैठक में सांसद अनिल फिरोजिया, महापौर मुकेश टटवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, कमिश्नर संजय जैन, उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह, इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बीजेपी पदाधिकारियों के स्वागत समारोह में भी हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने उज्जैन प्रवास के दौरान भाजपा नगर संगठन द्वारा आयोजित नव नियुक्त मंडल पदाधिकारियों के परिचय एवं स्वागत समारोह में भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में शहर के तमाम जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

खेलों को मिलेगा बढ़ावा, हर विधानसभा में बनेगा आधुनिक मैदान

रविवार देर रात मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय फिरोजिया ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने खेलों के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए बताया कि अब ओलंपिक पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। साथ ही, प्रदेश की हर विधानसभा में सर्वसुविधायुक्त खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।

तिरंगा यात्रा में भी हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने शहीद पार्क से फव्वारा चौक तक निकाली गई तिरंगा यात्रा में भी भाग लिया और नागरिकों से देशभक्ति व एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।

MP Weather Forecast: भोपाल-इंदौर से लेकर सिंगरौली तक, 45 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट जारी

मध्यप्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखी गई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भोपाल, इंदौर, अशोकनगर समेत 45 जिलों में अलर्ट जारी किया है।

तेज आंधी और बारिश से बिगड़े हालात

रविवार दोपहर के बाद भोपाल, मंदसौर, शहडोल, इंदौर, छतरपुर, सागर, खरगोन और अशोकनगर में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। अशोकनगर में ओले गिरे जबकि खरगोन में तेज हवाओं से टीन शेड उड़ गए और पेड़ उखड़ गए। मौसम विभाग के अनुसार, यह अब तक की सीजन की सबसे तेज आंधी रही।

इन जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 12 से 15 मई तक विभिन्न जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने, बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई है।

12 मई को संभावित प्रभाव वाले जिले:
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, बैतूल, देवास, धार, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी आदि।

13 से 15 मई तक असर वाले प्रमुख जिले:
ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, छतरपुर, रीवा, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, अलीराजपुर, झाबुआ, सिंगरौली, सीधी सहित दर्जनों जिले।

तापमान में उतार-चढ़ाव, खजुराहो सबसे गर्म

Rajasthan Weather Update: आंधी-बारिश के लिए रहें तैयार, राजस्थान में अगले 3  दिन गरज के साथ बरसेंगे बादल, IMD ने जारी किया अलर्ट | IMD issued orange  alert for rain and thunderstorm

बारिश के बावजूद कुछ इलाकों में गर्मी बनी हुई है। रविवार को खजुराहो में तापमान 42°C तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा था। अन्य प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा:

  • भोपाल: 38.4°C

  • इंदौर: 35.9°C

  • ग्वालियर: 39.6°C

  • जबलपुर: 39.2°C

  • पचमढ़ी: 31.2°C (सबसे ठंडा)

IMD की सलाह: सतर्क रहें, गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें

मौसम विभाग ने जनता से आग्रह किया है कि:

  • तेज आंधी के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें।

  • आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय अपनाएं।

  • ओले और तेज हवाओं से फसलों व निर्माणाधीन ढांचों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच ट्रैवल एजेंट्स का बड़ा कदम, तुर्की और अजरबैजान की बुकिंग पर रोक, सरकार से सख्त एडवाइजरी की मांग

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर, ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) ने तुर्की और अजरबैजान के लिए सभी बुकिंग्स और प्रमोशन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी हैं। एसोसिएशन के अनुसार, इन देशों ने पाकिस्तान के आतंकवाद के समर्थन में बयान दिए थे, जिससे भारतीय ट्रैवल एजेंट्स में असंतोष उत्पन्न हुआ है।

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बुकिंग पर रोक

TAAI के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष, श्री हमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार, इन दोनों राज्यों के लगभग 250 ट्रैवल एजेंट्स ने तुर्की और अजरबैजान की बुकिंग्स पर रोक लगा दी है। उन्होंने सरकार से इन देशों के खिलाफ सख्त एडवाइजरी जारी करने की मांग की है।

2024 में तुर्की और अजरबैजान से भारतीय ट्रैवल एजेंट्स को हुआ था 5,000 करोड़ रुपये का कारोबार

India Pakistan Tension: Air Ticket Booking Closed For Turkey And Azerbaijan, Advisory Issued For Passengers - Amar Ujala Hindi News Live - India Pakistan Tension:तुर्किये और अजरबैजान के लिए हवाई टिकट की

2024 में, लगभग 2.75 लाख भारतीय पर्यटकों ने तुर्की की यात्रा की, जबकि 2.5 लाख से अधिक ने अजरबैजान का दौरा किया। प्रति यात्री औसतन 1.5 लाख रुपये का खर्च आता है, जिससे इन दोनों देशों से भारतीय ट्रैवल एजेंट्स को लगभग 5,000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।

जॉर्जिया, थाईलैंड और यूरोप की ओर बढ़ रहा रुझान

तुर्की और अजरबैजान की बुकिंग्स पर रोक के बाद, भारतीय पर्यटक अब जॉर्जिया, थाईलैंड, यूरोप और वियतनाम जैसे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। जार्जिया, जो यूरोप की सीमा से लगा हुआ है, भारतीय पर्यटकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरा है।

ट्रैवल कंपनियों की प्रतिक्रिया

ईज माई ट्रिप, ट्रैवोमिंट और कॉक्स एंड किंग्स जैसी प्रमुख ट्रैवल कंपनियों ने तुर्की और अजरबैजान के लिए सभी पैकेज और बुकिंग्स तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी हैं। इन कंपनियों ने मौजूदा बुकिंग्स को बिना किसी शुल्क के रद्द करने की सुविधा भी प्रदान की है।

यह कदम भारतीय ट्रैवल इंडस्ट्री की एकजुटता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भविष्य में, यदि इन देशों की नीतियों में बदलाव होता है, तो भारतीय ट्रैवल एजेंट्स और पर्यटकों के लिए नए अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।

स्विगी को 5,000 रुपये का हर्जाना: 50 मिनट इंतजार के बाद ऑर्डर कैंसिल करना पड़ा महंगा

भोपाल, मध्यप्रदेशमध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्विगी द्वारा 50 मिनट तक इंतजार कराने के बाद ऑर्डर कैंसिल करने पर उपभोक्ता फोरम ने 5,000 रुपये का हर्जाना लगाया है। यह फैसला जिला उपभोक्ता फोरम की भोपाल बेंच-1 ने सुनाया।

मामला: 8 जनवरी 2024

अवधपुरी निवासी अभिषेक नावरे ने 8 जनवरी 2024 को स्विगी के माध्यम से एफ फॉर फ्राई रेस्टोरेंट से 371 रुपये का खाना ऑर्डर किया। ऑनलाइन पेमेंट के बाद भी 50 मिनट तक डिलीवरी नहीं हुई। इसके बाद स्विगी ने बिना किसी पूर्व सूचना के ऑर्डर कैंसिल कर दिया।

शिकायत और रिफंड में देरी

District Consumer Forum gave important decision on a complaint | जिला उपभोक्ता फोरम ने एक परिवाद पर दिया महत्वपूर्ण फैसला: मरीज अनावश्यक भर्ती हुआ तो डॉक्टर का शपथ पत्र ...

अभिषेक ने 14 मार्च 2024 को वकील के माध्यम से उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई। ऑनलाइन पेमेंट की राशि उन्हें तीन दिन बाद वापस मिली, जिससे सेवा में लापरवाही और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन सिद्ध हुआ।

फोरम का निर्णय

फोरम ने स्विगी को उपभोक्ता के साथ सेवा में कमी का दोषी ठहराया और 5,000 रुपये का हर्जाना लगाने का आदेश दिया। स्विगी की ओर से सुनवाई के दौरान कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं था, जिससे कंपनी की लापरवाही और उपभोक्ता के अधिकारों की अनदेखी स्पष्ट हुई।

यदि आप भी इस तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो आप उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-11-4000 या 1915 है। इसके अलावा, आप उपभोक्ता हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच जल सहयोग की मिसाल, ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना

मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकारों के बीच ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना पर हाल ही में हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसे विश्व की सबसे बड़ी भूजल रिचार्ज योजना माना जा रहा है। यह परियोजना दोनों राज्यों के बीच जल सुरक्षा, सिंचाई और पेयजल आपूर्ति में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

जल उपयोग और सिंचाई क्षेत्र

इस परियोजना के तहत कुल 31.13 टीएमसी जल का उपयोग किया जाएगा, जिसमें से 11.76 टीएमसी मध्यप्रदेश और 19.36 टीएमसी महाराष्ट्र को आवंटित किया गया है। मध्यप्रदेश में बुरहानपुर और खंडवा जिलों की चार तहसीलें—बुरहानपुर, नेपानगर, खाकनार और खालवा—लाभान्वित होंगी, जहां 1,23,082 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।

परियोजना संरचना और जलाशय

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परियोजना में खरिया गुटीघाट डेम साइट पर 8.31 टीएमसी क्षमता वाला लो डाइवर्जन वेयर, 221 किमी लंबा राइट बैंक नहर (पहला चरण), 135.64 किमी लंबा लेफ्ट बैंक नहर (पहला चरण) और 123.97 किमी लंबा लेफ्ट बैंक नहर (दूसरा चरण) शामिल हैं। इन संरचनाओं से दोनों राज्यों में जल आपूर्ति और सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी।

केंद्र सरकार से सहयोग की अपेक्षाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस परियोजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की अपेक्षा जताई है। उन्होंने कहा कि जैसे केंद्र सरकार ने केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाओं में मदद की, उसी तरह इस परियोजना को भी केंद्र से सहयोग मिलेगा।

ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच जल संसाधनों के साझा उपयोग और प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह परियोजना केवल दोनों राज्यों के किसानों और नागरिकों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में भी सहायक सिद्ध होगी।

ग्वालियर से जम्मू जा रहे फौजी से रिश्वत लेने वाला टीटीई सस्पेंड, रेलवे की कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर प्रहार

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से जम्मू जा रहे एक फौजी से रेलवे के एक टीटीई ने रिश्वत की मांग की। यह घटना ट्रेन संख्या 12919 मालवा एक्सप्रेस में 9 मई को सोनीपत और पानीपत के बीच हुई। सूबेदार विनोद कुमार दुबे, जो ड्यूटी के लिए जम्मू जा रहे थे, ने सामान्य टिकट और आर्मी आईडी दिखाकर यात्रा की अनुमति मांगी। इसके बावजूद, टीटीई ने जुर्माना लगाने की धमकी दी और जनरल कोच में जाने के लिए कहा।

रिश्वत की मांग और वीडियो वायरल

सूबेदार दुबे के अनुसार, उनके साथ यात्रा कर रहे अग्निवीर जाहिर खान से टीटीई ने 150 रुपये की रिश्वत ली। रिश्वत लेने के बाद, टीटीई ने टिकट पर कुछ लिखा, लेकिन रसीद नहीं दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें फौजी और टीटीई के बीच बहस साफ़ देखी जा सकती है।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

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रेलवे अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी टीटीई दिलजीत सिंह को सस्पेंड कर दिया। भोपाल डिवीजन के डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने कहा कि जवानों को यात्रा में अधिकतम सुविधा प्रदान करने के निर्देश पहले ही दिए गए थे।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता

यह घटना रेलवे विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है। फौजी विनोद कुमार दुबे ने कहा कि इस प्रकार के भ्रष्टाचार से उनकी अंतरात्मा को ठेस पहुंची है। उन्होंने इस मामले को उजागर करने के लिए रेल मंत्रालय, पीएमओ और गृह मंत्रालय को ट्वीट किया। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में कोई अन्य फौजी इस प्रकार के भ्रष्टाचार का शिकार हो।

यह घटना केवल रेलवे विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि नागरिकों और कर्मचारियों की जागरूकता से ही व्यवस्था में सुधार संभव है। फौजी विनोद कुमार दुबे की पहल से यह स्पष्ट होता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना आवश्यक है। रेलवे विभाग को इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।

MP News: भारत-पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बिच, सीएम यादव ने सुरक्षा तैयारियों को लेकर की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात प्रदेश के सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर जिले में सायरन और मॉक ड्रिल की व्यवस्था की जाए ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

आवश्यक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि:

  • पानी, बिजली और सड़क सेवाओं में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।

  • हास्पतालों में डॉक्टरों और जीवन रक्षक दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए।

  • फायर ब्रिगेड को तैयार रखा जाए।

  • पब्लिक एड्रेस सिस्टम को चालू रखा जाए।

  • आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल और चेतावनी के परिप्रेक्ष्य में शहरों में सायरन की व्यवस्था रहनी चाहिए।

  • गैर सरकारी संगठनों, राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी कैडेट्स और सिविल स्वयं सेवकों की भागीदारी तय की जाए।

  • उद्योगों में उत्पादन जारी रखा जाए और उनकी सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है।

  • लोक निर्माण विभाग सड़कों, पुलों की देखभाल और सुरक्षा का जिम्मा ठीक से देखेंगे।

  • ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी है कि बिजली सप्लाई लगातार बनी रहे।

अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और जागरूकता बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि:

  • अधिकारी फील्ड में दिखें और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लें।

  • आवश्यक जनसहयोग प्राप्त करें।

  • अपराधियों के साथ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाए।

  • घटना घटित होने के पूर्व आवश्यक सावधानी बरती जाए।

  • सभी जिलों में मॉक ड्रिल कर आपदा की स्थिति में बचाव के लिए जागरूक किया जाए।

वॉलंटियर्स की मदद लेने के निर्देश

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मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि:

  • आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने में वॉलंटियर्स का सहयोग प्राप्त किया जाए।

  • रिटायर्ड फौजियों सहित सामाजिक कार्यों से जुड़े वॉलंटियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

  • नागरिकों के लिए आवश्यक सेवाएं समानांतर रूप से प्रदान करने का कार्य होता रहे।

13 विभागों के कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक

सामान्य प्रशासन विभाग ने 13 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इन विभागों में:

  • लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग

  • गृह विभाग

  • ऊर्जा विभाग

  • नगरीय विकास और आवास विभाग

  • पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग

  • लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग

  • खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग

  • लोक निर्माण विभाग

  • राजस्व विभाग

  • सामान्य प्रशासन विभाग

  • जल संसाधन विभाग

  • नर्मदा घाटी विकास विभाग

  • परिवहन विभाग

इन विभागों के शासकीय सेवक अपने मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे। विषम परिस्थितियों में छुट्टी मंजूरी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर और राज्य स्तर पर विभाग के सचिव से अनुमति प्राप्त करनी होगी।

BhopalNews: मेंटेनेंस कार्यों के चलते एक से छह घंटे तक बंद रहेगी बिजली; बिजली कंपनी ने जारी की शेड्यूल लिस्ट

भोपाल वासियों को शनिवार, 10 मई को बिजली कटौती की समस्या का सामना करना पड़ेगा। बिजली कंपनी द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार, शहर के 29 इलाकों में एक से छह घंटे तक बिजली गुल रहेगी। यह कटौती लाइन सुधार और नियमित मेंटेनेंस कार्यों के चलते की जा रही है। कंपनी ने पहले से ही इलाकेवार समय-सारणी जारी कर दी है ताकि लोग पूर्व तैयारी कर सकें।

यहां और कब-कब रहेगी बिजली बंद – समयानुसार सूची

सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक:

  • जनता नगर

  • रतन कॉलोनी

  • मोतीलाल नगर

  • व्यंजन ढाबा क्षेत्र

दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक:

  • संजीव नगर

  • पुलिस हाउसिंग

  • हनीमन कॉलेज

  • नयापुरा

शाम 4 बजे से शाम 6 बजे तक:

  • सौभाग्य नगर और आसपास के क्षेत्र

सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक:

  • ओम शिव नगर

  • मुंशी प्रेम कर्नल

  • काजी वजदुल कर्नल

  • राजीव रोजरी क्षेत्र

दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक:

  • एयरपोर्ट कॉलोनी

  • लाउखेड़ी

  • मौसम केंद्र के नजदीकी क्षेत्र

सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक:

  • शीतरा हाइट

  • साईं पार्क

  • निर्मल स्टेट

  • झारखंड मोहल्ला

सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक:

  • निरम्या अस्पताल

  • नर्मदा अस्पताल

  • भाजपा कार्यालय

  • नेशनल अस्पताल

  • सान्या अस्पताल

सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक:

  • सरोजिनी नायडू क्षेत्र और आस-पास के मोहल्ले

सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक:

  • रजत नगर

  • दानिश नगर

  • निखिल होम्स

  • कुंजन नगर और पास के क्षेत्र

क्या करें उपभोक्ता?

बिजली कंपनी ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस कटौती को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कामों की योजना पहले से बनाएं। अस्पताल, स्कूल, दफ्तर और घरों में इन समयों के दौरान बैकअप बिजली की व्यवस्था रखना उपयोगी रहेगा।