Sunday, April 5, 2026
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सेना के लिए तैयार MP के 7.5 लाख ट्रक: ऑपरेशन सिंदूर के समर्थन में ट्रक एसोसिएशन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, ड्राइवर-कंडक्टर की छुट्टियां रद्द

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश में राष्ट्रभक्ति और समर्थन की लहर दौड़ गई है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के ट्रक ऑपरेटरों ने देशसेवा का बीड़ा उठाया है। इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सेना को साढ़े सात लाख ट्रक देने की पेशकश की है।

“ऑर्डर मिले तो ट्रक लेकर खड़े हो जाएंगे” – एसोसिएशन अध्यक्ष सीएल मुकाती

एसोसिएशन के अध्यक्ष सीएल मुकाती ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर हम सभी गर्व महसूस कर रहे हैं। यदि सेना को ज़रूरत हो, तो हम 7.5 लाख ट्रक सैन्य सामान के परिवहन के लिए तत्पर हैं।

“हमने कारगिल युद्ध में भी सेना को 1000 ट्रक दिए थे। अब समय है फिर से साथ खड़े होने का।”

सेना के साथ कंधे से कंधा: छुट्टियां रद्द, ड्राइवर-कंडक्टर 24 घंटे तैयार

सेना के लिए मप्र से 7.5 लाख ट्रक तैयार, ड्राइवर और कंडक्टरों की छुट्टी  निरस्त, पीएम को लिखा पत्र – TV INDIA LIVE

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने ड्राइवरों और कंडक्टरों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। यह निर्णय लिया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में 24 घंटे के भीतर ट्रक रवाना किए जा सकें। ट्रक मालिकों और ऑपरेटरों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

पत्र में लिखा – “सिंदूर की लाज रखने वाली सेना को सलाम”

प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में एसोसिएशन ने लिखा:

“हमारे देश की आन-बान-शान और बहनों के सिंदूर की रक्षा के लिए भारतीय सेना ने जो साहसिक कार्रवाई की है, उसे हम सलाम करते हैं। ऑपरेशन सिंदूर देश के हर नागरिक के लिए गर्व का विषय है। हम आपके आदेश की प्रतीक्षा में खड़े हैं।”

देशभक्ति से लबरेज पहल बनी मिसाल

जहां एक ओर सीमाओं पर सेना दुश्मन को जवाब दे रही है, वहीं देश के भीतर से भी ऐसी नागरिक पहलें यह साबित करती हैं कि भारत एकजुट है। एमपी का यह ट्रक एसोसिएशन केवल लॉजिस्टिक्स का ऑफर नहीं दे रहा, बल्कि देश के साथ खड़े होने की भावना को सार्वजनिक रूप से प्रकट कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद आई यह पहल दिखाती है कि सिर्फ हथियार नहीं, देशभक्ति और सहयोग ही भारत की असली ताकत है। साढ़े सात लाख ट्रक सिर्फ मशीनें नहीं, बल्कि देश की जनता का सेना के लिए प्यार और समर्पण हैं।

सिंहस्थ 2028: उज्जैन में नहीं रुकेंगी रेगुलर ट्रेनें, रेलवे और प्रशासन की तैयारी शुरू, 266 करोड़ से ऐतिहासिक धरोहरों का होगा कायाकल्प

2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर रेलवे और जिला प्रशासन ने तैयारियों का खाका खींचना शुरू कर दिया है। उज्जैन कलेक्टर कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में तय किया गया कि मेले के दौरान रेगुलर ट्रेनें उज्जैन रेलवे स्टेशन से होकर नहीं गुजरेंगी। इन ट्रेनों की नई रूटिंग की जाएगी ताकि तीर्थयात्रियों की भीड़ को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके।

मक्सी और नागदा बनेंगे केंद्र, पिंगलेश्वर और नईखेड़ी स्टेशनों का भी होगा इस्तेमाल

Bhopal: Simhastha 2028 Expected To Attract Around 12 Cr Pilgrims

रेलवे द्वारा तैयार की गई योजना के तहत मक्सी और नागदा स्टेशनों को अपग्रेड किया जाएगा। यहीं से मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, ताकि उज्जैन में भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
इसके साथ ही, नईखेड़ी और पिंगलेश्वर स्टेशनों का सहायक रूप में उपयोग किया जाएगा।
विक्रम नगर और चिंतामण स्टेशनों को इमरजेंसी के लिए रिजर्व रखा जाएगा।

उज्जैन स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर होल्डिंग एरिया और नया फुट ओवर ब्रिज भी बनाया जाएगा।

इंदौर संभाग में 266 करोड़ से ऐतिहासिक विरासतों का संवर्धन

इंदौर संभागायुक्त दीपक सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पुरातत्व विभाग 266 करोड़ रुपए की लागत से संभाग की ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण करेगा। इस परियोजना के तहत निम्नलिखित स्थलों को संवारा जाएगा:

  • इंदौर का लालबाग पैलेस और गार्डन

  • राजबाड़ा का दरबार हॉल

  • महेश्वर, धार और मांडव के छप्पन महल संग्रहालय

  • बुरहानपुर में गुरु गोविंद सिंह स्मृति संग्रहालय

इन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर चल रहा काम

सिंहस्थ के दौरान तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें शामिल हैं:

  • सुपर कॉरिडोर से पालिया टोल नाका तक 12 किमी सड़क का निर्माण

  • विश्राम भवन गेस्ट हाउस का अपग्रेडेशन

  • मांगलिया से निरंजनपुर तक ड्रेनेज लाइन बिछाना

  • तलावली चांदा से अरंडिया तक सड़क सुधार कार्य

  • तीन ग्राम पंचायतों में यात्री शेड का निर्माण

  • एमआर-10 पर फोरलेन ओवर ब्रिज का निर्माण

  • कान्ह नदी शुद्धिकरण हेतु सीवरेज ट्रीटमेंट योजना

प्रशासन की सख्ती: समय पर और गुणवत्ता से पूरा हो काम

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी योजनाएं तय समयसीमा और गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। यह साफ है कि प्रशासन सिंहस्थ 2028 को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए गंभीरता से काम में जुट गया है।

भारत की ‘वॉटर स्ट्राइक’: सलाल और बगलिहार डैम के गेट खोलने से पाकिस्तान पर मंडराया बाढ़ का खतरा

भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव अब जल युद्ध (Water War) के रूप में भी देखने को मिल रहा है। भारत ने जम्मू-कश्मीर की चिनाब नदी पर बने सलाल डैम और बगलिहार डैम के गेट खोल दिए हैं, जिससे पाकिस्तान के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा गंभीर रूप ले सकता है।

सिंधु जल संधि रद्द, अब भारत के पास पूर्ण नियंत्रण

भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सिंधु जल संधि को निलंबित किया जा चुका है, और अब पानी छोड़ने या रोकने का निर्णय पूरी तरह भारत के अधिकार क्षेत्र में आता है। सलाल डैम के तीन गेट खोलने का निर्णय भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

चिनाब का पानी अब पाकिस्तान की ओर, बाढ़ की स्थिति बन सकती है

भारत ने सलाल डैम के कई गेट खोले - deshbandhu

भारत द्वारा सलाल और बगलिहार डैम के गेट खोलने के बाद चिनाब नदी का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। इससे पाक अधिकृत कश्मीर (POK) और पंजाब जैसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पहले यह पानी रोका जा रहा था, लेकिन अब भारी बारिश और रणनीतिक निर्णय के चलते पानी छोड़ा जा रहा है।

पाकिस्तान में बढ़ी चिंता, बाढ़ से तबाही की आशंका

पाकिस्तान के मौसम विभाग ने कई इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। यदि भारी मात्रा में पानी एक साथ पहुंचता है, तो निचले इलाकों में डूब की स्थिति बन सकती है। इससे आम जनता प्रभावित होगी और सरकार पर दबाव बढ़ेगा। यह भी संभव है कि पाकिस्तान में लोग अपनी सरकार से यह सवाल पूछें कि बाढ़ से निपटने की तैयारी क्यों नहीं की गई।

भारत की रणनीति: दबाव बनाने की ‘सॉफ्ट पावर’

सलाल और बगलिहार डैम का पानी छोड़ने को कई विशेषज्ञ भारत की एक ‘सॉफ्ट वॉर स्ट्रेटजी’ के रूप में देख रहे हैं। भारत यह दिखाना चाहता है कि जल जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर उसका नियंत्रण है और वह अपनी रणनीति के तहत इसका इस्तेमाल कर सकता है।

21 करोड़ लोग निर्भर, क्षेत्रीय तनाव का असर

गौरतलब है कि सिंधु और उसकी सहायक नदियां चार देशों – भारत, पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान – से होकर गुजरती हैं। करीब 21 करोड़ लोग इन नदियों पर निर्भर हैं, और ऐसे में इस तरह की रणनीतिक कार्रवाइयों का क्षेत्रीय प्रभाव गहरा हो सकता है।

बढ़ते भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, सभी पाकिस्तानी गानों, फिल्मों, वेब सीरीज पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने एक निर्णायक और सख्त कदम उठाया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने एक एडवाइजरी जारी कर भारत में सभी ओटीटी और मीडिया स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को पाकिस्तान से आने वाले डिजिटल कंटेंट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता, कंटेंट बैन की एडवाइजरी

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में लिया गया है, क्योंकि हाल के आतंकी हमलों का संबंध पाकिस्तान में मौजूद सरकारी और गैर-सरकारी तत्वों से रहा है। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए हमले में कई भारतीय नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाओं ने देश में भारी आक्रोश पैदा किया है।

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इसलिए मंत्रालय ने सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को पाकिस्तान में निर्मित वेब सीरीज, फिल्में, गाने, पॉडकास्ट और अन्य सभी डिजिटल मीडिया कंटेंट को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है, चाहे वे सब्सक्रिप्शन बेस्ड हों या फ्रीली उपलब्ध हों।

सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत कार्रवाई

एडवाइजरी सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के भाग III के अंतर्गत दी गई है, जिसमें ‘कोड ऑफ एथिक्स’ का उल्लेख किया गया है। यह कोड सभी डिजिटल पब्लिशर्स को पालन करना आवश्यक बनाता है, विशेषकर उन मामलों में जहां देश की अखंडता और सुरक्षा का सवाल हो।

पहले भी हो चुका है बैन, लेकिन OTT रहे थे उदासीन

यह पहली बार नहीं है जब भारत ने पाकिस्तान से जुड़े मनोरंजन कंटेंट पर रोक लगाई हो। साल 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद भी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तानी कलाकारों के काम करने पर अनौपचारिक रोक लगाई गई थी। हालांकि उस समय कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने इस आदेश की अनदेखी की थी और कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था।

अब कोई ढील नहीं, सख्त अनुपालन की उम्मीद

इस बार मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि यदि कोई प्लेटफॉर्म इस एडवाइजरी का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम न सिर्फ डिजिटल सीमाओं को लेकर भारत की स्पष्ट नीति को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि अब राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मध्यप्रदेश के पेंशनरों के लिए खुशखबरी, महंगाई राहत में 4% की वृद्धि

मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के पेंशनरों और परिवार पेंशनरों के लिए महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) की दर में वृद्धि का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, छठे वेतनमान के तहत पेंशनरों को 7% और सातवें वेतनमान के तहत पेंशनरों को 3% की वृद्धि दी गई है। यह वृद्धि 1 मार्च 2025 से प्रभावी होगी। इससे छठे वेतनमान के पेंशनरों को अब 246% और सातवें वेतनमान के पेंशनरों को 53% की महंगाई राहत मिलेगी।

वृद्धि का लाभ प्राप्त करने वाले पेंशनर:

New Rules 2025: Big relief for elderly people! Pensioners Can now Withdraw  Their Pension From any Bank in India - Rightsofemployees.com

  • 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनर: उन्हें देय अतिरिक्त पेंशन पर भी महंगाई राहत मिलेगी।

  • अधिवार्षिकी, सेवानिवृत्त, असमर्थता और क्षतिपूर्ति पेंशन: इन श्रेणियों के पेंशनरों को भी यह राहत मिलेगी।

  • अनुकंपा भत्ता प्राप्त करने वाले कर्मचारी: सेवा से पदच्युत या सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को स्वीकार किए गए अनुकंपा भत्ते पर भी महंगाई राहत की पात्रता होगी।

  • सारांशीकरण (Commutation) करने वाले पेंशनर: यदि किसी पेंशनर ने अपनी पेंशन का एक भाग सारांशीकृत कराया है, तो उन्हें महंगाई राहत उनकी मूल पेंशन पर देय होगी।

  • स्वशासी संस्थाओं या निगमों में काम करने के बाद एकमुश्त राशि लेने वाले कर्मचारी: यह आदेश उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर भी लागू होंगे, जिन्होंने उपक्रमों, स्वशासी संस्थाओं, मंडल, निगम आदि में संविलियन पर एकमुश्त राशि आहरित की है और जो पेंशन के एक-तिहाई हिस्से के प्रत्यावर्तन के पात्र हो गए हैं।

महंगाई राहत वृद्धि का सारांश:

वेतनमान पूर्व DR (%) नई DR (%) वृद्धि (%)
छठा 239 246 7
सातवां 50 53 3

उज्जैन महाकाल मंदिर में सिंहस्थ 2028 की सुरक्षा को लेकर नई पहल, पोर्टेबल बैगेज स्कैनर से होगी श्रद्धालुओं की जांच

उज्जैन के महाकाल मंदिर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और पुख्ता किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में पोर्टेबल बैगेज स्कैनर लगाए जा रहे हैं, जो कम समय में ज्यादा लोगों के बैग चेक कर सकते हैं। ये स्कैनर गाड़ी पर लगे होते हैं, जिससे इन्हें किसी भी जगह ले जाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। त्रिवेणी संग्रहालय के पास एक ऐसी स्कैनिंग गाड़ी पहले ही तैनात कर दी गई है।

सुरक्षा के लिए अन्य उपाय:

Bhopal: Simhastha 2028 Expected To Attract Around 12 Cr Pilgrims

  • स्मार्ट महाकाल परिसर में यात्री, सामान और फूल-प्रसाद सब कुछ स्कैन होकर ही मंदिर में जाएंगे 

  • महाकाल मंदिर के पास एक अलग पुलिस थाना स्थापित किया जाएगा और 400 होमगार्ड तैनात किए जाएंगे।

  • सिंहस्थ 2028 के लिए लगभग 50,000 पुलिसकर्मियों की आवश्यकता होगी।

तकनीकी उपाय:

  • सिंहस्थ मेले में ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और फेस रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

  • आईआईएम इंदौर ने महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए 20 साल की योजना तैयार की है।

उज्जैन महाकाल मंदिर में सिंहस्थ 2028 के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और समर्पित सुरक्षा बलों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव प्रदान किया जाएगा।

‘भूल चूक माफ’ का सिनेमाघरों से ओटीटी पर कदम, राजकुमार राव की फिल्म गब्बी अब इस दिन को होगी रिलीज

राजकुमार राव और वामिका गब्बी की आगामी फिल्म ‘भूल चूक माफ’ ने बॉलीवुड में एक नई मिसाल कायम की है। यह फिल्म 9 मई को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली थी, लेकिन रिलीज़ से एक दिन पहले ही इसे सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘Amazon Prime Video’ पर 16 मई को रिलीज़ करने का निर्णय लिया गया है।

फिल्म की कहानी और कलाकार

Bhool Chook Maaf Ott Release Date: भूल चूक माफ अब नहीं आएगी थियेटर्स में। -  Filmydrip.com

‘भूल चूक माफ’ वाराणसी की पृष्ठभूमि पर आधारित एक रोमांटिक कॉमेडी है। कहानी रंजन (राजकुमार राव) और तितली (वामिका गब्बी) की है, जो अपनी शादी की तैयारियों में व्यस्त हैं। लेकिन एक रहस्यमयी टाइम लूप के कारण रंजन बार-बार अपनी हल्दी की रस्म में फंस जाता है, जिससे उनकी शादी की योजना उलझन में पड़ जाती है। इस फिल्म में सीमा पाहवा, संजय मिश्रा, रघुबीर यादव और इस्थियाक़ ख़ान जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।

निर्माण और रिलीज़ की जानकारी

निर्माता दिनेश विजन की कंपनी ‘मैडॉक फिल्म्स’ और ‘Amazon MGM Studios’ ने मिलकर इस फिल्म का निर्माण किया है। निर्देशक करण शर्मा की यह फिल्म पहले 9 मई को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली थी, लेकिन देश में बढ़ते सुरक्षा हालात और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद की स्थिति को देखते हुए इसे सिनेमाघरों में रिलीज़ नहीं किया गया। निर्माताओं ने एक बयान में कहा, “हाल की घटनाओं और देश भर में सुरक्षा इंतजामों के बढ़े पैमानो को देखते हुए ‘भूल चूक माफ’ को 16 मई को सीधे ओटीटी पर रिलीज़ करने का फैसला लिया गया है।”

फिल्म का प्रचार और संगीत

फिल्म के प्रचार के लिए राजकुमार राव और वामिका गब्बी ने दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और जयपुर जैसे शहरों में प्रेस शो और प्रमोशनल इवेंट्स में भाग लिया। फिल्म का संगीत तनिष्क बागची ने संगीतबद्ध किया है, जबकि गीत इरशाद कामिल ने लिखे हैं। फिल्म में ‘Waalian’ और ‘Chor Bazaari Phir Se’ जैसे गाने भी हैं, जो पहले की फिल्मों के हिट गानों का रीक्रिएशन हैं।

भूल चूक माफ बॉलीवुड की पहली ऐसी फिल्म है, जिसे सिनेमाघरों में रिलीज़ होने से एक दिन पहले ही ओटीटी पर रिलीज़ करने का निर्णय लिया गया है। यह कदम फिल्म इंडस्ट्री में एक नई दिशा की ओर इशारा करता है, जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ओर बढ़ते रुझान को देखा जा सकता है। फिल्म के रिलीज़ के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है और क्या यह कदम भविष्य में अन्य निर्माताओं के लिए एक उदाहरण बनता है।

बच्चों के बस्ते का बढ़ता बोझ: शिक्षा नीति की विफलता या प्रशासनिक लापरवाही?

मध्यप्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों के बस्ते का वजन लगातार बढ़ता जा रहा है, जो शिक्षा नीति की विफलता और प्रशासनिक लापरवाही का संकेत है। नियमों के अनुसार, प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के बस्ते का वजन डेढ़ से ढाई किलो तक होना चाहिए, लेकिन राज्य में लगभग 8 लाख बच्चे 4.5 से 5 किलो तक का बोझ ढो रहे हैं।

एफएलएन पुस्तकों का अनावश्यक समावेश

प्रथम से चौथी कक्षा तक के पाठ्यक्रम में ‘फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी’ (एफएलएन) की अतिरिक्त तीन किताबें जोड़ दी गई हैं, जो परीक्षा में शामिल नहीं होतीं। इन किताबों का उद्देश्य बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता को बढ़ाना था, लेकिन इनका पाठ्यक्रम से कोई संबंध नहीं है। इसके परिणामस्वरूप, छात्रों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।

शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रभाव

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एफएलएन पुस्तकों का उद्देश्य बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता को बढ़ाना था, लेकिन इनका पाठ्यक्रम से कोई संबंध नहीं है। इसके परिणामस्वरूप, छात्रों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।

प्रशासनिक विफलता और नीति की कमी

सरकार ने एफएलएन पुस्तकों को नर्सरी से दूसरी कक्षा तक लागू करने का निर्णय लिया था, लेकिन केवल 4,500 प्री-नर्सरी स्कूल ही शुरू हो पाए हैं, जिनमें से 3,000 में शिक्षक-स्टाफ की कमी है। इसके बावजूद, तीसरी और चौथी कक्षा में भी इन पुस्तकों को लागू कर दिया गया है, जो प्रशासनिक विफलता और नीति की कमी को दर्शाता है।

समाधान और सुझाव

  • पाठ्यक्रम की समीक्षा: पाठ्यक्रम में अनावश्यक किताबों को हटाकर केवल आवश्यक विषयों की किताबें शामिल की जाएं।

  • शिक्षण विधियों में सुधार: ‘प्ले-वे लर्निंग’ जैसी विधियों को अपनाकर बच्चों की रुचि और समझ को बढ़ाया जाए।Jansatta

  • अभिभावकों की जागरूकता: अभिभावकों को बच्चों के बस्ते के वजन के प्रति जागरूक किया जाए और उन्हें आवश्यकतानुसार किताबें ही स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए।

बच्चों के बस्ते का बढ़ता बोझ उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। सरकार और प्रशासन को इस गंभीर समस्या का समाधान शीघ्रता से करना चाहिए, ताकि बच्चों का बचपन सुरक्षित और स्वस्थ रहे।

भोपाल में ‘एआई भारत मध्य प्रदेश’ कार्यशाला, सरकारी सेवाओं में AI के उपयोग पर मंथन, आधार में नई तकनीकों की शुरुआत

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में 8 मई 2025 को ‘AI भारत मध्य प्रदेश’ कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें प्रदेश की सरकारी सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर चर्चा की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य शासन में AI के प्रभावी उपयोग के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार लाना था।

कार्यशाला का उद्देश्य और विषयवस्तु

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‘AI भारत मध्य प्रदेश’ कार्यशाला में प्रदेश की नीतियों और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों और आईएएस अधिकारियों ने सरकारी सेवाओं में AI के उपयोग पर चर्चा की। इस दौरान आधार में प्री-डॉक्यूमेंट फाइलिंग और फेस डिटेक्शन जैसी तकनीकों को शामिल करने पर भी विचार विमर्श किया गया। कार्यशाला में डिजिटल टेक्नोलॉजी, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सुरक्षा और आधार से जुड़ी नवाचार परियोजनाओं पर भी विशेष सत्र रखे गए थे।

भारत का पहला SD-WAN राज्य नेटवर्क

M.P. State Electronics Development ...

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि मध्य प्रदेश ने डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारत का पहला SD-WAN आधारित राज्य नेटवर्क स्थापित किया है। यह नेटवर्क समाधान पूरे राज्य में सरकारी कार्यालयों को जोड़ने, डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।

MPCERT: साइबर सुरक्षा की दिशा में एक कदम

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इसके साथ ही कार्यशाला में मध्य प्रदेश साइबर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (MPCERT) की स्थापना की जानकारी दी गई, जो राज्य में डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। साथ ही साइबर हमले या सुरक्षा में गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई करती है।

आईटी पार्क केंद्रों की स्थापना

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तकनीकी नवाचार और डिजिटल इंडिया अभियान को सशक्त बनाने के लिए राज्य में आईटी पार्क केंद्रों की स्थापना की गई है। इन पार्कों का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना, आईटी उद्योग को बढ़ावा देना, और राज्य को एक डिजिटल हब के रूप में विकसित करना है।

‘AI भारत मध्य प्रदेश’ कार्यशाला ने राज्य में डिजिटल क्रांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। AI के उपयोग से सरकारी सेवाओं की दक्षता में सुधार होगा, डेटा सुरक्षा सुनिश्चित होगी, और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यह पहल मध्य प्रदेश को डिजिटल इंडिया के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम और करीब ले जाएगी।

नमकीन के पैकेटों में छुपाकर हवाला के 1.30 करोड़ रुपये मुंबई भेजने की कोशिश, राजेंद्र नगर पुलिस ने जब्त की रकम

इंदौर में हवाला के काले धन की बड़ी खेप को पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया। राजेंद्र नगर पुलिस ने एक ट्रेवल्स कंपनी की सतर्कता के चलते 1 करोड़ 30 लाख 50 हजार रुपये नकद जब्त कर इनकम टैक्स विभाग को सौंप दिए हैं। ये राशि 500-500 के नोटों की 260 गड्डियों के रूप में नमकीन के पैकेटों में छुपाकर मुंबई भेजी जा रही थी।

ट्रेवल्स संचालक को हुआ शक, पुलिस को दी सूचना

घटना राजेंद्र नगर क्षेत्र के राजरतन ट्रेवल्स की है। मंगलवार रात एक युवक द्वारा एक बड़ा पार्सल लाया गया, जिसे नमकीन बताकर मुंबई भेजने की बुकिंग करवाई गई। पार्सल बुक करते समय युवक की घबराहट ने ट्रेवल्स स्टाफ को संदेह में डाल दिया। संचालक को सूचना दी गई, जिन्होंने संदेह के आधार पर पैकेट खोलकर देखा तो उसमें 500-500 के नोटों की गड्डियां मिलीं।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किया रुपयों का खुलासा

सूचना मिलते ही राजेंद्र नगर पुलिस मौके पर पहुंची और पार्सल को जब्त कर लिया। जांच में सामने आया कि पार्सल में कुल 13 बंडलों में 260 गड्डियां थीं। ये रुपए भंवरकुआं क्षेत्र में रहने वाले कपिल सिंधी के माध्यम से मुंबई भेजे जा रहे थे।

आरोपी नवनीत वर्मा गिरफ्तार, पुलिस कर रही पूछताछ

Indore me hawala ka 1 crore 30 lakh jabt

पुलिस ने पार्सल लेकर आया युवक नवनीत वर्मा को गिरफ्तार कर धारा 151 के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया है। नवनीत ने पूछताछ में बताया कि वह टाइल्स का काम करता है और यह पैसा कपिल सिंधी से जुड़ा हुआ है। उसकी पत्नी भी इस नेटवर्क में शामिल हो सकती है। अब पूरे मामले की जांच इनकम टैक्स विभाग को सौंप दी गई है।

पहले भी करता था छोटे पार्सल की बुकिंग

ट्रेवल्स के स्टाफ ने बताया कि आरोपी नवनीत पिछले कई दिनों से रोज रात 8:15 बजे मुंबई जाने वाली बस में छोटे पार्सल भेजता था। वह हमेशा बस छूटने के 10-15 मिनट पहले आता और पार्सल रख देता था। इसी वजह से ट्रेवल्स संचालक को उस पर संदेह हुआ।

बिना सूचना खोला पार्सल, गुटखा भेजने की पुरानी घटना से जुड़ा था शक

ट्रेवल्स संचालक ने बताया कि कुछ समय पहले किसी ने पार्सल में गुटखा-तंबाकू भेज दिया था, जिस कारण उन पर कार्रवाई हुई थी। मुंबई में गुटखा प्रतिबंधित है, इसलिए इस बार संदेह होते ही उन्होंने बिना पार्सल मालिक को बुलाए ही पैकेट खोलकर जांच की और पुलिस को सूचना दी।

यह मामला इंदौर में हवाला कारोबार के नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाता है। ट्रेवल्स कंपनी की सतर्कता और पुलिस की तत्परता से काले धन की एक बड़ी खेप मुंबई पहुंचने से पहले ही पकड़ ली गई। अब पूरे मामले की वित्तीय जांच इनकम टैक्स विभाग द्वारा की जा रही है।