E-Paper
E-Paper
Home Blog Page 16

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर इंदौर वासियों का उत्साह, 56 दुकान पर मिठाइयों का वितरण और मुफ्त भोजन की पेशकश

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए इंदौर के निवासी सुशील नथानियल की पत्नी जेनिफर ने भारत की एयर स्ट्राइक के बाद कहा, “भारत ने सही समय पर बदला लिया है। अब आतंकवादियों के चेहरे पर खौफ दिखना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि “जो चार आतंकवादी हमले में शामिल थे, उन्हें भी मारना चाहिए था और जो उन्हें सिखा रहे हैं, उन्हें भी सजा मिलनी चाहिए।”

56 दुकान पर मिठाइयों का वितरण: इंदौरवासियों का उत्साह

Boondi Laddu In Delhi, Delhi At Best Price | Boondi Laddu Manufacturers,  Suppliers In New Delhi

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की खुशी में इंदौर के प्रसिद्ध 56 दुकान पर मिठाइयां बांटी गईं। 56 दुकान संगठन के अध्यक्ष गुंजन शर्मा ने बताया, “आज इस खुशी में 56 दुकान पर सभी को मुफ्त खाना मिलेगा। भारत की विजय की खुशी में सभी को आमंत्रित किया गया है।”

इंदौरवासियों की प्रतिक्रियाएं: ‘आतंकवाद को जड़ से खत्म करना चाहिए’

article-image

इंदौर के विभिन्न निवासियों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं:

  • तरुण जैन ने कहा, “आज की सुबह एक नई और अच्छी खबर लेकर आई है। पहलगाम में हुई निर्मम हत्याओं का बदला लिया गया है। हम भारत और भारतीय सेना के साथ हैं। आतंकवाद को भारत से जड़ से खत्म किया जाना चाहिए।”

  • हुकुम चौधरी ने कहा, “भारत के इस हमले से हमें बहुत खुशी हुई है। आतंकवादियों को सही जवाब दिया गया है।”

  • माखनलाल चौधरी ने कहा, “भारत ने पाकिस्तान पर हमला करके बहुत अच्छा किया। यह पहले ही कर देना चाहिए था।”

  • बलराम उपाध्याय ने कहा, “भारत ने बहुत अच्छा किया। यह हमला 25-26 तारीख को ही कर देना चाहिए था। जीत तो हमारी ही होगी।”

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने इंदौरवासियों में उत्साह और गर्व का संचार किया है। जेनिफर नथानियल और अन्य निवासियों की प्रतिक्रियाएं यह दर्शाती हैं कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाया है। अब यह देखना होगा कि पाकिस्तान की प्रतिक्रिया क्या होगी और दोनों देशों के बीच तनाव किस दिशा में बढ़ेगा।

पाकिस्तान सीमा पर तनाव के बीच देशभर में मॉक ड्रिल का आदेश, 244 जिलों में अभ्यास

भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 244 संवेदनशील जिलों में नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया है।

क्या है मामला?

पाकिस्तान सीमा पर लगातार बढ़ते तनाव के बीच गृह मंत्रालय ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश के 244 सीमावर्ती और तटीय जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित करने का आदेश दिया है। यह अभ्यास 8 मई बुधवार को किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा के अतिरिक्त महानिदेशक बी संदीपकृष्ण ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी।

दो बार भेजे गए निर्देश

मॉक ड्रिल के लिए पहला पत्र 2 मई को और दूसरा सोमवार को भेजा गया। इसमें कहा गया है कि मॉक ड्रिल के दौरान हवाई हमलों, बिजली गुल (ब्लैकआउट), सायरन सिस्टम, और आपात प्रतिक्रिया जैसी स्थितियों की तैयारी की जाएगी।

ड्रिल में क्या-क्या शामिल होगा?

  • हवाई हमले की स्थिति में चेतावनी सायरन की जांच

  • अचानक ब्लैकआउट का अभ्यास

  • महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की पहचान छुपाना

  • आम नागरिकों और छात्रों को सुरक्षा अभ्यास देना

  • सुरक्षित निकासी की योजना का पूर्वाभ्यास

  • कंट्रोल रूम और डमी कंट्रोल रूम की व्यवस्था

जनता के लिए क्या तैयारियां ज़रूरी?

सरकार के अनुसार हर घर में 72 घंटे की जीवन रक्षा किट में क्या-क्या होना चाहिए - डेली रिकॉर्ड

गृह मंत्रालय की बैठक में सुझाया गया कि नागरिकों को टॉर्च, मोमबत्ती, दवाइयों की किट, और नकद राशि जैसे जरूरी संसाधन घर पर रखना चाहिए। साथ ही, आपातकालीन स्थितियों में रेडियो या वॉकी-टॉकी से संपर्क बनाए रखने की भी तैयारी हो।

आखिरी मॉक ड्रिल 1971 में हुई थी

भारत में इस प्रकार की मॉक ड्रिल पिछली बार 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान की गई थी, जब बांग्लादेश की मुक्ति के लिए हुए संघर्ष ने पूर्ण युद्ध का रूप ले लिया था।

किन जिलों में होगा अभ्यास?

lucknow mock drill - कोई जमीन पर लेटा, कोई कंधे पर सवार... लखनऊ में वॉर मॉकड्रिल का ऐसे हुआ अभ्यास, Video - Lucknow war mock drill practiced india pak tension know how

देश के 25 राज्यों के 244 सिविल डिफेंस जिलों में यह अभ्यास किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में ऐसे 19 जिले शामिल हैं, जैसे कि लखनऊ, कानपुर, मथुरा, बक्शी का तालाब आदि। यह जिले सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं और इनमें वायुसेना स्टेशन या रक्षा संस्थान स्थित हैं।

संपर्क और नियंत्रण की व्यवस्था

नागरिक सुरक्षा अभ्यास नियम 1968 के तहत:

  • वायुसेना से हॉटलाइन और रेडियो संपर्क

  • वार्डन सेवा, अग्निशमन, बचाव दल, डिपो प्रबंधन की समीक्षा

  • कंट्रोल रूम और छद्म नियंत्रण कक्ष की स्थापना के निर्देश

पीएम मोदी को दी गई तैयारियों की जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सुरक्षा तैयारियों की जानकारी दी है। इससे पहले तीनों सेनाओं के प्रमुख भी पीएम को अपनी रणनीति और चुनौतियों से अवगत करा चुके हैं।

डोभाल और गृह सचिव से भी मंत्रणा

पीएम ने पीएमओ में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और गृह सचिव गोविंद मोहन के साथ भी बैठक की। यह सक्रिय संवाद पाकिस्तान के खिलाफ संभावित कार्रवाई की तैयारी का संकेत माना जा रहा है।

पाक के खिलाफ उठाए गए रणनीतिक कदम

हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं:

  • सिंधु जल संधि को निलंबित करना

  • पाक उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या घटाना

  • अटारी बॉर्डर चेक पोस्ट बंद करना

  • डाक सेवाएं रोकना

भारत सरकार ने संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए देशभर में नागरिक सुरक्षा अभ्यास को अनिवार्य किया है। यह सिर्फ सैन्य तैयारियों का संकेत है, बल्कि आम जनता को भी आपदा प्रबंधन में सक्षम बनाने की दिशा में अहम कदम है।

सांची दूध भी हुआ महंगा: 7 मई से लागू होंगी नई दरें, आम आदमी पर और बढ़ा महंगाई का बोझ

भोपाल से बड़ी खबर सामने आई है। मदर डेयरी और अमूल के बाद अब सांची दूध की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। बुधवार, 7 मई 2025 से सांची के सभी प्रमुख दूध वैरायटियों के दामों में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया जाएगा।

सांची दूध के नए रेट

भोपाल सहकारी दुग्ध संघ के अनुसार, सांची दूध की सभी श्रेणियों की कीमतें बढ़ाई गई हैं। नई दरें इस प्रकार हैं:

  • फुल क्रीम दूध (गोल्ड) – ₹67/लीटर (पहले ₹65)

  • 500 ML फुल क्रीम दूध – ₹34 (पहले ₹33)

  • 500 ML स्टैण्डर्ड दूध (शक्ति) – ₹31 (पहले ₹30)

  • 500 ML टोन्ड दूध (ताजा) – ₹28 (पहले ₹27)

  • 500 ML डबल टोन्ड दूध (स्मार्ट) – ₹26 (पहले ₹25)

  • 1 लीटर चाय दूध – ₹60 (पहले ₹58)

नई कीमतें 7 मई से उपभोक्ताओं के लिए लागू होंगी और दूध के पैकेट पर दर्शाई जाएंगी।

कीमतें क्यों बढ़ाईं गईं?

Sanchi milk at best price in Bhopal by Mohd Yousuf | ID: 27509680612

संघ के अधिकारियों ने बताया कि दूध उत्पादन की लागत में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लिया गया है। इसमें शामिल हैं:

  • कच्चे दूध की खरीद कीमत में वृद्धि

  • पशु आहार के दामों में इजाफा

  • परिवहन खर्च में वृद्धि

  • किसानों को उचित मूल्य देना और गुणवत्ता बनाए रखना

पहले मदर डेयरी और अमूल ने भी बढ़ाए थे दाम

  • मदर डेयरी ने सबसे पहले 30 अप्रैल से दूध के रेट 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे।

  • इसके बाद अमूल ने भी 1 मई से अपने दूध उत्पादों की कीमतों में समान वृद्धि की घोषणा की थी।

दोनों कंपनियों ने कच्चे माल की बढ़ती लागत को इस वृद्धि का कारण बताया।

आम आदमी पर बढ़ता आर्थिक दबाव

लगातार तीन प्रमुख दूध ब्रांडों द्वारा कीमतें बढ़ाने से आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। घरेलू बजट पहले से ही रसोई गैस, दाल, सब्ज़ी और तेल की कीमतों से प्रभावित है, ऐसे में दूध के दाम बढ़ना लोगों की जेब पर सीधा असर डाल सकता है।

मदर डेयरी, अमूल और अब सांची – तीनों प्रमुख ब्रांडों ने हाल के दिनों में दूध की कीमतें बढ़ाई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लागतों पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो भविष्य में और भी बढ़ोतरी संभव है। फिलहाल, उपभोक्ताओं को 7 मई से दूध के नए दामों के लिए तैयार रहना चाहिए।

लाड़ली बहना योजना नहीं होगी बंद, सीएम मोहन यादव ने अफवाहों पर लगाया विराम

मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना योजना को लेकर चल रही बंद होने की अटकलों पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह योजना बंद नहीं की जाएगी, बल्कि निरंतर जारी रहेगी।

मंडला में बोले सीएम: “हमारी बहनों की राशि बंद नहीं होगी”

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंडला जिले के टिकरवारा गांव में आयोजित आदिवासी उत्सव में लाड़ली बहना योजना को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा,
हर महीने बहनों को 1250 रुपये मिलते हैं और यह सिलसिला नहीं रुकेगा। हमारे विरोधी कहते हैं कि योजना बंद हो जाएगी, मैं कहता हूँ तुम्हारी पार्टी बंद हो जाएगी, बहनों की योजना नहीं।”
इस बयान से साफ है कि सरकार इस योजना को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

16 अप्रैल को मिली 23वीं किस्त

लाडली बहन को कब मिलने शुरू होंगे 3000 रुपये प्रतिमाह, पहले ₹1000, फिर  1250... अब आगे कितना मिलेगा? - Ladli behna yojana when womens will get rs  3000 per month know cm

लाड़ली बहना योजना की 23वीं किस्त का भुगतान 16 अप्रैल को किया गया। मुख्यमंत्री ने खुद मंडला से योजना की राशि ट्रांसफर की, जिससे लाखों महिलाओं को लाभ मिला। प्रत्येक पात्र महिला को ₹1250 की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी गई।

3 लाख से ज्यादा महिलाओं के नाम हटे

हालांकि, इस बार की किस्त से पहले 3,19,991 महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गयाइन महिलाओं की उम्र 60 वर्ष से अधिक हो चुकी थी, जो योजना के नियमों के अनुसार पात्रता सीमा से बाहर हो गईं। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि पात्रता के आधार पर ही लाभ दिया जा रहा है।

क्या है लाड़ली बहना योजना?

यह योजना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसमें पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 से 1250 रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है। योजना का सीधा फायदा गरीब और मध्यमवर्गीय महिलाओं को मिलता है।

मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि लाड़ली बहना योजना फिलहाल बंद नहीं हो रही है। हालांकि, सरकार पात्रता मानदंडों के आधार पर लाभार्थियों की समीक्षा करती रहेगी। इससे योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहेगी।

MP सरकार का बड़ा फैसला, अफसर अब 18 लाख से सस्ती गाड़ियों में करेंगे सफर

मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी अधिकारियों के लिए नई वाहन नीति लागू की है, जिसका उद्देश्य सरकारी खर्चों में कटौती और प्रशासनिक सादगी को बढ़ावा देना है। अब उच्च अधिकारियों को महंगी लग्जरी गाड़ियों के स्थान पर सीमित बजट की गाड़ियों का उपयोग करना होगा।

नई गाड़ी गाइडलाइंस: क्या हैं अहम बदलाव?

राज्य सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, अब अधिकारी 18 लाख रुपये से कम कीमत वाली गाड़ियों का ही उपयोग कर सकेंगे। पहले कई अधिकारी 20 से 35 लाख रुपये तक की महंगी गाड़ियों का उपयोग करते थे, लेकिन अब इस पर सख्ती से रोक लगाई गई है।

ग्रेड के आधार पर तय हुई वाहन की सीमा

नई नीति के अनुसार विभिन्न ग्रेड के अधिकारियों के लिए गाड़ियों की कीमत की सीमा तय की गई है:

  • कलेक्टर और एसपी: अधिकतम ₹10 लाख तक की कार

  • कमिश्नर: अधिकतम ₹12 लाख तक की कार

  • सचिव, PS, ACS और CS: अधिकतम ₹18 लाख तक की कार

इस नीति से अब वरिष्ठ अधिकारियों को भी अपनी वाहन पसंद को नियमों के अनुसार सीमित करना होगा।

पेट्रोल, डीजल और CNG वाहन ही मान्य

नई गाइडलाइंस के तहत अब अधिकारी केवल पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले वाहनों का ही उपयोग करेंगे। यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से लिया गया है।

क्लास 2 और 3 अधिकारियों के लिए एक जैसी गाड़ियां

सरकार ने समानता को बढ़ावा देने के लिए क्लास 2 और 3 ग्रेड के अधिकारियों के लिए एक जैसी श्रेणी की गाड़ियों का प्रावधान किया है। इससे सभी को एक समान सुविधा मिल सकेगी और सरकारी संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित होगा।

पुराने वाहनों को बदलने के लिए भी दिशा-निर्देश तय

जो अधिकारी पुराने वाहनों को बदलना चाहते हैं, उन्हें अब तय गाइडलाइंस के तहत ही नई गाड़ी लेने की अनुमति मिलेगी। इससे अनावश्यक और बार-बार वाहन परिवर्तन पर भी रोक लगेगी।

नीति का उद्देश्य: खर्च नियंत्रण और सादगी

इस नीति का प्रमुख उद्देश्य है—सरकारी व्यय पर नियंत्रण, अफसरों की सुविधाओं में संतुलन और पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी बढ़ाना। सरकार का मानना है कि यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मज़बूत करेगा।

MP News: मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन दोगुना करने का संकल्प, सीएम ने की प्रगति की समीक्षा

मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में दुग्ध उत्पादन को दोगुना से अधिक बढ़ाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को सीएम हाउस में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध संघ के बीच हुए अनुबंध की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य में बनेंगी बड़ी गोशालाएं

मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि प्रदेश में बड़ी गोशालाएं विकसित की जा रही हैं, जिनका सही प्रबंधन दूध उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगा। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों को डेयरी टेक्नोलॉजी और पशुपालन से जुड़े कोर्स संचालित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए:

  • बेहतर नस्ल की गाय और भैंसों को लाकर किसानों को उपलब्ध कराया जाए।

  • अन्य राज्यों के सफल डेयरी मॉडल का अध्ययन कर प्रदेश में लागू किया जाए।

  • एनडीडीबी के विशेषज्ञों की जानकारी का लाभ हर दुग्ध उत्पादक तक पहुंचे।

सरकार का उद्देश्य है कि देश के कुल दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश की भागीदारी को वर्तमान 9% से बढ़ाकर 20% तक पहुँचाया जाए।

रणनीति क्या है?

प्रदेश सरकार ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए एक बहु-आयामी रणनीति तैयार की है, जिसमें निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • सहकारी दुग्ध संघों को सशक्त किया जाएगा।

  • डेयरी किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण और सहायता दी जाएगी।

  • दुग्ध संग्रह और प्रोसेसिंग के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

किसानों को मिलेगा दूध के बढ़े दाम का लाभ

Rural Scene Indian Milkman Distribute Milk Stock Footage Video (100%  Royalty-free) 1079275022 | Shutterstock

एनडीडीबी के अंतर्गत राज्य सहकारी दुग्ध संघ ने 1 मई से दूध के फैट की कीमतों में वृद्धि की है, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा। यह निर्णय 11 अप्रैल को केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हुए एमओयू के तहत लिया गया, जिसमें दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की सहमति बनी थी।

प्रदेश सरकार की यह पहल न सिर्फ दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गोपालकों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि करेगी। रणनीतिक सहयोग और तकनीकी प्रगति के साथ मध्यप्रदेश डेयरी क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।

MP News : चार दिन और बरसेगा मौसम का कहर, मध्यप्रदेश में बारिश-ओले और तेज आंधी की चेतावनी जारी

मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। अगले चार दिन यानी 8 मई तक प्रदेश के कई जिलों में आंधी, तेज बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई गई है। रविवार को इंदौर में करीब 3 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, वहीं भोपाल सहित कई जिलों में ओले गिरे।

5 मई: पूर्वी जिलों में ओले और तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग भोपाल के अनुसार, सोमवार 5 मई को मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं।
ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर और शिवपुरी में हवा की रफ्तार 60 किमी प्रतिघंटा से अधिक हो सकती है।

इन जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, धार, खरगोन, खंडवा, हरदा, देवास, रायसेन, नरसिंहपुर, दमोह, कटनी, छतरपुर, सतना, रीवा सहित लगभग पूरे प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलों का दौर जारी रहेगा।

इंदौर में 3 इंच बारिश, तापमान में 4 डिग्री की गिरावट

4 मई को इंदौर में शाम 5 बजे के बाद से तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई, जो देर रात तक चलती रही।
इस दौरान 70 मिमी (करीब 3 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश के चलते इंदौर में दिन का तापमान 40.8 से गिरकर 36.2 डिग्री सेल्सियस हो गया।

मुख्य शहरों का तापमान

  • भोपाल: 37°C (ओले और बारिश)

  • इंदौर: 36.2°C

  • ग्वालियर: 38.5°C

  • उज्जैन: 41°C (0.5 इंच बारिश)

  • जबलपुर: 37.5°C

  • खंडवा: 42.5°C

  • खरगोन: 42.4°C

  • नरसिंहपुर: 42°C

6 मई: पूरे प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट

6 मई को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, देवास, राजगढ़, गुना, शिवपुरी सहित कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, रीवा, सतना, डिंडौरी और शहडोल जैसे जिलों में भी गरज-चमक और तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है।

7 मई को कहां रहेगा असर

7 मई को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, बैतूल, धार, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, देवास, शिवपुरी, सीहोर, नरसिंहपुर, कटनी, मंडला सहित लगभग 40 जिलों में गरज-चमक और बारिश का अनुमान है।

8 मई: मौसम रहेगा सक्रिय, कई जिलों में बारिश का दौर

8 मई को ग्वालियर, दतिया, भिंड, रतलाम, देवास, इंदौर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, रीवा, सीधी, सिंगरौली समेत प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, तेज आंधी और बारिश का अनुमान है।

मध्यप्रदेश में मई की शुरुआत तेज गर्मी के बजाय बारिश, ओलों और आंधी के साथ हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, 8 मई तक यह सिस्टम सक्रिय रहेगा और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

MP News: इंदौर में ट्रैफिक से मिलेगी राहत, एमआर-10 पर बनेगा नया चार लेन आरओबी

इंदौर के एमआर-10 क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए एक नया चार लेन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाया जाएगा, जो मौजूदा ओवरब्रिज के समानांतर होगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ 2028 से पहले सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है।

रेलवे से मिली मंजूरी, टेंडर की तैयारी शुरू

रेलवे ने इस ब्रिज की जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (GAD) को मंजूरी दे दी है। अब इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि गर्मियों में निर्माण कार्य आरंभ किया जा सके।

नया आरओबी: डिजाइन और लागत

  • नया ब्रिज चार लेन का होगा

  • अनुमानित लागत: ₹60 करोड़

  • निर्माण समयसीमा: 2 वर्ष

  • निर्माण के बाद मौजूदा ब्रिज को एक ओर का और नए ब्रिज को दूसरी ओर का ट्रैफिक संभालने के लिए प्रयोग किया जाएगा।

कनेक्टिविटी और एक्सपेंशन प्लान

  • एमआर-4 सड़क को चौड़ा कर इसे एमआर-10 से जोड़ा जाएगा।

  • यह ब्रिज सुपर कॉरिडोर और उज्जैन रोड के ट्रैफिक को हैंडल करेगा।

  • एमआर-10 और सुपर कॉरिडोर को मिलाकर पूरी सड़क 8 लेन की हो जाएगी।

आईएसबीटी और ट्रैफिक बढ़ोतरी का असर

  • कुमेड़ी में बन रहे इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के शुरू होने से आरओबी पर ट्रैफिक और बढ़ेगा।

  • वर्तमान में ब्रिज से 30,000+ वाहन रोजाना गुजरते हैं, जबकि पहले यह संख्या 10,000 से कम थी।

  • क्षेत्र में टाउनशिप, कॉलोनियों और औद्योगिक इकाइयों के विकास के चलते ट्रैफिक में निरंतर वृद्धि हो रही है।

पुराने ब्रिज के समानांतर नया निर्माण क्यों जरूरी?

  • पुराना ब्रिज 2007 में बना था और अब वह बॉटलनेक बन चुका है।

  • दोनों ओर चौड़ाई बढ़ाना तकनीकी रूप से कठिन होने के कारण नया समानांतर ब्रिज बनाना ज्यादा उपयुक्त है।

  • नदी पर बने ब्रिज की चौड़ाई भी बढ़ाकर आठ लेन की जाएगी।

इंदौर के एमआर-10 पर नया चार लेन आरओबी बनाना, शहर के ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ आने-जाने वालों को राहत देगा, बल्कि सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान शहर को ट्रैफिक जाम से भी बचाएगा।

CM मोहन यादव की समाधान ऑनलाइन बैठक आज, जनशिकायतों की समीक्षा से लेकर निवेश और जल अभियान तक कई मुद्दों पर होगा फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दोपहर मंत्रालय से समाधान ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, कमिश्नरों और आईजी के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। बैठक में जिलों में जनशिकायतों के समाधान की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत भी दिए जा सकते हैं।

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर होगी सख्त निगरानी

मुख्यमंत्री सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण की प्रगति की भी गहन समीक्षा करेंगे। जिन जिलों में शिकायतें लंबित हैं, वहां के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जा सकते हैं।

पीएम श्री एयर एम्बुलेंस योजना पर विशेष चर्चा

बैठक में केंद्र सरकार की पीएम श्री एयर एम्बुलेंस योजना पर भी विशेष चर्चा होगी। योजना का उद्देश्य गंभीर मरीजों को एयर लिफ्ट कर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाना है, लेकिन अब तक केवल 61 मरीजों को ही इसका लाभ मिल सका है। मुख्यमंत्री जिलों के कलेक्टरों को इस योजना को जनोपयोगी और प्रभावी बनाने के लिए तेजी से कार्यवाही के निर्देश दे सकते हैं।

निवेश संवर्धन पर भी होगी समीक्षा

Madhya Pradesh chief minister dashboard

बैठक में राज्य में निवेश नीति और औद्योगिक विकास को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। उद्योगों को ज़मीन आवंटन, सुविधाएं देने और निवेशकों को बेहतर अनुभव देने के लिए निर्देशित किया जाएगा।

जल-गंगा संवर्धन अभियान की भी होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री जल-गंगा अभियान, जो कि 30 जून तक चलने वाला राज्यव्यापी अभियान है, उसकी प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। वे इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए जिलों के दौरे पर भी हैं। कलेक्टरों को जमीनी कार्यों की रिपोर्टिंग और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कहा जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह बैठक प्रशासनिक कार्यप्रणाली की मजबूती, स्वास्थ्य सेवा सुधार, निवेश बढ़ाने और जल संरक्षण जैसे बहु-आयामी विषयों पर केंद्रित होगी। यह बैठक आने वाले समय में नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

MP News: मुख्यमंत्री का साला बताकर कर ली करोड़ों की ठगी, ग्वालियर में ठेकेदार से जमीन के नाम पर धोखाधड़ी

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जमीन के सौदे के नाम पर एक ठेकेदार से ₹1.5 करोड़ की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को मुख्यमंत्री का साला बताकर ठेकेदार को न सिर्फ गुमराह किया, बल्कि बाद में उसे धमकाने और मारपीट तक करने की बात सामने आई है।

ठेकेदार से हुई दोस्ती और फिर जमीन सौदे का झांसा

अमित सिरोठिया, जो कि पेशे से ठेकेदार हैं, ने पुलिस को बताया कि कुछ महीने पहले उनकी मुलाकात विजय यादव नाम के व्यक्ति से हुई थी। विजय ने खुद को बेहट के एक कॉलेज का प्रोफेसर और मुख्यमंत्री का साला बताया। उसने अमित को 10,000 वर्गफीट जमीन बेचने की बात कही, जिसके एवज में अमित ने उसे चेक और कैश के रूप में ₹1.5 करोड़ दे दिए।

न रजिस्ट्री कराई, न पैसे लौटाए- आरोपी हुआ गायब

रकम मिलने के बाद विजय यादव न तो जमीन की रजिस्ट्री करवा सका और न ही पैसे लौटाए। बाद में पता चला कि जमीन विजय की नहीं, बल्कि उसके ससुर की है, जिसमें उसकी पत्नी का भी हिस्सा है। विजय धीरे-धीरे टालमटोल करता रहा और फिर अचानक गायब हो गया।

ऑफिस में धमकी, पत्नी और ड्राइवर से मारपीट

बुधवार को अमित, अपनी पत्नी प्रीति और ड्राइवर अजय जाटव के साथ विजय के ऑफिस पहुंचे, जहां विजय ने जान से मारने की धमकी दी, और प्रीति तथा ड्राइवर के साथ मारपीट की। इसके बाद तीनों ने थाटीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

दूसरी महिला भी पहुंची थाने, ₹50 लाख की धोखाधड़ी का आरोप

जब पुलिस में शिकायत दी जा रही थी, उसी दौरान एक महिला भी थाने पहुंची और विजय यादव पर ₹50 लाख की ठगी का आरोप लगाया। उसने कहा कि विजय खुद को अमित शाह का करीबी भी बताता है और राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर धमकाता है।

पुलिस कर रही है जांच, दोनों पक्षों के आवेदन लिए

फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों से आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है। थाटीपुर पुलिस का कहना है कि जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि क्या राजनीतिक रसूख के दावे करने वाला आरोपी कानून के शिकंजे में आएगा या फिर पीड़ितों को न्याय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

यह मामला सिर्फ एक धोखाधड़ी नहीं बल्कि सिस्टम और भरोसे के साथ छल का उदाहरण बनकर सामने आया है। आरोपी के प्रभावशाली दावे और लगातार शिकायतें एक गंभीर जांच की मांग करते हैं।