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मध्यप्रदेश में मौसम का बड़ा उलटफेर, ओलावृष्टि, आंधी और बारिश ने बढ़ाई चिंता, 5 मई तक अलर्ट जारी

मध्यप्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बीते छह दिनों से मौसम में व्यापक बदलाव देखा जा रहा है। कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी है।

1 मई को डिंडौरी समेत लगभग 25 जिलों में मौसम ने करवट ली। झमाझम बारिश के साथ कुछ जगहों पर ओले भी गिरे। इससे किसानों और आमजन को राहत तो मिली, लेकिन फसलों को नुकसान की भी संभावना जताई जा रही है।

2 मई को इन जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

मौसम विभाग ने शुक्रवार, 2 मई को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की संभावना जताई है। वहीं कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, जबलपुर और नरसिंहपुर में 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, और सिंगरौली सहित कई जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

कुछ जिलों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी भी जारी

बारिश के बीच कई जिले गर्मी से भी झुलस रहे हैं।

  • शाजापुर में सबसे अधिक 43.7°C दर्ज किया गया।

  • रतलाम (43.6°C), उज्जैन (43.4°C), गुना और नरसिंहपुर (43.2°C) में भी तापमान 43 डिग्री के पार रहा।

  • भोपाल में 42.5°C, इंदौर 42°C, जबलपुर 40.2°C और ग्वालियर में 39.6°C तापमान दर्ज हुआ।

आने वाले 3 दिन: कैसा रहेगा मौसम?

Weather Update: यूपी में जल्द दस्तक देगा मॉनसून, तेज हवाओं के साथ बारिश का  अलर्ट, जानें अपने शहर के मौसम का हाल - weather forecast imd issued rainfall  alert in up including

2 मई

  • ओलावृष्टि की संभावना: छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट

  • तेज हवाएं: कटनी, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर

  • हल्की बारिश: भोपाल, ग्वालियर, सागर, सीधी, सिंगरौली आदि

3 मई

  • ओले गिर सकते हैं: उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी

  • आंधी-तूफान की संभावना: जबलपुर, मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा

  • गरज-चमक के साथ बारिश: प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्र

4-5 मई

  • बारिश का सिलसिला जारी रहेगा

  • कुछ जिलों में शाम को तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी

  • दिन में गर्मी, रात में ठंडी हवा का असर महसूस होगा

मध्यप्रदेश में मौसम का यह अचानक बदलाव जहां एक ओर गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं ओलावृष्टि और तेज हवाएं किसानों के लिए चिंता का कारण बन रही हैं। आने वाले दिनों में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।

MP News: 48 लाख बेटियों के नाम पर पौधारोपण आज, मध्यप्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी उत्सव की अनूठी पहल

मध्यप्रदेश के सभी जिलों में आज लाड़ली लक्ष्मी उत्सव बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर प्रदेश भर में “एक पेड़ लाड़ली लक्ष्मी के नाम” अभियान भी चलाया जा रहा है।

इस अभियान के अंतर्गत 48 लाख लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के नाम पर पौधारोपण किया जाएगा। जन-प्रतिनिधियों और लाड़ली बालिकाओं द्वारा मिलकर पौधे लगाए जाएंगे, जिससे बेटियों के सम्मान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा।

लाड़ली लक्ष्मी योजना: बेटियों को सशक्त करने की पहल

लाड़ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी और अब तक 48 लाख बेटियां इससे जुड़ चुकी हैं। इस योजना का उद्देश्य बेटियों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान प्रदान करना है।

उत्सव की मुख्य गतिविधियाँ

लाड़ली लक्ष्मी उत्सव का संचालन स्वयं लाड़ली बालिकाओं द्वारा किया जाएगा, जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा:

  • कन्या पूजन और दीप प्रज्वलन

  • मोटिवेशनल स्पीच द्वारा बेटियों की प्रेरणादायक कहानियाँ

  • अपराजिता कार्यक्रम के अंतर्गत मार्शल आर्ट प्रदर्शन

  • अनुभव साझा करेंगी लाड़ली क्लब की सदस्य बालिकाएं

पुरस्कार और सम्मान

इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली पंचायतों को भी विशेष मान्यता दी जाएगी।

आश्वासन पत्र का वितरण

प्रत्येक लाड़ली बालिका को एक आश्वासन प्रमाण-पत्र भी वितरित किया जाएगा, जिसमें उसके उज्जवल भविष्य का संकल्प लिया गया है।

उद्देश्य: सशक्त बेटियाँ, सशक्त समाज

Completion certificate will not be available without tree plantation |  नियमों में सख्ती: अब बिना पौधरोपण किए कम्प्लीशन सर्टिफिकेट भी नहीं मिल  सकेगा - Bhopal News | Dainik Bhaskar

लाड़ली लक्ष्मी उत्सव का मुख्य उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करना है। यह आयोजन बेटियों को सामाजिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

“एक पेड़ लाड़ली लक्ष्मी के नाम” न केवल पर्यावरण की रक्षा का प्रतीक है, बल्कि यह बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लिया गया सामूहिक संकल्प भी है। यह उत्सव हर जिले, हर पंचायत और हर घर तक बेटियों के महत्व का संदेश पहुँचाता है।

एम्स भोपाल बनाएगा ओरल कैंसर की पहचान करने वाला मोबाइल ऐप, दो साल चलेगा रिसर्च प्रोजेक्ट

एम्स भोपाल ने ओरल कैंसर और उससे जुड़ी गंभीर स्थितियों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग के लिए एक मोबाइल ऐप विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया है। यह ऐप कुछ ही मिनटों में संभावित कैंसर के लक्षणों की पहचान कर सकेगा, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सकेगा।

रिसर्च के लिए मिला 7.4 लाख का अनुदान

इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए मध्य प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (MPCST) ने ₹7.4 लाख का अनुसंधान अनुदान स्वीकृत किया है। इसमें से पहली किश्त ₹3.7 लाख जारी की जा चुकी है।

विशेषज्ञों की टीम कर रही है नेतृत्व

aiims bhopal | चिकित्सा अधीक्षक समेत 7 पदों के लिए आवेदन 25 तक - Bhopal  News | Dainik Bhaskar

यह दो वर्षीय प्रोजेक्ट ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अंशुल राय के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। इसमें रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, पैथोलॉजी और सामुदायिक चिकित्सा विभागों के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।

ऐप की विशेषताएं:

  • कैंसर की प्रारंभिक पहचान कुछ ही मिनटों में
  • तंबाकू, सुपारी और धूम्रपान के दुष्प्रभावों की जानकारी
  • उपयोगकर्ताओं को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने वाली सामग्री
  • मुंह के कैंसर और प्री-कैंसर स्थितियों की शुरुआती पहचान
  • केवल कुछ मिनटों में परिणाम
  • पूरी तरह गोपनीय जानकारी
  • तंबाकू-सुपारी छोड़ने के लिए प्रेरणा
  • सरकार द्वारा वित्तपोषित पहला इनोवेटिव ऐप
  • 1000 लोगों पर होगा परीक्षण
  • जागरूकता बढ़ाने का माध्यम भी

जनस्वास्थ्य को मिलेगा नया आयाम

एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह ने कहा कि, “यह डिजिटल तकनीक जनस्वास्थ्य में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और ग्रामीण इलाकों में कैंसर की समय रहते पहचान करने में मदद करेगी।”

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर देश को एक ऐसा टूल मिलेगा जिससे कम संसाधनों वाले क्षेत्रों में भी कैंसर की समय रहते जांच संभव होगी। यह ऐप भविष्य में पब्लिक हेल्थ टेक्नोलॉजी का एक अहम हिस्सा बन सकता है।

 

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में निकली स्पेशलिस्ट ऑफिसर के 500 पदों पर भर्ती, जानिए योग्यता, फीस और आवेदन प्रक्रिय

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) ने युवाओं के लिए शानदार मौका देते हुए स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) के 500 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के तहत असिस्टेंट मैनेजर (क्रेडिट) और असिस्टेंट मैनेजर (आईटी) के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक उम्मीदवार यूनियन बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

कुल पदों की संख्या और पोस्ट वाइज डिटेल्स

JOBS IN TELANGANA - Frontlines Media

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने कुल 500 स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। ये पद दो मुख्य श्रेणियों में हैं:

  • असिस्टेंट मैनेजर (क्रेडिट) : 250 पद

  • असिस्टेंट मैनेजर (आईटी) : 250 पद

कैटेगरी वाइज वैकेंसी 

कैटेगरी पदों की संख्या
जनरल (UR) 206
ईडब्ल्यूएस 50
ओबीसी 134
एससी 74
एसटी 36

शैक्षणिक योग्यता

असिस्टेंट मैनेजर (क्रेडिट)

  • मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन

  • साथ में कोई एक डिग्री: CA / CMA / CS / MBA (Finance) / PGDM / PGDBM

  • संबंधित क्षेत्र में कार्यानुभव आवश्यक

असिस्टेंट मैनेजर (आईटी)

  • BE / BTech / MCA / MSc / MTech (5-वर्षीय) कंप्यूटर/आईटी क्षेत्र में

  • न्यूनतम 1 वर्ष का अनुभव जरूरी

आयु सीमा 

  • न्यूनतम आयु: 22 वर्ष

  • अधिकतम आयु: 30 वर्ष

  • आयु में छूट:

    • SC/ST: 5 वर्ष

    • OBC: 3 वर्ष

    • PwD: 10 वर्ष

आवेदन शुल्क

  • जनरल / OBC / EWS: ₹1180

  • SC / ST / PwD: ₹177

चयन प्रक्रिया

  • ऑनलाइन परीक्षा
  • ग्रुप डिस्कशन

  • पर्सनल इंटरव्यू

सैलरी स्ट्रक्चर

  • चयनित उम्मीदवारों को ₹48,480 से ₹85,920 प्रतिमाह तक वेतन मिलेगा।

जरूरी डॉक्यूमेंट्स

  • 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन की मार्कशीट
  • डिग्री / डिप्लोमा प्रमाण पत्र

  • पासपोर्ट साइज फोटो और सिग्नेचर

  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

  • मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी

  • आधार कार्ड

आवेदन कैसे करें?

  1. यूनियन बैंक की आधिकारिक वेबसाइट unionbankofindia.co.in पर जाएं

  2. “Recruitment” सेक्शन में जाएं और संबंधित नोटिफिकेशन लिंक पर क्लिक करें

  3. “Click here for New Registration” पर क्लिक करें

  4. मांगी गई जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें

  5. शुल्क का भुगतान करें और आवेदन फॉर्म सबमिट करें

  6. भविष्य के लिए फॉर्म का प्रिंट निकाल लें

मध्यप्रदेश में बीजेपी विधायक का सीएम को पत्र, अनूपपुर में ट्रैफिक व्यवस्था पर उठाए सवाल

मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार के भीतर हालात ठीक नहीं नजर आ रहे हैं, जहां जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आम लोगों की भी सुनवाई नहीं हो रही है। बीजेपी के सीनियर नेता और विधायक बिसाहूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अनूपपुर जिले में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

ट्रैफिक प्रभारी पर गंभीर आरोप: अवैध वसूली की शिकायत

पत्र में बिसाहूलाल सिंह ने अनूपपुर जिले की यातायात प्रभारी ज्योति दुबे पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है। उन्होंने सीएम से मांग की है कि ज्योति दुबे को तुरंत जिला से हटाया जाए। बिसाहूलाल सिंह ने अपनी ही सरकार में कार्यशैली से परेशान होकर यह कदम उठाया और अधिकारियों पर दबाव डाला।

जानें, विधायक ने पत्र में क्या लिखा ?

भाजयुमो जिलाध्यक्ष का हवाला: वसूली के आरोपों की पुष्टि

बीजेपी विधायक ने भाजयुमो जिला अध्यक्ष रविंद्र राठौर के पत्र का हवाला देते हुए सीएम को लिखा है। इस पत्र में यह कहा गया है कि ट्रैफिक प्रभारी ज्योति दुबे अवैध रूप से वसूली कर रही हैं, और इस बारे में कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। विधायक ने उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की है और उन्हें जिले से बाहर ट्रांसफर करने की सलाह दी है।

सियासी गलियारों में हलचल: क्या कार्रवाई होगी?

बीजेपी विधायक द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए इस पत्र के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विधायक का सीधे अधिकारियों के खिलाफ यह कदम कई सवाल उठाता है। क्या एसपी इस मामले में दखल देंगे, और क्या पुलिस विभाग इस मामले की जांच करेगा?

आला अधिकारियों की जिम्मेदारी: क्या पुलिस अधीक्षक की भूमिका अहम होगी?

इस मामले में पुलिस अधीक्षक को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए थी, क्योंकि आरोप केवल एक अधिकारी पर नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर उठ रहे हैं। यदि कोई अधिनस्थ अधिकारी गड़बड़ी कर रहा है और आला अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे, तो इसका संकेत साफ तौर पर अधिकारियों की संलिप्तता की ओर जाता है। अब देखना यह होगा कि क्या उच्च अधिकारी मामले की गंभीरता को समझते हुए उचित कदम उठाते हैं।

अनूपपुर मामले में आगे क्या होगा?

बीजेपी विधायक के पत्र और आरोपों के बीच, अब यह सवाल उठता है कि अनूपपुर की ट्रैफिक प्रभारी ज्योति दुबे के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़ा हो गया है, और आने वाले समय में इस मामले का हल निकालना महत्वपूर्ण होगा।

MP News: बिजली दरों में 4 प्रतिशत का इज़ाफ़ा, बढ़ी हुई दरों का सीधा असर उपभोक्ताओं पर

मध्यप्रदेश में मई माह की शुरुआत बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा झटका लेकर आई है। विद्युत नियामक आयोग ने नए टैरिफ आदेश जारी किए हैं, जिसके अनुसार राज्य में बिजली दरों में औसतन 4 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जिनकी मासिक खपत 200 से 400 यूनिट के बीच है। यह वृद्धि आम उपभोक्ताओं के मासिक बिल को ₹50 से ₹100 तक बढ़ा सकती है।

नई दरों से बढ़ेगा उपभोक्ताओं का बोझ

बिजली वितरण कंपनियों ने 1 अप्रैल 2025 से नए आदेशों के तहत नई दरें लागू की हैं। इन नए आदेशों के तहत घरेलू बिजली दरों में प्रति यूनिट ₹0.18 की वृद्धि की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में बिजली की खपत चरम पर होती है, और इस समय बिजली दरों का बढ़ना आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।

नई दरें:

यूनिट सीमा पुरानी दर (₹/यूनिट) नई दर (₹/यूनिट) बढ़ोतरी (₹)
0 – 50 यूनिट ₹4.27 ₹4.45 ₹0.18
51 – 150 यूनिट ₹5.23 ₹5.41 ₹0.18
151 – 300 यूनिट ₹6.61 ₹6.79 ₹0.18
301 यूनिट से अधिक ₹6.80 ₹6.98 ₹0.18

उपभोक्ता मंचों का विरोध

नए टैरिफ आदेशों के खिलाफ नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, भारतीय वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन, महिला समिति, और मानव अधिकार क्रांति संगठन जैसी कई सामाजिक संस्थाओं ने विरोध जताया है। इन संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 के तहत बढ़ी हुई दरों पर रोक लगाने की मांग की है।

बिजली हानि में बढ़ोतरी पर सवाल

बिजली बिल का झटका! 1 मई से हर यूनिट पर ज्यादा खर्च, 300 यूनिट खपत वालों को  देना होगा 200 रुपए तक ज्यादा - monthly electricity consumption 300 units  electricity electricity bill may ...

उपभोक्ता संगठनों ने यह भी सवाल उठाया है कि मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा बिजली हानि प्रतिशत एक साल में 15.45% से बढ़कर 17.22% हो गया है। इसका मतलब है कि अधिक बिजली का नुकसान हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद नियामक आयोग ने इस मुद्दे पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया है। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।

जबलपुर में तकनीकी खराबी से बिजली गुल

इस बीच जबलपुर के नयागांव स्थित 220 केवी सबस्टेशन में रविवार शाम को तकनीकी खराबी के कारण एक घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। इससे शहर के कई बड़े इलाके जैसे शक्ति भवन, रामपुर, आईटी पार्क, संजीवनी नगर और सूपाताल प्रभावित हुए। उपभोक्ताओं ने बिजली गुल होने की शिकायत कॉल सेंटर में दर्ज कराई।

गर्मी और महंगाई में दोहरी मार

गर्मी के मौसम में पहले ही बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है, और अब बिजली दरों में बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं के लिए संकट और बढ़ गया है। जहां एक ओर मौसम की तपिश बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर बढ़े हुए बिजली बिल के चलते आम जनता खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों पर दोहरी मार पड़ रही है।

मध्य प्रदेश में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, और यह गर्मी के मौसम में एक और चुनौती साबित हो सकती है। उपभोक्ता संगठनों द्वारा विरोध जताए जाने और बिजली हानि में बढ़ोतरी की चिंताएं जारी हैं। अब देखना होगा कि सरकार और नियामक आयोग इस बढ़ी हुई दरों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हैं या नहीं।

MP News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर, भोपाल में विहिप और बजरंग दल ने किया विरोध प्रदर्शन

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद देशभर में गुस्सा और आक्रोश फैल गया है। इस हमले में 22 अप्रैल को आतंकियों ने टूरिस्ट का नाम पूछकर गोली मारी थी, जिससे पूरे देश में आक्रोश पैदा हो गया है। विरोध जताने के लिए भोपाल में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने विभिन्न स्थानों पर पोस्टर लगाए हैं, जिन पर इस हमले का विरोध और सनातन धर्म के लिए जनजागरण का संदेश दिया गया है।

भोपाल में पोस्टर अभियान: “आदत डालिए नाम पूछने की”

भोपाल के रत्नागिरी चौराहे पर विहिप की ओर से लगाए गए पोस्टरों में लिखा है, “आदत डालिए नाम पूछने की” और “अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए अब नाम पूछना ही पड़ेगा।” इस संदेश के माध्यम से संगठन ने आतंकवाद और देश के भीतर बढ़ती असुरक्षा के खिलाफ आवाज उठाई है। ये पोस्टर अब भोपाल में और छह स्थानों पर लगाए जाने हैं, जिससे जनजागरण अभियान को और गति मिलेगी।

विहिप और बजरंग दल का जनजागरण अभियान

आदत डालिये नाम पूछने की... राजधानी की सड़कों पर टंगा पोस्टर

विहिप और बजरंग दल का कहना है कि पहलगाम में हुए इस आतंकवादी हमले ने यह सिद्ध कर दिया है कि अब हिंदू समाज को अपनी सुरक्षा के लिए और धर्म की रक्षा के लिए जागरूक होना चाहिए। बजरंग दल भोपाल प्रांत सह संयोजक लोकेंद्र मालवीय ने कहा कि यह जनजागरण अभियान सनातन धर्म की रक्षा के लिए आवश्यक हो गया है। इसके तहत 2 मई को मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे, जिसमें भोपाल, ग्वालियर, बैतूल, नर्मदापुरम, विदिशा जैसे प्रमुख चौराहों पर प्रदर्शन होंगे।

आतंकी हमले में इंदौर के सुशील नाथ्याल की हत्या

पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मध्यप्रदेश के इंदौर के एलआईसी अधिकारी सुशील नाथ्याल की मौत हो गई। इस हमले में कुल 27 लोग मारे गए थे, जिनमें विभिन्न राज्यों के लोग शामिल थे। इस हमले में 17 लोग घायल भी हुए थे। सुशील नाथ्याल की मृत्यु से मध्यप्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है और उनके परिवार और मित्रों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

2 मई को मध्यप्रदेश में विरोध प्रदर्शन

विहिप और बजरंग दल द्वारा 2 मई को मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और हिंदू समाज में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन सभी प्रमुख चौराहों पर लोग एकजुट होकर आतंकवाद और समाज में असुरक्षा के खिलाफ अपनी आवाज उठाएंगे।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को एकजुट किया है। इस घटना ने आतंकवाद और देश की सुरक्षा की चिंता को फिर से उजागर किया है। विहिप और बजरंग दल का जनजागरण अभियान देशवासियों को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान कर रहा है। 2 मई को होने वाले विरोध प्रदर्शनों से यह संदेश स्पष्ट होगा कि देश आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है और इस प्रकार के हमलों का विरोध करता है।

MP News: अक्षय तृतीया पर भोपाल में सामूहिक विवाह सम्मेलन, 151 जोड़ों ने विवाह बंधन में बंधकर नया जीवन शुरू किया

अक्षय तृतीया के मौके पर भोपाल में सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर फंदा में 151 जोड़े विवाह के बंधन में बंधे। विधायक रामेश्वर शर्मा, जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत समेत अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तित्व इस आयोजन में शामिल हुए। इस समारोह में सभी जोड़ों को उपहार के तौर पर श्रीरामचरित मानस भेंट की गई।

मुख्यमंत्री कन्या दान योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन

मुख्यमंत्री कन्या दान योजना के तहत आयोजित इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 151 जोड़े शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दूल्हा-दुल्हन ने विवाह सूत्र में बंधकर एक नया जीवन शुरू किया। इस आयोजन का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए विवाह की कठिनाइयों को कम करना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के अपना विवाह संपन्न कर सकें।

अक्षय तृतीया पर विशेष आयोजन और जिला प्रशासन की निगरानी

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इस आयोजन के दौरान जिला प्रशासन की टीमें यह सुनिश्चित कर रही हैं कि किसी भी तरह का बाल विवाह न हो। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इस पर निगरानी रखने के लिए टीमों का गठन किया है। इस प्रकार की पहल से बाल विवाह की रोकथाम के साथ-साथ समाज में जागरूकता भी बढ़ रही है।

अन्य सामूहिक विवाह सम्मेलन: विभिन्न समाजों का योगदान

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अक्षय तृतीया के मौके पर शहर के विभिन्न हिस्सों में भी सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किए गए, जहां कई समाजों ने इस आयोजन में भाग लिया:

  • अखिल भारतीय पाल महासभा: बिट्टन मार्केट स्थित दशहरा मैदान में 51 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ।

  • श्री 360 गौत्रिय खटीक समाज: शाहजहानी पार्क में 11 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ।

  • फूल माली समाज: ईंटखेड़ी में 19 जोड़ों का विवाह हुआ।

  • मुख्यमंत्री कन्यादान योजना: जंबूरी मैदान में 51 जोड़े विवाह सूत्र में बंधे।

  • नागर धाकड़ समाज: औबेदुल्लागंज और भौंरी बकानिया में सामूहिक विवाह आयोजित हुए।

  • अखिल भारतीय श्री क्षत्रिय राजपूत समाज: करोंद स्थित कनक मैरिज गार्डन में सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का महत्व

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत, राज्य सरकार द्वारा गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह करवाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना से न केवल विवाह को आसान बनाया जा रहा है, बल्कि समाज में सशक्तिकरण का संदेश भी दिया जा रहा है। सामूहिक विवाह सम्मेलन के माध्यम से सरकार सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा दे रही है।

भोपाल: समारोह के दौरान बारात और सात फेरे

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शाम को बिट्टन मार्केट में अभा पाल महासभा द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में बारात का आगमन हुआ और सभी जोड़ों ने सात फेरे लेकर अपने जीवन के इस नए अध्याय की शुरुआत की। इस विशेष अवसर पर समुदाय के सभी सदस्य एकजुट होकर विवाह की खुशी में शामिल हुए।

अक्षय तृतीया के अवसर पर हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन ने न केवल विवाह की संस्कृति को सहेजने का काम किया, बल्कि समाज में एकता, समृद्धि और भाईचारे को भी बढ़ावा दिया। यह आयोजन मुख्यमंत्री कन्या दान योजना की सफलता का एक उदाहरण बनकर उभरा है, जो समाज में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मध्यप्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, एक परीक्षा से होंगे सभी पदों की भर्तियाँ

मध्यप्रदेश में अब सरकारी नौकरी की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है, जिसके तहत अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षाएँ यूपीएससी (UPSC) के तर्ज पर आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इस नई प्रक्रिया के तहत साल में केवल एक परीक्षा होगी, जिसके जरिए विभिन्न श्रेणियों के पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। आइए जानते हैं इस बदलाव के बारे में विस्तार से।

एमपीपीएससी की परीक्षा अब यूपीएससी की तर्ज पर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भर्ती की प्रक्रिया को यूपीएससी के मॉडल के आधार पर किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत सभी सरकारी पदों के लिए एक ही परीक्षा आयोजित होगी, और इसके माध्यम से चयन किया जाएगा। इससे सभी विभागों में रिक्त पदों की भर्ती समय पर और बिना किसी देरी के होगी।

MP CM Mohan Yadav to seek investment in Space Technology during 2-day  investors summit road-show in Bengaluru | Bengaluru - Hindustan Times

सितंबर में जारी होगा 2026 का भर्ती कैलेंडर

राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि हर साल एक स्थाई भर्ती कैलेंडर जारी किया जाएगा। 2026 के लिए पहला भर्ती कैलेंडर सितंबर 2025 में जारी किया जाएगा। इस कैलेंडर के आधार पर सभी विभागों को एक बार में पदों की मांग करनी होगी, और उसी के हिसाब से परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस बदलाव से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।

साल में एक ही परीक्षा और एक ही मेरिट सूची

अब मध्यप्रदेश में भी संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर एक ही परीक्षा होगी और एक ही मेरिट सूची तैयार की जाएगी, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के उम्मीदवारों को शामिल किया जाएगा। चयन सूची के साथ प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाएगी, जिससे भविष्य में रिक्त पदों पर जल्दी भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।

MPESB में भी बदलाव: सीमित परीक्षाएँ आयोजित होंगी

मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) भी अब अपनी परीक्षाओं में बदलाव करेगा। 28 से अधिक परीक्षाओं की जगह सिर्फ 6 परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इससे उम्मीदवारों को बार-बार परीक्षा देने के झंझट से राहत मिलेगी और प्रक्रिया और अधिक व्यवस्थित होगी।

ऑनलाइन और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया

नई प्रक्रिया के तहत सभी भर्ती क्रियाएँ पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी होंगी। नियम, विज्ञापन, परीक्षा की सभी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी, ताकि उम्मीदवारों को कोई संदेह न हो और किसी प्रकार की न्यायिक अड़चने का सामना न करना पड़े।

समान भर्ती नियम होंगे सभी विभागों के लिए

अब सभी विभागों के लिए भर्ती नियम समान होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) एक मॉडल नियम बनाएगा, जिससे विज्ञापन जारी करने में देरी नहीं होगी और परीक्षा एजेंसियों के लिए प्रक्रिया आसान होगी।

आने वाले वर्षों में लाखों पदों पर भर्ती

sarkari naukri 3000 government job 2022 bsf ssc vacancy 10th 12th pass govt  job vacancy sdmp | सरकारी नौकरी: 3000 से ज्यादा पदों पर भर्तियां, 12वीं पास  से लेकर डिग्री होल्डर तक

मध्यप्रदेश सरकार अगले दो से तीन वर्षों में 2 से 2.5 लाख पदों पर भर्ती करने का लक्ष्य रखेगी। इसमें रिक्त पदों के साथ-साथ पदोन्नति से खाली हुए पदों को भी भरा जाएगा। इस प्रकार से नौकरी चाहने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी संख्या में अवसर होंगे।

नए नियम जनवरी 2026 से होंगे लागू

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए भर्ती नियमों का मसौदा लगभग तैयार है और इसे कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लागू होने से राज्य में सरकारी भर्ती में पारदर्शिता और समयबद्धता आएगी।

इस बदलाव के बाद, मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी की प्रक्रिया और अधिक सुगम, पारदर्शी और समय पर होगी। उम्मीदवारों को अब बार-बार परीक्षा देने की चिंता नहीं होगी और सभी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया बिना किसी देरी के पूरी की जाएगी। इस बदलाव से राज्य के युवा बेरोजगारों को नई दिशा मिलेगी और नौकरी पाने का अवसर भी बढ़ेगा।

आगे की राह मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी की प्रक्रिया में यह बदलाव उम्मीदों को नया मुकाम दे सकता है। जब सभी विभागों में भर्ती एक ही प्रक्रिया से होगी, तो न सिर्फ उम्मीदवारों के लिए यह सरल होगा, बल्कि सरकारी विभागों के लिए भी कार्य में तेजी

सिंहस्थ भूमि पर 9 साल से फैले अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, नगर निगम ने 45 अवैध दुकानें ध्वस्त कीं

मुख्य बातें:

  • 45 अवैध दुकानों पर निगम की जेसीबी चली

  • एक महीने पहले दी गई थी चेतावनी, फिर भी नहीं हटे अतिक्रमण

  • दुकानदार बोले—बिना सूचना के हुई कार्रवाई, सामान तक नहीं बचा पाए

उज्जैन के सिंहस्थ क्षेत्र की शासकीय भूमि पर लगभग 9 साल से पसरा अतिक्रमण आखिरकार रविवार को हटाया गया। नगर निगम ने जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से मकोड़ियाआम नाके से खाक चौक तक की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस दौरान टीनशेड से बनी 45 अवैध दुकानें, कार गैरेज, कार वॉशिंग सेंटर, और गोदाम जेसीबी और पोकलेन की मदद से ध्वस्त किए गए।

कार्रवाई रविवार दोपहर 1.30 बजे से शाम 5 बजे तक चली। इसमें निगम ने 2 पोकलेन, 5 जेसीबी, 5 डंपर, एक क्रेन और दो फायर फाइटर का इस्तेमाल किया। टीम में एडीएम प्रथम कौशिक, निगम आयुक्त आशीष पाठक, अपर आयुक्त संदीप शिवा, एडिशनल एसपी नीतेश भार्गव, सीएसपी सुमित अग्रवाल और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।

निगम ने पहले ही कर दी थी मुनादी और नोटिस जारी

नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए करीब एक माह पहले मुनादी कराई गई थी। इससे पहले लिखित नोटिस भी दिए गए थे, पर दुकानदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। मजबूर होकर निगम को सीधी कार्रवाई करनी पड़ी

दुकानदारों की नाराजगी: “हमें समय नहीं दिया गया”

कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों ने विरोध जताया और कहा कि उन्हें सामान हटाने का मौका तक नहीं मिला। कुछ दुकानों में माल टूटने की शिकायतें भी सामने आईं। दुकानदारों का कहना है कि एक दिन पहले तक उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई थी

मैरिज गार्डन पर कोर्ट का स्टे, नहीं हो सकी कार्रवाई

इसी क्षेत्र में बना एक मैरिज गार्डन भी कार्रवाई के दायरे में था, लेकिन कोर्ट से स्टे होने के कारण वहां तोड़फोड़ नहीं की गई। सिंहस्थ 2016 के बाद से इस क्षेत्र में लगातार अवैध निर्माण और व्यवसाय बढ़ते जा रहे थे, जो अब हटाए जा रहे हैं।

कब्जा हटाने की कार्रवाई से जुड़े तथ्य

दिल्ली की अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर, JCB के आगे आए "आप" MLA - Dainik  Bhaskar | Uttar Pradesh News, UP Dainikbhaskar

  • मकोड़ियाआम नाका से खाक चौक तक की भूमि सिंहस्थ क्षेत्र में आती है

  • लगभग 40+ अवैध निर्माण इन वर्षों में खड़े हो गए थे

  • सड़क तक वाहन पार्किंग और अतिक्रमण की वजह से ट्रैफिक भी प्रभावित हो रहा था

  • अब तक केवल मैरिज गार्डन पर स्टे के चलते कार्रवाई रुकी है

कार्रवाई में शामिल अधिकारी और संसाधन

  • एडीएम प्रथम कौशिक

  • निगम आयुक्त आशीष पाठक

  • अपर आयुक्त संदीप शिवा

  • एडिशनल एसपी नीतेश भार्गव

  • सीएसपी सुमित अग्रवाल

  • 2 पोकलेन, 5 जेसीबी, 5 डंपर, 1 क्रेन, 2 फायर फाइटर

निगम की चेतावनी: अब दोबारा कब्जा किया तो सीधे केस दर्ज होगा

नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिस भूमि को खाली कराया गया है, वहां फिर से कब्जा करने की कोशिश की गई तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

सिंहस्थ क्षेत्र में वर्षों से चल रहे अतिक्रमण पर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए रविवार को बड़ा एक्शन लिया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि अब शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, सूचना न मिलने की शिकायतों और अदालत की रोक जैसी चुनौतियाँ भी प्रशासन को झेलनी पड़ीं।