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प्रधानमंत्री रोजगार मेला: देशभर में 51,000 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, विकास की नई दिशा में युवा शक्ति का योगदान

प्रधानमंत्री रोजगार मेला, जो शनिवार को भोपाल समेत देश के 47 स्थानों पर आयोजित हुआ, ने हजारों युवाओं के सपनों को पंख लगाए। शनिवार को भोपाल के समन्वय भवन में प्रधानमंत्री रोजगार मेला आयोजित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से देशभर में सरकारी नौकरियों में चयनित युवाओं को संबोधित किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर भोपाल में मौजूद अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।

इस रोजगार मेले का आयोजन देशभर के 47 स्थानों पर एक साथ किया गया, जिसमें प्रयागराज, लखनऊ, चेन्नई जैसे प्रमुख शहर भी शामिल रहे। कुल मिलाकर 51,000 से अधिक युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: “आपका योगदान देश के निर्माण में अमूल्य है”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये नियुक्तियाँ केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि देश के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और सेवा में एक भागीदारी हैं।
उन्होंने युवाओं को देश के स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया अभियानों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

“भारत आज रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन में सबसे आगे है और डेटा साइंस, इनोवेशन और AI के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।” – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेले को वर्चुअली संबोधित किया।

महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों पर खास फोकस

  • महिलाओं की नियुक्ति में 28% की वृद्धि

  • 90 लाख से अधिक सेल्फ हेल्प ग्रुप बन चुके हैं, जिनमें 10 करोड़ महिलाएं सक्रिय

  • मुद्रा योजना और लखपति दीदी योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया

“50,000 से अधिक स्टार्टअप में महिलाएं डायरेक्टर की भूमिका निभा रही हैं।”

रोजगार के आँकड़े और योजनाएं

  • KVIC के जरिए अब तक 2.69 करोड़ आवेदन प्राप्त

  • 16,370 टूलकिट का वितरण

  • खादी और ग्राम उद्योग का टर्नओवर: ₹1.70 लाख करोड़ से अधिक

  • हाईवे निर्माण में वृद्धि: 60% तक, 2,474 किमी मार्गों का निर्माण

शिवराज सिंह का बयान: “अब मुझे खेती और किसान के सिवा कुछ नहीं दिखता”

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “रोजगार वही अच्छा है जो आनंद दे। अब मुझे खेती, गाय और किसान के अलावा कुछ नहीं दिखता।”
उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव तक रोजगार के अवसर लाने पर काम कर रही है, जिससे हर परिवार को गरीबी से बाहर निकाला जा सके।

विकसित भारत के लिए युवा तैयार

शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2047 तक एक विकसित भारत का सपना साकार किया जा रहा है, और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे अहम है।
‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘स्टैंडअप इंडिया’ जैसे अभियानों के जरिए सरकार हर युवा तक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पहुंचा रही है।

भोपाल से लेकर देश के अन्य शहरों तक, प्रधानमंत्री रोजगार मेला सिर्फ नियुक्तियों का आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं की आकांक्षाओं और सपनों को उड़ान देने का प्लेटफॉर्म बन रहा है। सरकारी प्रयासों और योजनाओं के माध्यम से देश का युवा अब सिर्फ नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन का वाहक बन रहा है।

MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मौसम का बदला मिज़ाज, तेज गर्मी के बीच बारिश और लू दोनों का असर

मध्यप्रदेश में अप्रैल का चौथा सप्ताह मौसम के बदले मिज़ाज के साथ शुरू हुआ है। एक ओर जहां तेज़ धूप और लू ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में हुई हल्की बारिश और तेज़ हवाओं ने कुछ राहत भी दी है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, जबकि अन्य हिस्सों में लू और बढ़ती गर्मी का पूर्वानुमान जारी किया है।

बीते शुक्रवार रात मध्यप्रदेश के भोपाल, हरदा, देवास, सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। खंडवा में शनिवार सुबह बूंदाबांदी भी देखने को मिली। भोपाल में हवा की रफ्तार 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंची, जबकि सीहोर में 47 किमी और हरदा-पचमढ़ी में 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।

मौसम विभाग ने ट्रफ सिस्टम के सक्रिय होने की वजह से कई जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कुछ जिलों में लू चलने की चेतावनी भी दी गई है। अगले चार दिन प्रदेश में मिश्रित मौसम का असर देखने को मिलेगा।

तारीखवार पूर्वानुमान :

26 अप्रैल 2025: बारिश और लू दोनों का असर

  • बारिश संभावित जिलों में:
    ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर
  • लू चलने की संभावना:
    रतलाम, खंडवा, बुरहानपुर
  • गर्मी का असर:
    भोपाल, इंदौर, उज्जैन

27 अप्रैल 2025: कुछ जिलों में राहत, कुछ में गर्मी तेज

  • बारिश वाले जिले:
    भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा
  • लू की चेतावनी:
    नीमच, मंदसौर, रतलाम

28 अप्रैल 2025: पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश का असर

  • बारिश की संभावना:
    सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा
  • लू प्रभावित जिले:
    श्योपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ

29 अप्रैल 2025: गरज-चमक के साथ हल्की बारिश

  • बारिश संभावित जिलों में:
    शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट
  • अन्य जिलों में:
    तेज गर्मी और सूखा मौसम बना रहेगा।

Mp Weather Forecast Today: Temperature Drops Due To Western Disturbance Imd  Rain Alert, Bhopal, Indore, Mausam - Amar Ujala Hindi News Live - Mp  Weather Today:प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस से तापमान में

अप्रैल का आखिरी सप्ताह: दिन और रात दोनों होंगे गर्म

  • उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक रह सकता है (27-30 डिग्री सेल्सियस)।

  • दिन का तापमान:

    • ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा संभाग: 43-45°C

    • भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित अन्य भाग: 41-44°C

  • रातों में भी उमस और गर्मी बनी रहेगी।

  • बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश में 3-4 दिन लू की स्थिति बन सकती है।

विशेषज्ञ की राय

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले चार दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश, गरज-चमक के साथ हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज गर्मी और लू का प्रभाव बना रहेगा।

अप्रैल के आखिरी सप्ताह में मध्यप्रदेश में मौसम का मिज़ाज बार-बार बदलेगा। कहीं बारिश से राहत, तो कहीं लू से परेशानी हो सकती है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग के अपडेट्स पर ध्यान दें और आवश्यक सावधानियाँ बरतें।

MP News: पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में, इंदौर एवं भोपाल में आज आधे दिन का बंद

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी ने 26 अप्रैल को इंदौर बंद रखने की अपील की है। यह बंद स्वैच्छिक रूप से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से इस हमले के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।

व्यापारिक संगठनों का मिला समर्थन

इंदौर के इस बंद को शहर के चार प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने समर्थन दिया है। इसके अतिरिक्त कई व्यापारी एसोसिएशन और संगठनों ने बंद में भागीदारी की घोषणा की है।

इन व्यापारिक संगठनों ने किया समर्थन:

  • सियागंज व्यापारी एसोसिएशन

  • क्लॉथ मार्केट व्यापारी एसोसिएशन

  • छावनी अनाज मंडी एसोसिएशन

  • महारानी रोड व्यापारी एसोसिएशन

  • राजवाड़ा व्यापारी एसोसिएशन

  • शीतला माता बाजार व्यापारी एसोसिएशन

  • लोहा व्यापारी एसोसिएशन

  • इंदौर सोना-चांदी व्यापारी एसोसिएशन

  • होटल व्यापारी एसोसिएशन

  • वेयरहाउस व्यापारी एसोसिएशन

  • समस्त औद्योगिक एवं सामाजिक संगठन

इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू

इंदौर और भोपाल दोनों ही शहरों में मेडिकल स्टोर और थोक दवा बाजार खुले रहेंगे। भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि “जरूरी सेवा होने के कारण दुकानें खुली रहेंगी, लेकिन बंद का समर्थन किया जाएगा।”

भोपाल में भी बंद का व्यापक असर

भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने भी 26 अप्रैल को दोपहर 2 बजे तक बंद रखने की घोषणा की है। चेंबर के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि सभी व्यापारिक संगठनों की सहमति के बाद बंद का निर्णय लिया गया।

इन संगठनों ने भोपाल में किया समर्थन:

  • न्यू मार्केट व्यापारी संरक्षण समिति

  • पुराने भोपाल के व्यापारी

  • विभिन्न व्यापारी नेता जैसे सतीश कुमार गंगराड़े, पवन वरदानी, प्रदीप गुप्ता, अजय देवनानी आदि

श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

इंदौर और भोपाल दोनों शहरों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें व्यापारी और सामाजिक संगठन शामिल होंगे। मारे गए निर्दोष नागरिकों की याद में यह बंद एक शांतिपूर्ण विरोध के रूप में मनाया जा रहा है।

Government Job: ग्रेजुएट्स के लिए सुनहरा अवसर, UPSC ने प्रिंसिपल के पदों पर निकाली भर्ती

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने प्रिंसिपल के पदों पर भर्ती निकाली है। यह भर्ती यूपी टेक्निकल एजुकेशन (टीचिंग) के अंतर्गत की जाएगी। उम्मीदवार यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। फीस पेमेंट की लास्ट डेट 26 मई 2025 तय की गई है।

एजुकेशनल क्वालिफिकेशन :

  • AICTE द्वारा प्रमाणित डिप्लोमा कोर्स में बैचलर या मास्टर डिग्री में फर्स्ट क्लास
  • पीएचडी की डिग्री के बाद कम से कम 3 साल का एक्सपीरियंस
  • एचओडी लेवल पर 5 साल का एक्सपीरियंस या
  • AICTE द्वारा प्रमाणित डिप्लोमा कोर्स में बैचलर या मास्टर डिग्री
  • टीचिंग में 20 साल का एक्सपीरियंस

एज लिमिट :

  • न्यूनतम : 30 साल
  • अधिकतम : 50 साल
  • रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को ऊपर उम्र में छूट दी जाएगी

फीस :

  • जनरल, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी : 205 रुपए
  • एससी, एसटी : 105 रुपए
  • पीएच : 25 रुपए

सिलेक्शन प्रोसेस :

  • रिटन एग्जाम
  • इंटरव्यू

सैलरी :

  • लेवल – 13 के अनुसार 1,31,400 – 2,04,700 रुपए प्रतिमाह

ऐसे करें आवेदन :

  • रजिस्ट्रेशन से पहले उम्मीदवारों को otr.pariksha.nic.in पर जाकर ओटीआर नंबर प्राप्त करना होगा।
  • उसके बाद आवेदन करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाएं।
  • होम पेज पर ONLINE RECRUITMENT APPLICATION (ORA) FOR VARIOUS RECRUITMENT POSTS पर क्लिक करें।
  • अब अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें।
  • न्यू रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें।
  • लॉग इन के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
  • इसका प्रिंटआउट निकालकर रखें।

MP News: नरवाई जलाने पर नहीं मिलेंगे सरकारी लाभ, सीएम मोहन यादव का निर्देश, 1 मई से पूरे राज्य में लागू होगी सख्ती

मध्यप्रदेश में अब खेतों में नरवाई जलाने वाले किसानों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। नरवाई जलाने वाले किसानों को पीएम किसान निधि के 6 हजार रुपये नहीं दिए जाएंगे। इसके साथ ही सरकार MSP पर ऐसे किसानों की फसल नहीं खरीदेगी। गुरुवार को राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम मोहन यादव ने ये बड़ा फैसला लिया है। 1 मई से ये फैसला पूरे मध्यप्रदेश में लागू होगा। MP: ऐसी पद्धति से सड़कें बनाएं, जिससे लागत भी निकले और राजस्व भी मिले, सीएम  मोहन यादव के निर्देश - MP Build roads in such a way that both cost and  revenue मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है। फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने के मामलों में बढ़ोतरी होने से वायु प्रदूषण सहित कई प्रकार से पर्यावरण को बहुत नुकसान हो रहा है। खेत में आग लगाने से जमीन में उपलब्ध पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और जमीन की उर्वरक क्षमता में भी गिरावट आती है। राज्य सरकार पहले ही नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगा चुकी है। पर्यावरण, मृदा संरक्षण और जमीन की उत्पादकता बनाए रखने के मद्देनजर राज्य सरकार अब यह निर्णय ले रही है, जो 1 मई से लागू होगा।

किसानों पर जुर्माना, FIR भी होगी

MP parali jalane par jurmana
मध्यप्रदेश सरकार पराली जलाने को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रही है। भोपाल में इस सीजन में एक साथ 4 किसानों पर 37 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है।

बैठक में सीएम मोहन के निर्देश

सीएम मोहन ने राजस्व विभाग की बैठक में कहा कि सरकारी जमीनों, कुएं-बावड़ी, तालाबों और गांवों में सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती से विशेष अभियान चलाएं। जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी जल संग्रहण स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए राजस्व अधिकारी अपनी भूमिका निभाएं। सीएम मोहन ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सभी अमृत सरोवर, तालाब, बांध, नहर और अन्य जल संरचनाओं को राजस्व रिकॉर्ड में जरूर दर्ज करें और नहर, कुएं और बावड़ी जैसी जल संरचनाओं को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करें।

‘नामांतरण बंटवारे के काम समय सीमा में निपटाएं’

राजस्व विभाग की बैठक में बताया गया कि साइबर तहसील 3.0 में भी 26 जनवरी 2025 तक नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा, तरमीम और सीमांकन के 7 लाख प्रकरण दर्ज हुए हैं। पहले 2 चरणों में 80 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया गया है। सीएम मोहन ने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा संशोधन जैसे राजस्व संबंधी कामों की पेंडेंसी जल्द ही खत्म करें।

MP News: मध्यप्रदेश सरकार का मानवता भरा कदम, अब हर जरूरतमंद को मिलेगी फ्री शव वाहन सेवा

मध्यप्रदेश में अब किसी गरीब को अपने परिजन का शव कंधे, साइकिल या ठेले पर नहीं ले जाना पड़ेगा। प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के सहयोग से अब सरकार 148 अत्याधुनिक शव वाहनों की सेवा शुरू करने जा रही है, जिससे अंतिम यात्रा सम्मानजनक हो सके।

घर तक पहुंचेगा शव वाहन

अब किसी भी जरूरतमंद को सिर्फ 1080 नंबर पर कॉल करना होगा, और शव वाहन सीधे अस्पताल से घर तक शव को लेकर पहुंचेगा। इस सेवा की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और एक महीने के भीतर सेवा शुरू होने वाली है।

  • पहले चरण में 60 शव वाहन शुरू किए जाएंगे
  • हर जिले में कम से कम एक वाहन पहुंचेगा
  • भोपाल जैसे बड़े मेडिकल कॉलेजों को दो या ज्यादा वाहन मिल सकते हैं
  • भविष्य में हर जिले को 2 से 3 शव वाहन दिए जाएंगे

शव वाहन होंगे आधुनिक सुविधाओं से लैस

सरकार जो नॉन-एसी वाहन तैयार कर रही है, वे शव वाहन के तौर पर काम आएंगे और इनमें जरूरी सुविधाएं मौजूद होंगी

  • पारदर्शी खिड़कियां
  • फ्यूमीगेशन मशीन
  • वॉशिंग इक्विपमेंट
  • स्ट्रेचर, फायर एक्सटिंग्यूशर, फायर ब्लैकेट, पंखे आदि

भोपाल में 24×7 कॉल सेंटर और डिजिटल मॉनिटरिंग

इस सेवा को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए भोपाल में 24 घंटे चालू कॉल सेंटर तैयार किया जा रहा है। यहां से पूरे प्रदेश में शव वाहनों की उपलब्धता और मूवमेंट को डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए ट्रैक किया जाएगा, जिससे जरूरतमंदों को तुरंत सहायता मिल सके।

सिर्फ आयुष्मान कार्डधारकों को मिलेगा फायदा

फिलहाल यह सेवा आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को ही मिलेगी। यानी जिन लोगों के पास आयुष्मान कार्ड है, वे अस्पताल से घर तक शव ले जाने के लिए इस सेवा का लाभ ले सकेंगे।

हालांकि, सरकार को यह सुझाव भी मिल रहा है कि यह सेवा आम मरीजों के परिजनों को भी दी जानी चाहिए, ताकि हर जरूरतमंद को मदद मिल सके।

MP News: मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव: दो शिफ्ट में कॉलेज, नई ग्रेडिंग और क्रेडिट स्कोर लिंकिंग

मध्यप्रदेश में सभी सरकारी कॉलेज दो शिफ्ट में लगेंगे। वहीं सभी कॉलेजों की स्टेट लेवल पर ग्रेडिंग भी होगी। हर संभाग में युवाओं को ज्ञान बढ़ाने के लिए सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता भी आयोजित कराई जाएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में समत्व भवन में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में इसके निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम भी आवश्यकतानुसार जारी रहे। इससे विद्यार्थियों को बिना किसी बाधा के शिक्षा पूरी करने में आसानी होगी। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि हम विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति को उनके क्रेडिट स्कोर से जोड़ रहे हैं, इससे स्टूडेंट्स की उपस्थिति बढ़ रही है।

सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य और टीचर को मिलेगा पुरस्कार

सीएम ने कहा कि तीन श्रेणियों में क्रमश: सर्वश्रेष्ठ कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य एवं सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के पुरस्कार देने की परम्परा प्रारंभ करें। युवा शक्ति को मार्गदर्शन देने के लिए प्रदेश के युवाओं का कुंभ कराया जाए। इसे ज्ञान महाकुंभ नाम दिया जाए। साल भर में कम से कम एक बार कॉलेजों में बड़े वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाए। विद्यार्थियों के साथ उनका जीवंत संवाद एवं समूह चर्चा आयोजित की जाए।
सीएम ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद रहे।
सीएम ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद रहे।

रिसर्च को बढ़ावा देने कॉलेजों में बनेंगे सेंटर

मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को भारतीय ज्ञान परंपराओं पर आधारित रोजगार परक शिक्षा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के विज्ञान और तकनीक संबंधी ज्ञान में वृद्धि होगी। महाविद्यालयों में रिसर्च सेंटर स्थापित कर रिसर्च वर्क को भी प्रोत्साहन दिया जाए। प्रदेश के सभी ऐसे क्षेत्रों में, जहां नए कॉलेज खोलने की अत्यंत आवश्यकता है, विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में, वहां अधिकाधिक कॉलेज खोले जाएं।

कॉलेजों में संचालित करें बीएससी एग्रीकल्चर कोर्स

सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश के अधिकाधिक महाविद्यालयों में बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं। इससे विद्यार्थियों की कृषि एवं कृषि आधारित प्र-संस्करण उद्योगों में रुचि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए अब तक चयनित सभी कॉलेजों में इसी सत्र से बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम की पढ़ाई प्रारंभ करें। प्रदेश के सभी 55 जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस संचालित हैं। इनमें से 37 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस कॉलेजों एवं 5 यूनिवर्सिटी में 7 प्रकार के रोजगार आधारित डिग्री एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में करीब 1200 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सीएम ने पीएम श्री उत्कृष्टता महाविद्यालयों में अब तक की प्रगति और विकास की जानकारी ली।

लोक सेवा आयोग से ही कराएं प्राध्यापकों की भर्ती

सीएम ने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में प्राध्यापकों की भर्ती म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के अंतर्गत सेमेस्टर के माध्यम से परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की टास्क फोर्स/शीर्ष समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः: पालन करें। विश्व बैंक प्रोजेक्ट में महाविद्यालय में कंप्यूटर लैब और अन्य सभी जरूरी विकास कार्य कराए जाएं।

रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत, यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे का फैसला, 5 मई से चलेगी साप्ताहिक ट्रेन

गर्मियों की छुट्टियों में रेलात्रियों को राहत देते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। भारतीय रेलवे इसके लिए 5 मई से सुल्तानपुर-लोकमान्य टिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन चलाने जा रहा है। चलिए जानते हैं ये ट्रेन मध्यप्रदेश के किन-किन स्टेशनों से होकर निकलेगी, इसका पूरा शैड्यूल क्या रहेगा।

गर्मी को देखते हुए रेलवे ने शुरू की साप्ताहिक ट्रेन

आपको बता दें 1 मई से सभी स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां लगने वाली हैं। इसके बाद सभी लोग घूमने का प्लान बना लेते हैं। ऐसे में गर्मी की छुट्टियों में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने ये साप्ताहिक विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है।

कब से चलेगी वीकली समर स्पेशल ट्रेन

आपको बता दें गाड़ी संख्या 04212/04211 सुल्तानपुर-लोकमान्य टिलक टर्मिनस-सुल्तानपुर ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन चलाई जा रही है। जो बीना, रानी कमलापति (RKMP) और इटारसी स्टेशनों पर रुकेगी।

सुल्तानपुर से लोकमान्य टिलक टर्मिनस के बीच चलेगी समर स्पेशल ट्रेन

गर्मियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेन चलाई जा रही है। यह ट्रेन सुल्तानपुर और लोकमान्य टिलक टर्मिनस के बीच चलेगी और कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी।

सुल्तानपुर से लोकमान्य टिलक टर्मिनस शैड्यूल

गाड़ी संख्या मार्ग संचालन की अवधि दिन समय
04212 सुल्तानपुर → लोकमान्य टिलक टर्मिनस 5 मई से 23 जून तक हर रविवार सुबह 4:00 बजे सुल्तानपुर से प्रस्थान
04211 लोकमान्य टिलक टर्मिनस → सुल्तानपुर 6 मई से 24 जून तक हर मंगलवार शाम 4:35 बजे लोकमान्य टिलक टर्मिनस से प्रस्थान

प्रमुख ठहराव और समय

04212 सुल्तानपुर → लोकमान्य टिलक टर्मिनस

स्टेशन आगमन का समय
बीना शाम 5:30 बजे
रानी कमलापति रात 8:00 बजे
इटारसी रात 10:20 बजे
लोकमान्य टिलक टर्मिनस (अगले दिन) दोपहर 2:00 बजे

04211 लोकमान्य टिलक टर्मिनस → सुल्तानपुर

(स्टॉप की जानकारी नहीं दी गई है, पर यह ट्रेन हर मंगलवार को चलेगी)

कश्मीर में आतंकी हमले का डर: मध्यप्रदेश से सैकड़ों पर्यटकों ने रद्द की बुकिंग, हिमाचल-उत्तराखंड की डिमांड बढ़ी

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 27 पर्यटकों की मौत हो गई। इस घटना के बाद भोपाल समेत मध्यप्रदेश से गर्मी की छुट्‌टी में घूमने के लिए कश्मीर जाने वाले लोग अपने ट्रिप कैंसिल कर रहे हैं। भोपाल में बुधवार को कश्मीर के टूर की बुकिंग कराने कोई नहीं पहुंचा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर-ग्वालियर में भी ऐसी ही स्थिति रही। यहां 200 से ज्यादा बुकिंग कैंसिल हो गईं।

टूरिस्ट सिर्फ अप्रैल ही नहीं, मई और जून की बुकिंग भी कैंसिल कर रहे हैं। ज्यादातर लोगों ने 1 मई के बाद कश्मीर घूमने का प्लान बनाया था, क्योंकि डेढ़ महीने के लिए बच्चों के स्कूल की छुटि्टयां लग रही थी। वे कश्मीर ट्रिप कैंसिल करने के बाद अब हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड घूमने के लिए पूछताछ कर रहे हैं।

भोपाल के विजय सिंह ने कहा- मई में बच्चों की स्कूल की छुट्‌टी लग रही थी इसलिए परिवार समेत वैष्णोदेवी और श्रीनगर जाने का प्लान था, जो कैंसिल कर दिया है। अब नैनीताल जाने का प्लान बना रहे हैं।

कश्मीर न जाते हुए हिमाचल-उत्तराखंड का प्लान

भोपाल में ट्रेवल्स संचालक एसके पाली बताते हैं- भोपाल से कश्मीर, हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड घूमने जाने वाले टूरिस्ट दिल्ली या ग्वालियर तक फोर व्हीलर से जाते हैं। यदि बड़ी फैमिली है तो ट्रेवलर जैसी गाड़ियों को सीधे वहां तक ले जाते हैं। पहलगाम, गुलमर्ग, श्रीनगर, वैष्णोदेवी के लिए भी बुकिंग होती है, लेकिन पहलगाम में आतंकी हमले के बाद वे लोग चिंतित हैं, जो 1 मई के बाद घूमने जाने वाले हैं।

ट्रेवल्स संचालक बोले-

कश्मीर के पर्यटक कम होंगे भोपाल के ही ट्रेवल्स संचालक योगेंद्र सिंह गुड्‌डू चौहान का कहना है- टूरिस्ट प्लेस पहलगाम में आतंकी हमले से सिर्फ वहां के होटल इंडस्ट्री या अन्य कारोबार पर ही नहीं, मध्यप्रदेश की ट्रेवल्स इंडस्ट्री पर भी असर पड़ेगा। हर साल मई में स्कूलों की छुट्‌टी लगने पर लोग फैमिली समेत कश्मीर जाते हैं। इनमें से ज्यादातर फोर व्हीलर या बसों से जाते हैं। आने वाले दिनों में इनकी बुकिंग घट जाएगी।

अब कश्मीर टूरिज्म को प्रमोट नहीं करेंगे

भोपाल के आईएसबीटी स्थित ट्रेवल्स कंपनी के संचालक विजय श्रीवास्तव ने बताया- भोपाल के दो टूरिस्ट बुधवार को बस से ग्वालियर होते हुए कश्मीर जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने अपने बुकिंग कैंसिल करा दी।

देवास के प्राइमेक्स ट्रेवल्स के पल्लव सिंह ठाकुर ने कहा कि मई में 25 हजार रुपए में कश्मीर टूर करवा रहे थे। जिसमें 5 नाइट का पैकेज था। श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम में नाइट स्टे भी रखा था लेकिन आतंकी हमले के बाद यह टूर कैंसिल कर दिया है। इसमें देवास के टूरिस्ट भी शामिल थे। हम अब कश्मीर टूरिज्म को प्रमोट नहीं करेंगे।

इंदौर: 50 लोगों ने कैंसिल किए टूर

पहलगाम में टूरिस्ट को निशाना बनाकर हत्या करने के बाद से इंदौर से कश्मीर जाने वाले पर्यटकों ने टूर पैकेज कैंसिल करा दिए हैं। इंदौर के ट्रैवल एजेंट्स से मिली जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल को आतंकी घटना के बाद से बुधवार शाम तक 50 से ज्यादा लोगों ने टूर कैंसिल कराए हैं। 20 से ज्यादा ने रिशेड्यूल किए हैं।

उज्जैन: कश्मीर नहीं, अब हिमाचल प्रदेश का प्लान

उज्जैन में मेक माय ट्रिप का संचालन करने वाले शुभम जैन ने बताया- अभी कश्मीर घूमने का पीक सीजन है। 11 लोगों का ग्रुप जाने वाला था लेकिन पहलगाम में आतंकी घटना के बाद उन्होंने कहा है कि एक-दो दिन में जवाब देंगे, नहीं तो ट्रिप कैंसिल कर देना। दिल्ली के एक ग्रुप ने भी बुकिंग करवा रखी थी। उन्होंने तो मना ही कर दिया है।

शुभम ने बताया कि अब हम भी लोगों को समझाइश दे रहे हैं कि कश्मीर नहीं जाएं। इससे अच्छा हिमाचल प्रदेश का प्लान कर लें।

3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है। उज्जैन में बीते 24 साल से अमरनाथ के लिए जत्था ले जाने वाले मनोज ने बताया- 14 अप्रैल से बुकिंग शुरू हुई है। रोज 20-25 लोग पूछताछ के लिए आते थे, लेकिन बुधवार को एक भी व्यक्ति नहीं आया। इसमें सबसे ज्यादा पहलगाम से बुकिंग होती थी, बालटाल से कम होती थी। पहलगाम हमले के बाद डर के कारण लोग नहीं आए।

MP News: भोपाल में खेतों में पराली जलाना पड़ा महंगा, 4 किसानों पर जुर्माना, एफआईआर की तैयारी में प्रशासन

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से किसानों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। खेतों में पराली जलाने वाले चार किसानों पर 37 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया है। अब प्रशासन इन किसानों पर एफआईआर भी करने की तैयारी कर रहा है। भोपाल जिले में पराली जलाने पर रोक है। इसके बावजूद भी किसानों ने अपने खेतों में पराली जलाई है। इसलिए कलेक्टर के निर्देश में यह कार्रवाई की गई है।

इन किसानों पर लगाया जुर्माना

हुजूर के एसडीएम विनोद सोनकिया के मुताबिक ग्राम परवलिया में खेत में पराली जलाई गई थी। इस कारण किसान गीता प्रसाद पिता किशनलाल पर 15 हजार रुपए का अर्थदंड रोपित किया गया है। वहीं, गब्बर सिंह पिता नवल सिंह ठाकुर पर 2500 रुपए, ग्राम परेवा खेड़ा के किसान राजेश पिता धनसिंह मीणा पर 15 हजार रुपए और होरीलाल पिता मिट्ठू लाल निवासी भोपाल पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

5 मई पराली जलाने पर है प्रतिबंध

एसडीएम सोनकिया ने बताया कि इन सभी के विरुद्ध एफआईआर की कार्रवाई भी की जा रही है। यहां बता दें, भोपाल जिले में 5 मई तक पराली जलाने पर रोक लगाई गई है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश का पालन करते हुए पराली जलाने पर रोक लगाई थी, जो अब तक पूरे जिले में लागू है। इसके बावजूद किसान खेतों में पराली जला रहे हैं।

पराली जलाने से ये है नुकसान

शहर के चारों ओर किसानों की फसलें हैं, और पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ रहा है। भोपाल जिले में पराली (नरवाई) को बड़े पैमाने पर जलाया जाता है, जिससे खेतों की उर्वरता कम हो जाती है। कई बार ये आग रहवासी इलाकों तक भी पहुंच जाती है, जिससे आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

कलेक्टर के आदेश में बताया गया है कि अगर खेत में आग अनियंत्रित हो जाती है, तो इससे जन संपत्ति और प्राकृतिक वनस्पति, जीव-जन्तु को नुकसान होता है। इससे नुकसान तो होता ही है, साथ ही खेत की मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी खत्म हो जाती है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ता है।

उन्होंने बताया कि खेत में पड़ा कचरा, भूसा और डंठल जब सड़ते हैं, तो वे जमीन को स्वाभाविक रूप से उपजाऊ बनाते हैं। इन्हें जलाना ऊर्जा की बर्बादी है। आग लगाने से हानिकारक गैसें निकलती हैं, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं। इस समस्या का समाधान मल्चर के जरिए किया जा सकता है।