Saturday, April 4, 2026
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अब स्कूल से ही होगा कॉलेज एडमिशन, पारदर्शी और कम खर्चीली प्रक्रिया की शुरुआत

नए शैक्षणिक सत्र से छात्रों को कॉलेज एडमिशन के लिए भागदौड़ नहीं करनी होगी। अब हर हायर सेकंडरी स्कूल और कॉलेज कैंपस में रजिस्ट्रेशन डेस्क या कियोस्क लगाए जाएंगे, जहां से छात्र सीधे रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इससे लाखों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।

एडमिशन प्रोसेस के लिए नई एजेंसी: SRIT बेंगलुरु

अब तक एडमिशन की जिम्मेदारी एमपी ऑनलाइन की थी, लेकिन अब इसे बेंगलुरु की SRIT कंपनी को सौंपा गया है। यह कदम तेज और बेहतर सेवा देने के लिए उठाया गया है।

कम खर्च, ज्यादा सुविधा: ₹70 की जगह ₹39.60 में काम

नई एजेंसी द्वारा छात्रों को केवल ₹39.60 में पूरी सेवा मिलेगी, जबकि पहले एमपी ऑनलाइन ₹70 चार्ज करता था। यह बदलाव आर्थिक रूप से भी छात्रों के लिए फायदेमंद होगा।

मोबाइल ऐप और यूज़र-फ्रेंडली पोर्टल

अब छात्र मोबाइल ऐप के ज़रिए घर बैठे ही:

  • रजिस्ट्रेशन

  • दस्तावेज़ अपलोड

  • फीस भुगतान

  • स्टेटस ट्रैक
    सभी काम कर सकेंगे। यह पोर्टल एंड्रॉयड और iOS दोनों पर उपलब्ध रहेगा।

पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड और ट्रांसपेरेंट

College Admissions 2022: Check Which are the Best Colleges for Your Stream  - News18

नई एडमिशन प्रणाली पूरी तरह ऑटोमेटेड और रूल-बेस्ड है, जिससे कॉलेज और कोर्स का आवंटन बिना मानवीय हस्तक्षेप के होगा। हर साल यह सॉफ्टवेयर 5 लाख से ज्यादा छात्रों की जानकारी को प्रोसेस करने में सक्षम है।

हेल्पलाइन और कॉल सेंटर की सुविधा

एडमिशन से दो महीने पहले और अंतिम तिथि के दो महीने बाद तक एक टोल-फ्री नंबर और कॉल सेंटर काम करेगा, जिससे छात्र और अभिभावक किसी भी समय जानकारी ले सकेंगे।

फीस और छात्रवृत्ति के लिए एक ही पोर्टल

अब छात्र कॉलेज फीस भी इसी पोर्टल से सीधे शासन के खाते में जमा कर सकेंगे। साथ ही, सभी छात्रवृत्ति योजनाओं का आवेदन भी यहीं से किया जा सकेगा। भविष्य की योजनाओं को भी सिस्टम से जोड़ा जा सकेगा।

तकनीकी टीम रहेगी हर वक्त तैयार

पूरे साल इस सिस्टम की देखरेख के लिए एक टीम लीडर और तकनीकी विशेषज्ञ विभाग के साथ समन्वय में काम करेंगे। इससे किसी भी तकनीकी समस्या का समाधान तुरंत किया जा सकेगा।

यह नई व्यवस्था न केवल छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाई गई है, बल्कि यह डिजिटल पारदर्शिता और सुलभता की दिशा में एक बड़ी पहल है। इससे न केवल समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि एडमिशन प्रक्रिया भी ज्यादा स्मार्ट, सरल और सुलभ हो जाएगी।

MP News: भोपाल रेलवे स्टेशन पर वाटर वेंडिंग मशीनें 6 महीने से बंद, भीषण गर्मी में पानी के लिए तरस रहे यात्री

राजधानी भोपाल के मुख्य रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए गर्मी में राहत की बजाय परेशानी और बढ़ गई है। जहां पहले ठंडा और शुद्ध आरओ पानी सस्ते दामों में उपलब्ध होता था, वहीं अब यात्रियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। स्टेशन पर लगी 12 वॉटर वेंडिंग मशीनें बीते छह महीने से बंद पड़ी हैं, जिससे हजारों यात्री प्रभावित हो रहे हैं।

42 डिग्री तक पहुंचा तापमान, स्टेशन पर प्यासा सफर

भोपाल में गर्मी अपने चरम पर है। अप्रैल महीने में ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐसे में रेलवे स्टेशन पर जहां हर रोज़ हजारों यात्री पहुंचते हैं, वहां पानी की व्यवस्था न होना सीधे तौर पर स्वास्थ्य और सुविधा से खिलवाड़ है।

भोपाल स्टेशन का ट्रैफिक और जल संकट

  • 200+ ट्रेनें हर दिन संचालित होती हैं

  • 40,000 से 50,000 यात्रियों का रोज़ आना-जाना

  • 6 प्लेटफॉर्म्स, लेकिन अब बिना वॉटर मशीन के

सस्ता और शुद्ध पानी अब नहीं मिल रहा

जब वॉटर वेंडिंग मशीनें चालू थीं, तब यात्रियों को ₹2 से ₹20 तक में ठंडा और शुद्ध आरओ पानी मिल जाता था। ये थे पुराने रेट:

मात्रा कीमत
300 एमएल ₹2
500 एमएल ₹5
1 लीटर ₹5
2 लीटर ₹8
5 लीटर ₹20

अब यात्रियों को या तो बाहर से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है, या स्टेशन परिसर में लगे प्याऊ से भीड़ में पानी लेना पड़ता है।

क्यों बंद हुई मशीनें?

Bhopal News: भोपाल रेलवे स्टेशन पर पांच रुपये में शुद्ध पानी उपलब्ध कराने  वाली मशीनें बंद, यात्री महंगा बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर - Machines  providing ...

स्टेशन पर वॉटर मशीनों का संचालन करने वाले पुराने ऑपरेटर का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो चुका है। इसके बाद रेलवे ने नई निविदा प्रक्रिया शुरू की, जो अब अंतिम चरण में है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्टेशन पर यह सुविधा फिर से शुरू हो जाएगी, लेकिन कब तक, इसका स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।

यात्रियों की शिकायतें

यात्रियों का कहना है कि—

“भीषण गर्मी में स्टेशन पर पानी के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती है, और बोतलबंद पानी सबके बस की बात नहीं। स्टेशन पर तो कम से कम मूलभूत सुविधाएं होनी ही चाहिए।” — यात्री राजेश कुमार

समाधान की उम्मीद, लेकिन कब?

रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

  • नई एजेंसी के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है

  • जल्द शुरू हो सकता है वॉटर वेंडिंग सिस्टम

  • मशीनें दोबारा चालू होने पर फिर मिलेगी राहत

भोपाल जैसे प्रमुख स्टेशन पर वॉटर वेंडिंग मशीनों का बंद होना यात्रियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण है। गर्मी के इस मौसम में पानी एक मूलभूत जरूरत है, जिसे नजरअंदाज करना किसी भी सूरत में ठीक नहीं। रेलवे को प्राथमिकता के आधार पर इस सुविधा को जल्द बहाल करना चाहिए।

भोपाल AIIMS में एक और चिकित्सा उपलब्धि: मां ने बेटे को दी जिंदगी, 9वां किडनी ट्रांसप्लांट रहा सफल

भोपाल एम्स में 21 अप्रैल को एक 24 वर्षीय युवक का सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया, जिसने न सिर्फ चिकित्सा की सफलता को दर्शाया, बल्कि मां-बेटे के रिश्ते की अनूठी मिसाल भी कायम की। बिहार निवासी युवक को डेढ़ साल से किडनी फेल्योर की समस्या थी। जब एम्स दिल्ली में लंबी वेटिंग लिस्ट से राहत नहीं मिली, तब उसने भोपाल का रुख किया—जहां उसकी मां ने अपनी किडनी दान कर बेटे को नई जिंदगी दी।

कैसे हुआ ट्रांसप्लांट: जांच, मैचिंग और मेडिकल टीम का समर्पण

भोपाल एम्स पहुंचने के बाद युवक की सभी जरूरी जांचें की गईं। क्रॉस-मैचिंग में मां की किडनी उसके शरीर से मेल खा गई। डॉक्टरों की टीम ने 21 अप्रैल को सफलतापूर्वक किडनी प्रत्यारोपण किया। यह भोपाल एम्स का नवां किडनी ट्रांसप्लांट था।

जल्द होगा बच्चों का किडनी ट्रांसप्लांट भी

एम्स में अब पीडियाट्रिक किडनी ट्रांसप्लांट की भी तैयारी शुरू हो गई है। कुछ बच्चों की प्रक्रिया प्रारंभिक स्तर पर है और डोनर से मेल होने पर जल्द ही उनका ऑपरेशन किया जाएगा। एम्स में पहला किडनी ट्रांसप्लांट 22 जनवरी 2024 को, और पहला कैडेवर डोनेशन आधारित ट्रांसप्लांट 8 नवंबर 2024 को हुआ था।

Kidney transplantation turns back the clock on renal aging

अंगदान की ज़रूरत और वर्तमान स्थिति

भारत में अंगदान की दर अब भी कम बनी हुई है। नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (NOTTO) की रिपोर्ट के अनुसार:

  • वर्ष 2023 में पूरे देश में 1,099 कैडेवर डोनेशन हुए।

  • तेलंगाना रहा अग्रणी: 252 डोनेशन

  • मध्यप्रदेश में मात्र 8 डोनेशन, जो जागरूकता की कमी दर्शाता है।

बोन मैरो ट्रांसप्लांट को मिला आयुष्मान भारत में स्थान

सरकार ने आयुष्मान भारत योजना में अब उन्नत तकनीकों को शामिल करना शुरू कर दिया है:

  • बोन मैरो ट्रांसप्लांट,

  • इंटरवेंशनल न्यूरो रेडियोलॉजी,

  • और अन्य आधुनिक उपचार अब योजना के दायरे में हैं।

इससे ब्लड कैंसर और खून से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी।

जन-जागरूकता की जरूरत

मध्यप्रदेश में अंगदान की दर बेहद कम है। जरूरी है कि:

  • लोग कैडेवर डोनेशन (ब्रेन डेड मरीजों से अंगदान) के महत्व को समझें।

  • मीडिया, मेडिकल संस्थाएं और सरकार मिलकर अंगदान जागरूकता अभियान चलाएं।

भोपाल एम्स में हुआ यह किडनी ट्रांसप्लांट सिर्फ एक सर्जरी नहीं, बल्कि मां के प्रेम, चिकित्सा विज्ञान की प्रगति और सेवा भावना का संगम है। यह घटना न केवल मेडिकल क्षेत्र में एक उपलब्धि है, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर करती है कि हम कैसे दूसरों की जिंदगी बचाने में योगदान दे सकते हैं।

प्रधानमंत्री रोजगार मेला: देशभर में 51,000 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, विकास की नई दिशा में युवा शक्ति का योगदान

प्रधानमंत्री रोजगार मेला, जो शनिवार को भोपाल समेत देश के 47 स्थानों पर आयोजित हुआ, ने हजारों युवाओं के सपनों को पंख लगाए। शनिवार को भोपाल के समन्वय भवन में प्रधानमंत्री रोजगार मेला आयोजित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से देशभर में सरकारी नौकरियों में चयनित युवाओं को संबोधित किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर भोपाल में मौजूद अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।

इस रोजगार मेले का आयोजन देशभर के 47 स्थानों पर एक साथ किया गया, जिसमें प्रयागराज, लखनऊ, चेन्नई जैसे प्रमुख शहर भी शामिल रहे। कुल मिलाकर 51,000 से अधिक युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: “आपका योगदान देश के निर्माण में अमूल्य है”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये नियुक्तियाँ केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि देश के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और सेवा में एक भागीदारी हैं।
उन्होंने युवाओं को देश के स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया अभियानों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

“भारत आज रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन में सबसे आगे है और डेटा साइंस, इनोवेशन और AI के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।” – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेले को वर्चुअली संबोधित किया।

महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों पर खास फोकस

  • महिलाओं की नियुक्ति में 28% की वृद्धि

  • 90 लाख से अधिक सेल्फ हेल्प ग्रुप बन चुके हैं, जिनमें 10 करोड़ महिलाएं सक्रिय

  • मुद्रा योजना और लखपति दीदी योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया

“50,000 से अधिक स्टार्टअप में महिलाएं डायरेक्टर की भूमिका निभा रही हैं।”

रोजगार के आँकड़े और योजनाएं

  • KVIC के जरिए अब तक 2.69 करोड़ आवेदन प्राप्त

  • 16,370 टूलकिट का वितरण

  • खादी और ग्राम उद्योग का टर्नओवर: ₹1.70 लाख करोड़ से अधिक

  • हाईवे निर्माण में वृद्धि: 60% तक, 2,474 किमी मार्गों का निर्माण

शिवराज सिंह का बयान: “अब मुझे खेती और किसान के सिवा कुछ नहीं दिखता”

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “रोजगार वही अच्छा है जो आनंद दे। अब मुझे खेती, गाय और किसान के अलावा कुछ नहीं दिखता।”
उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव तक रोजगार के अवसर लाने पर काम कर रही है, जिससे हर परिवार को गरीबी से बाहर निकाला जा सके।

विकसित भारत के लिए युवा तैयार

शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2047 तक एक विकसित भारत का सपना साकार किया जा रहा है, और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे अहम है।
‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘स्टैंडअप इंडिया’ जैसे अभियानों के जरिए सरकार हर युवा तक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पहुंचा रही है।

भोपाल से लेकर देश के अन्य शहरों तक, प्रधानमंत्री रोजगार मेला सिर्फ नियुक्तियों का आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं की आकांक्षाओं और सपनों को उड़ान देने का प्लेटफॉर्म बन रहा है। सरकारी प्रयासों और योजनाओं के माध्यम से देश का युवा अब सिर्फ नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन का वाहक बन रहा है।

MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मौसम का बदला मिज़ाज, तेज गर्मी के बीच बारिश और लू दोनों का असर

मध्यप्रदेश में अप्रैल का चौथा सप्ताह मौसम के बदले मिज़ाज के साथ शुरू हुआ है। एक ओर जहां तेज़ धूप और लू ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में हुई हल्की बारिश और तेज़ हवाओं ने कुछ राहत भी दी है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, जबकि अन्य हिस्सों में लू और बढ़ती गर्मी का पूर्वानुमान जारी किया है।

बीते शुक्रवार रात मध्यप्रदेश के भोपाल, हरदा, देवास, सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। खंडवा में शनिवार सुबह बूंदाबांदी भी देखने को मिली। भोपाल में हवा की रफ्तार 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंची, जबकि सीहोर में 47 किमी और हरदा-पचमढ़ी में 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।

मौसम विभाग ने ट्रफ सिस्टम के सक्रिय होने की वजह से कई जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कुछ जिलों में लू चलने की चेतावनी भी दी गई है। अगले चार दिन प्रदेश में मिश्रित मौसम का असर देखने को मिलेगा।

तारीखवार पूर्वानुमान :

26 अप्रैल 2025: बारिश और लू दोनों का असर

  • बारिश संभावित जिलों में:
    ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर
  • लू चलने की संभावना:
    रतलाम, खंडवा, बुरहानपुर
  • गर्मी का असर:
    भोपाल, इंदौर, उज्जैन

27 अप्रैल 2025: कुछ जिलों में राहत, कुछ में गर्मी तेज

  • बारिश वाले जिले:
    भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा
  • लू की चेतावनी:
    नीमच, मंदसौर, रतलाम

28 अप्रैल 2025: पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश का असर

  • बारिश की संभावना:
    सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा
  • लू प्रभावित जिले:
    श्योपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ

29 अप्रैल 2025: गरज-चमक के साथ हल्की बारिश

  • बारिश संभावित जिलों में:
    शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट
  • अन्य जिलों में:
    तेज गर्मी और सूखा मौसम बना रहेगा।

Mp Weather Forecast Today: Temperature Drops Due To Western Disturbance Imd  Rain Alert, Bhopal, Indore, Mausam - Amar Ujala Hindi News Live - Mp  Weather Today:प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस से तापमान में

अप्रैल का आखिरी सप्ताह: दिन और रात दोनों होंगे गर्म

  • उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक रह सकता है (27-30 डिग्री सेल्सियस)।

  • दिन का तापमान:

    • ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा संभाग: 43-45°C

    • भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित अन्य भाग: 41-44°C

  • रातों में भी उमस और गर्मी बनी रहेगी।

  • बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश में 3-4 दिन लू की स्थिति बन सकती है।

विशेषज्ञ की राय

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले चार दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश, गरज-चमक के साथ हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज गर्मी और लू का प्रभाव बना रहेगा।

अप्रैल के आखिरी सप्ताह में मध्यप्रदेश में मौसम का मिज़ाज बार-बार बदलेगा। कहीं बारिश से राहत, तो कहीं लू से परेशानी हो सकती है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग के अपडेट्स पर ध्यान दें और आवश्यक सावधानियाँ बरतें।

MP News: पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में, इंदौर एवं भोपाल में आज आधे दिन का बंद

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी ने 26 अप्रैल को इंदौर बंद रखने की अपील की है। यह बंद स्वैच्छिक रूप से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से इस हमले के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।

व्यापारिक संगठनों का मिला समर्थन

इंदौर के इस बंद को शहर के चार प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने समर्थन दिया है। इसके अतिरिक्त कई व्यापारी एसोसिएशन और संगठनों ने बंद में भागीदारी की घोषणा की है।

इन व्यापारिक संगठनों ने किया समर्थन:

  • सियागंज व्यापारी एसोसिएशन

  • क्लॉथ मार्केट व्यापारी एसोसिएशन

  • छावनी अनाज मंडी एसोसिएशन

  • महारानी रोड व्यापारी एसोसिएशन

  • राजवाड़ा व्यापारी एसोसिएशन

  • शीतला माता बाजार व्यापारी एसोसिएशन

  • लोहा व्यापारी एसोसिएशन

  • इंदौर सोना-चांदी व्यापारी एसोसिएशन

  • होटल व्यापारी एसोसिएशन

  • वेयरहाउस व्यापारी एसोसिएशन

  • समस्त औद्योगिक एवं सामाजिक संगठन

इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू

इंदौर और भोपाल दोनों ही शहरों में मेडिकल स्टोर और थोक दवा बाजार खुले रहेंगे। भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि “जरूरी सेवा होने के कारण दुकानें खुली रहेंगी, लेकिन बंद का समर्थन किया जाएगा।”

भोपाल में भी बंद का व्यापक असर

भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने भी 26 अप्रैल को दोपहर 2 बजे तक बंद रखने की घोषणा की है। चेंबर के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि सभी व्यापारिक संगठनों की सहमति के बाद बंद का निर्णय लिया गया।

इन संगठनों ने भोपाल में किया समर्थन:

  • न्यू मार्केट व्यापारी संरक्षण समिति

  • पुराने भोपाल के व्यापारी

  • विभिन्न व्यापारी नेता जैसे सतीश कुमार गंगराड़े, पवन वरदानी, प्रदीप गुप्ता, अजय देवनानी आदि

श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

इंदौर और भोपाल दोनों शहरों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें व्यापारी और सामाजिक संगठन शामिल होंगे। मारे गए निर्दोष नागरिकों की याद में यह बंद एक शांतिपूर्ण विरोध के रूप में मनाया जा रहा है।

Government Job: ग्रेजुएट्स के लिए सुनहरा अवसर, UPSC ने प्रिंसिपल के पदों पर निकाली भर्ती

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने प्रिंसिपल के पदों पर भर्ती निकाली है। यह भर्ती यूपी टेक्निकल एजुकेशन (टीचिंग) के अंतर्गत की जाएगी। उम्मीदवार यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। फीस पेमेंट की लास्ट डेट 26 मई 2025 तय की गई है।

एजुकेशनल क्वालिफिकेशन :

  • AICTE द्वारा प्रमाणित डिप्लोमा कोर्स में बैचलर या मास्टर डिग्री में फर्स्ट क्लास
  • पीएचडी की डिग्री के बाद कम से कम 3 साल का एक्सपीरियंस
  • एचओडी लेवल पर 5 साल का एक्सपीरियंस या
  • AICTE द्वारा प्रमाणित डिप्लोमा कोर्स में बैचलर या मास्टर डिग्री
  • टीचिंग में 20 साल का एक्सपीरियंस

एज लिमिट :

  • न्यूनतम : 30 साल
  • अधिकतम : 50 साल
  • रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को ऊपर उम्र में छूट दी जाएगी

फीस :

  • जनरल, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी : 205 रुपए
  • एससी, एसटी : 105 रुपए
  • पीएच : 25 रुपए

सिलेक्शन प्रोसेस :

  • रिटन एग्जाम
  • इंटरव्यू

सैलरी :

  • लेवल – 13 के अनुसार 1,31,400 – 2,04,700 रुपए प्रतिमाह

ऐसे करें आवेदन :

  • रजिस्ट्रेशन से पहले उम्मीदवारों को otr.pariksha.nic.in पर जाकर ओटीआर नंबर प्राप्त करना होगा।
  • उसके बाद आवेदन करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाएं।
  • होम पेज पर ONLINE RECRUITMENT APPLICATION (ORA) FOR VARIOUS RECRUITMENT POSTS पर क्लिक करें।
  • अब अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें।
  • न्यू रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें।
  • लॉग इन के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
  • इसका प्रिंटआउट निकालकर रखें।

MP News: नरवाई जलाने पर नहीं मिलेंगे सरकारी लाभ, सीएम मोहन यादव का निर्देश, 1 मई से पूरे राज्य में लागू होगी सख्ती

मध्यप्रदेश में अब खेतों में नरवाई जलाने वाले किसानों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। नरवाई जलाने वाले किसानों को पीएम किसान निधि के 6 हजार रुपये नहीं दिए जाएंगे। इसके साथ ही सरकार MSP पर ऐसे किसानों की फसल नहीं खरीदेगी। गुरुवार को राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम मोहन यादव ने ये बड़ा फैसला लिया है। 1 मई से ये फैसला पूरे मध्यप्रदेश में लागू होगा। MP: ऐसी पद्धति से सड़कें बनाएं, जिससे लागत भी निकले और राजस्व भी मिले, सीएम  मोहन यादव के निर्देश - MP Build roads in such a way that both cost and  revenue मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है। फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने के मामलों में बढ़ोतरी होने से वायु प्रदूषण सहित कई प्रकार से पर्यावरण को बहुत नुकसान हो रहा है। खेत में आग लगाने से जमीन में उपलब्ध पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और जमीन की उर्वरक क्षमता में भी गिरावट आती है। राज्य सरकार पहले ही नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगा चुकी है। पर्यावरण, मृदा संरक्षण और जमीन की उत्पादकता बनाए रखने के मद्देनजर राज्य सरकार अब यह निर्णय ले रही है, जो 1 मई से लागू होगा।

किसानों पर जुर्माना, FIR भी होगी

MP parali jalane par jurmana
मध्यप्रदेश सरकार पराली जलाने को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रही है। भोपाल में इस सीजन में एक साथ 4 किसानों पर 37 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है।

बैठक में सीएम मोहन के निर्देश

सीएम मोहन ने राजस्व विभाग की बैठक में कहा कि सरकारी जमीनों, कुएं-बावड़ी, तालाबों और गांवों में सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती से विशेष अभियान चलाएं। जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी जल संग्रहण स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए राजस्व अधिकारी अपनी भूमिका निभाएं। सीएम मोहन ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सभी अमृत सरोवर, तालाब, बांध, नहर और अन्य जल संरचनाओं को राजस्व रिकॉर्ड में जरूर दर्ज करें और नहर, कुएं और बावड़ी जैसी जल संरचनाओं को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करें।

‘नामांतरण बंटवारे के काम समय सीमा में निपटाएं’

राजस्व विभाग की बैठक में बताया गया कि साइबर तहसील 3.0 में भी 26 जनवरी 2025 तक नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा, तरमीम और सीमांकन के 7 लाख प्रकरण दर्ज हुए हैं। पहले 2 चरणों में 80 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया गया है। सीएम मोहन ने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा संशोधन जैसे राजस्व संबंधी कामों की पेंडेंसी जल्द ही खत्म करें।

MP News: मध्यप्रदेश सरकार का मानवता भरा कदम, अब हर जरूरतमंद को मिलेगी फ्री शव वाहन सेवा

मध्यप्रदेश में अब किसी गरीब को अपने परिजन का शव कंधे, साइकिल या ठेले पर नहीं ले जाना पड़ेगा। प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के सहयोग से अब सरकार 148 अत्याधुनिक शव वाहनों की सेवा शुरू करने जा रही है, जिससे अंतिम यात्रा सम्मानजनक हो सके।

घर तक पहुंचेगा शव वाहन

अब किसी भी जरूरतमंद को सिर्फ 1080 नंबर पर कॉल करना होगा, और शव वाहन सीधे अस्पताल से घर तक शव को लेकर पहुंचेगा। इस सेवा की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और एक महीने के भीतर सेवा शुरू होने वाली है।

  • पहले चरण में 60 शव वाहन शुरू किए जाएंगे
  • हर जिले में कम से कम एक वाहन पहुंचेगा
  • भोपाल जैसे बड़े मेडिकल कॉलेजों को दो या ज्यादा वाहन मिल सकते हैं
  • भविष्य में हर जिले को 2 से 3 शव वाहन दिए जाएंगे

शव वाहन होंगे आधुनिक सुविधाओं से लैस

सरकार जो नॉन-एसी वाहन तैयार कर रही है, वे शव वाहन के तौर पर काम आएंगे और इनमें जरूरी सुविधाएं मौजूद होंगी

  • पारदर्शी खिड़कियां
  • फ्यूमीगेशन मशीन
  • वॉशिंग इक्विपमेंट
  • स्ट्रेचर, फायर एक्सटिंग्यूशर, फायर ब्लैकेट, पंखे आदि

भोपाल में 24×7 कॉल सेंटर और डिजिटल मॉनिटरिंग

इस सेवा को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए भोपाल में 24 घंटे चालू कॉल सेंटर तैयार किया जा रहा है। यहां से पूरे प्रदेश में शव वाहनों की उपलब्धता और मूवमेंट को डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए ट्रैक किया जाएगा, जिससे जरूरतमंदों को तुरंत सहायता मिल सके।

सिर्फ आयुष्मान कार्डधारकों को मिलेगा फायदा

फिलहाल यह सेवा आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को ही मिलेगी। यानी जिन लोगों के पास आयुष्मान कार्ड है, वे अस्पताल से घर तक शव ले जाने के लिए इस सेवा का लाभ ले सकेंगे।

हालांकि, सरकार को यह सुझाव भी मिल रहा है कि यह सेवा आम मरीजों के परिजनों को भी दी जानी चाहिए, ताकि हर जरूरतमंद को मदद मिल सके।

MP News: मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव: दो शिफ्ट में कॉलेज, नई ग्रेडिंग और क्रेडिट स्कोर लिंकिंग

मध्यप्रदेश में सभी सरकारी कॉलेज दो शिफ्ट में लगेंगे। वहीं सभी कॉलेजों की स्टेट लेवल पर ग्रेडिंग भी होगी। हर संभाग में युवाओं को ज्ञान बढ़ाने के लिए सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता भी आयोजित कराई जाएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में समत्व भवन में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में इसके निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम भी आवश्यकतानुसार जारी रहे। इससे विद्यार्थियों को बिना किसी बाधा के शिक्षा पूरी करने में आसानी होगी। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि हम विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति को उनके क्रेडिट स्कोर से जोड़ रहे हैं, इससे स्टूडेंट्स की उपस्थिति बढ़ रही है।

सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य और टीचर को मिलेगा पुरस्कार

सीएम ने कहा कि तीन श्रेणियों में क्रमश: सर्वश्रेष्ठ कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य एवं सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के पुरस्कार देने की परम्परा प्रारंभ करें। युवा शक्ति को मार्गदर्शन देने के लिए प्रदेश के युवाओं का कुंभ कराया जाए। इसे ज्ञान महाकुंभ नाम दिया जाए। साल भर में कम से कम एक बार कॉलेजों में बड़े वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाए। विद्यार्थियों के साथ उनका जीवंत संवाद एवं समूह चर्चा आयोजित की जाए।
सीएम ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद रहे।
सीएम ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद रहे।

रिसर्च को बढ़ावा देने कॉलेजों में बनेंगे सेंटर

मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को भारतीय ज्ञान परंपराओं पर आधारित रोजगार परक शिक्षा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के विज्ञान और तकनीक संबंधी ज्ञान में वृद्धि होगी। महाविद्यालयों में रिसर्च सेंटर स्थापित कर रिसर्च वर्क को भी प्रोत्साहन दिया जाए। प्रदेश के सभी ऐसे क्षेत्रों में, जहां नए कॉलेज खोलने की अत्यंत आवश्यकता है, विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में, वहां अधिकाधिक कॉलेज खोले जाएं।

कॉलेजों में संचालित करें बीएससी एग्रीकल्चर कोर्स

सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश के अधिकाधिक महाविद्यालयों में बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं। इससे विद्यार्थियों की कृषि एवं कृषि आधारित प्र-संस्करण उद्योगों में रुचि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए अब तक चयनित सभी कॉलेजों में इसी सत्र से बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम की पढ़ाई प्रारंभ करें। प्रदेश के सभी 55 जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस संचालित हैं। इनमें से 37 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस कॉलेजों एवं 5 यूनिवर्सिटी में 7 प्रकार के रोजगार आधारित डिग्री एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में करीब 1200 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सीएम ने पीएम श्री उत्कृष्टता महाविद्यालयों में अब तक की प्रगति और विकास की जानकारी ली।

लोक सेवा आयोग से ही कराएं प्राध्यापकों की भर्ती

सीएम ने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में प्राध्यापकों की भर्ती म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के अंतर्गत सेमेस्टर के माध्यम से परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की टास्क फोर्स/शीर्ष समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः: पालन करें। विश्व बैंक प्रोजेक्ट में महाविद्यालय में कंप्यूटर लैब और अन्य सभी जरूरी विकास कार्य कराए जाएं।