Saturday, April 4, 2026
Home Blog Page 8

SBI सर्किल बेस्ड ऑफिसर भर्ती 2025: आज है आवेदन की आखिरी तारीख – ग्रेजुएट्स के लिए सुनहरा अवसर

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 2025 के लिए सर्किल बेस्ड ऑफिसर (CBO) पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के तहत कुल 2,964 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आज, 29 मई 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर उपलब्ध है।

पदों की संख्या और श्रेणीवार विवरण:

श्रेणी पदों की संख्या
अनारक्षित 1,066
एससी 387
एसटी 697
ओबीसी 260
ईडब्ल्यूएस 260
  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री।

आयु सीमा:

  • न्यूनतम आयु: 21 वर्ष

  • अधिकतम आयु: 30 वर्ष

आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया:

  1. ऑनलाइन परीक्षा

  2. स्क्रीनिंग टेस्ट

  3. इंटरव्यू

  4. स्थानीय भाषा परीक्षा

आवेदन शुल्क:

  • जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस: ₹750/-

  • एससी, एसटी, पीएच: नि:शुल्क

वेतनमान:

  • ₹48,480 से ₹85,920 प्रति माह (7वें वेतन आयोग के अनुसार)

परीक्षा पैटर्न:

5 job portals to help you find the right job in 2022 - India Today

ऑब्जेक्टिव टेस्ट 
  • इंग्लिश लैंग्वेज: 30 प्रश्न, 30 अंक

  • बैंकिंग नॉलेज: 40 प्रश्न, 40 अंक

  • जनरल अवेयरनेस/इकोनॉमी: 30 प्रश्न, 30 अंक

  • कंप्यूटर एप्टीट्यूड: 20 प्रश्न, 20 अंक

डिस्क्रिप्टिव टेस्ट 

  • लेटर राइटिंग: 1 प्रश्न, 25 अंक

  • निबंध (250 शब्दों में): 1 प्रश्न, 25 अंक

आवेदन की प्रक्रिया:

  1. SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जाएं।

  2. “न्यू रजिस्ट्रेशन” लिंक पर क्लिक करें।

  3. नाम, पासवर्ड और अन्य आवश्यक विवरण भरें।

  4. फॉर्म में पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर और अन्य दस्तावेज़ अपलोड करें।

  5. आवेदन शुल्क का भुगतान करें।

  6. फॉर्म का प्रिव्यू देखें और सबमिट करें।

  7. आवेदन का प्रिंट आउट निकाल कर सुरक्षित रखें।

महत्वपूर्ण सूचना: आवेदन की प्रक्रिया आज, 29 मई 2025 को समाप्त हो रही है। इच्छुक उम्मीदवार अंतिम समय से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

यदि आपको आवेदन प्रक्रिया या परीक्षा पैटर्न के बारे में और जानकारी चाहिए, तो कृपया बताएं। मैं आपकी सहायता करने के लिए तैयार हूँ।

MP News: मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मोदी का तोहफा, दतिया और सतना में एयरपोर्ट का करेंगे लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई 2025 को मध्यप्रदेश के दतिया और सतना में नव निर्मित एयरपोर्ट्स का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। यह कदम राज्य में हवाई संपर्क को बढ़ाने और तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

दतिया एयरपोर्ट: धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

दतिया में 60 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एयरपोर्ट 124 एकड़ में फैला है। यहां 19 सीटर ATR 72 विमानों के संचालन की सुविधा है। रनवे की लंबाई 1.81 किलोमीटर और चौड़ाई 30 मीटर है। एयरपोर्ट पर 50 कारों की पार्किंग, दो चेक-इन काउंटर और ATR 72 विमानों के संचालन की क्षमता उपलब्ध है। यह एयरपोर्ट दतिया वासियों और मां पीतांबरा के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा का एक सुविधाजनक साधन बनेगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

सतना एयरपोर्ट: विन्ध्य क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर

MP News: दतिया और सतना को मिली हवाई सेवा की सौगात: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे वर्चुअल लोकार्पण, तीर्थ यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ…. - Janmorcha

सतना एयरपोर्ट की लागत 37 करोड़ रुपये है और यह 1200 मीटर लंबे रनवे के साथ बनाया गया है। टर्मिनल बिल्डिंग की क्षमता 100 यात्रियों की है। यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सतना और आसपास के क्षेत्रों के लिए यह एयरपोर्ट परिवहन का एक नया माध्यम ब

क्षिप्रा नदी पर ‘नमामि क्षिप्रे’ परियोजना का भूमि-पूजन

प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को भोपाल के जम्बूरी मैदान से ‘नमामि क्षिप्रे’ परियोजना के तहत घाट निर्माण और अन्य कार्यों का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे। इस परियोजना पर 778.91 करोड़ रुपये की लागत आएगी और यह धार, उज्जैन, इंदौर और देवास जिलों में लागू होगी। इसके अंतर्गत घाट निर्माण, वेटेड कॉजवे और बैराज/स्टॉप डैम का निर्माण किया जाएगा, जिससे सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों को गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी का मध्यप्रदेश दौरा

प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में दतिया और सतना एयरपोर्ट्स का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहेंगे। यह कदम राज्य में हवाई संपर्क को बढ़ाने और तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

इन विकासात्मक पहलों से मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी के इन प्रयासों से राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान होगा।

मध्यप्रदेश में शिक्षकों को मिलेगा चौथा समयमान वेतनमान, डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों को होगा लाभ

मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 1.5 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए चौथे समयमान वेतनमान की स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया है। इससे शिक्षकों को ₹3,000 से ₹7,000 तक की मासिक वृद्धि का लाभ मिलेगा।

निर्णय का सारांश

  • लाभार्थी शिक्षक: प्राथमिक, माध्यमिक, सहायक, उच्च श्रेणी और प्राध्यापक स्तर के शिक्षक।

  • लाभ की राशि: ₹3,000 से ₹7,000 तक, पद के अनुसार।

  • लागू तिथि: 1 जुलाई 2023 से।

  • कुल लाभार्थी: 1.5 लाख से अधिक शिक्षक।

  • अंतिम मंजूरी: मुख्य सचिव के माध्यम से कैबिनेट को भेजी गई संक्षिप्तिका।

पदवार लाभ का विवरण

पद शिक्षकों की संख्या मासिक लाभ (₹)
प्राथमिक 40,000 3,000
माध्यमिक 52,000 3,000 – 4,500
सहायक 20,000 4,000 – 5,000
उच्च श्रेणी 10,000 5,000 – 7,000
प्राध्यापक 10,000 6,000 – 7,000

इस निर्णय के लिए सामान्य प्रशासन, वित्त और स्कूल शिक्षा विभागों से पूर्व में ही स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। अब केवल कैबिनेट की अंतिम मंजूरी की आवश्यकता है।

शिक्षकों की प्रतिक्रिया

शिक्षक संघ ने लंबे समय से चौथे समयमान वेतनमान की मांग की थी। सरकार के इस निर्णय से शिक्षकों में खुशी की लहर है और इसे उनके समर्पण और मेहनत की उचित सराहना के रूप में देखा जा रहा है।

आगे की प्रक्रिया

कैबिनेट की मंजूरी के बाद, वित्त विभाग द्वारा आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे। इसके बाद, शिक्षकों के वेतन में वृद्धि की प्रक्रिया शुरू होगी।

29 मई 2025 का E-Paper पढ़े और रहें देश-दुनिया की ख़बरों से अपडेट

0

MP News: भोपाल AIIMS में पहली बार ब्रेन डेड मरीज का अंगदान, शंकर ने जाते-जाते रोशन की 3 जिंदगियां

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में बुधवार को एक ऐतिहासिक घटना घटी। यहां पहली बार ब्रेन डेड मरीज से अंगदान किया गया, जिससे तीन लोगों को नया जीवन मिला। ओबेदुल्लागंज के 60 वर्षीय शंकर लाल कुबरे ने अपनी मृत्यु के बाद हार्ट और दो किडनी दान की, जिससे प्रदेश में अंगदान की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।

31 असफल प्रयासों के बाद मिली सफलता

AIIMS भोपाल में पिछले एक साल से ब्रेन डेड मरीजों से अंगदान की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन अब तक 31 प्रयास असफल रहे थे। शंकर लाल कुबरे का परिवार 32वां प्रयास था, जो सफल रहा। परिवार ने इंसानियत को सर्वोपरि मानते हुए अंगदान का निर्णय लिया, जो दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।

सड़क हादसे में ब्रेन डेड घोषित

24 मई को ओबेदुल्लागंज के शंकर लाल कुबरे एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें AIIMS भोपाल में भर्ती किया गया, जहां सोमवार देर रात उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। परिवार ने इस कठिन घड़ी में भी अंगदान का निर्णय लिया, जिससे तीन लोगों को नया जीवन मिला।

AIIMS में हार्ट और किडनी ट्रांसप्लांट की सफलता

AIIMS Bathinda to roll out Renal transplant centre - Sarkari Doctor

शंकर लाल कुबरे के अंगदान से एक हार्ट और दो किडनी प्राप्त हुईं। इनमें से एक हार्ट और एक किडनी AIIMS भोपाल में ही जरूरतमंद मरीजों को दी गई, जबकि एक किडनी बंसल अस्पताल के मरीज को दी गई। यह AIIMS भोपाल में दूसरा हार्ट ट्रांसप्लांट और 11वां किडनी ट्रांसप्लांट था।

बच्चों के लिए भी उम्मीद की किरण

AIIMS भोपाल में बच्चों के लिए ‘पीडियाट्रिक किडनी ट्रांसप्लांट’ की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। एक बच्चे की ट्रांसप्लांट प्रक्रिया पर काम चल रहा है, जो भविष्य में अन्य बच्चों के लिए भी उम्मीद की किरण साबित होगा।

मध्य प्रदेश में अंगदान की स्थिति

नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (NOTTO) की 2023 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में कुल 1,099 कैडेवर डोनेशन हुए थे। इसमें से मध्य प्रदेश में यह संख्या मात्र 8 रही। AIIMS भोपाल की यह सफलता प्रदेश में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करने में मील का पत्थर साबित होगी।

अंगदान को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की पहल

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि अंगदान करने वालों को राजकीय सम्मान दिया जाएगा। इसके तहत, मृतक के परिवार की सहमति से उनके पार्थिव शरीर को उचित चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाया जाएगा और अंतिम संस्कार के समय राजकीय सम्मान दिया जाएगा। इससे अंगदान की प्रक्रिया को और भी प्रोत्साहन मिलेगा।

AIIMS भोपाल में शंकर लाल कुबरे के अंगदान ने न केवल तीन लोगों को नया जीवन दिया, बल्कि प्रदेश में अंगदान के प्रति जागरूकता और प्रेरणा का एक नया अध्याय शुरू किया है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि एक व्यक्ति की छोटी सी मदद से कई जिंदगियां रोशन हो सकती हैं।

Government Job: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में मेडिकल कंसल्टेंट की भर्ती: बिना परीक्षा, ₹1000 प्रति घंटा सैलरी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मेडिकल कंसल्टेंट (MC) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर की जाएगी, और उम्मीदवारों का चयन बिना किसी लिखित परीक्षा के किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को ₹1000 प्रति घंटा सैलरी मिलेगी।

पदों की संख्या और श्रेणीवार विवरण

आरबीआई में कुल 4 पदों पर भर्ती की जाएगी:

  • जनरल (UR): 2 पद

  • एससी (SC): 1 पद

  • एसटी (ST): 1 पद

  • ओबीसी (OBC): कोई पद नहीं

पात्रता मानदंड

शैक्षिक योग्यता:

  • भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से MBBS डिग्री।

  • जनरल मेडिसिन में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री (यदि हो)।

अनुभव:

  • कम से कम 2 वर्षों का चिकित्सा क्षेत्र में अनुभव।

वेतन और भत्ते

5 job portals to help you find the right job in 2022 - India Today

  • प्रति घंटा वेतन: ₹1000

  • मासिक भत्ते:

    • यात्रा भत्ता: ₹1000

    • मोबाइल शुल्क प्रतिपूर्ति: ₹1000

  • अतिरिक्त लाभ: सार्वजनिक अवकाशों में ड्यूटी पर ₹1000 प्रति घंटा अतिरिक्त वेतन।

  • अन्य लाभ: कोई पेंशन, ग्रेच्युटी या अवकाश नहीं मिलेगा।

चयन प्रक्रिया

  • लिखित परीक्षा नहीं होगी।

  • उम्मीदवारों का चयन साक्षात्कार और दस्तावेज़ सत्यापन के आधार पर किया जाएगा।

  • चयनित उम्मीदवारों को चिकित्सा परीक्षा से गुजरना होगा।

आवेदन प्रक्रिया

ऑनलाइन आवेदन:
  1. आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट rbi.org.in पर जाएं।

  2. “Recruitment” सेक्शन में जाएं और “Medical Consultant” भर्ती के लिंक पर क्लिक करें।

  3. आवेदन पत्र भरें और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।

  4. आवेदन शुल्क का भुगतान करें (यदि लागू हो)।

  5. आवेदन पत्र सबमिट करें और उसका प्रिंट आउट लें।

ऑफलाइन आवेदन:
  1. आवेदन पत्र का प्रिंट आउट निकालें।

  2. सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की स्वप्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।

  3. निम्नलिखित पते पर भेजें:

    Regional Director, Human Resource Management Department, Recruitment Section, Reserve Bank of India, Kolkata Regional Office, 15, Netaji Subhas Road, Kolkata – 700001

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • आवेदन की अंतिम तिथि: 14 फरवरी 2025, शाम 4:40 बजे तक।

कार्य स्थल और समय

  • कार्य स्थल: आरबीआई के डिस्पेंसरी, कोलकाता।

  • कार्य समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक।

यह अवसर उन चिकित्सा पेशेवरों के लिए है जो सरकारी क्षेत्र में काम करने की इच्छा रखते हैं। यदि आप योग्य हैं, तो इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और आवेदन प्रक्रिया में भाग लें।

मध्यप्रदेश में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र अब ऑनलाइन: जानें आवेदन की सरल प्रक्रिया

मध्यप्रदेश में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र (Birth and Death Certificates) अब ऑनलाइन प्राप्त किए जा सकते हैं। इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक नया पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक घर बैठे इन प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिससे समय की बचत होती है और प्रक्रिया में पारदर्शिता आती है।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

  1. वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले 

  2. जिला चुनें: अपना जिला चुनें और “Continue” बटन पर क्लिक करें।

  3. आवेदन पत्र भरें: आवेदन पत्र में सभी आवश्यक जानकारी भरें।

  4. दस्तावेज़ अपलोड करें: जन्म या मृत्यु के प्रमाण के रूप में आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।

  5. शुल्क भुगतान करें: यदि लागू हो, तो निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।

  6. आवेदन सबमिट करें: सभी जानकारी और दस्तावेज़ सही ढंग से भरने के बाद आवेदन सबमिट करें।

शुल्क संरचना

आवेदन की तिथि के आधार पर शुल्क (₹)
21 दिन के भीतर कोई शुल्क नहीं
22 से 30 दिन के भीतर ₹20
31 दिन से 1 वर्ष के भीतर ₹50
1 वर्ष से अधिक ₹100
बहुत पुराने मामलों में ₹1000 के स्टांप पर शपथ पत्र अनिवार्य
  • जन्म या मृत्यु का प्रमाण (जैसे अस्पताल डिस्चार्ज कार्ड)।

  • माता-पिता की पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि)।

  • यदि लागू हो, तो विवाह प्रमाण पत्र।

प्रमाण पत्र प्राप्ति

  • सभी दस्तावेज़ और शुल्क भुगतान के बाद, प्रमाण पत्र संबंधित रजिस्ट्रार द्वारा सत्यापित किया जाएगा।

  • सत्यापन के बाद, प्रमाण पत्र आवेदक की ईमेल आईडी पर भेजा जाएगा, जिसे डाउनलोड किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण जानकारी

  • यदि जन्म या मृत्यु के 21 दिन के भीतर आवेदन नहीं किया जाता है, तो निर्धारित शुल्क लागू होगा।

  • 1 वर्ष से अधिक पुराने मामलों में, ₹1000 के स्टांप पर शपथ पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

  • आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है, जिससे नागरिकों को सुविधा मिलती है।

इस नई व्यवस्था से नागरिकों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आसानी होगी और सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने में कोई अड़चन नहीं आएगी।

MP News: सैटेलाइट से होगी अवैध खनन की निगरानी, मध्यप्रदेश में खनिज विभाग की नई तकनीकी पहल

मध्यप्रदेश सरकार ने अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक नई तकनीकी पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में खनिज विभाग ने प्रदेश की सभी स्वीकृत 7,502 खदानों की जियो टैगिंग की है। इसके माध्यम से सैटेलाइट इमेज और रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग कर अवैध उत्खनन की पहचान की जाएगी। यह प्रणाली खदान क्षेत्र के बाहर हो रहे अवैध उत्खनन का पता लगाने में सक्षम होगी।

पोर्टल और अलर्ट सिस्टम

खनिज विभाग ने एक विशेष पोर्टल विकसित किया है, जिसके माध्यम से सैटेलाइट इमेज का विश्लेषण कर अवैध उत्खनन की पहचान की जाएगी। इस पोर्टल पर जिला कलेक्टर और जिला खनिज अधिकारी लॉग इन कर अलर्ट प्राप्त करेंगे। अलर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारी फील्ड वेरिफिकेशन करेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

ड्रोन सर्वे और वॉल्युमेट्रिक एनालिसिस

बालू के अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए नीतीश सरकार ने बनाया गजब का  प्लान, अब जिलों को मिलेगी ये सुविधा - Districts will get additional force  to stop

अवश्यकता पड़ने पर खदान या उसके बाहर ड्रोन सर्वे कर वॉल्युमेट्रिक एनालिसिस से वास्तविक उत्खनित मात्रा का पता लगाया जाएगा। इसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर अर्थदंड अधिरोपित किया जाएगा।

एआई आधारित मानव-रहित चेक-गेट्स

प्रदेश में 41 स्थानों पर एआई पर आधारित मानव-रहित चेक-गेट स्थापित किए जा रहे हैं। इन चेक-गेट्स में वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी रीडर और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर की सहायता से खनिज परिवहन में संलग्न वाहनों की जांच की जाएगी। इससे अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

ई-खनिज पोर्टल 2.0: ऑनलाइन निगरानी और सेवाएं

खनिज विभाग ने ‘ई-खनिज पोर्टल 2.0’ लॉन्च किया है, जो खनन गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी और सेवाएं प्रदान करेगा। इस पोर्टल के माध्यम से खदानों की अनुमति, रॉयल्टी भुगतान, परिवहन पारपत्र (e-TP) जैसी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इससे विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।

मध्य प्रदेश सरकार की यह पहल अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सैटेलाइट आधारित निगरानी प्रणाली, एआई तकनीक और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से खनिज विभाग ने खनन गतिविधियों की पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। इससे न केवल अवैध खनन पर रोक लगेगी, बल्कि खनन क्षेत्र में निवेश और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

28 मई 2025 का E-Paper पढ़े और रहें देश-दुनिया की ख़बरों से अपडेट

0

27 मई 2025 का E-Paper पढ़े और रहें देश-दुनिया की ख़बरों से अपडेट

0