MP News: भोपाल AIIMS में पहली बार ब्रेन डेड मरीज का अंगदान, शंकर ने जाते-जाते रोशन की 3 जिंदगियां
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में बुधवार को एक ऐतिहासिक घटना घटी। यहां पहली बार ब्रेन डेड मरीज से अंगदान किया गया, जिससे तीन लोगों को नया जीवन मिला। ओबेदुल्लागंज के 60 वर्षीय शंकर लाल कुबरे ने अपनी मृत्यु के बाद हार्ट और दो किडनी दान की, जिससे प्रदेश में अंगदान की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।
31 असफल प्रयासों के बाद मिली सफलता
AIIMS भोपाल में पिछले एक साल से ब्रेन डेड मरीजों से अंगदान की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन अब तक 31 प्रयास असफल रहे थे। शंकर लाल कुबरे का परिवार 32वां प्रयास था, जो सफल रहा। परिवार ने इंसानियत को सर्वोपरि मानते हुए अंगदान का निर्णय लिया, जो दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
सड़क हादसे में ब्रेन डेड घोषित
24 मई को ओबेदुल्लागंज के शंकर लाल कुबरे एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें AIIMS भोपाल में भर्ती किया गया, जहां सोमवार देर रात उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। परिवार ने इस कठिन घड़ी में भी अंगदान का निर्णय लिया, जिससे तीन लोगों को नया जीवन मिला।
AIIMS में हार्ट और किडनी ट्रांसप्लांट की सफलता

शंकर लाल कुबरे के अंगदान से एक हार्ट और दो किडनी प्राप्त हुईं। इनमें से एक हार्ट और एक किडनी AIIMS भोपाल में ही जरूरतमंद मरीजों को दी गई, जबकि एक किडनी बंसल अस्पताल के मरीज को दी गई। यह AIIMS भोपाल में दूसरा हार्ट ट्रांसप्लांट और 11वां किडनी ट्रांसप्लांट था।
बच्चों के लिए भी उम्मीद की किरण
AIIMS भोपाल में बच्चों के लिए ‘पीडियाट्रिक किडनी ट्रांसप्लांट’ की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। एक बच्चे की ट्रांसप्लांट प्रक्रिया पर काम चल रहा है, जो भविष्य में अन्य बच्चों के लिए भी उम्मीद की किरण साबित होगा।
मध्य प्रदेश में अंगदान की स्थिति
नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (NOTTO) की 2023 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में कुल 1,099 कैडेवर डोनेशन हुए थे। इसमें से मध्य प्रदेश में यह संख्या मात्र 8 रही। AIIMS भोपाल की यह सफलता प्रदेश में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करने में मील का पत्थर साबित होगी।
अंगदान को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की पहल
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि अंगदान करने वालों को राजकीय सम्मान दिया जाएगा। इसके तहत, मृतक के परिवार की सहमति से उनके पार्थिव शरीर को उचित चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाया जाएगा और अंतिम संस्कार के समय राजकीय सम्मान दिया जाएगा। इससे अंगदान की प्रक्रिया को और भी प्रोत्साहन मिलेगा।
AIIMS भोपाल में शंकर लाल कुबरे के अंगदान ने न केवल तीन लोगों को नया जीवन दिया, बल्कि प्रदेश में अंगदान के प्रति जागरूकता और प्रेरणा का एक नया अध्याय शुरू किया है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि एक व्यक्ति की छोटी सी मदद से कई जिंदगियां रोशन हो सकती हैं।
Government Job: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में मेडिकल कंसल्टेंट की भर्ती: बिना परीक्षा, ₹1000 प्रति घंटा सैलरी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मेडिकल कंसल्टेंट (MC) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर की जाएगी, और उम्मीदवारों का चयन बिना किसी लिखित परीक्षा के किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को ₹1000 प्रति घंटा सैलरी मिलेगी।
पदों की संख्या और श्रेणीवार विवरण
आरबीआई में कुल 4 पदों पर भर्ती की जाएगी:
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जनरल (UR): 2 पद
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एससी (SC): 1 पद
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एसटी (ST): 1 पद
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ओबीसी (OBC): कोई पद नहीं
पात्रता मानदंड
शैक्षिक योग्यता:
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भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से MBBS डिग्री।
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जनरल मेडिसिन में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री (यदि हो)।
अनुभव:
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कम से कम 2 वर्षों का चिकित्सा क्षेत्र में अनुभव।
वेतन और भत्ते

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प्रति घंटा वेतन: ₹1000
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मासिक भत्ते:
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यात्रा भत्ता: ₹1000
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मोबाइल शुल्क प्रतिपूर्ति: ₹1000
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अतिरिक्त लाभ: सार्वजनिक अवकाशों में ड्यूटी पर ₹1000 प्रति घंटा अतिरिक्त वेतन।
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अन्य लाभ: कोई पेंशन, ग्रेच्युटी या अवकाश नहीं मिलेगा।
चयन प्रक्रिया
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लिखित परीक्षा नहीं होगी।
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उम्मीदवारों का चयन साक्षात्कार और दस्तावेज़ सत्यापन के आधार पर किया जाएगा।
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चयनित उम्मीदवारों को चिकित्सा परीक्षा से गुजरना होगा।
आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन:
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आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट rbi.org.in पर जाएं।
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“Recruitment” सेक्शन में जाएं और “Medical Consultant” भर्ती के लिंक पर क्लिक करें।
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आवेदन पत्र भरें और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
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आवेदन शुल्क का भुगतान करें (यदि लागू हो)।
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आवेदन पत्र सबमिट करें और उसका प्रिंट आउट लें।
ऑफलाइन आवेदन:
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आवेदन पत्र का प्रिंट आउट निकालें।
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सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की स्वप्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।
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निम्नलिखित पते पर भेजें:
Regional Director, Human Resource Management Department, Recruitment Section, Reserve Bank of India, Kolkata Regional Office, 15, Netaji Subhas Road, Kolkata – 700001
महत्वपूर्ण तिथियाँ
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आवेदन की अंतिम तिथि: 14 फरवरी 2025, शाम 4:40 बजे तक।
कार्य स्थल और समय
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कार्य स्थल: आरबीआई के डिस्पेंसरी, कोलकाता।
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कार्य समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक।
यह अवसर उन चिकित्सा पेशेवरों के लिए है जो सरकारी क्षेत्र में काम करने की इच्छा रखते हैं। यदि आप योग्य हैं, तो इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और आवेदन प्रक्रिया में भाग लें।
मध्यप्रदेश में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र अब ऑनलाइन: जानें आवेदन की सरल प्रक्रिया
मध्यप्रदेश में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र (Birth and Death Certificates) अब ऑनलाइन प्राप्त किए जा सकते हैं। इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक नया पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक घर बैठे इन प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिससे समय की बचत होती है और प्रक्रिया में पारदर्शिता आती है।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
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वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले
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जिला चुनें: अपना जिला चुनें और “Continue” बटन पर क्लिक करें।
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आवेदन पत्र भरें: आवेदन पत्र में सभी आवश्यक जानकारी भरें।
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दस्तावेज़ अपलोड करें: जन्म या मृत्यु के प्रमाण के रूप में आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
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शुल्क भुगतान करें: यदि लागू हो, तो निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
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आवेदन सबमिट करें: सभी जानकारी और दस्तावेज़ सही ढंग से भरने के बाद आवेदन सबमिट करें।
शुल्क संरचना
| आवेदन की तिथि के आधार पर | शुल्क (₹) |
|---|---|
| 21 दिन के भीतर | कोई शुल्क नहीं |
| 22 से 30 दिन के भीतर | ₹20 |
| 31 दिन से 1 वर्ष के भीतर | ₹50 |
| 1 वर्ष से अधिक | ₹100 |
| बहुत पुराने मामलों में | ₹1000 के स्टांप पर शपथ पत्र अनिवार्य |
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जन्म या मृत्यु का प्रमाण (जैसे अस्पताल डिस्चार्ज कार्ड)।
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माता-पिता की पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि)।
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यदि लागू हो, तो विवाह प्रमाण पत्र।
प्रमाण पत्र प्राप्ति
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सभी दस्तावेज़ और शुल्क भुगतान के बाद, प्रमाण पत्र संबंधित रजिस्ट्रार द्वारा सत्यापित किया जाएगा।
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सत्यापन के बाद, प्रमाण पत्र आवेदक की ईमेल आईडी पर भेजा जाएगा, जिसे डाउनलोड किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण जानकारी
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यदि जन्म या मृत्यु के 21 दिन के भीतर आवेदन नहीं किया जाता है, तो निर्धारित शुल्क लागू होगा।
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1 वर्ष से अधिक पुराने मामलों में, ₹1000 के स्टांप पर शपथ पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
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आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है, जिससे नागरिकों को सुविधा मिलती है।
इस नई व्यवस्था से नागरिकों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आसानी होगी और सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने में कोई अड़चन नहीं आएगी।
MP News: सैटेलाइट से होगी अवैध खनन की निगरानी, मध्यप्रदेश में खनिज विभाग की नई तकनीकी पहल
मध्यप्रदेश सरकार ने अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक नई तकनीकी पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में खनिज विभाग ने प्रदेश की सभी स्वीकृत 7,502 खदानों की जियो टैगिंग की है। इसके माध्यम से सैटेलाइट इमेज और रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग कर अवैध उत्खनन की पहचान की जाएगी। यह प्रणाली खदान क्षेत्र के बाहर हो रहे अवैध उत्खनन का पता लगाने में सक्षम होगी।
पोर्टल और अलर्ट सिस्टम
खनिज विभाग ने एक विशेष पोर्टल विकसित किया है, जिसके माध्यम से सैटेलाइट इमेज का विश्लेषण कर अवैध उत्खनन की पहचान की जाएगी। इस पोर्टल पर जिला कलेक्टर और जिला खनिज अधिकारी लॉग इन कर अलर्ट प्राप्त करेंगे। अलर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारी फील्ड वेरिफिकेशन करेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
ड्रोन सर्वे और वॉल्युमेट्रिक एनालिसिस

अवश्यकता पड़ने पर खदान या उसके बाहर ड्रोन सर्वे कर वॉल्युमेट्रिक एनालिसिस से वास्तविक उत्खनित मात्रा का पता लगाया जाएगा। इसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर अर्थदंड अधिरोपित किया जाएगा।
एआई आधारित मानव-रहित चेक-गेट्स
प्रदेश में 41 स्थानों पर एआई पर आधारित मानव-रहित चेक-गेट स्थापित किए जा रहे हैं। इन चेक-गेट्स में वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी रीडर और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर की सहायता से खनिज परिवहन में संलग्न वाहनों की जांच की जाएगी। इससे अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
ई-खनिज पोर्टल 2.0: ऑनलाइन निगरानी और सेवाएं
खनिज विभाग ने ‘ई-खनिज पोर्टल 2.0’ लॉन्च किया है, जो खनन गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी और सेवाएं प्रदान करेगा। इस पोर्टल के माध्यम से खदानों की अनुमति, रॉयल्टी भुगतान, परिवहन पारपत्र (e-TP) जैसी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इससे विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
मध्य प्रदेश सरकार की यह पहल अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सैटेलाइट आधारित निगरानी प्रणाली, एआई तकनीक और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से खनिज विभाग ने खनन गतिविधियों की पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। इससे न केवल अवैध खनन पर रोक लगेगी, बल्कि खनन क्षेत्र में निवेश और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
MP News: भोपाल मेट्रो निर्माण के चलते ट्रैफिक डायवर्जन लागू, पुल बोगदा क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही एक माह के लिए प्रतिबंधित
भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना के तहत पुल बोगदा क्षेत्र में नए मेट्रो स्टेशन के निर्माण का कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। 28 मई से 27 जून 2025 तक इस निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने एक माह का डायवर्जन प्लान जारी किया है।
मेट्रो स्टेशन निर्माण के चलते बदली ट्रैफिक व्यवस्था
पुल बोगदा क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन निर्माण के दौरान यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। डायवर्जन के तहत कुछ मार्गों पर केवल हल्के और दोपहिया वाहनों को ही सीमित रूप से अनुमति दी जाएगी।
इन मार्गों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
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प्रभात चौराहा से पुल बोगदा होते हुए भारत टॉकीज तक का मार्ग।
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प्रभात चौराहा से पुल बोगदा होते हुए जिंसी धर्म कांटा, मैदा मिल की ओर जाने वाला मार्ग।
इन मार्गों पर किसी भी प्रकार के बड़े वाहन (जैसे बस, ट्रक, मिनी ट्रक) का प्रवेश पूरी तरह निषिद्ध रहेगा।
हल्के और दोपहिया वाहनों के लिए बदलाव
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पुल बोगदा से शिव मंदिर रोड (जिंसी के सामने) तक जाने वाला मार्ग केवल एकतरफा खुला रहेगा।
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दोपहिया और हल्के वाहन चालक इस मार्ग का उपयोग केवल नियत दिशा में कर सकेंगे।
वैकल्पिक मार्ग
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प्रभात चौराहा
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परिहार चौराहा (अशोका गार्डन)
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80 फीट रोड
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स्टेशन बजरिया तिराहा
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भारत टॉकीज ओवरब्रिज
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संगम टॉकीज तिराहा
भारत टॉकीज से वापस प्रभात चौराहा की ओर लौटने वाले वाहन:
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संगम टॉकीज तिराहा
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भारत टॉकीज ओवरब्रिज
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स्टेशन बजरिया तिराहा
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80 फीट रोड
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परिहार चौराहा
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प्रभात चौराहा
जानकारी और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर
यदि किसी वाहन चालक को डायवर्जन से संबंधित जानकारी या सहायता की आवश्यकता हो, तो वे निम्नलिखित यातायात नियंत्रण कक्ष के नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
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0755-2677340
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0755-2443850
ट्रैफिक पुलिस की अपील
भोपाल नगरीय यातायात पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि:
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वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
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प्रतिबंधित मार्गों में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें।
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ट्रैफिक नियमों का पालन करें ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
भोपाल मेट्रो निर्माण कार्य शहर की प्रगति का प्रतीक है, लेकिन इसके चलते अस्थायी ट्रैफिक असुविधा हो सकती है। नागरिकों से अपेक्षा है कि वे संयम और सहयोग के साथ वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। यह बदलाव अस्थायी है, लेकिन इसका सकारात्मक प्रभाव आने वाले वर्षों में शहर की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को नई दिशा देगा।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में प्रोजेक्ट इंजीनियर की भर्ती: 55,000 तक सैलरी, B.E./B.Tech धारकों के लिए सुनहरा मौका
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे इंजीनियरिंग स्नातकों के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने प्रोजेक्ट इंजीनियर सहित विभिन्न पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इच्छुक उम्मीदवार BEL की आधिकारिक वेबसाइट bel-india.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
शैक्षणिक योग्यता
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास बी.ई. या बी.टेक की डिग्री होना अनिवार्य है। डिग्री संबंधित विषय/ब्रांच में होनी चाहिए, जैसे:
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इलेक्ट्रॉनिक्स
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इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन
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कंप्यूटर साइंस
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मैकेनिकल, आदि
आयु सीमा
उम्मीदवार की अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है।
आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC/PwBD) को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट प्रदान की जाएगी।
आवेदन शुल्क
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SC/ST/PwBD उम्मीदवारों के लिए: ₹472 (GST सहित)
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अन्य सभी श्रेणियों के लिए: कोई शुल्क नहीं
वेतन संरचना

पद के अनुसार प्रोजेक्ट इंजीनियर्स को निम्नलिखित वेतन प्रतिमाह मिलेगा:
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प्रोजेक्ट इंजीनियर – 1: ₹40,000
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प्रोजेक्ट इंजीनियर – 2: ₹45,000
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प्रोजेक्ट इंजीनियर – 3: ₹50,000
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प्रोजेक्ट इंजीनियर – 4: ₹55,000
साथ ही, अनुभव के आधार पर वेतन में वृद्धि की भी संभावना है।
चयन प्रक्रिया
उम्मीदवारों का चयन दो चरणों में होगा:
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लिखित परीक्षा (Written Test)
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साक्षात्कार (Interview)
लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आवेदन कर सकते हैं:
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BEL की आधिकारिक वेबसाइट bel-india.in पर जाएं।
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“Recruitment” सेक्शन में जाएं और संबंधित भर्ती विज्ञापन पर क्लिक करें।
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आवेदन फॉर्म को सावधानीपूर्वक भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
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शुल्क भुगतान (यदि लागू हो) के बाद फॉर्म सबमिट करें।
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आवेदन की प्रति भविष्य के उपयोग के लिए प्रिंट आउट लेकर सुरक्षित रखें।
महत्वपूर्ण सूचना
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आवेदन की अंतिम तिथि जल्द घोषित की जाएगी, इसलिए नियमित रूप से वेबसाइट चेक करें।
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आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही और स्पष्ट स्कैन में अपलोड करें।
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केवल ऑनलाइन आवेदन ही मान्य होंगे।
BEL की यह भर्ती तकनीकी क्षेत्र में नौकरी ढूंढ रहे युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर है। सरकारी क्षेत्र में स्थिर करियर, उच्च वेतनमान, और अनुभव आधारित ग्रोथ इसे और भी आकर्षक बनाते हैं। यदि आपके पास जरूरी योग्यता है, तो बिना देर किए ऑनलाइन आवेदन जरूर करें।
MP News: महाकाल के दर्शन को आए श्रद्धालुओं से ऑनलाइन ठगी: फर्जी बुकिंग के जाल में फंसे भक्त, उज्जैन की छवि पर सवाल
माधव सेवा न्यास में कमरे की फर्जी बुकिंग कर 6200 रुपए की ठगी
उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, लेकिन हाल के दिनों में यहां आने वाले भक्तों को ऑनलाइन ठगी का शिकार होना पड़ रहा है। रविवार रात को छिंदवाड़ा से आए एक भक्त ब्रजेश सिंह और उनके साथियों के साथ ऑनलाइन कमरा बुकिंग के नाम पर 6200 रुपए की धोखाधड़ी की गई।
यूट्यूब पर मिला फर्जी नंबर, कॉलर ने भेजा बारकोड
ब्रजेश सिंह ने बताया कि उज्जैन आने से पहले उन्होंने यूट्यूब पर माधव सेवा न्यास का संपर्क नंबर खोजा। एक वीडियो में उन्हें एक नंबर (9928608027) मिला, जिस पर कॉल करने पर खुद को “ऋषभ जैन” बताने वाले व्यक्ति ने बात की। आरोपी ने माधव सेवा न्यास की फर्जी फोटो भेजकर ब्रजेश से भरोसा जीत लिया और दो कमरों की बुकिंग के नाम पर 6200 रुपए ठग लिए।
पहले बारकोड के माध्यम से 3150 रुपए लिए गए। फिर यह कहकर बाकी पैसे भी ऐंठ लिए गए कि जब तक पूरा पेमेंट नहीं होगा, तब तक गार्ड उन्हें अंदर नहीं घुसने देगा।
पहुंचने पर हुआ सच्चाई का खुलासा
जब ब्रजेश सिंह अपने साथियों सहित माधव सेवा न्यास पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उनकी कोई बुकिंग नहीं हुई है। ठगी का एहसास होते ही उन्होंने महाकाल थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी अब भी सक्रिय, कर रहा है फर्जी बुकिंग
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी का मोबाइल नंबर अब भी सक्रिय है और वह लगातार अन्य भक्तों को भी इसी तरह फंसा रहा है। पुलिस द्वारा तत्काल कोई सख्त कार्रवाई न किया जाना इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रहा है।
भक्तों से अपील: सतर्क रहें और आधिकारिक स्रोत से ही करें बुकिंग
ब्रजेश सिंह ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे यूट्यूब या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिले अनजाने नंबरों पर भरोसा न करें। कमरा बुक करने के लिए स्वयं सेवा न्यास जाकर या फिर उनके अधिकृत वेबसाइट या संपर्क सूत्रों से ही बुकिंग करें।
मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग
पंडित श्रवण अग्निहोत्री ने इस पूरे मामले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उज्जैन मुख्यमंत्री का गृह नगर है, इसलिए मुख्यमंत्री को स्वयं इस मामले में संज्ञान लेकर पुलिस को सख्त कार्रवाई के आदेश देने चाहिए। यह न सिर्फ श्रद्धालुओं की सुरक्षा का मामला है, बल्कि उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक छवि का भी प्रश्न है।
महाकाल जैसे पवित्र स्थल पर श्रद्धालुओं के साथ हो रही ठगी बेहद निंदनीय है। यह केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि लोगों की आस्था से खिलवाड़ है। आवश्यक है कि प्रशासन और पुलिस मिलकर जल्द से जल्द ऐसे ठगों पर लगाम लगाएं और भक्तों के विश्वास को टूटने से बचाएं।
